बेवफा शायरी

Bewafai Shayari in Hindi

Bewafai Shayari in Hindi
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Bewafai Shayari in Hindi | बेवफा शायरी

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफा मैंने तुझको भुलाया नहीं अभी।

इस दुनिया में मोहब्बत काश न होती,
तो सफर ऐ-ज़िन्दगी में मिठास न होती,
अगर मिलती बेवफा को सजाए मौत,
तो दीवानों की कब्रे यूँ उदास न होती।

मेरे कलम से लफ्ज़ खो गए सायद
आज वो भी बेवफा हो गाए सायद
जब नींद खुली तो पलकों में पानी था
मेरे ख्वाब मुझपे रो गाए सायद

बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे-धीरे,
एक शहर अब इनका भी होना चाहिए।

हमसे न करिये बातें यूँ बेरुखी से सनम,
होने लगे हो कुछ-कुछ बेवफा से तुम।

वो मिली भी तो क्या
मिली बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे
जितनी मुझे सजा मिली।

मोहब्बत का नतीजा
दुनिया में हमने बुरा देखा
जिन्हे दावा था वफा का
उन्हें भी हमने बेवफा देखा

कोई मिला ही नहीं जिसको वफा देते।
हर एक ने दिल तोड़ा,
किस-किस को सजा देते।

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हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला,
हमको जो भी मिला बेवफा यार मिला,
अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी,
हर कोई मकसद का तलबगार मिला।

बहुत अजीब हैं
ये मोहब्बत करने वाले,
बेवफाई करो तो रोते हैं
और वफा करो तो रुलाते हैं।

हमारे हर सवाल का
सिर्फ एक ही जवाब आया,
पैगाम जो पहूँचा हम
तक बेवफा इल्जाम आया।

बहुत दर्द देती है, आज भी वो यादें।
जिन यादों में तुम नजर आते हो।

तूने ही लगा दिया इलज़ाम-ए-बेवफाई,
अदालत भी तेरी थी गवाह भी तू ही थी।

*****

यूँ है सबकुछ मेरे पास बस दवा-ए-दिल नही,
दूर वो मुझसे है पर मैं उस से नाराज नहीं,
मालूम है अब भी मोहब्बत करता है वो मुझसे,
वो थोड़ा सा जिद्दी है लेकिन बेवफा नहीं।

तुम समझ लेना बेवफा मुझको,
मै तुम्हे मगरूर मान लूँगा
ये वजह अच्छी होगी ,
एक दूसरे को भूल जाने के लिये

उसे बेवफा कहेंगे तो,
अपनी ही नजर में गिर जाएंगे हम।
वो प्यार भी अपना था और,
वो पसंद भी अपनी थी।

सीख कर गया है वो मोहब्बत मुझसे,
जिस से भी करेगा बेमिसाल करेगा।

Bewafai Shayari in Hindi

मेरी निगाहों में बहने
वाला ये आवारा से अश्क
पूछ रहे है
पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।

जिस किसीको भी चाहो वोह बेवफा हो जाता है,
सर अगर झुकाओ तो सनम खुदा हो जाता है,
जब तक काम आते रहो हमसफ़र कहलाते रहो,
काम निकल जाने पर हमसफ़र कोई दूसरा हो जाता है…

याद रहेगा हमेशा यह दर्दे बेवफाई हमको भी,
कि क्या खूब तरसे थे जिंदगी में,
एक शख्स की खातिर।

हर भूल तेरी माफ़ की
तेरी हर खता को भुला दिया,
गम है कि मेरे प्यार का
तूने बेवफाई सिला दिया।

रुशवा क्यों करते हो तुम
इश्क़ को, ए दुनिया वालो,
मेहबूब तुम्हारा बेवफा है,
तो इश्क़ का क्या गनाह।

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है।
कुछ लोग बहुत तकलीफ देते है,
अक्सर अपना बनाकर।

आप बेवफा होंगे सोचा ही नहीं था,
आप भी कभी खफा होंगे सोचा नहीं था,
जो गीत लिखे थे कभी प्यार में तेरे,
वही गीत रुसवा होंगे सोचा ही नहीं था।

