रमजान पर निबंध

Essay on Ramzan in Hindi: नमस्कार दोस्तों आज के इस निबंध में हम आप सभी लोगों को मुस्लिम समुदाय के बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार रमजान पर निबंध बताने वाले हैं। मुस्लिम समुदाय के सभी लोगों के लिए रमजान का यह त्यौहार बहुत ही ज्यादा स्पेशल माना जाता है, क्योंकि इस रमजान के महीने को पूरा मुस्लिम समुदाय एक साथ मिलजुल कर बड़े ही प्यार से और हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।

आज के इस महत्वपूर्ण निबंध के माध्यम से हम आप सभी लोगों को रमजान पर निबंध बताने वाले हैं। यदि आप सभी लोग रमजान पर निबंध जाने के लिए इच्छुक हैं, तो हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण निबंध को अंत तक जरूर पढ़ें और यह निबंध आपको पसंद आए तो इसे शेयर करना भी बिल्कुल ना भूलें।

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रमजान पर निबंध | Essay on Ramzan in Hindi

रमजान पर निबंध (250 शब्द)

दोस्तों वैसे तो हमारे देश में अनेकों प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं और सभी त्योहारों के अपने-अपने कुछ महत्व भी होते हैं। ठीक उसी प्रकार इस्लाम धर्म में रमजान मनाया जाता है और यह रमजान का त्यौहार तीन भागों में बटा हुआ होता है प्रथम, द्वितीय और तृतीय। इन सभी विभाजन भागों को इस्लाम धर्म और इस्लामिक भाषा में अशरा कहते हैं।

यह विभाजन दिनों के आधार पर विभाजित है अर्थात पहला अशरा 10 दिन का होता है, दूसरा असरा 11 से 20 दिन का होता है और तीसरा अशरा 21 से 30 दिन में बटा हुआ होता है। इस पूरे रमजान को रमजान महीना कहते हैं।

यह महीना संपूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत ही ज्यादा खुशी का दिन और दुआओं का दिन होता है। जिस प्रकार हिंदू समुदाय में नवरात्रि खत्म होने के बाद दशहरा अर्थात मेला आयोजित होता है, ठीक उसी प्रकार मुस्लिम समुदाय में रमजान का महीना खत्म होने के बाद ईद मनाई जाती है, जो कि इनके लिए मेले से कम नहीं होती।

रमजान खत्म होने के बाद हर मुसलमान चांद को देखता है और अपने उपवास अर्थात रोजा को खोलता है। इस ईद के त्यौहार को मुसलमान लोग बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं और इस दिन सभी मुस्लिम समुदाय के लोग सेवई बनाते हैं जो कि बहुत ही शुभ माना जाता है।

रमजान महीने में हम सभी लोगों को और खासकर मुस्लिम लोगों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है अर्थात वह मुस्लिम लोग जो अपने रोजमर्रा के काम को करते हुए अल्लाह के पूजा अर्थात इबादत को भूल जाते हैं, उन्हें इस रमजान के महीने में समय निकालना ही पड़ता है।

ऐसा इनके और इनके परिवार के सभी सदस्यों के लिए काफी खुशी का दिन होता है क्योंकि यह लोग अपने कामों को छोड़कर रमजान के महीने में ही अपने परिवार को अच्छा समय दे पाते हैं। ऐसी मान्यता है कि 610 ईसवी में पैगंबर मोहम्मद साहब जी ने एक पवित्र किताब कुरान शरीफ को जमीन पर अर्थात लोगों तक पहुंचाया था और जिस प्रकार हिंदू समुदाय में गीता को पवित्र ग्रंथ माना जाता है, ठीक उसी प्रकार मुस्लिम समुदाय में कुरान को सबसे ज्यादा पवित्र ग्रंथ माना जाता है।

रमजान पर निबंध (850 शब्द)

प्रस्तावना

इस्लाम धर्म में रमजान को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है और रमजान के महीने को इस्लाम धर्म के अनुसार सबसे पवित्र महीना भी माना जाता है। रमजान इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नवा महीना होता है जोकि 29 से 30 दिनों का होता है। इस पूरे दिन को तीन भागों में बांटा गया है और इन सभी भागों को और अशरा नाम दिया गया है। इस्लाम धर्म के सभी लोग इस पूरे महीने भर रोजा रखते हैं, जोकि अल्लाह हू खुश करने का एक तरीका होता है।

रमजान को कुरान का महीना भी कहा जाता है, क्योंकि रमजान कुरान के इस धरती पर आने के कारण ही शुरू किया गया था। रमजान के इस पूरे महीने को इस्लामिक धर्म के लोग कुरान पढ़ कर ही बिताते हैं और इस पूरे महीने में बहुत से लोग अपने घरों में कुरान का सु-संगठित रूप से पाठ भी करवाते हैं। यह त्यौहार इस्लाम के सभी लोग अपने पापों को माफ कराने के लिए रखते हैं और खुद को मुक्ति दिलाने के लिए रखते हैं।

रमजान का इतिहास

रमजान की शुरुआत कुरान के धरती पर आने से हुई थी। यदि आपको नहीं पता कि कुरान क्या होता है? तो हम आपको बता देना चाहेंगे, कि जिस प्रकार हिंदी मान्यताओं के अनुसार गीता को पवित्र ग्रंथ माना जाता है और उसकी इज्जत की जाती है, ठीक उसी प्रकार मुस्लिम समुदाय में कुरान को सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है और इसकी पूजा की जाती है।

ऐसी मान्यता है, कि 610 ईसवी में पैगंबर मोहम्मद साहब जी ने एक पवित्र किताब कुरान शरीफ को जमीन पर अर्थात लोगों तक पहुंचाया था।

रमजान मनाने का नियम

मुस्लिम समुदाय के अनुसार रमजान के इस महीने में रोजा रखना बहुत ही महत्वपूर्ण और आवश्यक माना जाता है और रोजे रखने के लिए कुछ जरूरी नियम भी होते हैं और इन नियम का पालन करना बहुत ही अनिवार्य होता है। आइए हम सभी लोग जान लेते हैं, कि रमजान मनाने का नियम क्या है?

