चाणक्य नीति के विचार

Chanakya Niti Quotes In Hindi

Chanakya Niti Quotes In Hindi
Chanakya Niti Quotes In Hindi

Chanakya Niti Quotes In Hindi | चाणक्य नीति के विचार

अपमानित हो के जीने से अच्छा मरना है।
मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है,
लेकिन अपमान हर दिन
जीवन में दुःख लाता है। – चाणक्य

अहंकार उसी को होता है,
जिसे बिना मेहनत के सब कुछ मिल जाता है,
मेहनत से सुख प्राप्त करने वाला व्यक्ति,
दूसरों की मेहनत का भी सम्मान करता है।
– आचार्य चाणक्य

बुढ़ापे मे आपको रोटी
आपकी औलाद नहीं,
आपके दिए हुए
संस्कार ही खिलाएंगे.

“विद्या को चोर भी नहीं
चुरा सकता।” ~ आचार्य चाणक्य

जब आप किसी काम की शुरुआत करें,
तो असफलता से मत डरें और
उस काम को ना छोड़ें।
जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं
वो सबसे प्रसन्न होते हैं। – चाणक्य

प्रेम से भरी हुई आंखें,
श्रद्धा से झुका हुआ सिर,
सहयोग करते हुए हाथ,
सन्मार्ग पर चलते हुए पाँव
और सत्य से जुड़ी हुई जीभ,
ईश्वर की पसंदीदा चीजें है।
– आचार्य चाणक्य

“सबसे बड़ा गुरु मंत्र,
अपने राज किसी को भी मत बताओ।
ये तुम्हे खत्म कर देगा।” ~ आचार्य चाणक्य

***

अगर सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद
को जहरीला दिखाना चाहिए। – चाणक्य

Chanakya Niti Quotes In Hindi

अच्छे समय से ज्यादा,
अच्छे इंसान के साथ रिश्ता रखो,
अच्छा इंसान अच्छा समय ला सकता है,
अच्छा समय अच्छा इंसान नहीं ला सकता।
– आचार्य चाणक्य

कोई भी व्यक्ति अपने
कार्यो से महान होता है,
अपने जन्म से नहीं.

“आदमी अपने जन्म से नहीं
अपने कर्मों से महान होता है।”
~ आचार्य चाणक्य

यदि किसी का स्वभाव अच्छा है
तो उसे किसी और गुण की क्या जरूरत है ?
यदि आदमी के पास प्रसिद्धि है
तो भला उसे और किसी श्रृंगार
की क्या आवश्यकता है। – चाणक्य

हर नई शुरुआत थोड़ा डराती है,
पर याद रखो सफलता
मुश्किलों के पास ही नजर आती है।
– आचार्य चाणक्य

जब कार्यों की अधिकता हो,
तब उस कार्य को पहले करें,
जिससे अधिक फल प्राप्त होता है।

“एक समझदार आदमी को सारस
की तरह होश से काम लेना चाहिए
और जगह, वक्त और अपनी योग्यता
को समझते हुए अपने कार्य को सिद्ध करना चाहिए।”
~ आचार्य चाणक्य

कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो
आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों।
ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी।

चाणक्य खुश रहने का मतलब यह नहीं कि सब कुछ ठीक है,
बल्कि इसका मतलब यह है कि
अपने दुखों के ऊपर जीवन जीना सीख लिया है।
– आचार्य चाणक्य

दण्ड का डर नहीं होने से
लोग गलत कार्य करने लग जाते है.

“ईश्वर मूर्तियों में नहीं है।
आपकी भावनाएँ ही आपका ईश्वर है।
आत्मा आपका मंदिर है।”
~ आचार्य चाणक्य

सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है :
कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं.
ये आपको बर्वाद कर देगा। – चाणक्य

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जब जीवन के बारे में सोचो तब यह सदैव याद रखना कि,
पछतावा अतीत बदल नहीं सकता,
और चिंता भविष्य को सवार नहीं सकती,
एकाग्रता से किया गया परिश्रम ही
वास्तविक चमत्कार करता है।
– आचार्य चाणक्य

ईश्वर चित्र में नहीं चरित्र में बसता है,
अपनी आत्मा को मंदिर बनाओ!

