बादल पर निबंध

Clouds Essay In Hindi: आज हम बादल पर निबंध लिखने जा रहे हैं। इसमें किस प्रकार के बादल होते हैं, कहां-कहां वर्षा होती है, किन किन लोगों को बादलों से फायदा होता है, इन सभी चीजों के बारे में आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जानकारी दे रहे हैं। बादल पर निबंध सभी कक्षा के छात्रों के लिए मददगार साबित होगा।

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बादल पर निबंध | Clouds Essay In Hindi

बादल पर निबंध (250 शब्द)

बारिश के दिनों में अक्सर आसमान में बादल नजर आ जाते हैं। किसान लोग भी बारिश के मौसम में बादल आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि बादल पानी के भरे हुए होते हैं। जब बरसते हैं तो इन में से पानी निकलता है। बादलों को मेघ भी कहा जाता है। बादल सभी के चेहरों पर अच्छी मुस्कान ले आते हैं। गर्मियों के दिनों में तो अक्सर लोग बारिश का इंतजार करते हैं।

बादल कई प्रकार के होते हैं। कुछ बादल छोटे होते है, कुछ बड़े होते हैं। कुछ बादल तो पर्वत के आकार से भी बड़े होते हैं। इन बादलों के आकार के हिसाब से ही मौसम विभाग बारिश का अनुमान लगा लेते हैं। कुछ बादल तो हल्के होते हैं, कुछ काले रंग के होते हैं। इनको देखकर भी लोग वर्षा का भी अनुमान लगा सकते है।

काले बादलों पर सूर्य का प्रकाश नहीं जाता है, जब बादल आसमान को काली घटाओं से ढक लेते हैं, तो पूरा मौसम अंधकार में हो जाता है। बादल अलग-अलग रंगों के हो जाते हैं। काले, लाल, भूरे, सफेद आदि रंगों के हो जाते हैं, जब बादलों पर सूर्य की रोशनी पड़ती है, तो बादल सफेद रंग के हो जाते हैं। बारिश वाले बादल हल्के और गहरे काले होते हैं।सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में बादलों का रंग अक्सर लाल दिखाई देता है।

बादल का ही एक स्वरूप कोहरा भी होता है। सर्दियों के दिनों में अक्सर कोहरा देखने को मिलता है। कोहरे के द्वारा छोटी-छोटी हिमकणों की वर्षा होती है। जिससे हर जगह गिला गिला सा हो जाता है। वायु मंडल में आद्रता नमी हो जाती है।

बादल पर निबंध (1200 शब्द)

प्रस्तावना

बादल हमेशा आसमान की खूबसूरती में चार चांद से लगा देते है। हमारी पृथ्वी पर मौसम को भी हमेशा ठंडा रखते हैं। बादल का पानी बूंद में क्रिस्टल बर्फ के संग्रह से बने हुए होते हैं। समुद्र, झील, तालाब, आदि से भाप बनकर आसमान में बादल के रूप में बन जाते हैं।बादलों का वजन लगभग 500 किलो तक हो सकता है। जब बादल ज्यादा भारी हो जाते हैं इसे वर्षा हो जाती है। बादलों को बहुत सी जगह तो ऐसी है जहां पर शुभ माना जाता है।किसानों के चेहरे पर सबसे अधिक प्रसन्नता का कारण बादल ही होते हैं, क्योंकि उनको फसल में बादलों के द्वारा ही फायदा होता है। बादलों से अच्छी वर्षा होती है, जिससे उनकी फसल भी बहुत अच्छी हो जाती है।

बादलों के बदलते हुए रंग

अफसर आसमान में बादल अलग-अलग रंग के दिखाई देते हैं। बारिश के बादल अलग रंग के होते हैं। कुछ कुछ बादल लाल पीले भूरे इन रंगों के भी होते हैं। अक्सर धूल मिट्टी तेज तूफान के कारण बादल भूरे रंग के दिखाई देने लगते हैं। सूर्य उदय और सूर्यास्त के समय बादलों का रंग लाल दिखाई देता है। जो पानी के बादल होते हैं उनका रंग काला होता है। जिन बादलों पर सूर्य की रोशनी पड़ती है। इस वजह से वह बादल सफेद रंग के हो जाते हैं। बादल वायुमंडल में तापमान को नियंत्रित रखते हैं।

बादल के लिए अलग-अलग कहावतें

आज के समय में बादलों को लेकर लोग पुराने समय से अलग-अलग प्रकार की कहावत हो को प्रयोग में लेते हैं, जैसे जो गरजते हैं वह बरसते नहीं, बिन बादल बरसात आदि। लोग इन कहावत तो का प्रयोग अक्सर अपनी निजी जिंदगी को लेकर किया करते हैं, क्योंकि इंसान की जिंदगी भी बादलों की तरह ही होती है, जो गरजते हैं वह बरसते नहीं। जो अधिक बोलता है या कुछ कहने का दावा करता है, वह अपने जीवन में कुछ नहीं कर पाता। इसके अलावा कुछ लोग बिन बादल बरसात की तरह होते हैं बिना बुलाए कहीं भी चले जाते हैं।अक्सर इन कहावतओं का प्रयोग लोग करते ही हैं।

