खूबसूरती पर शायरी

Shayari On Beautiful Girl in Hindi

खूबसूरती पर शायरी (Shayari On Beautiful Girl in Hindi)

Beauty Shayari

ढाया है खुदा ने ज़ुल्म हम दोनों पर,
तुम्हें हुस्न देकर मुझे इश्क़ देकर।

रोज इक ताज़ा शेर कहाँ तक लिखूं तेरे लिए,
तुझमें तो रोज ही एक नई बात हुआ करती है।

क्या लिखूं तेरी तारीफ-ए-सूरत में यार,
अलफ़ाज़ कम पड़ रहे हैं तेरी मासूमियत देखकर।

कुछ फिजायें रंगीन हैं, कुछ आप हसीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो संगीन हैं।

Shayari On Beautiful Girl in Hindi

ये चाँद सा रोशन चेहरा जुल्फों का रंग सुनहरा,
ये झील सी नीली आंखे कोई राज हैं इनमे गहरा,
तारीफ़ करू क्या उसकी जिसने तुम्हे बनाया।।

आज उसकी मासूमियत के कायल हो गए,
सिर्फ उसकी एक नजर से ही घायल हो गए।

मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ
इस सारे जहां में बे-मिसाल हो तुम।

रुख से पर्दा हटा तो, हुस्न बेनकाब हो गया,
उनसे मिली नज़र तो, दिल बेकरार हो गया।

और भी इस जहां में आएंगे आशिक कितने,
उनकी आंखों को तुमको देखने की हसरत रहे।

मस्त नज़रों से देख लेना था अगर तमन्ना थी आज़माने की,
हम तो बेहोश यूँ ही हो जाते क्या ज़रूरत थी मुस्कुराने की?

खूबसूरती पर शायरी

इस जहां में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे,
सदियों तक इस जमीं पे तेरी कयामत रहे।

हुस्न वालों को संवरने की क्या जरूरत है,
वो तो सादगी में भी क़यामत की अदा रखते हैं।

होश-ए-हवास पे काबू तो कर लिया मैंने,
उन्हें देख के फिर होश खो गए तो क्या होगा।

वो मुझसे रोज़ कहती थी मुझे तुम चाँद ला कर दो,
उसे एक आईना दे कर अकेला छोड़ आया हूँ।

हैं होंठ उसके किताबों में लिखी तहरीरों जैसे,
ऊँगली रखो तो आगे पढ़ने को जी करता है।

अभी इस तरफ़ न निगाह कर
मैं ग़ज़ल की पलकें सँवार लूँ,
मेरा लफ़्ज़-लफ़्ज़ हो आईना
तुझे आईने में उतार लूँ।

उफ्फ ये नज़ाकत ये शोखियाँ ये तकल्लुफ़,
कहीं तू उर्दू का कोई हसीन लफ्ज़ तो नहीं।

तुझको देखा… तो फिर… उसको ना देखा,
चाँद कहता रह गया, मैं चाँद हूँ मैं चाँद हूँ।

ख़ुद न छुपा सके वो अपना चेहरा नक़ाब में,
बेवज़ह हमारी आँखों पे इल्ज़ाम लग गया।।

ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हें
तुम्हारी शख्सियत की खबर,
कभी हमारी आँखो से आकर पूछो
कितने लाजवाब हो तुम।

Shayari On Beautiful Girl Smile

इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं।

उनके हुस्न का आलम न पूछिये,
बस तस्वीर हो गया हूँ, तस्वीर देखकर।

उसके हुस्न से मिली है मेरे इश्क को ये शौहरत,
मुझे जानता ही कौन था तेरी आशिक़ी से पहले।

कुछ इस तरह से वो मुस्कुराते हैं,
कि परेशान लोग उन्हें देख कर खुश हो जाते हैं,
उनकी बातों का अजी क्या कहिये,
अल्फ़ाज़ फूल बनकर होंठों से निकल आते हैं।

न देखना कभी आईना भूल कर देखो
तुम्हारे हुस्न का पैदा जवाब कर देगा।

कसा हुआ तीर हुस्न का, ज़रा संभल के रहियेगा,
नजर नजर को मारेगी, तो क़ातिल हमें ना कहियेगा।

तुझे पलकों पर बिठाने को जी चाहता है,
तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है,
खूबसूरती की इंतेहा है तू…
तुझे ज़िन्दगी में बसाने को जी चाहता है।