  • इस नियम के अनुसार सुबह सूरज उगने से पहले कुछ भी खाया जा सकता है और सूरज निकलने से पहले उठना भी होता है और सूरज निकलने के बाद आप सभी लोगों को पूरे दिन भूखा रहना पड़ेगा, अर्थात रोजा रखना पड़ेगा और खाने के साथ-साथ आपको जल भी ग्रहण नहीं करना है।
  • अब आप सभी लोगों को सूर्यास्त होने के बाद ही अपना रोजा खोलना है और इस नियम को इफ्तारी कहां जाता है।
  • सूर्यास्त होने के बाद परिवार के सभी लोग एक साथ इकट्ठा बैठते हैं और खुशी-खुशी नए नए पकवान बनाकर खाते हैं।
  • मान्यताओं के अनुसार यदि सूर्यास्त होने के बाद जो भी दुआ मांगी जाती हैं वह जरूर कुबूल होती है।
  • रोजे रखने की यह प्रक्रिया लगभग पूरे महीने तक चलती रहती है और सभी दंपत्ति लोग एक दूसरे से शारीरिक दूरियां बनाकर रखते हैं और शाम के समय अर्थात इफ्तारि के समय लोग खजूर खाकर ही अपना रोजा खोलते हैं।

रमजान का महत्व

मुस्लिम समुदाय में रमजान का बहुत ही विशेष महत्व है। रमजान का महीना पूरा मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत ही ज्यादा स्पेशल होता है और ऐसा मानना होता है कि रमजान के महीने में जो कुछ भी दुआएं मांगी जाती हैं वे जरूर पूरी होती हैं। आइए जानते हैं कि रमजान का मुस्लिम समुदाय में क्या महत्व है?

रमजान का महीना पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रुप से बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।रमजान के इस महीने में सभी दंपत्ति खुद पर पूरी तरह से नियंत्रण बना कर रखते हैं और ऐसा करना सीखते भी हैं। यदि कोई मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति रोजा रखा हुआ है और यदि आप उसके सामने खानपान की सामग्री रख दे, फिर भी वह उसे नहीं खाएगा, फिर चाहे उसे कितनी भी भूख लगी हो इस महीने में लोग खुद पर नियंत्रण करना सीखते हैं।

रमजान के इस पूरे महीने भर लोग दिन में खुद को भूखा रखते हैं और प्यास लगने पर पानी भी नहीं पीते जो इनके डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। रमजान का यह महीना मुस्लिम समुदाय के सभी लोगों को जीवन जीने के एहसास को समझाता है। गरीब और बेसहारा लोग दो वक्त के भोजन का इंतजाम करने में भी सक्षम नहीं है वह कैसा महसूस करते हैं? इस बात को भी रमजान के समय लोग समझ पाते हैं।

गरीबों की मदद करना

इस रमजान के महीने पर मुस्लिम समुदाय के सभी लोग ज्यादा से ज्यादा गरीब और जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाते हैं और ऐसा करके वे लोग अपने पाप को कम करने का प्रयास करते हैं। रमजान के समय दान करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है और मुस्लिम समुदाय के लोग इस दान धर्म को जकात कहते हैं।

मुस्लिम समुदाय के सभी लोग कुरान में लिखी गई वे सभी चीजें करते हैं जो वह खुद के शक क्षमता के अनुसार कर सकें। लोगों का ऐसा मानना है कि अपनी कमाई का 2.5% गरीबों को दान करना बेहद आवश्यक है और ऐसा कुरान में लिखा गया है।

मुस्लिम समुदाय के सभी लोगों का यह मानना है कि एक दिन ऐसा समय आ जाएगा जिस दिन इस पूरी दुनिया के हर एक इंसान को अपने हर एक काम को करने के लिए दूसरों को जवाब देना होगा और इस त्यौहार के माध्यम से यह सभी लोग इसी बात को जाहिर करते हैं।

निष्कर्ष

इस्लाम धर्म में रमजान को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है और रमजान के महीने को इस्लाम धर्म के अनुसार सबसे पवित्र महीना भी माना जाता है। रमजान का यह महीना संपूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत ही ज्यादा खुशी का दिन और दुआओं का दिन होता है। जिस प्रकार हिंदू समुदाय में नवरात्रि खत्म होने के बाद दशहरा अर्थात मेला आयोजित होता है, ठीक उसी प्रकार मुस्लिम समुदाय में रमजान का महीना खत्म होने के बाद ईद मनाई जाती है, जो कि इनके लिए मेले से कम नहीं होती।

अंतिम शब्द

दोस्तों हम आप सभी लोगों से उम्मीद करते हैं, कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह रमजान पर निबंध (Essay on Ramadan in Hindi) अवश्य ही पसंद आया होगा और यदि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण निबंध पसंद आया हो, तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना बिलकुल भी ना भूलें और यदि आपको इस निबंध से लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल या फिर सुझाव है, तो कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं।

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