नर्स पर निबंध

Essay on Nurse in Hindi: जैसा की आप सभी को पता है कि नर्स अस्पताल में काम करती हैं और एक मरीज के जीवन में नर्स की बहुत बड़ा योगदान भी रहता है। हॉस्पिटल में डॉक्टर की हेल्प करने के लिए भी नर्स ही होती है। यहां पर नर्स पर निबंध शेयर कर रहे है जो सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

Essay on Nurse in Hindi
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नर्स पर निबंध | Essay on Nurse in Hindi

नर्स पर निबंध (250 शब्द)

एक मरीज के जीवन में नर्स की बहुत बड़ी भूमिका होती है। कोई भी मरीज जब अस्पताल में अपना इलाज करवाने के लिए आता है तो डॉक्टर के माध्यम से उसका इलाज किया जाता है। डॉक्टर द्वारा इलाज करने में नर्स अपना योगदान देती है। डॉक्टर तो आपको देखकर इत्यादि को पेपर पर लिख देता है लेकिन उसको कब और कितने समय बाद देनी है, इसकी देखभाल नर्स ही करती है।

अस्पताल में आपको डॉक्टर इंजेक्शन नहीं लगाएगा बल्कि नर्स ही आपको इंजेक्शन देगी। मरीज को सही समय पर नर्स ही दवा खिलाती है। नर्स के अंदर दया-भाव रहता है। पूरी दुनिया में नर्स की मेहता को देखकर विश्व भर में नर्स दिवस मनाया जाता है। एक नर्स का जीवन कठिनाइयों भरा होता है। क्योंकि हर परिस्थिति में उसको हिसाब से चलना होता है।

मरीज को किसी भी बड़ी से बड़ी तथा छोटी से छोटी बीमारी होने पर हॉस्पिटल में उसकी ठीक प्रकार से देखभाल करती है। अस्पताल में भर्ती किसी मरीज को कोई भी दिक्कत होती है तो सबसे पहले नर्स को ही बुलाया जाता है और उस मरीज की समस्या का समाधान करती है। पूरी दुनिया जानती है कि नर्स से अच्छी देखभाल और कोई नहीं कर सकता है।

नर्स का सबसे बड़ा कर्तव्य होता है कि किसी भी मरीज के सही प्रकार से देखभाल करना। किसी भी नर्स को मरीज की देखभाल बिल्कुल एक बच्चे की तरह करना होता है। जब नर्स मरीज की देखभाल करती है तो उसको सही समय पर खाना, दवाइयां आदि देती है, जिससे मरीज जल्दी ठीक हो जाता है।

नर्स पर निबंध (1000 शब्द)

प्रस्तावना

नर्स के जीवन का सबसे बड़ा और अहम हिस्सा मरीज होता है। बीमार मरीज की जितनी देखभाल डॉक्टर करता है उससे कहीं ज्यादा नर्स को करनी पड़ती है। मरीज को सही समय पर दवा खिलाना तथा इंजेक्शन इत्यादि को समय पर देना नर्स का मुख्य कार्य होता है।

जिस प्रकार एक मां अपने बच्चे से प्रेम करती है ठीक उसी प्रकार एक नर्स भी अपने मरीज की देखभाल सही ढंग से करती है। जब किसी प्रकार की कोई दुर्घटना हो जाती है तो उन मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। अस्पताल में भर्ती घायलों के अधिक देखभाल नर्स के माध्यम से ही होती है।

नर्स का जीवन भी कठिनाइयों भरा होता है क्योंकि हर नर्स की परिस्थिति अलग-अलग होती है। एक अच्छी नर्स वहीं होती है जो अपने आप को परिस्थिति के अनुकूल ढाल लेती हैं।

नर्स और मरीज के बीच का संबंध

नर्स और मरीज के बीच ठीक वैसा ही संबंध होता है जैसा कि मनुष्य और भगवान के बीच। जिस तरह भगवान अपने बच्चों को परेशान होता हुआ नहीं देख पाते ठीक वैसे ही नर्स अपने मरीजों को तकलीफ मे नहीं देख सकती है। इसलिए नर्स मरीज की अच्छे से देखभाल करती है, जिससे वह बीमारी से लड़ सके।

नर्स को यह पता रहता है कि यदि वह मरीज से थोड़ा सा भी ध्यान भटकाती है तो उसे समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसी मरीज को सही नर्स न मिले तो वह जल्द स्वास्थ्य ठीक नहीं हो सकता है।

नर्सिंग लेवल की शुरुआत कैसे हुई?

दुनिया में नर्सिंग सेवा की शुरुआत करने वाली सिर्फ एक ही महिला थी, जिसका नाम फ्लोरेंस नाइटेंगल था। जिन्होंने रोगी के जीवन को कठिनाइयों से बाहर निकालने में कई महिलाओं को ट्रेनिंग दी। जब कोई मरीज गंभीर बीमारियों से लड़ता है तो उससे ज्यादा देखभाल नर्स करती है।

फ्लोरेंस नाइटेंगल के अथक प्रयासों के कारण ही नर्स की उत्पत्ति हुई थी। यह अपने मरीजों की देखभाल बिल्कुल एक बच्चों की तरह करते थे, उनको सही समय पर दवाई तथा इंजेक्शन को देना और रात्रि के समय कौन से बातचीत करना लोग इनको लेडी विद्यालय के नाम से भी जानते हैं क्योंकि रात में यह मरीजों के पास लैंप लेकर जाया करती थी।

