भारत में लोकतंत्र पर निबंध

Essay on Democracy in India in Hindi: लोकतंत्र का नाम सुनते ही हमें सुरक्षा और स्वंत्रता की याद आती हैं। हमारा भारत देश एक लोकतंत्र देश हैं।

Essay on Democracy in India in Hindi
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हम यहां पर अलग-अलग शब्द सीमा में भारत में लोकतंत्र पर निबंध (Essay on Democracy in india in Hindi) शेयर कर रहे हैं। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होंगे।

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भारत में लोकतंत्र पर निबंध | Essay on Democracy in India in Hindi

भारत में लोकतंत्र पर निबंध (250 शब्द) 

हमारा देश एक लोकतान्त्रिक देश हैं। हमारा देश संविधान के अनुसार चलता है। देश के संविधान को हम महत्पूर्ण मानते है। यही संविधान हमें लोकतंत्र और स्वाधीनता के साथ अभियक्ति की आजादी देता हैं। हमारा देश जिस तरह से लोकतंत्र हैं, उस तरह से हम इस देश को महान मानते हैं।

हमारे देश के संविधान के भाग 3 में हमें हमारा संविधान कुछ अधिकार देता हैं। यह अधिकार हमारे देश के संविधान की महानता को दर्शाता है। इन अधिकारों में मुख्य रूप से अभियक्ति की आजादी, समानता का अधिकार, शिक्षा का इत्यादि शामिल हैं।

हमारे देश में लोकतंत्र में सबसे मुख्य रूप से चुनाव सबसे बड़ा और अच्छा भाग हैं। हमारा देश 1947 में आजाद हुआ था, परन्तु देश को लोकतंत्र की ओर ले जाने के लिए हमारे देश के लोगों के पहले से ही प्रयास शुरू कर दिए थे। परन्तु देश की आजादी के बाद देश में लोकतंत्र का गठन शुरू हो गया था। हमारा भारत देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश हैं। हमारे देश का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान लिखित हैं। यह संविधान ही हमें लोकतंत्र और स्वंत्र रूप से जीने की आजादी देता हैं।

किसी भी देश में शासन करने के लिए लोकतंत्र का होना जरुरी हैं। लोकतंत्रात्मक होने आशय इस बात हैं कि उस देश की सरकार चलाने वाले लोगों का चुनाव जनता द्वारा किया जाता हैं। हमारा देश भी एक लोकतान्त्रिक देश हैं, जहां सरकार का चुनाव देश की जनता द्वारा किया जाता हैं। हमें भी अपने देश और देश की लोकतंत्रात्मक प्रणाली पर गर्व हैं। जय हिन्द।

भारत में लोकतंत्र पर निबंध (800 शब्द) 

प्रस्तावना

भारत एक लोकतान्त्रिक देश हैं। देश के संविधान में लोकतंत्र की परिभाषा बताई गई हैं और इसके अलावा देश के सभी नागरिकों को समान राजनीतिक अधिकार देने की बात का उल्लेख हैं। देश का लोकतान्त्रिक होने का अर्थ केवल राजनीतिक अधिकार से ही नहीं हैं बल्कि इसमें और भी कई परिभाषायें और कई भेद आते हैं।

देश का लोकतान्त्रिक होने का अर्थ होना मतलब देश को चलाने वाले नेताओं का चुनाव देश के 18 साल के ऊपर के नागरिक करते हैं। लोकतंत्र को एक अच्छे शासन प्रणाली के रूप में जाना जाता हैं। लोकतंत्र हमारे देश के लोगों को बिना किसी धार्मिक और सामाजिक भेदभाव मतदान करने की अनुमति देता हैं। देश में वोट के आधार पर सत्ता का निर्धारण होता हैं। देश को जनता के हाथ में ही देश का भविष्य हैं।

