इंटरनेट की लत पर निबंध

Essay On Internet addiction In Hindi: इंटरनेट का उपयोग आज के समय में दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। लोगों को इंटरनेट का नशा होने लग गया है। मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से व्यक्ति रोजाना घंटो तक अपना टाइम पास कर सकता है। यहां इंटरनेट की लत पर निबंध शेयर कर रहे है।

Essay On Internet addiction In Hindi
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इंटरनेट की लत पर निबंध | Essay On Internet Addiction In Hindi

इंटरनेट की लत पर निबंध (200 शब्द)

जिस प्रकार से दिन प्रतिदिन टेक्नोलॉजी का विकास होता जा रहा है, उसी प्रकार के लोग भी कई बुरी आदतों के शिकार हो रहे हैं। जैसे मोबाइल की लत इंटरनेट की लत इत्यादि। इंटरनेट और मोबाइल का नशा लोगों के जीवन को पूरी तरह से कंट्रोल में कर रहा है। वर्तमान समय का व्यक्ति मोबाइल और इंटरनेट के बिना नहीं रह सकता और यदि व्यक्ति को मोबाइल और इंटरनेट के साथ बंद कमरे में बंद कर दिया जाए तो व्यक्ति आसानी से अपना समय व्यतीत कर सकता है।

लेकिन हद से अधिक मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करना कई बीमारियों को सामने लाता है। इंटरनेट की लत एक बुरी लत है और इससे छुटकारा पाना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। बिना इंटरनेट के मोबाइल लोगों के लिए व्यर्थ है। इंटरनेट का उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इंटरनेट के माध्यम से लोग हर प्रकार के कार्य करते हैं। वर्तमान समय में ज्यादातर कार्य इंटरनेट पर ऑनलाइन हो रहे हैं। लेकिन एक बात तो आपने अवश्य सुनी होगी कि जिस चीज का फायदा होता है, उस चीज के नुकसान भी होते हैं।

इंटरनेट का फायदा हमारे जीवन में काफी है। क्योंकि इंटरनेट के माध्यम से हम कहीं पर भी बैठे हर प्रकार की जानकारी ले सकते हैं और ऑनलाइन माध्यम से हर प्रकार का कार्य कर सकते हैं। लेकिन लाखों लोगों के लिए यह इंटरनेट नशा बन कर सामने आया है और वह लोग अब इंटरनेट के बिना नहीं रह सकते हैं।

इंटरनेट की लत पर निबंध (600 शब्द)

परिचय 

इंटरनेट की लत वास्तव में एक बीमारी है जो इंटरनेट का ज़रूरत से ज्यादा स्तेमाल करने पर किसी भी वर्ग-उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। असल में इंटरनेट तो एक काल्पनिक दुनिया है। हम वास्तविक दुनिया में रहते हैं पर इसकी लत लग जाने पर हम काल्पनिक तथा वास्तविक दुनिया में फ़र्क कर पाने में असर्मथ हो जाते है और यह समस्या हमारे जीवन में एक बीमारी का रूप ले लेती है।

इंटरनेट की लत या खतरे का संकेत

इंटरनेट की लत (एडिक्शन) काफी हद तक दूसरी बीमारियों की तरह ही है जैसे फेशबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि अन्य कई प्रकार की एप्लिकेशनो का रात-रात भर उपयोग करते रहना, जिससे ठीक तरह से नींद न हो पाने के कारण, हमें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़त सकता है। कच्ची उम्र में इंटरनेट का हद से ज्यादा उपयोग करने से बच्चों में इंटरनेट की लत के खतरे को और अधिक बढ़ा देती है जो कि बच्चों के मानसिक विकास के साथ शारीरिक विकास पर भी गहरा असर करती है।

मुख्य कारण  

फेशबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे बात करने के लिए इसी प्रकार अन्य कई एप्लिकेशन हैं, जिसके सहायता से जिस स्थान पर हम कभी जा भी नहीं सकते वहां के लोगों से विडिओ कॉल द्वारा फेश टु फेश अपनी भावनाएं साझा कर पाते हैं। लेकिन जितना ख़ूबसूरत यह पढ़ने में लगता है क्या वाकई यह इतना ख़ूबसूरत है?

