सुनामी पर निबंध

Essay On Tsunami In Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज हम आप सभी को एक ऐसी प्राकृतिक आपदा के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण से प्लेटो को समंदर में नीचे की ओर खींचती है। जिसकी वजह से भयानक लहरें जन्म लेती है। इस प्राकृतिक आपदा का नाम सुनामी है।

Essay on Tsunami in Hindi
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इस लेख के माध्यम से हम सुनामी पर निबंध शेयर करने जा रहे है। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होगा।

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सुनामी पर निबंध | Essay on Tsunami in Hindi

सुनामी पर निबंध (250 शब्दों में)

प्रकृति के सौंदर्य में हम इतने खो जाते हैं कि हम उसके भयानक रूप के बारे में रूप कल्पना भी नहीं कर सकते। प्रकृति सदा से ही मानव की सहचरी है। ईश्वर ने प्रकृति को मानव से पहले बनाया। प्रकृति सभी प्राणियों को अनेक सुख सुविधाएं, अन्न, जल, वर्षा, ताप, फल, फूल, वृक्ष आदि प्रदान करके पालती है। मनुष्य जाति में पृथ्वी पर अपने प्रादुर्भाव के समय से ही प्रतिकूल परिस्थितियों के साथ संघर्ष भी किया है।

मनुष्य ने अपनी रक्षा के नए-नए तरीके खोजें है और अनेक क्षेत्रों में सफलता की प्राप्ति की है। परंतु कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां मनुष्य का कोई उपाय नहीं चलता, जिसके कारण उसे सब कुछ सहना ही पड़ता है। सुनामी प्रकृति की विध्वनशक घटनाओं में से एक है, जिसके सामने मनुष्य मजबूर हो जाता है और स्वयं अपनी आंखों के सामने अपने धन और जन की हानि होते देखता है।

सुनामी को देखकर प्रकृति की न्यारी लीला पर असर होने लगता है। कभी तो धरती पानी की प्यास से व्याकुल होती है। भीषण गर्मी से भूमि फटने लगती है। दूर-दूर तक घटा दिखाई नहीं देती और कभी इतना पानी होने लगता है, जो आंधी तूफान की गति से बहता हुआ कितने बस्तियों कस्बों और नगरों को अपनी चपेट में ले लेता है और शहरों को बर्बाद कर देता है।

सुनामी की चेतावनी और उसका आभास होते ही लोगों को अपने सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। जहाँ तक कि हो सके लोगों को ऊँची जगह यानी छतों पर आश्रय लेना चाहिए। कुछ लोग बहुत बेवफकूफी करते है और खड़े होकर सुनामी का भयावह नज़ारा देखते है, वह ऐसे दृश्यों की फोटो खींचते है और भयंकर दुर्घटना की चपेट में आ जाते हैं।

सुनामी पर निबंध (800 शब्दों में)

प्रस्तावना

समुंदर में भूचाल आने से सुनामी का भाव होता है। यह लहरें बहुत ही विकट होती है व बहुत ऊंची-ऊंची उठती है। सुनामी का मतलब तबाही की लहरों से होता है। जैसा कि आपको ज्ञात होगा कि यह एक प्राकृतिक विपदा है, जो हमारी इस दुनिया को बर्बाद करने की क्षमता रखती है।

सुनामी विनाश का रूप कुछ इस प्रकार धारण करती है कि सबसे पहले समुंदर के निचले भाग में बहुत ही तेजी से कंपन उत्पन्न होता है और लहरें तेजी मात्रा में अपना कार्य करने लगती हैं। सरल भाषा मे कहा जाए तो समुद्र की सतह पर जो तरंगे लगातार उत्पन्न होती है और उसका जो मुख्य बिंदु पानी पर नीचे की ओर मौजूद होता है, उसे ही हम सुनामी की संज्ञा देते हैं। इसके अधिक मात्रा से ही दुनिया मे कहर बरपना शुरू हो जाता है।

