बालिका शिक्षा पर निबंध

Essay on Girl Education in Hindi: नमस्कार दोस्तों, शिक्षा हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है। शिक्षा लड़का हो या लड़की सबके लिए अनिवार्य होती है। हमारी यह पोस्ट बालिका शिक्षा पर निबंध लेखन (Essay on Girl Education in Hindi) को लेकर है।

Essay on Girl Education in Hindi
Essay on Girl Education in Hindi

यह हिंदी निबंध कक्षा 1 से 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के लिए उपयोगी साबित होगा ही साथ में यह Hindi Nibandh उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होगा। अतः आप इस लड़कियों की शिक्षा पर निबंध (Girl Education Essay in Hindi) को अंतिम तक जरूर करें।

बालिका शिक्षा पर निबंध – Essay on Girl Education in Hindi

बालिका शिक्षा पर निबंध – 300 word

प्रस्तावना

देश मे शिक्षा को बढ़ावा देने व खासकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय एवं राज्य सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएँ चलाई जा रही है। भारत के संविधान मे इसके लिए एक अधिकार भी जोड़ा गया है जो कि शिक्षा के अधिकार के नाम से जाता है, जिसमे गांव व कस्बो के साथ बड़े शहरो मे भी शिक्षा व इससे से जुड़े कार्यो को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बालिका शिक्षा का महत्व

Balika Shiksha ka Mahatva: आज के समय मे देखा जाये तो लड़किया भी लड़को की तरह हर क्षेत्र मे अपना नाम कमा रही है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाली सावित्री बाई फुले से प्रेरणा लेकर हम बालिका शिक्षा महत्व दे सकते है। आज कई शिक्षित लड़किया देश मे Doctor, आई.ए.एस, इंजीनियर कई महत्वपूर्ण पदो पर अपनी सेवा दे रही है।

महिलाओं को अगर बेहतर शिक्षा दी जाती है तो महिलाएं देश के विकास मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगी। किसी भी देश के विकास मे महिलाओं और पुरूषों को शिक्षा के अवसर समान रूप से मिलना चाहिए।

बालिका शिक्षा के लाभ

देश के एक बेहतर भविष्य के लिए बालिका शिक्षा काफी महत्वपूर्ण है। बालिका शिक्षा के कुछ लाभ निम्नानुसार है। 

  • महिलाए देश के बेहतर भविष्य की एक महत्वपूर्ण नींव है। 
  • शिक्षित महिलाओं की वजह से देश में कन्या भ्रुण हत्या व बालिका अपराध जैसी घटनाओ मे कमी आ रही है। 
  • शिक्षित बालिकाओं की वजह से महिलाओं मे एच.आई.वी / एड्स जैसी बिमारियो मे कमी आ रही है। 
  • शिक्षित महिलाएँ घर के आय-व्यय को एक बेतहर ढ़ग से सम्भाल रही है। 

शिक्षित व अशिक्षित बालिकाओ मे अन्तर

  • शिक्षित और अशिक्षित महिलाओं के मध्य पहला अन्तर रहता है सोच का, शिक्षित महिलाएं की सोच ज्यादा प्रेक्ट्रिकल होती है। 
  • शिक्षित और अशिक्षित महिलाओं के मध्य व्यवहार का अन्तर।
  • शिक्षित और अशिक्षित महिलाओं मे फैसले लेने की सोच का अन्तर।

निष्कर्ष

किसी भी देश के सुधार के लिए शिक्षित लड़कियों को योगदान काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए लड़कियों को शिक्षा हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए, इसके लिए सरकार भी कई अलग अलग प्रोग्राम चला रही है ताकि बालिका शिक्षा का स्तर सुधारा जा सके।

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बालिका शिक्षा पर निबंध – 400 word