क्या जानो तुम बेवफाई
की हद दोस्तों,
वो हमसे इश्क सीखती
रही किसी ओर के लिए।

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प्यार में बेवाफाई मिले तो गम न करना;
अपनी आँखे किसी के लिए नम न करना;
वो चाहे लाख नफरते करें तुमसे;
पर तुम अपना प्यार कभी
उसके लिए कम न करना।

हाथ पकड़कर रोक लेते अगर,
तुझ पर जरा भी जोर होता मेरा।
ना रोते हम यूं तेरे लिए,
अगर हमारी जिंदगी में,
तेरे सिवा कोई और होता।

पहले इश्क फिर धोखा फिर बेवफ़ाई,
बड़ी तरकीब से एक शख्स ने तबाह किया।

हमारी तबियत भी न जान
सके हमे बेहाल देखकर,
और हम कुछ न बता
सके उन्हें खुशहाल देखकर।

मैंने भी किसी से प्यार किया था
उनकी रहो में इंतजार किया था
हमें क्या पता वो भूल ज्यांगे हमें
कसूर उनका नहीं मेरा ही था
जो एक बेवफा से प्यार किया था !!

मेरी वफा के बदले बेवफाई न दिया कर,
मेरी उम्मीद ठुकरा के इन्कार न किया कर,
तेरी मोहब्बत में हम सब कुछ गँवा बैठे,
जान भी चली जायेगी इम्तिहान न लिया कर।

मत रख हमसे वफा की उम्मीद ऐ सनम,
हमने हर दम बेवफाई पायी है,
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,
हमने हर चोट दिल पे खायी है।

चलो छोड़ो ये बहस कि वफ़ा किसने की
और बेवफा कौन है
तुम तो ये बताओ कि आज ‘तन्हा’ कौन है !!

तेरी बेवफाई का काफिला
मेरी शहर से यूं गुजरा,
गुजर गई मेरी हस्ती,
मिट गया पूरा शहर।

*****

मुझे शिकवा नहीं कुछ बेवफ़ाई का तेरी हरगिज़,
गिला तो तब हो अगर तूने किसी से निभाई हो।

तुम बदले तो मजबूरियाँ थी,
हम बदले तो बेवफ़ा हो गए।

लफ्ज़ वही हैं, माईने बदल गये हैं !
किरदार वही, अफ़साने बदल गये हैं !
उलझी ज़िन्दगी को सुलझाते सुलझाते !
ज़िन्दगी जीने के बहाने बदल गये हैं !!

मौसम भी इशारा करके बदलता है।
लेकिन तुम अचानक से बदले हो,
हमें यकीन नहीं आता।

Bewafai Shayari in Hindi

उसने जी भर के मुझको चाहा था,
फ़िर हुआ यूँ के उसका जी भर गया।

तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी !
वरना हमको कहां तुम से शिकायत होगी !
ये तो बेवफ़ा लोगों की दुनिया है !
तुम अगर भूल भी जाओ जो रिवायत होगी !!

मत गिरा अपने झूठे इश्क के आसूं
मेरी कबर पर।
अगर तुझमे वफा होती तो,
आज जिन्दगी हमसे यूँ खफा ना होती।

किसी का रूठ जाना और अचानक बेवफा होना,
मोहब्बत में यही लम्हा क़यामत की निशानी है।

किसी को इतना भी न
चाहो कि भुला न सको क्योंकि !
‪ज़िंदगी इन्सान और_
मोहब्बत तीनों बेवफा‬ हैं !!

है वो बेवफा तो क्या हुआ?
मत कहो बुरा उसको।
जो हुआ, सो हुआ।
खुश रखे खुदा उसको।

उसकी बेवफाई पे भी
फ़िदा होती है जान अपनी,
अगर उस में वफ़ा होती
तो क्या होता खुदा जाने।

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए !
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए !
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो !
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए !!