आफ़त तो है वो नाज़ भी अंदाज़ भी लेकिन,
मरता हूँ मैं जिस पर वो अदा और ही कुछ है।

मुझे दुनिया की ईदों से भला क्या वास्ता यारो,
हमारा चाँद दिख जाये हमारी ईद हो जाये।

ये बात, ये तबस्सुम, ये नाज, ये निगाहें,
आखिर तुम्हीं बताओ क्यों कर न तुमको चाहें।

तारीफ़ शायरी

ये उड़ती ज़ुल्फें और ये बिखरी मुस्कान,
एक अदा से संभलूँ तो दूसरी होश उड़ा देती है।

गिरता जाता है चहरे से नकाब अहिस्ता-अहिस्ता,
निकलता आ रहा है आफ़ताब अहिस्ता-अहिस्ता।

क्या हुस्न था कि आँख से देखा हजार बार,
फिर भी नजर को हसरत-ए-दीदार रह गयी।

तेरा अंदाज़-ए-सँवरना भी क्या कमाल है,
तुझे देखूं तो दिल धड़के ना देखूं तो बेचैन रहूँ।

तलब उठती है बार-बार तेरे दीदार की,
ना जाने देखते-देखते कब तुम लत बन गये।

एक लाइन में क्या तेरी तारीफ लिखूँ,
पानी भी जो देखे तुझे तो, प्यासा हो जाये।

हवाओं को चूमती जुल्फों को मत बांधा करो तुम,
ये मदमस्त हवाएं नाराज़ होती हैं।।

तू जरा सी कम खूबसूरत होती
तो भी बहुत खूबसूरत होती

ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,
तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।

न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर…
तेरे सामने आने से ज़्यादा
तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है.

Shayari On Beautiful Girl in Hindi

तुम्हारा तो गुस्सा भी इतना प्यारा है की,
जी चाहता है की दिनभर तंग करता रहू !!

तेरी तारीफ में कुछ लब्ज कम पड़ गए शायद?
वरना हम भी किसी ग़ालिब से कम ना थे।।

ये आईने ना दे सकेंगे तुझे तेरे हुस्न की खबर,
कभी मेरी आँखों से आकर पूछो के
कितनी हसीन हों तुम…

बड़ी खूबसूरत नाज़ुक से हैं उनके ये होठ की क्या कहिये,
मानो पंखुड़ी हो इक गुलाब सी।।

उसने होठों से छू कर
दरिया का पानी गुलाबी कर दिया,
हमारी तो बात और थी उसने
मछलियों को भी शराबी कर दिया।

मुझे मालूम नहीं हुस्न की तारीफ,
मगर मेरी नजर में हसीन वो है जो तुझ जैसा हो…

इन आँखों का जब जब दीदार हो जाता है
दिन कोई भी हो मेरे लिए त्यौहार हो जाता है

कितनी खूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी,
बना दीजिये इनको किस्मत हमारी,
इस ज़िंदगी में हमें और क्या चाहिए,
अगर मिल जाए मोहब्बत तुम्हारी।

आइने में क्या चीज़ अभी देख रहे थे,
फिर कहते हो खुदा की कुदरत नहीं देखी।।

तेरी आँखों के खूबसूरती में डूब जाऊ मै.
धीरे धीरे तेरी तारीफ करता चला जाऊ मै.

Read Also: लव स्टेटस

Shayari on Beauty

“क्या लिखूँ तेरी सूरत-ए-तारीफ मेँ,
मेरे हमदम अल्फाज खत्म हो गये हैँ,
तेरी अदाएँ देख-देख के”

मैं फना हो गया उसकी एक झलक देखकर
ना जाने आइने पर हर रोज क्या गुजरती होगी

मेरे लफ्जों में है तारीफ एक चेहरे की
मेरे महबूब की मुस्कराहट से चलती है शायरी मेरी

रुके तो चाँद चले तो हवाओं जैसा है,
वो शख्स धूप में भी छाव जैसा है।।

कुछ अपना अंदाज हैं कुछ मौसम रंगीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो ही संगीन हैं! ?

तेरी खाई हुई मेरे सर की झूठी कसमें
अब मुझे अक्सर बीमार रखती हैं

रूठ कर कुछ और भी हसीन लगते हो,
बस यही सोच कर तुमको खफा रखा है।।

देख कर तेरी आँखों को मदहोश मै हो जाता हूँ.
तेरी तारीफ किये बिना मै रह नहीं पता हूँ.