सुनामी के इतिहास की बात करें तो इसका इतिहास बहुत पुराना है। कहा जाता है कि ग्रीक के लोगों ने इसका दावा बहुत पहले किया था। सुनामी की लहरें लगभग 18 मीटर ऊंची होती है, यह बहुत ही खतरनाक होती है। साल 2004 में हिन्द महासागर में सुनामी के आ जाने से लाखों लोगों की मौत हो गयी थी।

इसके पहले की भी बात करें तो ३२६ ई.पू. में पहली बार सुनामी आयी थी। इस सुनामी के कारण सिकंदर का मेसिडोनियन बेड़ा तहस नहस हो गया था और इस आपदा को अंतर्राष्ट्रीय त्रासदी का नाम दिया था।

सुनामी से होने वाले दुष्प्रभाव

प्रभाव-1: सुनामी अनेक आपदाओं में सबसे जटिल आपदा मानी जाती है। सुनामी के कारण पूरी दुनिया का विनाश हो सकता है। सुनामी समुद्र में तैरने वाले जितने भी जहाज जैसे छोटे जहाज या बड़े जहाज उन सब को नष्ट कर देती है और आस-पास के तट व उसके आस-पास बसे हुए बस्ती, घर आदि को भी तबाह कर देती है। पेड़ पौधे नष्ट हो जाते हैं, इससे हमारे घर के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी अधिक मात्रा में नुकसान होता है।

प्रभाव-2: सुनामी के कारण अधिक मात्रा में कुछ देशों जैसे भारत, बांग्लादेश, मालदीप, मलेशिया आदि देशों को बहुत नुकसान हुआ था। जो आस पास झील होती है वो भी बहुत प्रभावित होती है। झीलों में जो लहरे उत्पन्न होती हैं, वो इतनी हानिकारक नहीं होती है, जितनी कि समुद्री लहरे होती है।

प्रभाव-3: अलास्का की सुनामी इतिहास में आज तक सबसे बड़ी सुनामी मानी जाती है। इस सुनामी के कारण एक विशालकाय चट्टान खाड़ी में गिर गया था और जिस कारण इसके लहरों की ऊंचाई 520 मीटर रिकॉर्ड की गयी थी।

सुनामी से कैसे बचें?

सुनामी जैसी खतरनाक आपदा से बचने के लिए सबसे पहले हमको सुरक्षित जगह जैसे किसी ऊपरी सतह पर चले जाना चाहिए और अपनों को अपने आप को सुरक्षित रखना चाहिए। किसी ऐसी जगह प्रस्थान ले लेना चाहिए, जिसकी ऊंचाई अधिक हो। बहुत से लोग वहां पर उस नज़ारे को देखते हैं और सोचते हैं कि अभी समय है तब तक हम निकल जाएंगे पर यह बेवकूफी है। इस बेवकूफी की वजह से आपकी जान भी जा सकती है।

सरकार सुनामी की आपदा आने से पहले ही उन स्थानों पर हाई अलर्ट कर देती है और इसके अलावा लोगों को रहने की उचित व्यवस्था भी कराती है। हमारे वैज्ञानिकों द्वारा सुनामी यंत्र से हम अनुमान लगा सकते हैं कि सुनामी अपना विकट रूप कब ले लेगी।

आपको सभी को ज्ञात होगा कि भूकंप जब भी आता है तो उससे पहले सरकार के द्वारा टेलीविजन या रेडियो के द्वारा सूचना का संचार होने लगता है और आज के समय में वैज्ञानिक यह तक अनुमान लगा लेते हैं कि भूकंप कितनी देर में कितनी गति से और कौन से दिशा में आएगा।

निस्कर्ष

आप कभी भी ऐसे आपत्ति जनक स्थिति में हैं आपको यह ध्यान रखना है कि आप अपने जगह से दूसरी जगह सुरक्षित होने के लिए जाएं तो अपने पास बहुत सी महत्वपूर्ण चीजें जैसे खाद्य सामग्री, टॉर्च, कुछ पैसे और जल आदि अपने पास रख लें। ऐसी स्थिति में सरकार के द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी कर दिए जाते हैं और टोल फ्री नंबर चालू कर दिए जाते हैं। आप उनके माध्यम से भी अपने आपको बचा सकते हो।

अंतिम शब्द

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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