“पुस्तकें एक मुर्ख आदमी के लिए वैसे ही हैं,
जैसे एक अंधे के लिए आइना।”
~ आचार्य चाणक्य

सेवक को तब परखें जब वह काम ना कर रहा हो,
रिश्तेदार को किसी कठिनाई में,
मित्र को संकट में,
और पत्नी को घोर विपत्ति में। – चाणक्य

भूखा पेट, खाली जेब और झूठा प्रेम
इंसान को जीवन में बहुत कुछ सीखा जाता है।
– आचार्य चाणक्य

“एक राजा की ताकत उसकी
शक्तिशाली भुजाओं में होती है।
ब्राह्मण की ताकत उसके आध्यात्मिक ज्ञान में
और एक औरत की ताक़त उसकी खूबसूरती,
यौवन और मधुर वाणी में होती है।”
~ आचार्य चाणक्य

वो जिसका ज्ञान बस किताबों तक सीमित है
और जिसका धन दूसरों के कब्ज़े मैं है,
वो ज़रुरत पड़ने पर ना अपना ज्ञान
प्रयोग कर सकता है ना धन। – चाणक्य

जिसने हर क्षण को महोत्सव बनाया हो,
जिसकी शिकायतें कम हो,
और जिसने हर छोटी उपलब्धि के लिए भी
ईश्वर का धन्यवाद किया हो,
ऐसे व्यक्ति को दुख का आभास बहुत ही कम होता है।
– आचार्य चाणक्य

एक राजा की ताकत उसकी शक्तिशाली भुजाओं में होती है।
ब्राह्मण की ताकत उसके आध्यात्मिक
ज्ञान में और एक औरत की ताक़त उसकी खूबसूरती,
यौवन और मधुर वाणी में होती है।

“आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है।
अर्थात दुष्ट व्यक्ति का कितना भी
सम्मान कर लें, वह सदा दुःख ही देता है।”
~ आचार्य चाणक्य

एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है
वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है
उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे।

बीस वर्ष की आयु में व्यक्ति का जो चेहरा रहता है,
वह प्रकृति की देन है,
तीस वर्ष की आयु का चेहरा जीवन के उतार-चढ़ाव की देन है,
लेकिन पच्चास वर्ष की आयु का चेहरा व्यक्ति की अपनी कमाई है।
– आचार्य चाणक्य

जो तुम्हारी बात को सुनते हुए इधर-उधर देखे,
उस आदमी पर कभी भी विश्वास न करे

जैसे ही भय आपके करीब आये,
उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये।

***

इच्छाएं मनुष्य को जीने नहीं देती,
और मनुष्य इच्छाओं को कभी मरने नहीं देता।
– आचार्य चाणक्य

अपमानित हो के जीने से अच्छा मरना है.
मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है,
लेकिन अपमान हर दिन जीवन में दुःख लाता है

जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं
उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता
और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है।

तुम समय को रोक नहीं सकते,
परंतु समय को बर्बाद न करना
सदैव तुम्हारे नियंत्रण में ही है।
– आचार्य चाणक्य

Chanakya Niti Quotes In Hindi

दूसरो की गलतियो से सीखो,
अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने पर,
तुम्हारी आयु कम पड़ जायेंगी..

“संकट में बुद्धि भी
काम नहीं आती है।”
~ आचार्य चाणक्य

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किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें
उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक
अंधे व्यक्ति के लिए आईना। – चाणक्य

सरल को कठिन बनाना आसान है,
परंतु कठिन को सरल बनाना मुश्किल,
और जो कठिन को सरल बनाना जानता है,
वह व्यक्ति विशेष है।
– आचार्य चाणक्य

“जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी
कार्ये में लगना चाहिए।”
~ आचार्य चाणक्य

एक अनपढ़ व्यक्ति का जीवन उसी तरह
से बेकार है जैसे की कुत्ते की पूँछ,
जो ना उसके पीछे का भाग ढकती है
ना ही उसे कीड़े-मकौडों के डंक से बचाती है।

जैसे एक बछड़ा हज़ारो गायों के झुंड मे
अपनी माँ के पीछे चलता है।
उसी प्रकार आदमी के अच्छे और
बुरे कर्म उसके पीछे चलते हैं।
– आचार्य चाणक्य

“कभी भी हमेशा व्यक्ति अपने कार्यों
से महान बनता है अपने जन्म से नहीं।”

“किसी भी कार्य में पल भर का
भी विलम्ब ना करें।”
~ आचार्य चाणक्य

“प्रेम में पड़कर व्यक्ति हमेशा गलत
निर्णय लेकर बाद में बर्बाद
होने के पश्चात, पछताता है।”