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बातों में तल्खी और लहजे में बेवफाई,
लो ये मोहब्बत भी पहुँची अंजाम पर।

तू भी बेवफा निकला
औरों की तरह, सोचा था !
की हम तुझसे ज़माने
की बेवफाई का गिला करेंगे !!

आज धोखा मिला है इश्क में,
मेरा दिल टूट सा गया है।
ऐसा लग रहा है,
जैसे किसी का साथ छूट सा गया है।

चाहते हैं वो हर रोज नया चाहने वाला.
ऐ खुदा मुझे रोज इक नई सूरत दे दे।

जुल्मो सितम सहते रहे
एक बेवफा की आस मे !
डुबो दिया मुझे दरिया
ने दो घूट की प्यास में !!

****

वह रोयी तो होगी
खाली कागज देखकर,
पूछा था उसने
अब कैसे गुजर रही है जिंदगी?

वफ़ा के नाम से मेरे सनम अनजान थे,
किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे,
हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला,
हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे।

मैंने उस से वफ़ा की
उम्मीद लगा रखी थी दोस्तों !
जिसके चर्चे आम थे
बाजार में बेवफाई के दोस्तों !!

Bewafai Shayari in Hindi

काम आ सकीं न
अपनी वफायें तो क्या करें,
उस बेवफा को भूल ना जाएं तो क्या करें।

इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है !
खामोशियो की आदत हो गयी है !
न सीकवा रहा न शिकायत किसी से अगर है तो !
एक मोहब्बत जो इन तन्हाइयों से हो गई है !!

एक बेवफा की याद में,
खुद को मिटा दिया।
दिल तो जला ही जला था यारों,
हमने होठों को भी जला दिया।

तेरी बेवफाई ने हमारा ये हाल कर दिया है,
हम नहीं रोते लोग हमें देख कर रोते हैं।

रोज़ ढलता हुआ सूरज ये कहता है
मुझसे आज उसे बेवफा
हुए एक दिन और हुआ II

किसी बेवफा ने मेरे दिल को तोड़ दिया।
इसलिए हमने रास्ता मोड़ लिया।
दिल की बात मत करना दोस्त,
हमने तो प्यार करना ही छोड़ दिया।

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आकर उनकी जुदाई मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी।

मिल जायेगा हमें भी
कोई टूट कर चाहने वाला !
अब शहर का शहर
तो बेवफा नहीं हो सकता !!

अब किसी और से मोहब्बत कर लूँ,
तो शिकायत मत करना।
ये बुरी आदत भी मुझे,
तुमसे ही लगी है।

रोये कुछ इस तरह से मेरे जिस्म से लग के वो,
ऐसा लगा कि जैसे कभी बेवफा न थे वो।

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अल्फाज़ तो बहुत है
मोहब्बत को जताने के लिए !
जो मेरी खामुशी नहीं समझ
सका वो मेरी मोहब्बत क्या समझे गा !!

चलो छोड़ो ये बहस की वफा किसने की?
और बेवफा कौन है?
तुम तो ये बताओ कि,
आज तन्हा कौन है?

बेवफा वक़्त था? तुम थे?
या मुकद्दर था मेरा?
बात इतनी ही है
कि अंजाम जुदाई निकला।

सच का कोई मोल नहीं,
झूठों का बाजार है।
बेवफा तो हर मोड़ पे मिली।
बस बोलती थी,
हमको तो तुम्ही से प्यार है।

मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,
जरूरी नहीं कि वो बेवफा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आँसू,
अकेले में आपसे ज्यादा रोता है।

बदनाम क्यों करते हो,
इश्क को दुनिया वालों।
जब महबूब ही तुम्हारा बेवफा था।

दिल भी गुस्ताख हो चला था बहुत,
शुक्र है कि यार ही बेवफा निकला।

दिल तो रोज कहता है,
मुझे कोई सहारा चाहिए।
फिर दिमाग कहता है,
क्या धोखा दुबारा चाहिए?

