अकबर-बीरबल की सभी मजेदार कहानियां

Akbar Birbal ki Kahani in Hindi: जहां पर भी चतुराई, हाजिर-जवाबी और बुद्धिमत्ता की बात आती है तो बीरबल का नाम जरूर लिया जाता है। बादशाह अकबर और बीरबल की जुगलबंदी के किस्से सभी जगह फैले हुए है। बादशाह अकबर के नवरत्नों में बीरबल को सबसे अनमोल रत्न के रूप में ख्याति प्राप्त है।

अकबर और बीरबल की कहानियां (Akbar Birbal Stories in Hindi) बहुत ही प्रसिद्ध है, जो हर किसी को गुदगुदाने के साथ ही बहुत बड़ी सीख दे जाती है। अकबर बीरबल की कहानियां हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। बादशाह अकबर के दरबार में कई बार ऐसे पेचीदा मामलों को बीरबल ने अपनी बुद्धिमत्ता और चतुराई के कारण बहुत ही आसानी से सुलझाया। इनके साथ ही बीरबल ने बादशाह अकबर के द्वारा दी गई सभी चुनौतियों को सम्मान के साथ स्वीकार करके, उनका हल भी आसानी से किया है।

Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

अकबर बीरबल की कहानियां (Akbar Birbal Story in Hindi) भले ही बहुत पुराने समय की हो, लेकिन फिर भी ये वर्तमान समय में अपना महत्व कायम रख रही है। आप अकबर और बीरबल की कहानियों से अपने बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत कर सकते हैं और साथ में यह भी सिखा सकते हैं कि किस प्रकार किसी भी समस्या का हल दिमाग का प्रयोग करके बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सकता है। आइये जानते है अकबर बीरबल की मजेदार कहानियां (Akbar Birbal ki Majedar Kahaniyan)।

अकबर और बीरबल की मजेदार कहानियाँ | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

विषय सूची

मुर्गी पहले आई या अंडा? | अकबर बीरबल की कहानी

मुर्गी पहले आई या अंडा? (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार बादशाह अकबर के राजदरबार में एक ज्ञानी पंडित आये। बादशाह अकबर से वह अपने कुछ प्रश्नों के उत्तर चाहते थे। लेकिन बादशाह अकबर पंडित के प्रश्नों के उत्तर देने में खुद को असक्षम महसूस कर रहे थे फिर बादशाह अकबर अपने दरबार के सलाहकार बीरबल को ज्ञानी पंडित के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए आदेश देते हैं। राज्य में बीरबल की चतुराई के किस्से बहुत प्रसिद्ध थे और सभी को उम्मीद थी कि बीरबल ज्ञानी पंडित के सभी प्रश्नों के उत्तर बहुत ही सरलता से दे सकते हैं।

आधा इनाम | अकबर बीरबल की कहानी

आधा इनाम (अकबर बीरबल की कहानी)

यह उस समय की बात है जब बादशाह अकबर की बीरबल से पहली बार मुलाकात हुई थी। तब के समय बीरबल का नाम महेश दास था। एक दिन बादशाह अकबर अपने राज्य के दौरे पर निकले तो उन्होने अपने राज्य में एक व्यक्ति की चतुराई को देख कर अत्यधिक प्रसन्न हुए। उन्होने अपने दरबार में उस व्यक्ति को आने के लिए कहा, साथ ही बादशाह ने अपनी एक अंगुठी दी।

बादशाह का सपना | अकबर बीरबल की कहानी

बादशाह का सपना (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात हैं, बादशाह अकबर रात्री भोजन के बाद सोने के लिए गये। बादशाह अकबर गहरी निंद्रा में चले जाते हैं, वह मध्य रात्री में एक अजीब सा सपना देखते हैं। इस सपने की वजह से बादशाह की नींद अचानक से खुल जाती है। बादशाह इस सपने का मतबल समझ नहीं पाते है, इसी परेशानी के कारण उन्हें पूरी रात नींद नहीं आई। सुबह बादशाह अपने दरबार में जाते हैं और वहां पर सभी को बादशाह बहुत परेशान नज़र आते हैं। बादशाह के चेहरे पर परेशानी साफ दिखाई दे रही थी।