“दुर्बल के साथ संधि ना करें।”
~ आचार्य चाणक्य

“जिंदा रहने के लिए प्राणवायु के
पश्चात दूसरी सबसे जरूरी चीज है पैसा।”

“किसी विशेष प्रयोजन के लिए
ही शत्रु मित्र बनता है।”
~ आचार्य चाणक्य

****

क्रोध में बोला एक कठोर शब्द
इतना जहरीला हो सकता है कि
आपकी हजार प्यारी बातों को एक
मिनट में नष्ट कर सकता है।
– आचार्य चाणक्य

“तुम्हें तुम्हारे अच्छे काम का फल
अवश्य मिलता है
जिस प्रकार बछड़ा हजारों गाय में
अपनी मां को ढूंढ लेता है।”

“संधि करने वालों में तेज़ ही
संधि का होता है।” ~ आचार्य चाणक्य

सारस की तरह एक बुद्धिमान व्यक्ति को
अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए
और अपने उद्देश्य को स्थान की जानकारी,
समय और योग्यता के अनुसार
प्राप्त करना चाहिए। – चाणक्य

संतुलित दिमाग जैसी कोई सादगी नहीं है,
संतोष जैसा कोई सुख नहीं है,
लोभ जैसी कोई बीमारी नहीं है,
और दया जैसा कोई पुण्य नहीं है।
– आचार्य चाणक्य

Chanakya Niti Quotes In Hindi

“जो व्यक्ति शारीरिक शक्ति से दुर्बल
लेकिन मन की शक्ति से शक्तिशाली हो
उसे दुनिया का कोई ताकत नहीं हरा सकता।”

“कच्चा पात्र कच्चे पात्र से
टकराकर टूट जाता है।”
~ आचार्य चाणक्य

प्रेम और आस्था दोनों पर ही
किसी का जोर नहीं है,
ये मन जहाँ लग जाए वहीं पर
भगवान नज़र आता है।
– आचार्य चाणक्य

“जिस प्रकार दूध में मिलकर जल भी दूध बन जाता है
उसी प्रकार मूर्ख व्यक्ति भी
बुद्धिमान व्यक्ति के संगत में
रहकर बुद्धिमान बन सकता है।”

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“सबसे बड़ा गुरु मंत्र यह है
कि आप अपना राज किसी को ना बताएं
अन्यथा यह आपके बर्बादी
का कारण हो सकता है।”

“संधि और एकता होने पर
भी सतर्क रहें।” ~ आचार्य चाणक्य

जो गुजर गया उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए,
ना ही भविष्य के बारे में चिंतिंत होना चाहिए।
समझदार लोग केवल वर्तमान में ही जीते हैं।
– आचार्य चाणक्य

“बुद्धि से पैसा कमाया जा सकता है,
नामं की पैसे से बुद्धि कमाया जा सकता है।”

“शत्रुओं से अपने राज्य की
पूर्ण रक्षा करें।” ~ आचार्य चाणक्य

किसी को ज्ञान उतना ही दो
जितना वो समझ सके,
क्योंकि बाल्टी भरने के बाद
नल ना बंद करने से पानी व्यर्थ हो जाता है।
– आचार्य चाणक्य

चन्द्रगुप्त : किस्मत पहले ही लिखी जा चुकी है,
तो कोशिश करने से क्या मिलेगा !

“शिकारपरस्त राजा धर्म और अर्थ
दोनों को नष्ट कर लेता है।”
~ आचार्य चाणक्य

ये मत सोचो की प्यार और लगाव एक ही चीज है,
दोनों एक दूसरे के दुश्मन हैं,
ये लगाव ही है जो प्यार को खत्म कर देता है।
– आचार्य चाणक्य

चाणक्य : क्या पता किस्मत में लिखा
हो की कोशिश से ही मिलेगा !!
–चाणक्य

“भाग्य के विपरीत होने पर अच्छा कर्म
भी दु:खदायी हो जाता है।”
~ आचार्य चाणक्य

समझदारी की बाते सिर्फ दो ही लोग करते हैं,
एक वो जिनकी उम्र अधिक है और
दूसरे वो जिसने कम उम्र में बहुत सी ठोकरें खाई हैं।
– आचार्य चाणक्य

