मकर संक्रांति पर निबंध

नमस्कार दोस्तों, यहां पर हमने मकर संक्रांति त्योहार पर निबंध (Essay on Makar Sankranti in Hindi) शेयर किया है। इस हिंदी निबंध में हमने मकर संक्रांति की जानकारी विस्तार से शेयर की है जैसे कि मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है, Makar Sankranti ka Mahatva और साथ में मकर संक्रांति 2021 में कब है? इसके बारे में भी बताया है।

Essay on Makar Sankranti in Hindi
Makar Sankranti Essay in Hindi

यह मकर संक्रांति निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और इन कक्षाओं से उच्च कक्षाओं में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होगा। हमने अंत में एक मकर संक्रांति पर निबंध का विडियो भी उपलब्ध किया है उसे जरूर देखें।

हमारे ब्लॉग पर और भी बेहतरीन Hindi Nibandh उपलब्ध है, आप उन्हें जरूर पढ़ें।

मकर संक्रांति पर निबंध – Essay on Makar Sankranti in Hindi

प्रस्तावना

मकर संक्रांति हर वर्ष 14/15 जनवरी को एक निश्चित दिवस पर मनाई जाती है। भारतीय महीनो में यह त्योहार माघ माह में आता हैं। मकर संक्रांति सर्दियो के जाने का ओर गर्मियों के आने का भी संकेत हैं। मकर संक्रांति भारत के हर कोने ने अलग अलग कल्चर के अनुसार मनाया जाता हैं, कही मकर संक्रांति को माघा तो कही इसे मेला कह कर पुकारते है।

अंग्रेजी नए साल में मकर संक्रांति सबसे पहले आने वाला त्योहार हैं। मकर संक्रांति देश के लगभग हर कोने में उत्साह और उमंग से मनाया जाता हैं। भारत के बाहर नेपाल में इसे माघे संक्रांति भी कहा जाता है वह इतने ही उत्साह से मनाया भी जाता हैं। मकर संक्रांति एक प्रचीन और नेपाील त्योहर है जो हिंदु केलेण्डर के हिसाब से 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है।

मकर संक्राति पर 10 लाईन (Makar Sankranti 10 Sentence in Hindi)

  1. मकर संक्रांति एक भारतीय प्राचीन त्यौहार है, जिसे देश मे हर राज्या मे अपनी-अपनी मान्यताओं अनुसार मनाया जाता है और इसे अलग अलग राज्यों मे अलग अलग नाम से भी जाना जाता है।
  2. मकर संक्रांति के दिन देश के अलग-अलग हिस्सो मे लोग रंग बिरंगी पतंगे उड़ाते है और तिल गुड के पकवान खाते है और ऐसी भी मान्यता है कि उस कई लोग दिन श्रीगंगा जी मे डूबकी लगाकर इस त्यौहार की शुरूआत करते हैं।
  3. मकर संक्रांति एक ऐसा त्यौहार हो हर साल एक ही फिक्स तारीख को आता है, जो कि हर वर्ष यह त्यौहार 14 जनवरी को मनाया जाता है। 
  4. हिन्दू मान्यताओं के अनुसार इस दिन शनि अपने पुत्र के लिये जाते हैं और मान्यताओं के अनुसार इस दिन शनि मकर का स्वामी भी होता है।
  5. मकर संक्रांति के दिन विश्व का सबसे बड़ा धर्मिक मेला कुम्भ का मेला भरता हैं, जिसमे लोग बड़ी दूर से आते हैं।
  6. इस दिन को देश भर में लगभग हर जगह बड़ी धूम धाम से मनाया जाता हैं।
  7. इस त्योहार को हमारे पड़ोसी देश जैसे नेपाल में भी धूम धाम से मनाया जाता हैं।
  8. इस दिन लोग एक दूसरे में मिठाई बांटते हैं।
  9. यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता हैं कि इस दिन महाभारत के भीष्मपितामह ने अपने देह त्याग को चुना था।
  10. मकर संक्रांति को अलग अलग राज्यों में अलग अलग नाम से जाना जाता हैं।

मकर संक्रांति क्यों मनाते है

Makar Sankranti पूरे भारत मे एक ही दिन 14 जनवरी को मनाया जाता हैं। इस दिन को सर्दियो की सीजन के अंतिम दिन भी माना जाता हैं। यह मकर संक्रांति त्योहार सूर्यदेव को समर्पित हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार इस दिन को solar divas भी कहा जाता हैं। हिन्दू मान्यताओ के अनुसार ऐसा माना जाता हैं कि इस दिन सूर्य मकर या मकर राशि में प्रवेश करता हैं। इस दिन को माघ माह की शुरुआत भी मानी जाती हैं। मकर संक्रांति के दिन सूर्य अपनी उत्तर यात्रा शुरू करता हैं। इसलिये मकर संक्रांति को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता हैं।

भारतीय मान्यताओं को संक्रांति को देवता माना जाता हैं। हिंदु मान्यताओं के अनुसार संक्रांति भगवान ने शंकर शूर नामक एक शैतान को मार डाला था। इस दिन देवता ने शैतान किंकरसुर नामक का वध किया था। मकर संक्रांति की जानकारी हमे भारतीय पंचांग में भी उपलब्ध हैं जो संक्रांति की आयु, रूप, वस्त्र, दिशा और चाल के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

मकर संक्रांति के अन्य नाम?