प्रस्तावना

शिक्षा सबके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है फिर चाहे वो महिला हो या पुरूष बिना शिक्षा के किसी का भी विकास सम्भव नही है। शिक्षा रंग भेद, जाति भेद, इत्यादी भेदभावो को राकने मे शिक्षा का काफी योगदान रहता है। शिक्षा बालिकाओं को अपने लिए एक बेहतर भविष्य चुनने मे मदद करती है।

एक शिक्षित महिला मे आत्मविश्वास, कौशल, सूचना, प्रतिभा इत्यादी की कोई कमी नही रहती। महिला और पुरूष एक सिक्के के दो पहलू है जो देश के विकास मे काफी मददगार रहते है, तो उन्हें विकास के अवसर भी समान रूप से दिये जाने चाहिए जिसमे शिक्षा एक महत्वपूर्ण है।

महिलाओं को अगर बेहतर शिक्षा दी जाती है तो महिलाएं देश के विकास मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगी। किसी भी देश के विकास मे महिलाओं और पुरूषों को शिक्षा के अवसर समान रूप से मिलना चाहिए।

लड़कियों की शिक्षा का महत्व (Importance of Girl Education)

देश मे शिक्षित लड़कियों का काफी महत्व है। एक शिक्षित लड़की देश के विकास मे अपना काफी महत्वपूर्ण योगदान निभाती है। एक शिक्षित महिला पुरुषों के घरेलू भार को कम करती हैं। एक शिक्षित महिला आज देश मे विभिन्न क्षेत्रों के जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, IAS, IPS में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा रही हैं। आज के आर्थिक संकट में शिक्षा लड़कियों के लिए एक वरदान साबित हो रही हैं। शिक्षा लड़कियों को आर्थिक रूप से स्वंत्र बनाती हैं।

बालिका शिक्षा के लाभ

आज के युग मे लड़कियों को दी जाने वाली शिक्षा का काफी महत्व हैं और इसके काफी सारे लाभ भी है जो निम्न हैं:

  • शिक्षित महिलाएं अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकती हैं।
  • एक शिक्षित महिला आर्थिक रूप से मजबूत बन कर देश मे गरीबी को कम करने में मदद कर सकती हैं।
  • शिक्षित महिला अपने बच्चो के टीकाकरण की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती हैं, जिससे बच्चो में होने वाली बीमारियों से बच्चो को बचाया जा सकता हैं।
  • शिक्षित महिला अपनी नॉलेज से अपने घर की कमाई में योगदान दे सकती हैं।

एक पुरूष को शिक्षित कर के देश के एक हिस्से को बेसक मजबूत किया जा सकता हैं परंतु एक महिला को शिक्षित कर के पूरे देश को एक मजबूत स्तिथि में लाया जा सकता हैं।

अशिक्षित बनाम शिक्षित महिला

एक शिक्षित महिला और एक अशिक्षित महिला में काफ़ी अंतर रहता हैं जो देश और समाज को बनने व बिगाड़ने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।

  • एक अशिक्षित महिला अपने घर के कार्यो मे उलझी रहती है, वही एक शिक्षित महिला एथलीट, रिपोर्टर, अधिकारी इत्यादी के रूप मे कार्य करती है। 
  • एक शिक्षित महिला अपने बच्चो के लिए बेहतर भविष्य के लिए उन्हे शिक्षित कर सकती है, वही अशिक्षित महिलाओं के लिए यह कम देखा जाता है। 
  • एक शिक्षित महिला व एक अशिक्षित महिला के मध्य सोच का काफी अन्तर रहता है।

नारी की महिमा

सभी रस भावों का संस्कार है नारी,
दया, ममता, करुणा का भंडार है नारी
काव्य रस का सार है नारी
जीवन का आधार है नारी।

सरस्वती तो कभी लक्ष्मी
अन्नपूर्णा तो कभी तुलसी के रूप में
हर घर की अभिलाषा हो तुम
करुणा, धर्य, शौर्य की परिभाषा हो तुम।

झांसी की रानी लक्ष्मी बाई बनकर तुमने
युद्ध की सेना में वीर रस का संचार किया
भक्ति रस में डूबी मीराबाई ने
निश्चल प्रेम भक्ति का प्रचार किया।