लोकतंत्र की परिभाषा

लोकतंत्र की सामान्य परिभाषा के बारे में देखे तो यह दो मुख्य शब्दों से मिलकर बना है, जिसमे पहला शब्द हैं लोक जिसका सामान्य अर्थ देश की जनता हैं। दूसरा शब्द हैं प्रशासन जिसका अर्थ हैं किसी भी देश और क्षेत्र में शासन करना हैं।

भारत में भी लोकतंत्र को इसी सामान्य शब्द में समझा जाता हैं कि यहां की सरकार का चुनाव जनता ही करती हैं। यहां के किसी भी छोटे से नेता का भी चुनाव करना हो तो उसके लिए भी वोट होते हैं, जिसमें जनता बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती हैं। एक गाँव में वार्डपंच और सरपंच के चुनाव के लिए भी चुनाव आयोग द्वारा वोट करवाए जाते हैं।

देश में लोकतंत्र का काफी महत्त्व हैं। हमारा देश का संविधान हमें देश में लोकतंत्र के साथ जीने का अधिकार देता हैं। देश के संविधान में सबको समान अधिकार दिए है। देश की लोकतंत्र की मर्यादा बनाये रखने के लिए देश में न्यायपालिका भी हैं। देश में न्यायपालिका को संविधान का मुख्य अंग माना जाता हैं। लोकतंत्र के अधीन ही देश में न्यायपालिका और कार्यपालिका जैसे संविधान के पिलर काम करते हैं।

लोकतंत्र के मायने

किसी भी देश के लिए लोकतंत्र के अलग ही मायने हैं। एक देश का लोकतात्रिक होना, इससे यह आशय है कि उस देश की जनता ही उस देश की सरकार का चुनाव करती हैं और देश देश में अपनी चुनी हुई सरकार को प्रोत्साहित करती हैं।

हमारे देश ही एक लोकतान्त्रिक देश हैं और हमारे देश में देश की सरकार का निर्माण जनता द्वारा चुने गये जनप्रतिनिधि ही करते हैं। हमारे देश एक वार्डपंच से लेकर संसद तक का चुनाव देश की जनता करती हैं। हमारे भारत देश के संविधान में कई ऐसे आर्टिकल हैं, जो हमें देश में स्वंतत्र रूप से जीने के अधिकार देते हैं।

देश में लोकतान्त्रिक सरकार का चुनाव करना भी उन्ही अधिकारों का एक अंग हैं, जिसे हम हमारे देश में अपनी सरकार चुनते हैं और देश को चलाने के लिए उन्हें संसद और विधानसभा तक भेजते हैं।

लोकतंत्र के 5 सिद्धांत

हमारे देश का लोकतंत्र इन 5 सिद्धांतो पर काम करता हैं। यह वो 5 मुख्य सिद्धात हैं, जो हमारे देश के लोकतंत्र को मजबूती देते है। यह वो 5 सिद्धांत निम्न हैं:

  • संप्रभु: इसका मतलब भारत किसी भी विदेशी शक्ति के हस्तक्षेप या नियंत्रण से मुक्त है।
  • समाजवादी: इसका मतलब है कि सभी नागरिकों को सामाजिक और आर्थिक समानता प्रदान करना।
  • धर्मनिरपेक्षता: इसका अर्थ है किसी भी धर्म को अपनाने या सभी को अस्वीकार करने की आजादी।
  • लोकतांत्रिक: इसका मतलब है कि भारत सरकार अपने नागरिकों द्वारा चुनी जाती है।
  • गणराज्य: इसका मतलब यह है कि देश का प्रमुख एक वंशानुगत राजा या रानी नहीं है।

हमारा भारत देश आजादी के बाद ही एक लोकतान्त्रिक देश हैं। देश की लोकतांत्रिकता पर हमे गर्व हैं।

निष्कर्ष

मेरा देश एक लोकतान्त्रिक देश हैं। हमारे देश की जनता ही हमारे देश की सरकार चुनती हैं। हमरे देश का संविधान हमें लोकतान्त्रिक देश बनाने की आजादी देता हैं।

अंतिम शब्द  

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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