मेक इन इंडिया पर निबंध

Essay on Make In India in Hindi: यहां पर मेक इन इंडिया पर निबंध पर निबन्ध शेयर कर रहे है। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

Essay on Make in India in Hindi
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मेक इन इंडिया पर निबंध | Essay on Make in India in Hindi

मेक इन इंडिया पर निबंध (250 शब्द)

भारत में बढ़ते आत्मनिर्भर के इस प्रोग्राम के चलते देश में कई तरह के घरेलु उद्यमों और कामों का विकास हो रहा हैं। देश में बढ़ते घरेलु उद्योगों से भारत में कई नई-नई चीजों का विकास हो रहा हैं, जिससे हम यह कह सकते हैं कि देश में घरेलु उत्पादों में वृदि हो रही हैं।

देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए देश की सरकार भी अपने स्तर पर इन उद्योगों को गति देने के लिए कई योजनाओं के जरिये काम कर रही हैं। देश में कई नये-नये स्टार्टअप की शुरुआत हुई हैं, जिससे देश में बना समान देश में तो बिक ही रहा हैं, इसके साथ ही यह समान देश के बाहर विदेशों में भी जाता हैं।

हमारा राजस्थान में भी कई ऐसे प्रोडक्ट हैं, जो देश में निर्मित होते है और राज्य के बाहर देश और विदेश में भी जाते हैं। इन प्रोडक्ट ने राजस्थान की सोजत की मेहंदी सबसे प्रशिद्ध हैं। राजस्थान में बनी बिकाजी नमकीन भी काफी ज्यादा प्रशिद्ध हैं, जिसे देश और विदेश के लोग पसंद करते हैं।

हमारे देश की कंपनी Intex को हम कैसे भूल सकते हैं। यह कंपनी भारत में इलेक्ट्रॉनिक समान बनाती है। यह कंपनी हमारे देश ही कंपनी हैं, जो मोबाइल और इससे सम्बंधित समान बनती हैं और भारत के बार मेनुफक्टुरिंग करती हैं। देश के घरेलु उत्पादों का विकास करना और उन्हें बढ़ावा देना ही हमारा फर्ज है।

मेक इन इंडिया पर निबंध (800 शब्द)

प्रस्तावना

मेक इन इंडिया भारत के प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया एक अभियान है। देश में चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत देश में किसी भी जरूरत को पूरा करने के लिए विदेश से समान मांगने पर निर्भर ना रह कर देश के छोटे-छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए ताकि इससे देश की आर्थिक भी मजबूत हो और देश के छोटे-छोटे उद्योगों का उद्धार हो सके।

इस पहल का उदेश्य देश में बने प्रोडक्ट को ही देश में इतेमाल किया जाए और विदेशों पर निर्भर कम रहा जाए। देश में बने प्रोडक्ट को राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना हैं। इससे हमारे देश के छोटे उद्योगों को एक मंच मिलेगा। देश में बनने वाले प्रोडक्ट को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए यह एक अच्छा रामबाण साबित हो सकता हैं।

मेक इन इंडिया का अर्थ

मेक इन इंडिया का सामान्य अर्थ एक ऐसे कार्य से हैं जो हम देश के अधीन ही करते हैं। देश में छोटे-बड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रधानमंत्री ने इस पहल की शुरुआत की हैं। इस पहल से देश में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

देश में कई ऐसे उद्योगों हैं, जिनको आगे लाने की जरुरत हैं और देश में उनको एक नई पहचान देने की जरुरत हैं। हमारे देश में ऐसे कई उद्योग हैं, जिनके विकास के बारे में हमे सोचना चाहिए। देश के इन उद्योगों को बढ़ावा देना और प्रोत्सहान देना ही हमारा पहला फर्ज होना चाहिए।

देश में मेक इन इंडिया का अर्थ, देश में रोजगारो की उपब्धता करवाना हैं। इसके साथ ही देश में छोटे-बड़े उद्योगों का उद्धार करना भी इस पहल का उदेश्य हैं। भारत के इस पहल का पूरे देश में असर हैं, कई छोटे कारोबारी अब आगे आ रहे हैं और अपने काम को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर पंहुचा रहे हैं।

मेक इन इंडिया के लाभ

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात की पहल की है कि देश के छोटे-बड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए और किसी भी चीज़ के लिए विदेशों पर निर्भर कम निर्भर रहे और देश में बनी स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करें। मेक इन इंडिया प्रोग्राम चलाने के कुछ निम्न उदेश्य हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • मेक इन इंडिया प्रोग्राम से देश में स्वदेशी वस्तुओं का निर्माण होगा और उससे महंगाई घटेगी। अगर देश में बनी चीज़े हमारे देश में भी बिकेगी तो इससे छोटे कारोबारियों को प्रोत्सहान मिलेगा।
  • मेक इंडिया प्रोग्राम से देश में रोजगार की कमी भी नहीं रहेगी। देश में हर क्षेत्र में मेक इन इंडिया के तहत काम होगा तो इससे देश में रोजगार की भी कोई कमी नहीं रहेगी। देश में ऐसे प्रोग्राम को चलाना चाहिए ताकि देश को कुछ अच्छा मिले।
  • मेक इन इंडिया देश में विनिर्माण का हब बनेगा और देश को एक नई राह मिलेगी, जिससे देश के विकास में मदद मिलेगी।आज चीन और अमेरिका हमसे आगे क्यों हैं, इसका कारण हैं कि उनके देश में सब उन्ही चीजों का इस्तेमाल होता हैं जो वे खुद बनाते हैं। देश में बनी चीज़े देश के बाहर बेची जायेगी तो देश में विदेशी मुद्रा का भंडार भी बढेगा।
  • मेक इन इंडिया प्रोग्राम से देश की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और देश की जीडीपी में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे देश को फायदा होगा।
  • देश में स्थानीय रोजगार के अवसर ही बढ़ेगे और देश में तकनिकी का विकास होगा। जैसे-जैसे देश की जरुरत होती हैं, उसके हिसाब से तकनीकी में सुधार किया जाएगा और उसे देश के लिए बेहतर बनाया जाएगा।
  • मेक इन इंडिया से देश में विदेश निवेश की बढ़ोतरी होगी। देश में विदेशी निवेश बढ़ने से देश के आर्थिक हालत में सुधार आएगा। देश के हालातो में सुधार आएगा जो देश को विकासशील से विकसित देश की और ले जाएगा।

मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत देश के स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए।

निष्कर्ष

मेक इन इंडिया के तहत हमारा उद्देश्य यही होना चाहिए कि हमें देश के उन उद्योगों को बढ़ावा और प्रोत्सहान देना चाहिए जो देश के कौने-कौने में छुपे हैं। हमारा देश एक महान देश बनना चाहिए। 

अंतिम शब्द  

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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