समय बहुत अनमोल हैं | अकबर बीरबल की कहानी

समय बहुत अनमोल हैं (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार बादशाह अकबर अपने दरबार में बैठे थे। तभी बादशाह अकबर के मन में आया कि बीरबल की परीक्षा ली जाये। बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा “आप जाकर चार ऐसे व्यक्ति को ढ़ूढो जो इस राज्य का सबसे बड़े मुर्ख हो।

बीरबल ने कहा “जी! हुजुर।” इसके बाद बीरबल बादशाह अकबर के दरबार से चले जाते हैं और एक महीने के बाद बीरबल बादशाह अकबर के दरबार में दो लोगों के साथ दरबार में वापस आते हैं।

गलत आदतों का एहसास | अकबर बीरबल की कहानी

गलत आदतों का एहसास (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार बादशाह अकबर अपने दरबार में काफ़ी चिंतित नज़र आ रहे थे। तो दरबार के सभी मंत्री बादशाह अकबर से उनकी चिंता का कारण पूछते हैं। बादशाह अकबर ने कहा “मैं अपने शहजादे की एक ग़लत आदत से बहुत परेशान हूँ। शहजादे को अंगुठा चुसने की ग़लत आदत हैं। मैं अपने बेटे की इस ग़लत आदत को छुड़ाने के लिए कई नुस्खे आजमां चुँका हुँ। लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।” तो दरबार में बैठे मंत्रियों में से किसी ने बादशाह को एक फ़क़ीर के बारे में बताया। उस फ़क़ीर के पास हर तरह की बीमारी का इलाज़ था।

जैसा सवाल वैसा जवाब | अकबर बीरबल की कहानी

जैसा सवाल वैसा जवाब (अकबर बीरबल की कहानी)

बादशाह अकबर के अपने दरबार में बीरबल सबसे अधिक प्रिय था। जिसके कारण दरबार के सभी लोग बीरबल से ईर्ष्या करते थे। लेकिन बीरबल अपनी चतुराई से सभी को चुप करा देता था। बादशाह के दरबार में एक दरबारी था, जिसका नाम ख्वाजा साहेब था। ख्वाजा साहेब अपने आप को अत्यधिक बुद्धिमान मानते थे। बीरबल को ख्वाजा साहेब मुर्ख समझते थे। ख्वाजा साहेब बीरबल को बादशाह अकबर के सामने मुर्ख साबित करना चाहते थे।

सोने की बाली की खेती | अकबर बीरबल की कहानी

सोने की बाली की खेती (अकबर बीरबल की कहानी)

बादशाह अकबर के महल में बहुत ही कीमती एवं सजावटी वस्तुएँ रखी थी लेकिन बादशाह के दिल के सबसे करीब एक फूलदान था, जो उनका बहुत ही पसंदीदा था। एक सुबह की बात है जब सफ़ाई कर्मी से उस गुलदस्ते की सफ़ाई करते वक़्त उससे महाराज अकबर का पसंदीदा फूलदान टूट गया। लेकिन जब बादशाह अकबर अपने महल में टहलने के लिए निकले तो उन्होंने अपने पसंदीदा फूलदान को अपनी जगह पर ना पाकर अपने दरबारी से अपने पसंदीदा फूलदान के बारे में पूछा कि “यहाँ पर जो फूलदान पड़े थे, वो कहाँ है।”

संसार की सबसे बड़ी चीज | अकबर बीरबल की कहानी

संसार की सबसे बड़ी चीज (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात है। बादशाह अकबर के दरबार में एक दिन बीरबल उपस्थित नहीं थे। बीरबल को उपस्थित नहीं देख राज दरबार के सभी दरबारी बादशाह अकबर से बीरबल की बुराई कर रहे थे। सभी बादशाह अकबर को बीरबल के खिलाफ बोल रहे थे। बादशाह अकबर से सभी दरबारियों ने कहा “आप हमें भी मौके दे। आपने बीरबल को कुछ ज़्यादा ही मान दे दी।”

कौवों की संख्या | अकबर बीरबल की कहानी

कौवों की संख्या (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार बादशाह अकबर और बीरबल राजमहल के बगीचे में टहल रहे थे, उस दिन बहुत ही सुंदर मौसम था। बगीचे में कई तरह के फूल और एक तलाब थी। बगीचे में कई तरह के पक्षी भी चहक रहे थे। बादशाह अकबर और बीरबल को बगीचे में इन सारे नजारे को देखकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। बादशाह अकबर पक्षियों की आवाज़ को सुनकर उनके मन में एक सवाल आया। बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा कि “हमारे राज्य में कुल कितने कौवे होंगे।”