कैसी थी वो रात कुछ कह सकता नहीं मैं,
चाहूँ कहना तो बयां कर सकता नहीं मैं ।

हुस्न दिखा कर भला कब हुई है मोहब्बत,
वो तो काजल लगा कर हमारी जान ले गयी।

Shayari on Beauty Girl

कमियां तो बहुत है मुझ में
पर कोई निकाल कर तो देखें

तुम आईना क्यूं देखती हो?
बेरोज़गास करोगी क्या मेरी आँखों को..

अच्छे लगे तुम सो हमने बता दिया,
नुकसान ये हुआ कि तुम मगरूर हो गए।।

जंगली जड़ी बूटी सी मैं दोस्तों
किसी को जहर, किसी को दवा सी लगती हूं

“हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी…”

धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल,
अभी तो पलकें झुकाई हैं,
दांतो तले होठों को दबा कर मुस्कुराना अभी बाकी है।।

बिल्कुल चांद की तरह है
नूर भी, गुरुर भी, दूर भी…

“अब हम समझे तेरे चेहरे पे तिल का मतलब,
हुस्न की दौलत पे दरबान बिठा रखा है..”

बचपन में सोचता था चाँद को छू लूँ,
आपको देखा और छुआ तो ख्वाहिशे पूरी हुयी।।

हुस्न का क्या काम ✧ सच्ची मोहब्बत में ✧
रंग सांवला भी हो तो ✧ यार कातिल लगता है ✧

Hindi Shayari on Beauty

डूबकर तेरी झील सी गहरी आँखों में,
एक मयकश भी शायद पीना भूल जाए..

कैसे बयान करें सादगी अपने महबूब की,
पर्दा हमीं से था मगर नजर भी हमीं पे थी।

लौट जाती है उधर को भी नजर क्या कीजे,
अब भी दिलकश है तेरा हुस्न तो क्या कीजे?

सुबह का मतलब मेरे लिए सूरज निकलना नही,
तेरी मुस्कराहट से दिन शुरू होना है।

गले मिला है वो मस्त-ए-शबाब बरसों में,
हुआ है दिल को सुरूर-ए-शराब बरसों में,
निगाह-ए-मस्त से उसकी हुआ ये हाल मेरा,
कि जैसे पी हो किसी ने शराब बरसों में

हर बार हम पर इल्ज़ाम लगा देते हो मोहब्बत का,
कभी खुद से भी पूछा है इतने हसीन क्यों हो?

कुछ फिजाएं रंगीन कुछ आप हसीं
तारीफ करूँ या चुप रहूं दोनों जुर्म संगीन

बिजलियों ने सीख ली उनके तबस्सुम की अदा,
रंग ज़ुल्फ़ों की चुरा लाई घटा बरसात की।।

लङने दो ज़ुल्फों और हवाये को आपस में,
तुम क्यों हाथ से उनमें सुलह कराने लगती हो..

चुपचाप चले थे जिंदगी के सफर में
तुम पर नजर पड़ी और गुमराह हो गए

Tareef Shayari For Beauty

नहीं पसंद आता अब तेरे सिवा किसी और का चेहरा,
तुझे देखना और देखते रहना दस्तूर बन गया है।।

धीरे से लबों पे आया एक सवाल है
तू ज्यादा खूबसूरत ये तेरा ख्याल है

तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा रहता
खबर तो रहती अभी सफर कितना तय करना है

मेरा हर लम्हा ज़िन्दगी का संवर जाये,
अगर तेरे साथ ज़िन्दगी प्यार से गुज़र जाये।।

तारीफ करने का तो सिर्फ एक बहाना है.
असल में हमे तुम्हारे घर में आना है.