“शत्रु की बुरी आदतों को सुनकर
कानों को सुख मिलता है।”
~ आचार्य चाणक्य

कोई व्यक्ति अपने
कार्यों से महान होता है,
अपने जन्म से नहीं। – चाणक्य

जो हमारे दिल में रहता है,
वो दूर होके भी पास है।
लेकिन जो हमारे दिल में नहीं रहता,
वो पास होके भी दूर है।
– आचार्य चाणक्य

“चोर और राज कर्मचारियों से धन
की रक्षा करनी चाहिए।”
~ आचार्य चाणक्य

जो बुरे वक्त में आपको
आपकी कमिया गिनाने लग जाए
उससे ज्यादा मतलबी
इंसान कोई हो ही नहीं सकता।
– आचार्य चाणक्य

“जन्म-मरण में दुःख ही है।”
~ आचार्य चाणक्य

पहले पांच सालों में अपने बच्चे को बड़े प्यार से रखिये।
अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखिये।
जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ ए
क मित्र की तरह व्यवहार करिए।
आपके वयस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र हैं। – चाणक्य

जीवन और चुनौतियाँ हर किसी
के हिस्से में नहीं आतीं, क्योंकि
किस्मत भी किस्मत वालों को आजमाती है।
– आचार्य चाणक्य

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“जीवन में आगे बढ़ना है तो बहरे हो जाओ
क्योंकि अधिकतर लोगों कि बातें
मनोबल गिराने वाली होती है।” – चाणक्य

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“ये मत सोचो की प्यार और लगाव एक ही चीज है।
दोनों एक दूसरे के दुश्मन हैं।
ये लगाव ही है जो प्यार को खत्म कर देता है।”
~ आचार्य चाणक्य

गरीब धन की इच्छा करता है,
पशु बोलने योग्य होने की,
आदमी स्वर्ग की इच्छा करते हैं
और धार्मिक लोग मोक्ष की। – चाणक्य

जिस प्रकार एक सूखे पेड़ को अगर आग लगा दी जाये तो
वह पूरा जंगल जला देता है,
उसी प्रकार एक पापी पुत्र पुरे परिवार को बर्वाद कर देता है।
– आचार्य चाणक्य

“इंसान कहता है की टूटी
चीज़ मंदिर में नहीं रखनी चाहिए
फिर इंसान खुद टूटकर
क्यों मंदिर जाता है।” – चाणक्य

प्रेम पीपल का बीज है,
जहाँ संभावना नहीं,
वहाँ भी पनप जाता है।
– आचार्य चाणक्य

“अपनी गलती को स्वीकारना
झाड़ू लगाने के सामान है,
जो थोड़ा अजीब लगता है,
लेकिन स्वयं को चमकदार
और साफ़ कर देती है।”
– चाणक्य

“पृथ्वी सत्य पे टिकी हुई है।
ये सत्य की ही ताक़त है,
जिससे सूर्य चमकता है और हवा बहती है।
वास्तव में सभी चीज़ें सत्य पे टिकी हुई हैं।”
~ आचार्य चाणक्य

दौलत, दोस्त ,पत्नी और राज्य दोबारा
हासिल किये जा सकते हैं,
लेकिन ये शरीर दोबारा हासिल
नहीं किया जा सकता। – चाणक्य

Chanakya Niti Quotes In Hindi

आप कुछ भी चुनने के लिए अवश्य ही स्वतंत्र है,
परंतु जो आप चुनते हैं,
उसके परिणामों से कभी स्वतंत्र नहीं हो पाएंगे।
– आचार्य चाणक्य

“कभी किसी के सामने अपनी सफाई पेश
मत करना क्योकि जिसे तुम पर विश्वास है
उसे जरुरत नहीं और जिसे तुम पर विश्वास
नहीं वो मानेगा ही नहीं।” – चाणक्य

“फूलों की खुशबू हवा की दिशा में ही फैलती है,
लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई चारों
तरफ फैलती है।” ~ आचार्य चाणक्य

फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है।
लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई
हर दिशा में फैलती है। – चाणक्य

किस उम्र तक पढ़ा जाए
और किस उम्र से कमाया जाए,
ये शौक नहीं बल्कि हालात तय करते हैं।
– आचार्य चाणक्य

“रिश्ता, दोस्ती और प्रेम – उसी के साथ रखना,
जो तुम्हारी हंसी के पीछे का दर्द,
गुस्से के पीछे का प्यार और मौन
के पीछे की वजह समझ सके।” –चाणक्य

रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं है,
उसके लिए दिन भर ईमानदारी से जीना पड़ता है।
– आचार्य चाणक्य

“साथ रहकर जो छल करे उससे बड़ा कोई
शत्रु नहीं हो सकता और जो हमारे मुँह
पर हमारी बुराइयाँ बता दे उससे बड़ा
कोई मित्र नहीं हो सकता।” – चाणक्य

“जैसे एक सूखा पेड़ आग लगने पे
पुरे जंगल को जला देता है।
उसी प्रकार एक दुष्ट पुत्र पुरे
परिवार को खत्म कर देता है।”
~ आचार्य चाणक्य

व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है;
और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद
ही भुगतता है; और वह अकेले ही
नर्क या स्वर्ग जाता है। – चाणक्य

भाग्य उनका साथ देता है,
जो हर संकट का सामना करके भी
अपने लक्ष्य के प्रति द्रुढ़ रहते हैं।
– आचार्य चाणक्य

“बार बार आंसू साफ़ करने की वजह
अपनी जिंदगी से उसको ही साफ़
कर दो जिसकी वजह से
आपकी आँखों में आंसू आते है।” – चाणक्य

जिस आदमी से हमें काम लेना है,
उससे हमें वही बात करनी चाहिए जो
उसे अच्छी लगे। जैसे एक शिकारी हिरन
का शिकार करने से पहले
मधुर आवाज़ में गाता है। – चाणक्य

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असंभव शब्द का प्रयोग तो केवल कायर करते हैं,
बुद्धिमानी ज्ञानी व्यक्ति अपना रास्ता खुद बनाते हैं।
– आचार्य चाणक्य

“भगवान मूर्तियों में नहीं है.
आपकी अनुभूति आपका इश्वर है.
आत्मा आपका मंदिर है।” – चाणक्य

“वो व्यक्ति जो दूसरों के गुप्त दोषों के बारे
में बातें करते हैं, वे अपने आप को बांबी
में आवारा घूमने वाले साँपों की
तरह बर्बाद कर लेते हैं।” ~ आचार्य चाणक्य

जो अपने निश्चित कर्मों का त्याग करके,
और अनिश्चित की चिंता करता है,
उसका अनिश्चित लक्ष्य तो नष्ट होता ही है,
साथ में निश्चित भी नष्ट हो जाता है।
– आचार्य चाणक्य

“शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है.
एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है.
शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।”
– चाणक्य

“एक आदर्श पत्नी वो है
जो अपने पति की सुबह माँ की तरह सेवा
करे और दिन में एक बहन की तरह प्यार
करे और रात में एक वेश्या की तरह खुश करे।”
~ आचार्य चाणक्य

हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए,
ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए;
विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं। – चाणक्य

पंछी कभी अपने बच्चों को
भविष्य के लिए घोंसला बनाके नहीं देते,
वे तो बस उन्हें उड़ने की कला सिखाते हैं।
– आचार्य चाणक्य

“वो जो अपने परिवार से अति लगाव रखता है
भय और दुख में जीता है।
सभी दुखों का मुख्य कारण लगाव ही है,
इसलिए खुश रहने के लिए
लगाव का त्याग आवशयक है।” ~ आचार्य चाणक्य

उनसे सलाह कभी मत लेना जो उस पड़ाव पर है ही नहीं,
जहाँ तुम पहुँचना चाहते हो,
क्योंकि माता पिता व गुरु के अलावा,
ज्यादातर लोग आपको आपके मार्ग से
भटकाने का कार्य ही करते हैं।
– आचार्य चाणक्य

“फूलों की सुगंध केवल वायु
की दिशा में फैलती है.
लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई
हर दिशा में फैलती है।” – चाणक्य

सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने
जैसी दिखाई पड़ती है
अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य
पर अवश्य पड़ता है। – चाणक्य

*****

जो तुम मांगते हो उसके मिलते ही
उसका मूल्य कम हो जाता है,
और फिर से कुछ मांगने की इच्छा जगती है,
इसलिए मांगने के बजाय उस खजाने की तरह बढ़ो
जो तुम्हारे भीतर छुपा है।
– आचार्य चाणक्य

समस्या का समाधान इस बात पर निर्भर करता है,
कि आपका सलाहकार कौन है,
यह बहुत महत्वपूर्ण है,
क्योंकि दुर्योधन शकुनी से सलाह लेता था
और अर्जुन श्रीकृष्ण से।
– आचार्य चाणक्य