उम्र बढ़ाने वाला पेड़ | अकबर बीरबल की कहानी

उम्र बढ़ाने वाला पेड़ (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार की बात है। जब बादशाह अकबर अपने साम्राज्य की उन्नति और विकास के लिए पूरे देश में चचिर्त में थे। बादशाह अकबर के दरबार के नवरत्नों की तारीफ तो पूरे देश में हो रही थी। उसी समय तुर्कीस्तान के बादशाह को बादशाह अकबर की प्रसिद्धि से जलन हो रही थी। तुर्कीस्तान के बादशाह ने बादशाह अकबर को नीचा दिखाने के लिए एक योजना बनाई। तुर्कीस्तान के बादशाह ने अपने कुछ दूतों और सिपाहियों को एक संदेश पत्र देकर बादशाह अकबर के दरबार में भेजा।

असली मां कौन? | अकबर बीरबल की कहानी

असली मां कौन? (अकबर बीरबल की कहानी)

बहुत पुरानी बात है। एक राजा था, जिनका नाम शहंशाह अकबर था। एक दिन उनके दरबार में दो महिलाएँ रोते हुए पहुँची। उनके पास 1 साल का छोटा-सा सुंदर बच्चा था। दोनों महिलाएँ एक ही बच्चे के लिए एक-दूसरे से लड़ाई कर रही थी। एक महिला बोल रही थी “मैं इस बच्चे की असली मां हूँ।” तो दूसरी महिला भी बोल रही थी “मैं इस बच्चे की असली मां हूँ।”

बीरबल की स्वर्ग यात्रा | अकबर बीरबल की कहानी

बीरबल की स्वर्ग यात्रा (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात है। जब बादशाह अकबर नाई से अपने बाल और दाढ़ी बनवा रहे थे तो नाई बादशाह अकबर की तारीफ पर तारीफ कर रहा था। नाई ने पूछा “जहांपनाह! क्या आप स्वर्ग में रह रहे अपने रिस्तेदारो को याद करते हैं। क्या आपको उनका हालचाल पूछने का मन नहीं करता है।” नाई के इतना कहते ही बादशाह अकबर आश्चर्य से पूछते हैं “यह कैसे संभव है। आख़िर बिना मरे किसी इंसान को स्वर्ग में कैसे भेज सकते है?”

आम का पेड़ | अकबर बीरबल की कहानी

आम का पेड़ (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार बादशाह अकबर के दरबार में दो भाई राम और श्याम आये। आम के पेड़ का मालिक होने के लिए दोनों भाई आपस में लड़ रहे थे। राम ने कहा “बादशाह! मैंने आम का पेड़ लगाया है।” श्याम ने कहा “बादशाह! मैंने भी आम का पेड़ लगाया है। अब आम के पेड़ पर आम आ गया तो राम मेरे आम के पेड़ को छीनना चाहता है।” बादशाह अकबर के दरबार में भी दोनों भाई एक दूसरे लड़ने लगे। बादशाह अकबर को यह साबित करने का सुझाव भी नहीं मिला कि दोनों में से कौन आम के पेड़ का असली मालिक है।

रेत और चीनी | अकबर बीरबल की कहानी

रेत और चीनी (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात है। बादशाह अकबर, बीरबल और सभी मंत्री गण के साथ दरबार में बैठे हुए थे। दरबार में कार्रवाई चल रही थी, बादशाह अकबर राजकाज देख रहे थे। तभी दरबान ने सूचना दी कि एक दरबारी आपसे मिलना चाहता है और उसके हाथ में एक मर्तबान भी है। बादशाह अकबर थोड़ा सोचने लगे “आखिर ऐसा कौन व्यक्ति है जो मुझसे मिलने आया है और उसके हाथ में मर्तबान भी है। फिर उस मर्तबान में क्या होगा।”

