पुस्तकालय पर निबंध

Essay on Library in Hindi : पुस्तकालय अर्थात पुस्तकों का घर,जहां पर सभी प्रकार की पुस्तकें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। लाइब्रेरी का हमारे जीवन में होना बहुत ही जरूरी है। हम यहां पर अलग-अलग शब्द सीमा में लाइब्रेरी पर निबंध शेयर कर रहे हैं। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होंगे।

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पुस्तकालय पर निबंध | Essay on Library in Hindi

पुस्तकालय पर निबंध (250 शब्द)

प्राचीन काल से ही लाइब्रेरी चली आ रही है। पहले के जमाने में पुस्तके बहुत ही अधिक महंगी होती थी, क्योंकि पहले प्रिंटिंग मशीन नहीं हुआ करती थी, तो किताबें हाथ से लिखी जाती थी। जिसकी वजह से किताब कम भी हुआ करती थी और महंगी भी। महंगी होने की वजह से किताबों को हर कोई नहीं खरीद सकता था। इसीलिए पुस्तकालय का निर्माण किया गया, जिससे आसानी से लोग वहां पर जाकर अपनी जरूरत के हिसाब से किताबों को पढ़ सकें और उनकी सहायता से आगे बढ़ सके।

पुस्तकालय अथवा लाइब्रेरी में हमें हर तरह की किताबें मिलती हैं। चित्रकला, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, आत्मकथाएं, धर्म, जाति, इत्यादि तरह की किताबें मिलती हैं। जिसको जिस किताब की जरूरत होती है, वह अपनी जरूरत के हिसाब से किताबों का प्रयोग कर सकता है।

पुस्तकालय हर जगह मिल सकते हैं। स्कूल में छात्र छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय में भी छात्र छात्राओं के लिए अथवा सार्वजनिक पुस्तकालय सरकार द्वारा निर्मित किए गए हैं। जिसमें हर प्रकार के बिना, भेदभाव के लोग आ जा सकते हैं और अपने ज्ञान की वृद्धि सकते हैं।

कई लोग अपने हिसाब से कुछ पुस्तकें भेंट भी करते हैं। जिसकी वजह से गरीब अथवा अन्य पिछड़े लोग उनका लाभ उठा सकें और अपनी जरूरत को पूरा कर सके अब आप अपनी पढ़ाई को पूरा कर सकें।अन्य प्रकार से किताबें हमारे लिए बहुत ही लाभदायक हो रही है। इसी तरह से पुस्तकालय भी बहुत जरूरी है।

पुस्तकालय पर निबंध (850 शब्द)

प्रस्तावना

जिस तरह से हमें हमारा शरीर स्वस्थ रखने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है, उसी तरह से हमें अपनी पढ़ाई के लिए किताबों की आवश्यकता होती है। किताबों के बिना हमारी पढ़ाई अधूरी रह जाती है क्योंकि किताबी ज्ञान भी उतना ही जरूरी है, जितना बाहरी ज्ञान। जितना ज्ञान हमें लाइब्रेरी में मिल सकता है, उतना कहीं नहीं मिल सकता क्योंकि लाइब्रेरी में हर प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध होती हैं। वहां पर ग्रंथ भी उपलब्ध होते हैं इसीलिए पुस्तकालय हमारे लिए बहुत ही आवश्यक है।

पुस्तकालय की उत्पत्ति कब हुई?

कई सदियों पहले पुस्तकालय का निर्माण किया गया पुस्तकालय दो शब्दों से मिलकर बना है। अगर इस का संधि विच्छेद किया जाए तो, पुस्तक + आलय मिलाकर पुस्तकालय अर्थात लाइब्रेरी बनता है। लाइब्रेरी का निर्माण तब किया गया था, जब लोगों को किताब की बहुत ही ज्यादा जरूरत होती थी। पहले के जमाने में प्रिंटिंग मशीन नहीं होती थी। जिसकी वजह से किताबों को हाथों से लिखा जाता था, जिसमें बहुत ही समय जाता था और किताबें महंगी भी मिलती थी। तभी लाइब्रेरी का निर्माण किया गया और वहां पर सभी किताबों को संग्रहित कर के रखा गया।

पुस्तकालय का क्या महत्व है?

लाइब्रेरी का बहुत ही अधिक महत्व है। लाइब्रेरी के बिना हमारे ज्ञान का विकास नहीं हो सकता, क्योंकि लाइब्रेरी में हमारी जरूरत के हिसाब से पुस्तकों को संग्रहित किया जाता है। जिसके चलते हम अपनी जरूरत के हिसाब से अपनी पढ़ाई को अपने ज्ञान को पूरा कर सकते हैं।

क्या पुस्तकालय सब का सच्चा दोस्त बन सकता है?