“सिंह भूखा होने पर भी
तिनका नहीं खाता।”
~ आचार्य चाणक्य

मन बड़ा चमत्कारि शब्द है,
इसके आगे ‘न’ लगने पर यह नमन हो जाता है,
और इसके पीछे ‘न’ लगने पर यह मनन हो जाता है,
इसलिए जीवन में नमन और मनन करते रहिए,
जीवन सफल ही नहीं बल्कि सार्थक भी हो जाएगा।
– आचार्य चाणक्य

शक्ल से ज्यादा अकल की जरूरत होती है
चाणक्य सुंदर नहीं थे
पर बहुत ज्यादा अकल मंद थे।

“अन्न के सिवाय कोई दूसरा
धन नहीं है।” ~ आचार्य चाणक्य

Chanakya Niti Quotes In Hindi

सांप के फन, मक्खी के मुख और
बिच्छु के डंक में ज़हर होता है;
पर दुष्ट व्यक्ति तो इससे भरा होता है। – चाणक्य

शांत होने की कोई तरकीब नहीं होती,
सिर्फ अशांत होने की तरकीबें होती है,
और अशांत होने की तरकीबें समझ में आ जाए
तो व्यक्ति शांत हो जाता है।
– आचार्य चाणक्य

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अगर आप एक बड़े पद पर हो तो किसी भी
इंसान को छोटा एवं तुच्छ बिल्कुल ना समझे
क्योंकि एक आम एवं छोटा व्यक्ति भी
एक बड़े राजा को बर्बाद कर सकता है।

“भूख के समान कोई
दूसरा शत्रु नहीं है।”
~ आचार्य चाणक्य

चींटी से मेहनत सीखो,
बगुले से तरकीब,
और मकड़ी से कारीगरी
और अपने विकास के लिए अंतिम समय तक
संघर्ष करो क्योंकि संघर्ष ही जीवन है।
– आचार्य चाणक्य

अगर आपको युद्ध एवं जीवन के किसी भी मोड़
पर विजय हासिल करना है
तो आपको अपने शत्रु पर एकदम से वार
ना करके धीरे-धीरे वार करने पर आपकी विजय निश्चित होगी।

“विद्या ही निर्धन का धन है।”
~ आचार्य चाणक्य

वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है,
उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है,
क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है।
इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए। – चाणक्य

आंख में पड़ा हुआ तिनका,
पैरों में जुभा हुआ काँटा,
और रुई में दबी हुई आग से भी भयानक है,
हृदय में छुपा हुआ कपट।
– आचार्य चाणक्य

हमेशा याद रखें एक व्यक्ति का कर्तव्य यह है
कि जिसने आपकी मदद की है
उसकी मदद आप बुरे वक्त में
जरूर करें यह आपका सबसे बड़ा कर्तव्य है।

“शत्रु के गुण को भी ग्रहण
करना चाहिए।” ~ आचार्य चाणक्य

आग में आग नहीं डालनी चाहिए।
अर्थात क्रोधी व्यक्ति को अधिक
क्रोध नहीं दिलाना चाहिए। – चाणक्य

आवश्यकता से अधिक ईर्ष्या,
आपके अंदर आत्मविश्वास
की कमी को झलकाती है।
– आचार्य चाणक्य

प्रेम एक बाधा है जो जिंदगी में कुछ
बड़ा करना चाहता है उस व्यक्ति के लिए

“अपने स्थान पर बने रहने से ही
मनुष्य पूजा जाता है।” ~ आचार्य चाणक्य

जीवन के लेखक बनो
और अपने मन के पाठक,
क्योंकि जितना अधिक खुद के बारे में ज्ञान अर्जित करोगे,
उतना ही कम तुम्हें दूसरों की राय पर निर्भर होना पड़ेगा।
– आचार्य चाणक्य

“सभी प्रकार के भय से बदनामी
का भय सबसे बड़ा होता है।” ~ आचार्य चाणक्य

शत्रु की दुर्बलता जानने तक उसे
अपना मित्र बनाए रखें। – चाणक्य

यादो का जीवन में बहुत बड़ा महत्व है,
क्योंकि कभी-कभी हम बीते दुख को याद करके हंसते हैं,
और कभी कभी हम बीते सुख को याद करके रोते हैं।
– आचार्य चाणक्य

