गणतंत्र दिवस पर निबंध

Gantantra Diwas Par Nibandh: नमस्कार दोस्तों, यहाँ पर पर गणतंत्र दिवस पर निबंध शेयर कर रहे है। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार होगा।

Essay on Republic Day In Hindi
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गणतंत्र दिवस पर निबंध | Gantantra Diwas Par Nibandh

गणतंत्र दिवस पर निबंध (250 शब्दों में)

26 जनवरी का दिन भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारत में गणतंत्र और संविधान लागू हुआ था। इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है और इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया  है। 26 जनवरी के दिन संविधान लागू होते ही भारत पूरी तरह से लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था।

26 जनवरी को तीनों भारतीय सेनाओं (जल, थल और नभ) के द्वारा भव्य परेड किया जाता है, जो विजय चौक से प्रारंभ होकर इंडिया गेट पर समाप्त होती है। भारतीय सेनाओं के द्वारा राष्ट्रपति को सलामी दी जाती है तथा अत्याधुनिक हथियारों और टैंकों का प्रदर्शन किया जाता है। देश की राष्ट्रीय शक्ति का प्रभाव दिखाया जाता है।

इसके पश्चात सभी राज्यों द्वारा अपनी झांकियों के माध्यम से संस्कृति और परंपरा की प्रस्तुति दी जाती है। तत्पश्चात भारतीय वायु सेना द्वारा हमारे राष्ट्रीय झंडे के रंग (केसरिया, सफेद और हरा) की तरह आसमान से फूलों की बारिश की जाती है।

यह दिन खास तौर पर सरकारी संस्थान और शिक्षण संस्थाओं में बहुत खास तरीके से मनाया जाता है। इस दिन ध्वजारोहण झंडा वंदन के पश्चात राष्ट्रगान जन-गण- मन का गायन किया जाता है और देश भक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

आजादी के पश्चात ड्राफ्टिंग कमेटी को 28 अगस्त 1947 की मीटिंग में भारत के लिए स्थाई संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए कहा गया। 4 नवंबर 1947 को डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में भारतीय संविधान का प्रारूप सदन में स्थापित किया गया। भारत का संविधान 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन में बनकर तैयार हुआ, और 26 जनवरी 1950 को इस को संपूर्ण भारत में लागू कर दिया गया।

गणतंत्र दिवस पर निबंध (800 Word)

प्रस्तावना

गणतंत्र दिवस की शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई, जब हमारे देश में भारतीय सरकार अधिनियम को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया। तब से ही हमारे देश और गणतंत्र को सम्मान देने के लिए हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाता हैं। इसका इतिहास महत्वपूर्ण घटना से है 26 जनवरी 1930 से हुई थी। जब कॉन्ग्रेस ने पूर्ण स्वराज की मांग रखी थी।

लाहौर में 1929 मे पंडित जवाहर लाल नेहरु की अध्यक्षता में कॉन्ग्रेस अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित किया गया, कि यदि भारत को यदि स्वायत्त शासन दिया गया तो भारत स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर देंगा। इसके बाद 26 जनवरी 1930 तक अंग्रेजी सरकार ने कांग्रेस की इस मांग का कोई जवाब नहीं दिया।

उस दिन से कांग्रेस में भारत को पूर्ण स्वतंत्रता दिलाने के लिए सक्रिय आंदोलन प्रारंभ कर दिया। इसके फलस्वरुप 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हो गया। 26 जनवरी के महत्व को ध्यान रखते हुए गणतंत्र की स्थापना के लिये चुना गया। हमारे देश का संविधान प्रभावी हुआ। हमारा देश विश्व में गणतांत्रिक देश रुप में स्थापित हुआ।

आज के समय में अपने संविधान के कारण हम स्वतंत्र रूप से कोई फैसला ले सकते है। 26 जनवरी 1930 को पहली बार पूर्ण स्वराज्य का कार्यक्रम मनाया गया। गणतंत्र दिवस में परेड के समय एक क्रिश्चियन धुन बजाई जाती है। यह गांधीजी की पसंदीदा धुन में से एक है। प्रथम गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया की राष्ट्रपति सुकणौ थे।