*****

न कोई मज़बूरी है न तो लाचारी है,
बेवफाई उसकी पैदायशी बीमारी है।

किससे होकर खफा,
किससे बेवफाई कर रहे हैं।
दिल में अँधेरा लिए लोग,
जमाने में रौशनी भर रहे हैं।

अगले बरसों की तरह होंगे करीने तेरे,
किसे मालूम नहीं बारह महीने तेरे।

ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक है,
तू सितम कर ले तेरी हसरत जहाँ तक है
वफ़ा की उम्मीद जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमें तो देखना है तू बेवफ़ा कहाँ तक है।

मिल के नजर से नजर लूट लेंगे।
ये बेवफा जलवे जिगर लूट लेंगे।
हसीनों पे हरगिज भरोसा ना करना,
खुद की कसम से ये घर के घर लूट लेंगे।

उस के यूँ तर्क-ए-मोहब्बत
का सबब होगा कोई,
जी नहीं मानता कि
वो बेवफ़ा पहले से था।

ना वो सपना देखो जो टूट जाए।
ना वो हाथ थामो जो छूट जाए।
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रुठ जाए।

लग जाए जमाने की हवा जाने कब उसको,
वो शख्स भी इंसान है कुछ कह नहीं सकते।

तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे।
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे।
अगर दिल ने कहा तुम बेवफा हो, तो
इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।

Bewafai Shayari in Hindi

बरसों गुजर गए हमने रो कर नहीं देखा,
आँखों में नींद थी मगर सो कर नहीं देखा,
वो क्या जाने दर्द-ए-मोहब्बत क्या है,
जिसने कभी किसी का होकर नहीं देखा।

था कोई जो मेरे दिल को जख्म दे गया।
जिंदगी भर रोने की कसम दे गया।
लाखों फूलों में से एक फूल चुना था मैंने,
जो काटों से भी गहरा जख्म दे गया।

हम से बिछड़ के फिर
किसी के भी न हो सकोगे,
तुम मिलोगे सब से
मगर हमारी ही तलाश में।

कौन करता था
वफाओं के तकाजे तुमसे,
हम तो बस तेरी
झूठी तसल्ली के तलबगार थे।

कुछ अलग ही करना है तो वफ़ा करो दोस्त,
बेवफाई तो सबने की है मज़बूरी के नाम पर।

आपकी नशीली यादों में डूब कर,
हमने इश्क की गहराई को समझा।
आप तो दे रहे थे “धोखा”
और हमने जान कर भी कभी,
आपको बेवफा ना समझा।

मेरी तलाश का है जुर्म
या मेरी वफा का क़सूर,
जो दिल के करीब आया
वही बेवफा निकला।

बेवफा तेरा मासूम चेहरा,
भूल जाने के काबिल नहीं।
है मगर तू बहुत खूबसूरत,
पर दिल लगाने के काबिल नहीं है।

न मैं शायर हूँ
न मेरा शायरी से कोई वास्ता,
बस शौक बन गया है
तेरी बेवफाई बयाँ करना।

हमने उनको दिल दिया,
हम दीवाने बन गए।
दो लाइन शायरी क्या बोली,
हम शायर बन गए।
अरे धोखा दिया उन्होंने,
और धोखेबाज हम बन गए।

मोहब्बत से भरी कोई ग़ज़ल उसे पसंद नहीं,
बेवफाई के हर शेर पे वो दाद दिया करते हैं।

बेवजह बेवफाओं को याद किया है,
गलत लोगों पर बहुत वक्त बर्बाद किया है।

तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी,
वरना हमको कहाँ तुम से शिकायत होगी,
ये तो वही बेवफ़ा लोगों की दुनिया है,
तुम भूल भी जाओगे तो रिवायत होगी।

अच्छा होता जो उनसे प्यार न हुआ होता,
चैन से रहते हम जो दीदार न हुआ होता,
पहुँच चुके होते हम अपनी मंज़िल पर,
अगर एक बेवफा पर ऐतबार न हुआ होता।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 4 वर्ष से अधिक SEO का अनुभव है और 6 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जरूर जुड़े।

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