आंखों वाले अंधे | अकबर बीरबल की कहानी

आंखों वाले अंधे (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात है। बादशाह अकबर और बीरबल किसी बात पर चर्चा कर रहे थे। तभी बादशाह अकबर ने कहा “बीरबल इस दुनिया में एक प्रतिशत व्यक्ति अंधा होता है।” बादशाह की यह बात सुनकर बीरबल ने उनकी बात पर सहमति ना जताते हुए कहा “महाराज मेरे हिसाब से आप कुछ ग़लत प्रतीत होते है। क्योंकि सही मायने में तो दुनिया में अंधों की संख्या देखने वालों के मुकाबले बहुत अधिक है।” बीरबल का यह जवाब सुनकर बादशाह अकबर को काफ़ी आश्चर्य हुआ।

बीरबल की खिचड़ी | अकबर बीरबल की कहानी

बीरबल की खिचड़ी (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार की बात है। ठंड के मौसम में बादशाह अकबर और बीरबल तालाब के पास घूम रहे थे। बादशाह अकबर ने अपनी ऊँगली तालाब के ठंडे पानी में डाल दी। तालाब का पानी इतना ठंडा पानी था कि बादशाह अकबर की ऊँगली जम गई। बादशाह अकबर ने कहा “मुझे नहीं लगता कि इस कठोर सर्दियों के मौसम में कोई भी व्यक्ति इस तालाब के ठंडे पानी में रात भर खड़ा रह सकेगा।”

बादशाह की अंगूठी | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

बादशाह की अंगूठी (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात है। बादशाह अकबर की अंगूठी खो जाती हैं। बादशाह बहुत परेशान हो जाते हैं। क्योंकि वह बादशाह की सबसे प्यारी अंगुठी थी। बादशाह के सेवक उस अंगूठी बहुत खोजते हैं, मगर वह अंगुठी नहीं मिलती हैं और बादशाह अब काफी चिंता करने लग जाते हैं। बीरबल ने बादशाह से उनकी परेशानी का कारण पूछा “महाराज! आपने अंगूठी कब ली? और कहां रखी थी?”

कुएँ का पानी बना समस्या | अकबर बीरबल की कहानी

कुएँ का पानी बना समस्या (अकबर बीरबल की कहानी)

बहुत पुरानी बात हैं। बादशाह अकबर के राज्य में एक किसान था, उस किसान ने अपने खेत के समीप एक कुएँ को किसी व्यापारी से खरीदा था। एक दिन किसान उस कुएँ का पानी अपनी खेत की सिंचाई के लिए लेना चाहता था तो उस व्यापारी ने उसे पानी लेने से मना कर दिया। जब उस किसान ने कहा “मैंने यह कुआँ आपसे खरीद लिया हैं तो मैं इस कुएँ का पानी का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता हूँ?”

ईरान से आया एक अनोखा उपहार | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

ईरान से आया एक अनोखा उपहार (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात हैं। सर्दियों का समय था। बादशाह अकबर के दरबार में ईरान के राजा ने एक दूत द्वारा बादशाह अकबर के लिए एक उपहार भेजा। यह उपहार एक मोम का बना शेर का पुतला था जो कि पिंजरे में बंद था। ईरान देश से आये हुए दूत ने कहा “ईरान के राजा ने संदेश भिजवाया हैं कि शेर को बिना पिंजरा खोले बाहर निकाल कर दिखाये।” बादशाह अकबर को यह बात सुनकर बहुत आश्चर्य हुआ।

बड़ी लकड़ी और छोटी लकड़ी | अकबर बीरबल की कहानी

बड़ी लकड़ी और छोटी लकड़ी (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार की बात हैं। बादशाह अकबर और बीरबल शाही बाग़ में घुम रहे थे, उस दिन बहुत ही सुहावना मौसम था। बादशाह अकबर को शाही बाग़ में एक बड़ा लकड़ी का टुकड़ा दिखाई पड़ा। बादशाह अकबर के मन में एक सवाल आया। बादशाह अकबर ने कहा “बीरबल! तुम उस लकड़ी के बड़े टुकड़े को उठाओं और इसे बिना काटे छोटा करके दिखाओं। बीरबल ने बादशाह की ओर देखा और मंद-मंद मुस्कुराते हुए सोचा कि “बादशाह अकबर मेरी बुद्धि की परीक्षा लेना चाहते हैं, इसलिए बादशाह अकबर ने मुझसे पहेली वाला सवाल पूछ रहे हैं।”

असली चोर कौन | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

असली चोर कौन (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात हैं। बादशाह अकबर के राज्य में एक व्यापारी था, जो कि बहुत ही धनी था। उसने अपने घर में 10 नौकरों को रखा हुआ था। एक दिन वह व्यापारी अपने किसी काम से दूसरे राज्य में जाता हैं और अपने घर की सारी जिम्मेदारी उस दस नौकरों पर छोड़ देता हैं। व्यापारी जब अपने घर आता हैं तो देखता हैं कि व्यापारी की तिजौरी खाली हैं। घर से बहुत सारे कीमती समान गायब हैं। व्यापारी नौकरों से सवाल करता हैं “जब घर में चोरी हो रही थी, उस समय तुमलोग कहा थे?”