कुछ बादल हल्के कुछ भारी

आसमान में बादल अलग-अलग प्रकार के दिखाई देते हैं। कुछ बादल तो इतने हल्के होते हैं, कि वह हवा के हल्के देखते ही इधर उधर हो जाते हैं। कुछ भारी बादल होते हैं, जिनके द्वारा वर्षा हो जाती है। भारी बादल अक्सर काले रंग में होते हैं। उन बादलों में सूर्य की किरणों का भी प्रभाव नहीं पड़ता। पूरा वातावरण बिल्कुल अंधकार में हो जाता है। इसके अलावा बादलों का वजन 500 किलो से भी अधिक होता है। लगभग 10 हाथियों के वजन के बराबर बादलों में वजन होता है। तथा बादलों की चौड़ाई 1 से 2 किलोमीटर की होती है।

बादल कैसे बनते हैं

आसमान बादल बनने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। इसको हम एक उदाहरण के द्वारा आपको समझा सकते हैं। जैसे पानी के तीन रूप होते हैं, ठोस, द्रव, और गैस। उसी प्रकार से ही बादल बनते हैं। बड़ी-बड़ी झीलों, नदियों, महासागरों आदि के पानी से भाप बनकर वायुमंडल में यह उड़ जाते हैं, और बादल का रूप ले लेते हैं। भाप बनकर जब ऊपर उड़ते हैं तो यह ठोस रूप में भी हो जाते हैं। वापस से यह पानी के रूप में जमीन में आ जाते हैं, तो इनका रूप द्रव्य के रूप में होता है। इसी प्रकार बादल बनते हैं, इनका यह चक्र चलता ही रहता है ठोस द्रव गैस के रूप में।

बादल कितने प्रकार के होते हैं?

हमारे वायुमंडल में बादल तीन प्रकार के पाए जाते हैं जो निम्न है।


सिरस बादल

क्युमुलस बादल

स्ट्रेट्स बादल

  • 1.सिरस बादल – सिरस बादल अक्सर आसमान की बहुत ऊंचाइयों पर होते हैं यह बादल बरस की छोटे-छोटे कणों से बनते हैं इसके अलावा यह बादल गोलाकार में होते हैं और सफेद रंग के भी होते हैं। कैसे देखा जाए तो यह बहुत ही सामान्य बादल है रोज हमको आसमान में आसानी से देखने को मिल सकते हैं।
  • 2 क्युमुलस बादल – यह बादल अक्सर सिर्फ बादल के नीचे की तरफ होते हैं और यह बादल हुए के ढेर के समान दिखाई देते हैं। एक प्रकार से यह भी कह सकते हैं कि यह पानी के भरे हुए पागल होते हैं जो कि कहीं पर भी बरसा के रूप में बरस जाते हैं।
  • 3.स्ट्रेट्स बादल- यह बादल क्युमुलस बादल के नीचे की तरफ होते हैं। धुंध की परत के समान दिखाई देते हैं। कभी-कभी तो यह बरस भी जाते हैं। वैसे सभी बादलों को अलग अलग नाम से भी जाना जाता है।

बादलों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

  • बादल एक छोटे पानी के कणों के समूह में होते हैं जिनको हम आसमान में बादलों के रूप में देख सकते हैं।
  • जब पृथ्वी पर से पानी भाग के रूप में वायुमंडल में जाता है वह जाते जाते ठंडे हवा के रूप में परिवर्तित हो जाता है। ऊपर जा कर यह बादलों का रूप ले लेता है।
  • हमारे सौरमंडल के लगभग सभी ग्रहों पर अलग-अलग प्रकार के बादल है शुक्र ग्रह के ऊपर सल्फर डाइऑक्साइड के बादल है, जबकि बृहस्पति और शनि ग्रह पर अमोनिया के घने बादल देखे जा सकते हैं।
  • बादलों से गिरने वाली बारिश ओले बिजली,व बर्फ यह सभी बारिश का ही हिस्सा होती है।

बादलों की विशेषताएं

  • बरसात बादलों के द्वारा होती है, जिससे किसानों को खेती में बहुत अधिक फायदा होता है।
  • बारिश के होने से चारों तरफ का वातावरण हरा भरा रहता है और हमारा वायुमंडल भी शुद्ध रहता है।
  • बादलों के कारण बच्चे और बुजुर्ग सभी को प्रसन्नता होती है क्योंकि बादल आसमान में आने से बारिश का होना संभव होता है।
  • बादल से गिरने वाले जल को अक्सर लोग बहुत से घरेलू कामों में भी उपयोग में लेते हैं इसके अलावा बिजली के कामों में भी इसको लिया जाता है।
  • बादलों के द्वारा ही हमारे देश में मौसम विभाग को पहले से ही बरसात की तूफान की जानकारी प्राप्त हो जाती है।
  • बादलों के द्वारा ही हमारे पृथ्वी के तापमान को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है।
  • बादल का एक अन्य रूप भी होता है वह है कोहरा।

निष्कर्ष

बादल मनुष्य के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं क्योंकि बादलों के होने से बारिश आने का अनुमान लगाया जा सकता है। अक्सर लोग बादल फटने के बारे में भी सुनते ही होंगे यह एक प्रकार से प्राकृतिक क्रिया होती है। जब बड़े तो बादल आपस में तेज हवा के वेग से टकराते हैं। जिससे बिजली कड़कती है और कहीं पर भी गिर सकती है। आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से बादलों के महत्व बादलों का मनुष्य के जीवन में किस प्रकार से योगदान है। इन सभी चीजों के बारे में बताया है।

अंतिम शब्द

उम्मीद है, आपको हमारे द्वारा लिखा गया बादल पर निबंध बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह पसंद आया तो इसको लाइक व शेयर जरूर कीजिए इससे जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए अब हमारे कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट भी कर सकते हैं।

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