अंबे काली बनकर तुमने
रौद्र रूप में दुष्टों का संहार किया
यशोदा माता बनकर तुमने
वात्सल्य रस का श्रृंगार किया।

तुम साधना तुम वंदना
नित हो रहा नारी महिमा का बखान
वेद पुराण भी करते हैं
तुम्हारे शक्ति, ज्ञान,साहस का गुणगान।

नारी में ही समाई सृष्टि सारी
ना कहिए नारी को बेचारी
शत् शत् नमन तुमको
करते सब वंदना तुम्हारे
जय हो नारी – जय हो नारी।

निष्कर्ष

सरकार भारत मे महिला शिक्षा को बढावा देने के लिए काफी महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। हमारे समाज मे महिलाओं के योगदान को नजर अंदाज नही किया जा सकता है। इसलिए महिला शिक्षा को बढावा दिया जाना चाहिए और देश की हर बालिका को पढ़ने का समान अवसर दिया जाना चाहिए।

बालिका शिक्षा पर निबंध – 500 word

प्रस्तावना

महिलाओ की शिक्षा के बिना किसी भी देश के विकास की कल्पना करना नामुमकिन है। देश के विकास मे महिलाओं का काफी योगदान है। एक पुरूष को शिक्षित करने के से घर का सिर्फ एक सदस्य शिक्षित होता है परन्तु एक महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित होता है। किसी भी देश के विकास मे महिलाओं और पुरूषों को शिक्षा के अवसर समान रूप से मिलना चाहिए।

नारी शिक्षा का महत्व

एक सभ्य समाज का विकास उस देश की नारियों से ही सम्भव है। परिवार की छोटी छोटी ईकाई मिलकर एक परिवार का निर्माण करती है और उस परिवार का मुख्य बिन्दू महिला होती है। महिला और पुरूष एक सिक्के के दो पहलू है जो देश के विकास मे काफी मददगार रहते है, तो उन्हे विकास के अवसर भी समान रूप से दिये जाने चाहिए जिसमे शिक्षा एक महत्वपूर्ण है।

महिलाओं को अगर बेहतर शिक्षा दी जाती है तो महिलाएं देश के विकास मे अपना महत्वपूण योगदान दे सकेगी। किसी भी देश के विकास मे महिलाओं और पुरूषों को शिक्षा के अवसर समान रूप से मिलना चाहिए। आज हमारे देश मे करीबन 64.6 प्रतिशत शिक्षित नारीयां है। पूर्व मे नारियों की शिक्षा मे कमी का मुख्य कारण है उनकी गुलामी, जो लड़कियों को अंग्रेजी के भय के कारण घरा से बाहर तक नही निकलने देते थे। 

शिक्षित नारी बनाम अशिक्षित नारी

आज के समय मे हमारे समाज मे कई बार ऐसी स्थितियां बन जाती है कि हमे शिक्षित नारियां एवं अशिक्षित नारियो के बारे जानने की आवश्यकता पड़ जाती है। वेसे तो शिक्षित नारियां एवं अशिक्षित नारियों मे कोई अंतर नही है परन्तु फिर भी अगर शिक्षा की दृष्टि से देखा जाये तो इन दोनो मे काफी अंतर है जो की निम्न है। 

  • शिक्षित व अशिक्षित नारियों के मध्य सबसे पहला अंतर है सोच का, किसी भी मदभेद के मामले मे एक शिक्षित महिला ज्यादा प्रेट्रिकली सोच पायेगी और मसले को हल करने की भी कोशिश करेगी वही एक अशिक्षित नारी हो सकते है वा अपने जजबातो से कोई फैसला ले। 
  • दूसरा अंतर है आत्मनिर्भर बनने का: एक शिक्षित नारी अपने बेहतर भविष्य के लिए कुछ भी काम कर सकती है फिर चाहे वो किसी प्राईवेट क्षेत्र मे कोई काई हो किसी सरकारी क्षेत्र में। 
  • एक शिक्षित नारी अपने परिवार की जिम्मेदारी एक बेहतर ढ़ग से कर सकती है। 