ऑनलाइन बात करने के दौरान आपको नहीं पता कि उस तरफ का व्यक्ति आपसे कितना सच बोल रहा है। प्रोफाइल फोटो में उसके द्वारा लगाया गया फोटो उसका है भी या नहीं! इन्हीं सब बातों का फ़ायदा उठा कर साइबर अपराधी मासूम लोगों की भावनाओं के साथ खेलते हैं तथा अपने लाभ कमाने की इच्छा से पीड़ित को किसी भी हद तक हानि पहुंचा सकते हैं।

इंटरनेट से संबंधित वारदात (साइबर क्राइम)

साइबर क्राइम में कम्प्यूटर तथा इंटरनेट के मदद से अपराधी हैकिंग स्पामिंग (Hacking Spamming) जैसे गलत कार्य करता है। साइबर क्राइम में आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती हैं, पहचान को चुराया जा सकता है, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा बैंक के महत्वपूर्ण जानकारी की चोरी इनमें प्रमुख हैं।

साइबर क्राइम के प्रकार

  • हैकिंग– ऑनलाइन हैकिंग में अपराधी पीड़ित के अनुमति के बिना ही उसके संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी को प्राप्त करता है।
  • साइबर स्टाँकिंग– अपराधी साइबर स्टाँकिंग के माध्यम से पीड़ित को सोशल मीडिया के द्वारा संदेश भेज कर परेशान करता है। इसमें पीड़ित का निजी फोटो, जानकारी आदि प्राप्त कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है।
  • मैलेशियस सॉफ़्टवेयर– इसके माध्यम से साइबर अपराधी पीड़ित के सॉफ़्टवेयर में यह सॉफ़्टवेयर स्थापित (Install) कर देता है। मैलेशियस सॉफ़्टवेयर के मदद से किसी भी नेटवर्क को ख़राब किया जा सकता है। नेटवर्क में मौजूद डाटा व जानकारी को प्राप्त किया जा सकता है।
  • चोरी– ऑनलाइन चोरी के मामलें बढ़ते जा रहे हैं, इसमें अपराधी कॉपीराइट का उलंघन करता है। किसी भी मूवी, गाने, गेम्स या सॉफ़्टवेयर को डाउनलोड कर अपराधी लोगों को मुफ्त में बांट देता है। यह कानूनन जुर्म है।
  • पहचान चुराना (Identity theft) – इसमें अपराधी पीड़ित की व्यक्तिगत जानकारी जैसे- नाम, अकाउंट नंबर, ए.टी.एम नंबर आदि की चोरी कर उनसे धोखाधड़ी करके मोटी रक़म ले लेते हैं।
  • साइबर स्पाइंग– अपराध के इस प्रकार में पीड़ित के रूम, बाथरूम, होटल आदि से विडिओ रिकार्ड करके उसे ब्लैकमेल किया जाता है।

साइबर क्राइम के शिकार होने पर क्या करें?

किसी भी प्रकार के साइबर क्राइम का शिकार होने पर आप अपने निकटतम स्थानीय पुलिस स्टेशन में व इंटरनेट की सहायता से अपने राज्य के साइबर सेल में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 154 के तहत प्रत्येक पुलिस अधिकारी के लिए किसी अपराध की सूचना/शिकायत दर्ज करना अनिवार्य है, चाहे वह अपराध किसी भी क्षेत्राधिकार में हुआ हो।

 इंटरनेट की लत से कैसे अपने आप को बचाए?

देश-दुनिया से जुड़े रहने के लिए बेश्क इंटरनेट का इस्तेमाल करें। लेकिन हमने अक्सर पाया है कि आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से चोविसों घंटे इंटरनेट की लत से ग्रसित होता जा रहा है। इस समस्या से बचने के लिए आप रोजाना व्यायाम करें, अच्छी किताबे पढ़े और अपने परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं ताकी आपको इंटरनेट पर अंजान लोगों से बात करके और गूगल सर्च करके अपनी समस्या का समाधान न ढूँढना पड़े।

निष्कर्ष

इंटरनेट के शिकार हो रहे लोग दिन प्रतिदिन अपने आप को इस नशे का आदी बना रहे हैं जो कि यह एक ऐसा नशा है जिसका एक बार छक्का लगने के पश्चात इसे छोड़ना काफी मुश्किल हो जाता है। हालांकि इंटरनेट का उपयोग लोगों के लिए फायदेमंद है लेकिन हद से ज्यादा इंटरनेट का उपयोग करने से लोगों को इसकी लत लग जाती है।

अंतिम शब्द

हमने यहां पर “इंटरनेट की लत पर निबंध (Essay On Internet addiction In Hindi)” शेयर किया है उम्मीद करते हैं कि आपको यह निबंध पसंद आया होगा, इसे आगे शेयर जरूर करें। आपको यह निबंध कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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