अपनी गाँठ पैसा तो, पराया आसरा कैसा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अपनी गाँठ पैसा तो, पराया आसरा कैसा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Apanee gaanth paisa to, paraaya aasara kaisa Muhavara ka arth)

अपनी गाँठ पैसा तो, पराया आसरा कैसा मुहावरे का अर्थ – आदमी स्वयं समर्थ हो तो किसी दूसरे पर आश्रित क्यों रहेगा, जब हम ही किसी काम को करने में सक्षम हैं , तो दूसरे पर आशरित क्यो होना, ।

Apanee gaanth paisa to, paraaya aasara kaisa Muhavara ka arth – aadamee svayan samarth ho to kisee doosare par aashrit kyon rahega, jab ham hee kisee kaam ko karane mein saksham hain , to doosare par aasharit kyo hona.

दिए गए मुहावरे का हिंदी में वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: सीता पढ़ाई में इतनी तेज है कि उसे दूसरी शिक्षक की आवश्यकता नहीं है वह अपने दम पर ही अपनी कक्षा में अव्वल आ सकती है ऐसी परिस्थिति में ही कहा जाता है अपनी गांठ पैसा तो पराया आश्रय कैसा।

वाक्य प्रयोग: सोहन स्वयं इतना समर्थ है कि वह अपने दम पर बड़ा आदमी बन सकता है तो फिर वह किसी दूसरे पर आश्रित क्यों रहेगा ऐसी परिस्थिति में ही कहा जाता है अपनी गांठ पैसा तो पराया आश्रय कैसा।

वाक्य प्रयोग: सोहन ने अपने दम पर एक बड़ी सी कार खरीदी है उसे दूसरों से कोई भी कर्ज या लोन लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी ऐसी परिस्थिति में ही कहा जाता है कि अपनी गांठ पैसा तो पराया आश्रय कैसा।

वाक्य प्रयोग: जब कोई व्यक्ति किसी खास काम को करने में सक्षम होता है तब उसे दूसरे व्यक्ति से सहायता लेने या उस पर आश्रित रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती है और ऐसी परिस्थिति में कहा जाता है अपनी गांठ पैसा तो पराया आश्रय कैसा।

यहां हमने “अपनी गाँठ पैसा तो, पराया आसरा कैसा” जैसे बहुचर्चित मुहावरे का अर्थ और उसके वाक्य प्रयोग को समझा।अपनी गाँठ पैसा तो, पराया आसरा कैसा मुहावरे का अर्थ है कि यदि व्यक्ति स्वयं समर्थ हो किसी खास कार्य को करने के लिए तो उसे दूसरे व्यक्ति पर आश्रित नहीं रहना पड़ता है, वह कोई भी बड़ा सा बड़ा कार्य बड़े से बड़े कार्य को बड़े ही आसानी से कर लेता है उसे दूसरों की नाही सहायता की आवश्यकता पड़ती है ना ही दूसरों पर आश्रित रहने की तो ऐसी परिस्थिति में कहा जाता है अपनी गाँठ पैसा तो, पराया आसरा कैसा । चुकी यह मुहावरा है और मुहावरा और असामान्य अर्थ प्रकट करता है इसीलिए यहां इस मुहावरे का अर्थ दोहरा लाभ प्राप्त करने से हैं।

मुहावरे परीक्षाओं में मुख्य विषय के रूप में पूछे जाते हैं। एक शब्द के कई मुहावरे हो सकते हैं।यह जरूरी नहीं कि परीक्षा में यहाँ पहले दिये गए मुहावरे ही पूछा जाए। परीक्षा में सभी किसी का भी मुहावरे पूछा जा सकता है।

मुहावरे का अपना एक भाग है प्रत्येक पाठ्यक्रम में, छोटी और बड़ी कक्षाओं में मुहावरे पढ़ाया जाता है, कंठस्थ किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक मुख्य विषय के रूप में पूछा जाता है और महत्व दिया जाता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से मुहावरे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे का अपना-अपना भाग होता है। चाहे वह पेपर हिंदी में हो या अंग्रेजी में यहां तक कि संस्कृत में भी मुहावरे पूछे जाते हैं।

मुहावरे कोई बहुत कठिन विषय नहीं है। यदि इसे ध्यान से समझा जाए तो याद करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसे समझ समझ कर ही लिखा जा सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण मुहावरे और उनका वाक्य प्रयोग

अक्ल पर पत्थर पड़नाउड़ती चिड़िया के पंख गिनना
बड़ी बात होनाअपना घर समझना
आसमान सिर पर उठानाअक्ल चरने जाना

1000+ हिंदी मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का विशाल संग्रह 

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