भारत अनेकता में एकता का देश हैं, इसलिए इसमे संक्राति को भी हमारे देश मे इस त्योहार को अलग अलग नाम से जाना जाता हैं। जैसे गुजरात मे संक्रांति को उत्तरायण के नाम से जानते हैं। वही तमिलनाडु और पांडुचेरी में इसे ‘टाई पोंगल’ भी कहते हैं।

देश के अनेक राज्यों में इसे अलग नामों से जाना जाता हैं जैसे- गोआ, छत्तीसगढ़, ओड़िशा, हरियाणा, झारखंड, बिहार, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, केरल, म.प, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, इतियादी राज्यों में इसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता हैं।

तमिलनाडु और पांडुचेरी में मकर संक्रांति को टाई पोंगल के नाम से जाना जाता है। वही गुजरात और उत्तराखंड में इसे उत्तरायण कहा जाता हैं। 

हिमाचल, हरियाणा और पंजाब में इसे माघी कहा जाता हैं। आसम में इसे भोपाली बिहू कहा जाता हैं। जन्नत के नाम से मशहूर जम्मू कश्मीर में इसे शिसूर सेकरन्त कहा जाता हैं। पश्चिम बिहार में मकर संक्रांति को खिचड़ी कहा जाता हैं।

संक्रांति पर देश की अलग अलग संस्कृतियां?

  • दिल्ली और हरियाणा राज्य में ऐसी ही अलग संस्कृति प्रचलित हैं। दिल्ली और हरियाणा ओर के पड़ोसी राज्यों में मकर संक्रांति को एक मुख्य त्योहार के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन मुख्य तौर पर घी का चूरमा, खीर ओर हलवा बनाया जाता हैं। शादीशुदा औरतों का भाई अपनी बहन के घर आता हैं और उसे गिफ्ट देता हैं, जिसे ‘सीधा’ कहा जाता हैं। 
  • पंजाब में पंजाब में मकर संक्रांति को माघी संक्रांति के नाम से जाना जाता हैं। ऐसी मान्यता हैं कि वहां के लोग सुबह जल्दी उठ कर नदी ने नहाते हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर पंजाब में श्री मुक़सार साहिब के दरबार मे एक भव्य मेला लगता हैं, लोग अपना पसंदीदा भागड़ा डांस करते हैं। इस दिन में विशेष अल्पाहार लेते हैं जो कि उस दिन के लिए विशेष तौर पर बनाये जाते हैं। इस दिन पंजाबी खीर, लस्सी, चावल इत्यादि भोजन के तौर पर खाते हैं।
  • राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में राजस्थानी में इसे संक्रांति ओर मकर सक्रांति के नाम से पुकारा जाता हैं। यह राजस्थान का एक मुख्य त्योहार हैं। 14 जनवरी को यह त्योहार मनाया जाता हैं और उस दिन राजस्थान में विशेष रूप से फिनी बनाई जाती हैं जिसे दूध के साथ खाया जाता हैं। इसी के साथ राजस्थान में इस दिन तिल-पापड़ी, गज़क, इत्यादि व्यंजन बनाये जाते हैं और बड़ेमौज से खाये जाते हैं। इस दिन राजस्थान में एक शादीशुदा औरत द्वारा तेरह शादीशुदा औरतों को एक समान तौफा दिया जाता हैं जिसे राजस्थानी भाषा मे ‘तेरुन्दा’ कहा जाता हैं। मकर संक्रांति के दिन बच्चे, बड़े आसमान में रंगबिरंगी पतंगे उड़ाते हैं और पूरे दिन उत्सव मनाते हैं।
  • तमिलनाडु में थाई पोंगल में तमिलनाडु में 4 दिन का उत्सव मकर संक्रांति से पहले मनाया जाता हैं। पहला दिन मार्क भोगी पोंगल, दूसरा दिन थाई पोंगल, तीसरा दिन मातु पोंगल ओर चौथे दिन थाई पोंगल के रूप में मनाया जाता हैं। पोंगल त्योहार तमिलनाडु और पांडुचेरी में मुख्य तौर पे मनाया जाता हैं। पोंगल त्योहार श्रीलंका के भी मुख्य त्योहार हैं। इस दिन परंपरागत पोंगल डिश बनाई जाती हैं, जो उबले हुए दूध और शक्कर से बनती हैं। 
  • आसम में माघ बिहू में आसम में मकर संक्रांति को माघ बिहू ओर बांगोली पोंगल के नाम से जाना जाता हैं। आसम में इस त्योहार को फसलो की कटाई के खत्म होने के समय मे मनाया जाता हैं जो कि मुख्यतः जनवरी ओर फरवरी का समय होता हैं। आसम में इस समय मे युवा लोग बांस व पत्तियो से झोपड़ी का निर्माण करते हैं जिसे ‘मेसजी’ के नाम से जाना जाता हैं, इन झोपड़ियो में वे लोग दावत करते हैं फिर अगले दिन उसे जलाते हैं। इस समय आसम का परंपरागत खेल भी खेला जाता हैं, जिसे आसम की लोकल भाषा मे ‘टेकली बोंगा’ ओर ‘बफ़ेलो फाइटिंग’ कहा जाता हैं।
  • माघ बिहू के समय मे आसम के लोग केक ओर चावल से व्यंजन बनाते हैं, जिसे ‘सुंघपिठा’ कहा जाता हैं। कुछ और नारियल के व्यंजन बनाते हैं, जिन्हें ‘लारू’ कहा जाता हैं।
  • महाराष्ट्र की संक्रांति में महाराष्ट्र में मकर संक्रांति को भी अलग तरीके से मनाया जाता हैं। जिसमे लोग अलग-अलग कलर के हलवा ओर तिल गुड़ के लड्डू एक दूसरे की देते हैं जिसमे मुख्यतः ‘पूरनपोली’ होती हैं। तिल गुड़ के साथ एक दूसरे की अच्छे की कामना करते हैं।