महिला शिक्षा हेतु महत्वर्पूण सरकारी योजनाएँ

महिलाओं को एक बेहतर ढ़ग से शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाई जा रही है, जो निम्न है।

  • इंदिरा महिला योजना
  • सर्व शिक्षा अभियान
  • बालिका समृद्वि योजना।
  • राष्ट्रीय महिला कोष
  • महिला समृधि योजना
  • रोज़गार तथा आमदनी हेतु प्रशिक्षण केंद्र
  • महिलाओं तथा लड़कियों की प्रगति के लिए विभिन्न कार्यक्रम

महिला शिक्षा के लाभ

वैसे तो एक शिक्षित महिला के लाभ कई है परन्तु उनमे से कुछ लाभो के बारे मे हम आपको बता रहे है। 

  • महिलाएं देश के बेहतर भविष्य की एक महत्वपूर्ण नींव है। 
  • शिक्षित महिलाओं की वजह से देश में कन्या भ्रुण हत्या व बालिका अपराध जैसी घटनाओं मे कमी आ रही है। 
  • शिक्षित बालिकाओं की वजह से महिलाओं मे एच.आई.वी / एड्स जैसी बिमारियो मे कमी आ रही है। 
  • शिक्षित महिलाएँ घर के आय – व्यय को एक बेतहर ढ़ग से सम्भाल रही है। 

निष्कर्ष

शहरी तथा ग्रामीण ईलाको मे शिक्षा का स्तर इस समय मे काफी बदला है।  सरकार भारत मे महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काफी महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। हमारे समाज मे महिलाओ के योगदान को नजर अंदाज नही किया जा सकता है। इसलिए महिला शिक्षा को बढावा दिया जाना चाहिए और देश की हर बालिका को पढ़ने का समान अवसर दिया जाना चाहिए।

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बालिका शिक्षा पर निबंध – 600 word

 प्रस्तावना

”अथ शिक्षा प्रवश्यम:मातृमान पित्रमानाचार्यवान पुरुषो वेद:”अर्थात् जब् तीन उत्तम शिक्षक एक माता, दुसरा पिता, और तीसरा आचार्य हो तो तभी मनुष्य ज्ञानवान होगा। परन्तु आज के समय मे नारी शिक्षा के क्षेत्र मे काफी आगे निकल चुकी है। आज की नारी लगभग क्षेत्र मे अपनी एक अलग पहचान बना रही है फिर चाहे वो खेल और या व्यवसाय। एक नारी नेता होती, एक शिक्षक होती, एक डोक्टर होती है, एक इंजीनियर, एक वकीलए एक निदेशक इत्यादी होती है। 

बालिका शिक्षा की आवश्यकता

भारत के विकास के लिए बालिका शिक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि लड़कों से बेहतर काम लड़कियां भी कर सकती हैं। आज के समय में नारी शिक्षा देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और अनिवार्य है, इन्हीं से देश का भविष्य बेहतर बन सकता है। भारत को आर्थिक व सामाजिक रूप से विकसित होने के लिए बालिका शिक्षा एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

एक बालिका शिक्षित होगी तो उससे दो परिवारों का उत्थान होना निश्चित है। इन्हें शिक्षित करना समाज का दायित्व है। इन्हें बिना किसी भेदभाव से शिक्षित कर भारत के भविष्य को बेहतर बनाने में समाज को मदद चाहिए।

प्राचीन समय मे नारी का महत्व

प्राचीन काल मे नारियों को महत्व काफी था, महिलाएं पुरूषों संग यज्ञो मे भाग लेती थी, युधो मे जाती थी। प्राचीन समय के बाद धीर धीरे महिलाओं का स्थान पुरूषोे के बाद मे गिना जाने लगा। परन्तु आज के समय मे नारी शिक्षा को एक महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता जरूरी है। नारियो को निःशुल्क शिक्षा दी जाने लगी। 