सब की सोच एक जैसी | अकबर बीरबल की कहानी

सब की सोच एक जैसी (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय की बात है। राजा अकबर बहुत दिनों से किसी ख़ास विषय पर सोच विचार कर रहे थे। जब उस विषय पर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया, तो उन्होंने दरबार में बीरबल और सभी मंत्री गण को बुलाया। फिर राजा अकबर ने उस विषय पर राज दरबार में मौजूद सभी लोगों से उनकी राय मांगी। फिर दरबार में उपस्थित सभी मंत्री गणों ने अपनी-अपनी बुद्धि के हिसाब से जवाब दिया। राजा सबसे जवाब सुनकर अचंभित हुए कि “सभी का जवाब एक विषय पर एक दूसरे से बिल्कुल अलग था।”

एक जादू वाला गधा | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

एक जादू वाला गधा (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार की बात हैं। बादशाह अकबर ने अपनी पत्नी के लिए उपहार लेने की सोच रहे थे। जब बादशाह की पत्नी का जन्मदिन आया तो बादशाह ने अपनी पत्नी को एक खुबसूरत नौलखा का हार उपहार स्वरुप दिया। वह उपहार बादशाह की पत्नी को बहुत पसंद आया। फिर उनकी पत्नी ने वह नौलखा का हार पहन लिया। जब रात हुई, तो बादशाह की पत्नी ने नौलखा हार एक संदूक में रख दिया।

बादशाह अकबर और एक तोता | अकबर बीरबल की कहानी

बादशाह अकबर और एक तोता (अकबर बीरबल की कहानी)

शहंशाह अकबर बहुत दयालु राजा थे। उन्हे जानवरों से बहुत स्नेह था। एक बार की बात है, राजा अपने मंत्रियों के साथ बाजार भ्रमण पर निकले। वहां उन्होंने एक तोता बेचने वाले को देखा, जिसके पास बहुत प्यारा तोता था। वह बहुत ही शानदार तोता था, उसकी भाषा बहुत सभ्य थी। यह देख अकबर उस तोते पर मोहित हो उठे और उसे तुरंत ही खरीदने का निश्चय किया। तोते के मालिक को मुंह मांगी कीमत देकर राजा तोते को अपने महल में ले गए।

धोखेबाज काजी | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

धोखेबाज काजी (अकबर बीरबल की कहानी)

एक बार मुगल दरबार में बड़े ही गंभीर मुद्दे पर चर्चा हो रही थी। बादशाह अकबर अपने मंत्रियों से सलाह मशवरा कर रहे थे, तभी एक फरियादी किसान उनके दरबार में न्याय की आस लेकर पंहुचा। किसान “न्याय करें महाराज! न्याय करें, मुझ गरीब किसान के साथ धोखा हुआ है।” यह सुनकर बादशाह अकबर ने अपनी चर्चा स्थगित कर दी और किसान से बोले “तुम्हे न्याय अवश्य मिलेगा, हमें पूरी बात सही-सही बताओ।”

जितनी चादर हो उतना ही पैर पसारना | अकबर बीरबल की कहानी

जितनी चादर हो उतना ही पैर पसारना (अकबर बीरबल की कहानी)

बादशाह अकबर के दरबार में एक दिन बीरबल को आने में देर हो जाती हैं तो बादशाह अकबर के दरबार के अन्य दरबारी जो बीरबल से ईष्या रखते थे। बादशाह अकबर को बीरबल के खिलाफ बोलने लगते है। बादशाह अकबर आप बीरबल के चक्कर में फस गऐ हैं। बीरबल कोई चतुर नहीं है। बस वह आपको अपने बातों से उलझाया हुआ रखता है। बादशाह अकबर समझ गए “सभी दरबारियों को बीरबल की चतुराई से ईष्या है।”