उन्हें हर कोई देख रहा था महफिल मे सरेआम…!
उनकी एक नज़र हम पर क्या पड़ी हम तो मशहूर हो गए…

ये रूठना अच्छा लगता है बार बार मुझे तुमसे,
मनाने मे मुझ पे तेरा प्यार बरस जाता हैं।।

ये हुस्न, ये सावन, ये बारिश, ये हवाएं
लगता है मुहब्बत ने आज किसी का साथ दिया है
ख्वाहिश बन मेरे रूह की महका दे तू मुझे,
खो जाऊ मैं तुझमे, अपना ले तू मुझे।।

ये जो निगाहों से हमारे दिल को हलाल करते हैं,
करते तो वैसे जुर्म हो लेकिन कमाल करते हो

अदा आफतें जफा आयी गरूर आया इताब आया,
हजारों आफतें लेकर हसीनो का शबाब आया।।

Read Also: विश्वास पर शायरी

Look Shayari Hindi

तेरे होठों में भी क्या खूब नशा है
ए सनम लगता है
तेरे झूठे पानी से ही शराब बनती है

अंगड़ाई लेके अपना मुझ पर जो खुमार डाला,
काफ़िर की इस अदा ने बस मुझको मार डाला।।

वो बे-नकाब जो फिरती है गली-कूंचों में,
तो कैसे शहर के लोगों में क़त्ल-ए-आम न हो।।

बातें दिल की बोलती है आंखें
इसलिए जुबां को कैद किया है

स घड़ी देखो उनका आलम
नींद से जब हों बोझल आँखें,
कौन मेरी नजर में समाये
देखी हैं मैंने तुम्हारी आँखें।

उसके मीठे होठ और मुझे शुगर का रोग
हकीम साहब तुम रहने दो हमसे नहीं होता परहेज

हया से सर झुका लेना अदा से मुस्कारा देना,
हसीनो को भी कितना सहल है बिजली गिरा देना।।

मेरी निगाह-ए-शौक भी कुछ कम नहीं मगर,
फिर भी तेरा शबाब तेरा ही शबाब है।।

सुबह का मतलब मेरे लिए सूरज का निकलना नहीं,
तेरी मुस्कराहट से दिन शुरू होता है मेरा

बला है क़हर है आफ़त है फ़ित्ना है क़यामत है
हसीनों की जवानी को जवानी कौन कहता है।।

Tareef Shayari For Beautiful Girl

एक लाइन में क्या तेरी तारीफ लिखूँ,
पानी भी जो देखे तुझे तो, प्यासा हो जाये।

तू चाँद और मैं सितारा होता?
आसमान में एक आशियाना हमारा होता?
लोग तुम्हे दूरसे देखते,
नज़दीक से देखने का हक बस हमारा होता।।

तेरे इश्क की जंग में, हम मुस्कुराके डट गए,
तलवार से तो बच गए, तेरी मुस्कान से कट गए

तुम्हारी तारीफ किये बिना मै रुक नहीं पता.
तुम्हारे हुस्न के चर्चे महफ़िल में करता जाता.

तुम्हारी इस अदा का क्या जवाब दू?
अपने दोस्त को क्या सौगात दू?
कोई अच्छा सा फूल होता तो माली से मँगवाता,
जो खुद गुलाब है उसको क्या गुलाब दू?

तेरे वजूद से हैं मेरी मुक़म्मल कहानी,
मैं खोखली सीप और तू मोती रूहानी।

तुम आके दिल में हमारे घर बनाए बैठे हो,
ख्वाबो में भी अपना डेरा बसाए बैठे हो,
ये ना पूछना की क्या हम दीवाने है तुम्हारे,
बस ये जान लो तुम अपनी हर अदा से हमारा दिल चुराएं बैठे हो।।

महक़ रहा है चमन की तरह वो आईना
कि जिस में तूने कभी अपना रूप देखा था

आँखों मे आँसुओं की लकीर बन गई,
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई,
हमने तो सिर्फ रेत में उँगलियाँ घुमाई थीं,
गौर से देखा तो आप की तस्वीर बन गई।।

इतना खूबसूरत कैसे मुस्कुरा लेते हो?
इतना क़ातिल कैसे शर्मा लेते हो?
कितनी आसानी से जान ले लेते हो।।

Tareef Shayari For Girl

तेरी तस्वीर सामने रख कर हम आँखें खोला करते है हर सुबह,
अपनी क़िस्मत को किसी और के हवाले कैसे कर दूँ….

कैसे ना हो इश्क, उनकी सादगी पर ए-खुदा,
ख़फा हैं हमसे, मगर करीब बैठे हैं…

ज़रा स्माइल रखो चेहरे पे… क्यूँकि,
रात में सपनों को हँसते हुए चेहरे पसंद हैं……!!