मकर संक्रांति का महत्व (Makar Sankranti in Hindi Essay)

हिन्दू देवी देवताओं के लिये मकर संक्रांति का काफी महत्वपूर्ण है। ऐसा माना जाता हैं भगवान शनि महाराज अपने पुत्र को मनाकर अपने साथ अपने घर पर ले गए थे। ऐसा भी माना जाता है इस दिन गंगा जैसी पवित्र नही ओर सुबह जल्दी उठ कर नहाते हैं और साथ पूजा पाठ ओर दान पुण्य भी करते हैं।

ऐसा माना जाता हैं मकर संक्रांति के दिन मलमास खत्म हो जाता है और नया शुभ मास का शुभारंभ हो जाता हैं। इस त्योहार में मकर नाम मकर राशि को इंगित करता हैं, जबकि संक्रांति का सीधा अर्थ प्रवेश से होता हैं,  इसलिए इसे मकर में प्रवेश भी कहा जाता हैं। ज्योतिषी मान्यताओ के अनुसार उत्तरायण का प्रारंभ मकर संक्रांति से ही होता हैं। 

मकर संक्रांति में धर्मराज की कहानी (About Makar Sankranti in Hindi)

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन महिलाये धर्मराज का व्रत करती हैं। ऐसा माना जाता हैं कि जिस घर में पति और पत्नी धर्मराज का व्रत करते हैं, तो उस घर मे दुखो का आगमन नही होता। ऐसी मान्यता हैं कि जो पति पत्नी यह व्रत उसके लिए स्वर्गलोक के मार्ग खुल जाते हैं।

निष्कर्ष (Makar Sankranti in Hindi)

मकर सक्रांति भारत के विशेष त्योहारों में से एक त्योहार है। इसका भारत में विशेष महत्व है। आजकल की भागदौड़ भरी जिन्दगी में ऐसे त्यौहार हमारे जीवन में विशेष महत्व रखते हैं।

Makar Sankranti 2021 Date

हमने यहां पर Makar Sankranti पर निबंध में मकर संक्रांति की पूरी जानकारी विस्तार से बताई है Makar Sankranti 2020 में बुधवार, 15 जनवरी को मनाया गया था जबकि मकर संक्रांति 2021 में गुरुवार 14, जनवरी को है।

अंतिम शब्द

हमें उम्मीद है कि मकर सक्रांति पर लिखा गया आज का हमारा यह Essay on Makar Sankranti in Hindi आपको अत्यधिक पसंद आया होगा। यदि आपको इस लेख में कोई ऐसी जानकारी लगती है, जो और होनी चाहिए या फिर कोई ऐसी जानकारी जो इस लेख में से हटाई जानी चाहिए, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं।

यदि आपको हमारा यह लेख Makar Sankranti Par Nibandh पसंद आया हो तो इसे आप अपने मित्र जन एवं परिजन के साथ आवश्य साझा करें। हमारे फेसबुक पेज को लाइक जरूर कर दें।

Read Also

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here