देखा जाए तो, लाइब्रेरी हम सभी का सच्चा दोस्त बन सकता है, क्योंकि पुस्तक ही इंसान की सबसे अच्छी दोस्त होती है। अगर आप परेशान होते हैं, तो हम अपनी परेशानी का हल किताबों में खोज सकते हैं। बस हमें ढूंढने की जरूरत होती है और हमें अपनी परेशानियों का हल मिल जाता है। इसीलिए कहा जाता है इंसान की सबसे अच्छी दोस्त किताब ही होती है।

पुस्तकालय के कितने प्रकार होते हैं?

आमतौर पर लाइब्रेरी को 4 विभागों में विभाजित किया गया है। जो कि इस प्रकार है;-

  • सार्वजनिक लाइब्रेरी
  • व्यक्तिगत लाइब्रेरी
  • विद्यालय एवं महाविद्यालय मे लाइब्रेरी
  • सरकारी लाइब्रेरी

पुस्तकालय से हमें क्या लाभ मिलता है?

लाइब्रेरी से हमें अनगिनत लाभ मिलते हैं। परंतु कुछ के बारे में आज हम यहां पर बात कर रहे हैं;-

  • ज्ञान की प्राप्ति होती है;-

अगर मनुष्य को अपने ज्ञान को बढ़ाना है तो लाइब्रेरी इसमें बहुत सहयोग करती है क्योंकि वहां पर हर तरह की किताबें बड़ी आसानी से मिल जाती हैं। जो किताबें हमें बाजार में भी नहीं मिल पाती, वह किताबें हमें वहां पर मिल जाती हैं और बाजार से हर कोई किताब नहीं खरीद सकता, परंतु लाइब्रेरी में जाकर अपनी जरूरत के हिसाब से किताब जरूर पड़ सकता है।

  • सबसे अच्छा साधन मनोरंजन का;-

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य को बहुत ही मनोरंजन की आवश्यकता भी है क्योंकि वह इतना ज्यादा डिप्रेशन में रहने लगे हैं, कि उन्हें हर तरह के मनोरंजन जरूरत होती है।

  • पठनपाठन में सहयोग मिलता है;-

पठन और पाठन के लिए कक्षा में छात्र और विद्यार्थी दोनों का होना बहुत जरूरी है। लाइब्रेरी में दोनों ही उपलब्ध होते हैं, जिससे वहां पर ज्ञान बढ़ता है। लाइब्रेरी में बिना भेदभाव के सभी को एक समान ज्ञान दिया जाता है। लाइब्रेरी में हमें हमारी बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक, शक्तियों एवं व्यक्तिगत विस्तार में बढ़ावा मिलता है।

  • बढ़ती महंगाई के चलते लोगों के लिए बना अच्छा स्रोत;-

आजकल महंगाई इतनी बढ़ती जा रही है कि लोगों के लिए पुस्तके खरीदना बहुत ही मुश्किल होता जा रहा है। जिसकी वजह से लोग अपनी पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। लेकिन लाइब्रेरी सबसे अच्छा स्रोत है, वहां पर एक बार महीने में शुल्क देना पड़ता है और हमें महीने भर की आवाजाही की स्वीकृति मिल जाती है। वहां पर हम अपनी इच्छा अनुसार कोई भी पुस्तक पढ़ सकते हैं।

नहीं करना चाहिए पुस्तक का दुरुपयोग ;-

कई लोग पुस्तकों का दुरुपयोग करते हैं। वह सोचते हैं इसे जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकते हैं, परंतु यह गलत है। अगर यह किताब आपके पढ़ने के काम आ रही है, तो वही किताब किसी और के भी काम आ सकती है। इसीलिए आपको किसी भी किताब का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उसको सही सलामत लाइब्रेरी में वापस कर दे, और किताबों के पेजों को भी गंदा ना करें। जिससे किसी को पढ़ाई करने में दिक्कत न हो और हमें चाहिए कि लाइब्रेरी में हम शांतिपूर्वक पड़े। जिससे लोगों को भी परेशानी ना हो पढ़ाई करने में।

निष्कर्ष

हमारे भारत देश में बहुत ही अधिक लाइब्रेरी है और कोई ना कोई लाइब्रेरी हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है। पुस्तकों को अथवा लाइब्रेरी को कोई भी नुकसान ना पहुंचाएं। जिसकी वजह से किसी को भी परेशानी का सामना उठाना पड़ सकें। हर किसी को ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार है। हमें हमारे अधिकार का गलत फायदा नहीं उठाना चाहिए और हर तरह से सभी को सहयोग करें।

अंतिम शब्द  

हमने यहां पर “ पुस्तकालय पर निबंध ( Essay on Library in Hindi) ” शेयर किया है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह निबंध पसंद आया होगा, इसे आगे शेयर जरूर करें। आपको यह निबन्ध कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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