दो गधों का बोझ | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

दो गधों का बोझ (अकबर बीरबल की कहानी)

एक दिन बादशाह अकबर और उनके पुत्र अपने राज्य में भेष बदल कर घूमने की योजना बनाई। लेकिन बादशाह अकबर और उनका पुत्र किसी को इस बात की जानकारी दिए बिना जाना चाहते थे। बादशाह अकबर ने सोचा कि क्यो ना अपने साथ बीरबल को भी ले चले। बादशाह अकबर ने बीरबल को बुलवाया। बीरबल तुरंत ही बादशाह अकबर के पास आ गए। बादशाह अकबर ने कहा “कल सुबह मैं और शहजादे भेष बदल कर राज्य घूमने को जाऐंगे। साथ में तुम्हे भी भेष बदल कर आना पड़ेगा।”

सबसे बड़ा शस्त्र | अकबर बीरबल की कहानी

सबसे बड़ा शस्त्र (अकबर बीरबल की कहानी)

बादशाह अकबर महान राजा होने के साथ-साथ बहुत ही मनोरंजक प्रवृति के व्यक्ति भी थे, अपने मंत्री और दरबारियों के साथ मसखरी करने के लिए अक्सर वे उनसे प्रश्न पूछा करते थे। प्रश्न भी सरल किंतु असाधारण होते थे। एक बार दरबार में बैठे-बैठे राजा अकबर के मस्तिष्क में एक प्रश्न उठा कि सबसे बड़ा शस्त्र क्या है? उन्होंने देर न करते हुए तुरंत अपने दरबारियों से पूछा “बताओ सबसे बड़ा शस्त्र क्या है?”

आधी धूप आधी छाँव | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

आधी धूप आधी छाँव (अकबर बीरबल की कहानी)

एक समय बात है। बादशाह अकबर को बीरबल की कोई बात बहुत ग़लत लगती हैं। तो बादशाह अकबर ने बीरबल को गुस्से में आकर राज्य से जाने का आदेश दे दिया। बादशाह अकबर के आदेश का पालन करते हुए, बीरबल राजदरबार से निकल जाता है। बीरबल बादशाह अकबर के राज्य को छोड़ कर दूसरे राज्य में चला जाता है। दूसरे राज्य में बीरबल अपनी पहचान बदल लेता है और एक ब्राह्मण के रूप में रहने लगता है। कुछ दिनों के बाद बादशाह अकबर का गुस्सा शांत होता है। बादशाह अकबर को बीरबल की याद आने लगती हैं।

दूज का चांद | अकबर बीरबल की कहानी

दूज का चांद (अकबर बीरबल की कहानी)

बीरबल को दूसरे देश की संस्कृति, दूसरे राज्य की संस्कृति आदि जानने में बहुत उत्सुकता रहती थी। इसलिए बीरबल इराक जाने के लिए काफी उत्सुक था। सुबह-सुबह बीरबल कुछ सिपाहियों के साथ इराक की ओर जाने के लिए निकला। बीरबल जब इराक पहुंचा, तो उसकी काफी आव-भगत हुई। इराक के बादशाह ने बीरबल से राजनीति को लेकर और बहुत सारी समस्याओं को लेकर काफी राय मांगी। बीरबल द्वारा दिए गए जवाब इराक के बादशाह को बहुत पसंद आया और वे उसके जवाब से सहमत थे।

सबसे खूबसूरत बच्चा | Akbar Birbal ki Kahani in Hindi

सबसे खूबसूरत बच्चा (अकबर बीरबल की कहानी)

बहुत समय पहले की बात है। राजा अकबर के घर एक सुंदर बच्चे का जन्म हुआ था। राजा अकबर अपने शहजादे से बहुत प्रेम करते थे। एक दिन उनके मन में यह विचार आया कि सहजादे को दुनिया का सबसे सुंदर बच्चा घोषित कर दिया जाए। राजा अकबर ने दरबार लगाया और दरबार में सभी मंत्री गण को बुलाया। राजा अकबर शहजादे के साथ दरबार में पहुंचते हैं, शहजादे उनकी गोद में खेल रहा था, जिसे देखकर दरबार में मौजूद हर कोई शहजादे की तरफ देख कर कह रहे थे।

अंतिम शब्द

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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