गणतंत्र दिवस का समारोह

गणतंत्र दिवस का राजपथ में आयोजन 1955 में किया गया था। भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह के दिन राष्ट्रपति को 31 तोपो की सलामी दी जाती हैं। हर साल 26 जनवरी को दिल्ली में राजपथ पर गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जाता हैं।

शुरु से ही इस में विदेशी अतिथियों को बुलाने की परंपरा रही हैं। कई बार एक से अधिक अतिथि आते हैं।
राष्ट्रपति सर्वप्रथम झंडा फहराते हैं। इसके बाद सभी खड़े होकर राष्ट्र गान गाते हैं। इसके बाद कई प्रकार की सांस्कृतिक व पारंपरिक झांकियां निकाली जाती है, जो कि देखने में बहुत ही मनमोहक लगती हैं।

विद्यालयों में गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस समारोह को मनाने के लिये स्कूल तथा कॉलेज के बच्चे बहुत ही ज्यादा खुश होते हैं। इसकी तैयारी वह महीना भर पहले शुरु कर देते हैं। वह पी.टी.,परेड व अन्य प्रकार के कार्यक्रम की तैयारी करते हैं और इस अवसर पर विद्यार्थियों को अकादमी में शिक्षा, विज्ञान खेलकूद आदि क्षेत्रो में बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत व सम्मानित किया जाता हैं।

इस दिन के समारोह का आयोजन बड़े स्टेडियम किया जाता हैं। आम जनता और बच्चों के अभिभावक आदि लोग उपस्थित होते हैं। अंत में बच्चों को लड्डू और मिठाई दी जाती हैं। दिल्ली राजपथ में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह का प्रसारण टी.वी. पर किया जाता हैं।

26 जनवरी के दिन मनाया जाने वाला हमारा गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस हर भारतीय में आत्म गौरव भरने का काम करता हैं। हमें पूर्ण स्वतंत्रता की अनुभूति कराता हैं। यही कारण है 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह को हमारे यहां धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं।

भारतीयों के लिए गणतंत्र दिवस का समारोह

यह पर्व हम भारतवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यही वो दिन है, जो हमें हमारे संविधान का महत्व बतलाता हैं।
भले ही हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ, परंतु भारत को उसका वास्तविक अस्तित्व 26 जनवरी को ही मिला हैं।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस का पर्व हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि हमारे देश का संविधान व इसका गणतांत्रिक रुप ही हमारे देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक जोडता हैं।यह वह दिन है जब हमारा देश विश्व मानचित्र में गणतंत्र के रूप में स्थापित हुआ।

इस दिन हम सभी नागरिकों को प्रतिज्ञा करनी चाहिए कि हम भारत के संविधान की गरिमा को बनाए रखेंगे। इसकी सुरक्षा करेंगे और शांति व समरसता को बनाये रखेंगे और देश के विकास में सहयोग देंगे।

गणतंत्र दिवस भारत में एक पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह त्यौहार जिसको सभी सरकारी कार्यालयों में आयोजित किया जाता है। सभी सरकारी दफ्तरों में इस दिन झंडा रोहन किया जाता है। यह पर्व सविधान लागु करने के उपलक्ष में मनाया जाता है। भारत में इस दिन स्कूलों में सांस्कारिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है।

निष्कर्ष

देश में स्वतंत्रता दिवस के साथ साथ गणत्रत दिवस को बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। भारत में 26 जनवरी के दिन यह त्यौहार मनाया जाता है। देश में यह दिन जिसे देश का दिन भी माना जाता है। भारत में इस दिन लाल किले पर कार्यक्रम का आयोजन होता है।

अंतिम शब्द

आज का हमारा यह आर्टिकल जिसमे हमने गणतंत्र दिवस पर निबंध (Gantantra Diwas Par Nibandh) के बारे में सारी जानकारी आपको दी है। हमें उम्मीद है कि इस आर्टिकल जो जानकारी हमने दी है। वह आपको पसंद आई होगी।

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