ऐसा कहा जाता था कि जो भी मरीज फ्लोरेंस नाइटेंगल की देखरेख में होता था, वह बहुत ही जल्द स्वस्थ हो जाया करता था। इन्होंने अपना सारा जीवन मरीजों की देखभाल में लगा दिया था। इसलिए आज पूरा विश्व फ्लोरेंस नाइटेंगल को याद करता है और उनके जन्म दिवस यानी कि 12 मई 1965 को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। पूरी दुनिया ने फ्लोरेंस नाइटेंगल को सम्मान देने के लिए नर्स दिवस मनाते है।

नर्स की ट्रेनिंग के लिए जो भी महिला जाती है, उसको यह सिखाया जाता है कि मरीज की देखभाल कैसे करनी होती है। जब उसकी ट्रेनिंग अस्पताल में होती है तब उसे पता चलता है कि मरीज की सेवा किस प्रकार से करनी है।

फ्लोरेंस नाइटेंगल के इस उद्देश्य से नर्सिंग सेवा की शुरुआत हुई थी। उनके इस काम की प्रशंसा पूरी दुनिया करती है।

अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस के बारे में

विश्व में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 12 मई 1965 को मानना शुरू किया था। सभी देश इस दिवस को बड़ी धूमधाम से मनाते है। नर्स दिवस को मनाने का सबसे पहला विचार अमेरिका के प्रसिद्ध स्वास्थ्य शिक्षा कल्याण विभाग के अधिकारी डरोथ सदरलैंड को सबसे पहले आया था।

अधिकारी सदरलैंड ने अपने इस प्रस्ताव को अमेरिका के राष्ट्रपति के पास भेजा था, उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति  डी डी आइजनहावर थे। उन्होंने तुरंत ही सदरलैंड के इस प्रस्ताव को मान लिया था। पहली बार विश्व में नर्स दिवस 1953 मे मनाया गया था। इसके बाद 12 मई 1965 को पूरे विश्व में नर्स दिवस मनाने की घोषणा की गई थी।

नर्स दिवस के उपलक्ष में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसमें कई नर्सों को सम्मान भी किया जाता है।

भारत में नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रयास

भारत सरकार यह प्रयास कर रही है कि भारत में अधिक से अधिक नर्सिंग कॉलेज खोले जाएं, जिससे नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई करके अधिक से अधिक नर्स बन सके। भारत में नर्स और मरीज के अनुपात की तुलना की जाए तो यह बहुत बड़ा गैप आ रहा है। भारत में नर्सों की संख्या बहुत ही कम है।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने सभी राज्यों से अधिक से अधिक नर्सिंग कॉलेज खोलने का आग्रह किया है। केंद्र की सरकार राज्यों में अधिक से अधिक नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रयास कर रही है। क्योंकि सरकार को भी पता है कि देश में नर्स की क्या अहमियत है और कितनी आवश्यकता है।

देश में जब कोई बड़ी दुर्घटना या कोई हादसा हो जाता है। घायलों को अस्पतालों में लाया जाता है। अस्पताल में नर्स मरीज की देखभाल करती है। डॉक्टर तो मरीज का सिर्फ इलाज करता है लेकिन उसकी पूरी देखभाल नर्स के द्वारा ही होती है।

किसी भी नर्सिंग कॉलेज से ट्रेनिंग करने के बाद उसको तजुर्बा आ जाता है। इसलिए नर्स के अंदर मरीजों की मदद करने का दया भाव होता है। अस्पताल के अंदर नर्स की भूमिका अहम होती है, इसलिए पूरे विश्व में नर्स का सबसे अधिक सम्मान भी किया जाता है।

नर्स की जिम्मेदारी मरीज की सेवा

किसी भी मरीज की सेवा करना नर्स की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। जब कोई भी महिला नर्स बनने का प्रण लेती है तो वह अपने आप को रोगी की देखभाल करने के लिए समर्पित कर देती है।

किसी भी नर्स को अपनी जिम्मेदारी फ्लोरेंस नाइटेंगल जैसी निभानी चाहिए। जिस प्रकार नाइटेंगल ने अपना सारा जीवन मरीजों की देखभाल में लगा दिया था ठीक उसी तरह किसी भी नर्स को अपना समय मरीज की देखभाल में ही लगाना चाहिए।

जो भी नर्स अपने तजुर्बे से मरीज की देखभाल करके उसे स्वस्थ करती है तो उस समय उसे सबसे अधिक प्रसन्नता महसूस होती है। उसके इस योगदान के कारण भारत सरकार उसको सम्मानित भी करती हैं। नर्स को भारत के राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित भी किया जाता है।

भारत में किसी भी नर्स से सम्मानित होने पर उसे ₹50000 की नगद राशि देकर सम्मानित किया जाता है।

निष्कर्ष

नर्स समाज का एक मह्त्वपूर्ण भाग है, इसकी अधिक आवश्यकता अस्पतालों में होती है। रोगी की देखभाल करने के लिए अपना सारा समय लगा देती है। डॉक्टर के बाद नर्स ही अस्पताल का सबसे जिम्मेदार वाला पद होता है। नर्स ही मरीज की देखभाल बहुत ही अच्छे तरीके से करती है।

अंतिम शब्द

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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