कहाँ से लाऊँ वो लफ्ज़ जो सिर्फ तुझे सुनाई दे ,
दुनियाँ देखे अपने चाँद को मुझे बस तूही दिखाई दे ।

हम तो फना हो गए उनकी आँखे देखकर,
ना जाने वो आइना कैसे देखते होंगे।

मैं भी ठहरूं किसी के होंठों पर
क़ाश मेरी ख़ातिर….दुआ करे कोई

उनकी हाथों में मेंहंदी लगाने का ये फायदा हुआ
कि रात भर उनके चेहरे से ज़ुल्फें हम हटाते रहे

ना रंग से रंगीन हुए, ना भंग से हुए मदहोश
डाली जो उसने तिरछी नज़र फिर कहाँ रहा कुछ होश,,

हम पर यूँ बार बार इश्क का इल्जाम न लगाया कर,
कभी खुद से भी पूंछा है इतनी खूबसूरत क्यों हो

कुछ नशा तो आपकी बात का है
कुछ नशा तो आधी रात का है
हमे आप यूँ ही शराबी ना कहिये
इस दिल पर असर तो आप से मुलाकात का है

Beauty Shayari in Hindi

सौ गजलें लिख डालूँ
तेरे एक दीदार पर
मुक्कमल हैं मेरी दुनिया
तेरी एक मुस्कान पर

दिल में छुपा कर पुरे जग में ढूंढते हो
बडी कातिल लगती हो जब पूछती हो कहाँ हो

सुना है रब कि कायनात में,एक से बढ़कर एक चेहरे हैं…
मगर मेरी आँखों के लिए सारे जहाँ में, सबसे खुबसुरत सिर्फ तुम हो…

आँखे बयां करती है, दिल में छिपे राज़
जब बज रहे हो दिल में मोहब्बत के साज़
तेरे नयनों के स्पर्श बिना,
मेरी हर रचना अधूरी है…!!!

सुनो…
मुझे देखकर तेरा यूं मुस्कुराना बेहद पसंद है…
एक तुझ से ही मेरे जीवन मे सदा बसन्त है…!!!

उन्होनें कहा,,, तुम्हारी आंखें बहुत खूबसूरत हैं …
मने भी कह दिया,,,तुम्हारे ख़्वाब जो देखती हैं !!

क़भी चुपके से मुस्कुरा कर देखना, दिल पर लगे पहरे हटा कर देख़ना,
ये ज़िन्दग़ी तेरी खिलखिला उठेगी, ख़ुद पर कुछ लम्हें लुटा कर देखना |

हल्की हल्की मुस्कुराहटें और सनम का खयाल
बड़ा अजीब होता है मुहब्बत करने वालों का हाल

तुम आओगी तो फुलों की बरसात करेंगे
मौसम के फरिश्तों से मेरी बात हुई है..

बड़ी आरजू थी महबूब को बेनकाब देखने की
दुपट्टा जो सरका तो कमबख्त जुल्फें दीवार बन गयी

तुम अपनी पायल की झंकार ना सुनाया करो
हमारे दिल में.तुम्हारी यादों के घुँघरू बजने लगते हैं

चल काजल लगा ले पलकों पर..क़त्ल का नया इतिहास रचते हैं,
आज शाम मेरी महफ़िल में आना..हम एक ग़ज़ल तेरे नाम लिखते हैं..!!

बहुत खूबसूरत वो रातें होती थी..!!
जब तुमसे दिल की बातें होतीं थी..

आज फिर निकले हैं, वो बेनकाब शहर मे
आज फिर भीड़ होगी शहर में

शुक्र है ये दिल सिर्फ धड़कता है,
अगर बोलता तो कयामत आ जाती।

एक इंच भी छोड़ने का मन नहीं करता……………!
किसी झगड़े की ज़मीन सी लगती हो तुम………

उसको सज़ने संवरने की ज़रूरत ही नही ……
उसपे सज़ती है हया भी किसी ज़ेवर की तरह !!

पाँव उठा कर गलें मिलती हैं मुझ सें,
मोहतरमा कद में छोटी जो हैं मुझसें!!

मदहोश करती हैं बाते तेरी…
गर कहतें हैं नशा इसको तो तलब मंजूर हैं हमे…

मेरी किस्मत की लकीरों का तुम ताज बन जाओ…
कल की बात छोड़ो तुम मेरे आज बन जाओ…

Read Also

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here