नारी शिक्षा के उद्देश्य

एक देश के विकास के लिए नारी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना बेहद जरूरी होता है। आज के समय मे लगभग बड़े पदों पर नारियां अपनी सेवाएँ दे रही है। नारी शिक्षा के उद्देश्य मे कछ मुख्य बिन्दु निम्नानुसार है।

  • बालिकाओ को जीवन मे बेहतर ढ़ग के लिए मजबूत करना।
  • महिलाओं के कार्यक्षेत्र को बढ़ाना। 
  • महिलाओं की साक्षरता दर को बढ़ाना।
  • नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।

नारी शिक्षा के लाभ

एक नारी से पुरा परिवार शिक्षित होता है। वैसे तो नारी शिक्षा के कई लाभ है परन्तु उनमे से कुछ लड़कियों की शिक्षा के महत्वपूर्ण लाभो से हम आपको रूबरू करवाते है। 

  • जितनी महिलाएं शिक्षित होगी उतनी ही बाल मृत्यु दर कम होगी। 
  • अगर महिला शिक्षित होगी तो उस महिला के घरेलु व यौन शौषन की शिकार होने की सम्भावना कम होगी। 
  • शिक्षित महिला भष्ट्राचार को कम करती है। 
  • शिक्षित महिलाएं घर मे योगदान दे सकती है। 
  • शिक्षित महिलाएं स्वास्थ ज्यादा होती है और उनमे आत्मविश्वास ज्यादा होता है। 
  • एक महिला अगर खुद शिक्षित होती है व दूसरो को शिक्षित होने हेतु प्रेरित करती है। 
  • एक शिक्षित महिला सामाजिक कार्यो मे भाग ले सकती है और समाज को एक नई शिक्षा मे ले जाने के लिए प्रेरित करती है। 
  • शिक्षा एक महिला को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने मे मदद करती है। 
  • एक शिक्षित महिला समाज की बुराईया से लडने मे सक्षम होती है।

शिक्षित बनाम अशिक्षित महिलाएँ

आज के समय मे हमारे समाज मे कई बार ऐसी स्थिति या बन जाती है कि हमे शिक्षित नारियां एवं अशिक्षित नारियों के बारे जानने की आवश्यका पड़ जाती है। वेसे तो शिक्षित नारियां एवं अशिक्षित नारियों मे कोई अंतर नही है परन्तु फिर भी अगर शिक्षा की दृष्टि से देखा जाये तो इन दोनो मे काफी अंतर है जो की निम्न है। 

  • शिक्षित व अशिक्षित नारियों के मध्य सबसे पहला अंतर है सोचका, किसी भी मदभेद के मामले मे एक शिक्षित महिला ज्यादा प्रेट्रिकली सोच पायेगी और मसले को हल करने की भी कोशिश करेगी वही एक अशिक्षित नारी हो सकते है वा अपने जजबातो से कोई फैसला ले। 
  • दूसरा अंतर है आत्मनिर्भर बनने का। एक शिक्षित नारी अपने बेहतर भविष्य के लिए कुछ भी काम कर सकती है फिर चाहे वो किसी प्राईवेट क्षेत्र मे कोई काई हो किसी सरकारी क्षेत्र में। 
  • एक शिक्षित नारी अपने परिवार की जिम्मेदारी एक बेहतर ढ़ग से कर सकती है। 
  • एक शिक्षित महिला सामाजिक व घरेरू शौषण से खुद को बचा सकती है वही एक अशिक्षित महिला शायद इसका शिकार हो जाये।

निष्कर्ष

बालिका शिक्षा हमारे समाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है। बिना नारी शिक्षा किसी भी समाज सम्भव नही है। इस निबंध मे हमने महिला शिक्षा एवं साक्षरता के बारे मे जरूरी जानकारी बताने का पूर्ण प्रयास किया है।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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