“किसी लक्ष्य की सिद्धि में
कभी शत्रु का साथ ना करें।”
~ आचार्य चाणक्य

जैसे एक सूखा पेड़ आग लगने पे पुरे
जंगल को जला देता है।
उसी प्रकार एक दुष्ट पुत्र पुरे
परिवार को खत्म कर देता है। – चाणक्य

****

“आलसी का ना वर्तमान होता है,
ना भविष्य।” ~ आचार्य चाणक्य

हे बुद्धिमान लोगों,
अपना धन उन्ही को दो जो उसके योग्य हों
और किसी को नहीं,
बादलों के द्वारा लिया गया समुद्र का जल
हमेशा मीठा होता है।
– आचार्य चाणक्य

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“ढेकुली नीचे सिर झुकाकर ही कुँए से
जल निकालती है अर्थात कपटी या पापी
व्यक्ति सदैव मधुर वचन बोलकर
अपना काम निकालते हैं।” ~ आचार्य चाणक्य

“सत्य भी यदि अनुचित है
तो उसे नहीं कहना चाहिए।”
~ आचार्य चाणक्य

संकट में बुद्धि भी काम नहीं आती है।
– आचार्य चाणक्य

“समय का ध्यान नहीं रखने वाला व्यक्ति
अपने जीवन में निर्विघ्न नहीं रहता।”
~ आचार्य चाणक्य

झुकना बहुत अच्छी बात है
नम्रता की पहचान होती है,
मगर आत्मसम्मान को खोकर
झुकना खुद को खोने जैसा है।
– आचार्य चाणक्य

“दोषहीन कार्यों का होना
दुर्लभ होता है।” ~ आचार्य चाणक्य

एक संतुलित मन के बराबर कोई तपस्या नहीं है।
संतोष के बराबर कोई खुशी नहीं है।
लोभ के जैसी कोई बिमारी नहीं है।
दया के जैसा कोई सदाचार नहीं है।
– आचार्य चाणक्य

“चंचल चित वाले के कार्य कभी
समाप्त नहीं होते।” ~ आचार्य चाणक्य

Chanakya Niti Quotes In Hindi

“पहले निश्चय करिए,
फिर कार्य आरम्भ करें।”
~ आचार्य चाणक्य

जहा आदर नहीं वहाँ जाना मत,
जो सुनता नहीं उसे समझाना मत,
जो पचता नहीं उसे खाना मत,
और जो सत्य पर भी रूठे,
उसे मनाना मत।
– आचार्य चाणक्य

“भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।”
~ आचार्य चाणक्य

आग में आग नहीं डालनी चाहिए,
अर्थात क्रोधी व्यक्ति को
अधिक क्रोध नहीं दिलाना चाहिए।
– आचार्य चाणक्य

हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है,
ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे स्वार्थ ना हो,
यह कड़वा सच है।
– आचार्य चाणक्य

“अर्थ और धर्म, कर्म का आधार है।”
~ आचार्य चाणक्य

भगवान सभी को एक ही मिट्टी से बनाता है,
बस फर्क इतना सा ही है,
कोई बहार से खूबसूरत है
तो कोई भीतर से
– आचार्य चाणक्य

“शत्रु दण्ड नीति के ही योग्य है।”
~ आचार्य चाणक्य

“व्यसनी व्यक्ति कभी सफल
नहीं हो सकता।” ~ आचार्य चाणक्य

“अपने से अधिक शक्तिशाली और
समान बल वाले से शत्रुता ना करें।”
~ आचार्य चाणक्य

“शक्तिशाली शत्रु को कमजोर
समझकर ही उस पर आक्रमण करें।”
~ आचार्य चाणक्य

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“मंत्रणा को गुप्त रखने से ही
कार्य सिद्ध होता है।” ~ आचार्य चाणक्य

“योग्य सहायकों के बिना निर्णय
करना बड़ा कठिन होता है।”
~ आचार्य चाणक्य

“एक अकेला पहिया नहीं
चला करता।”
~ आचार्य चाणक्य

“अविनीत स्वामी के होने से तो
स्वामी का ना होना अच्छा है।”
~ आचार्य चाणक्य

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“जिसकी आत्मा संयमित होती है,
वही आत्मविजयी होता है।”
~ आचार्य चाणक्य

“धूर्त व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए
दूसरों की सेवा करते हैं।”
~ आचार्य चाणक्य

“दुष्ट स्त्री बुद्धिमान व्यक्ति के शरीर
को भी निर्बल बना देती है।”
~ आचार्य चाणक्य