विक्रम बेताल की कहानियां

हमने बचपन में अकबर बीरबल, तेनालीरामा, पंचतंत्र की कथाएं ना जाने कितनी ही रोचक कहानियां सुनी है, उन्ही में से एक विक्रम बेताल की कहानियां (Vikram Betal ki Kahaniya) भी है। हमने विक्रम और बेताल की कई सारी कहानियां सुनी है और यह कहानियां “बेताल पच्चीसी” के नाम से जानी जाती है, जो 25 कथाओं के संग्रह का एक ग्रंथ है, जिसे प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक बेताल भट्ट ने रचा था।

कहा जाता है राजा विक्रमादित्य उज्जैनिय जिसे वर्तमान में उज्जैन के नाम से जाना जाता है, वहां के के राजा थे। उनके न्यायप्रियता और दानशिलता की चर्चा पूरे देश में होती थी। यही चर्चा सुनके एक दिन उनके दरबार में एक तांत्रिक आते हैं, जो राजा विक्रमादित्य को हर दिन एक फल देते हैं और उसे राज्यकोष में रखने के लिए कहते हैं।

Vikram Betal ki Kahaniya
Image: Vikram Betal ki Kahaniya

तांत्रिक प्रतिदिन राजा के दरबार में आते थे और हर दिन उन्हें फल देते थे और राज्यकोष में रखने के लिए कहते थे। लंबे समय तक ऐसा चलता ही रहा। लेकिन एक दिन राजा विक्रमादित्य को पता चला कि राज्यकोष में रखा गया सब फल कीमती रत्न में बदल चुका है।

इस बात का पता चलने के बाद उन्होंने उस तांत्रिक का बहुत ही अच्छे से स्वागत किया और उनसे कुछ मांगने के लिए कहा। तब तांत्रिक ने राजा विक्रमादित्य को ‘बेताल’ जो एक घने अंधेरी जंगल में पीपल के पेड़ पर लटकता हुआ पिचाश था, उसे लाने के लिए कहा। तांत्रिक के आज्ञा पर विक्रमादित्य घने जंगल के एक पीपल के पेड़ पर रहने वाले उस पिचाश बेताल को पकड़ने के लिए चले जाते हैं।

लेकिन बेताल विक्रमादित्य के साथ जाने के लिए मना कर देता है। लेकिन विक्रमादित्य ने तांत्रिक को वचन दिया था कि वे बेताल को लेकर ही आएंगे, इसलिए वे किसी भी कीमत पर बेताल को ले जाने का निर्णय ले लेते हैं। तब बेताल विक्रमादित्य को कहते हैं कि मैं तुम्हारे साथ जाने को तैयार हूं लेकिन सफर बहुत लंबा है और सफर के दौरान तुम्हें कुछ भी बोलना नहीं होगा।

विक्रमादित्य बेताल की बात मान जाते हैं, वह दोनों वहां से निकल जाते हैं। रास्ते में बेताल विक्रमादित्य को नए-नए कहानी सुनाता है। वह विक्रमादित्य को कहता है कि हर कहानी के अंत में, मैं तुम्हें एक सवाल पूछूंगा। तुमने उस सवाल का जवाब आते हुए भी जवाब नहीं दिया तो मैं तुम्हारे सर को काट दूंगा।

विक्रमादित्य बहुत ही बुद्धिमान राजा थे, इसलिए बेताल द्वारा हर कहानी के अंत में पूछे गए सभी सवालों का जवाब उन्हें आते है, इसीलिए वे जवाब दे देते हैं लेकिन शर्त के अनुसार उन्हें रास्ते में बिल्कुल भी नहीं बोलना था, जिसके कारण बेताल बार-बार वापस पेड़ पर जाकर लटक जाता था।

फिर विक्रमादित्य उसे वापस लाने के लिए जाते और रास्ते में फिर बेताल कहानी सुनाकर नया सवाल पूछ देता और फिर विक्रमादित्य द्वारा उसका जवाब देने पर वह वापस चला जाता। इस तरीके से यह सिलसिला चलते रहता है और अंत तक 25 कहानियां बेताल विक्रमादित्य को सुना देता है।

बेताल द्वारा सुनाई गई हर कहानी में विक्रमादित्य के न्याय शक्ती का परिचय होता है और उन कहानियों से अच्छी सीख भी मिलती है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर बेताल ने राजा विक्रमादित्य को कौन-कौन से 25 कहानियां (Vikram Betal Kahani) सुनाई थी।

विक्रम बेताल की कहानियां | Vikram Betal ki Kahaniya | Vikram Betal Story in Hindi

पापी कौन? – विक्रम बेताल की पहली कहानी

पति कौन? – विक्रम बेताल की दूसरी कहानी

पुण्य किसका? – विक्रम बेताल की तीसरी कहानी

ज्यादा पापी कौन? – विक्रम बेताल की चौथी कहानी

असली वर कौन? – विक्रम बेताल की पांचवी कहानी

पत्नी किसकी? – विक्रम बेताल की छठी कहानी

किसका पुण्य बड़ा? – विक्रम बेताल की सातवीं कहानी

सबसे बढ़कर कौन? – विक्रम बेताल की आठवीं कहानी

सर्वश्रेष्ठ वर कौन? – विक्रम बेताल की नवी कहानी

सबसे अधिक त्यागी कौन? – विक्रम बेताल की दसवीं कहानी

सबसे अधिक कोमल कौन? – विक्रम बेताल की ग्यारहवीं कहानी

दीवान की मृत्यु क्यूँ? – विक्रम बेताल की बारहवीं कहानी

अपराधी कौन? – विक्रम बेताल की तेरहवीं कहानी

चोर ज़ोर-ज़ोर से क्यों रोया और फिर हँसा? – विक्रम बेताल की चौदहवीं कहानी

क्या चोरी की गयी चीज़ पर चोर का अधिकार होता है – विक्रम बेताल की पंद्रहवीं कहानी

सबसे बड़ा काम किसने किया? – विक्रम बेताल की सोलहवीं कहानी

अधिक साहसी कौन? – विक्रम बेताल की सत्रहवीं कहानी

विद्या क्यों नष्ट हो गयी? – विक्रम बेताल की अठारहवीं कहानी

पिण्ड दान का अधिकारी कौन? – विक्रम बेताल की उनीसवीं कहानी

बालक क्यों हँसा? – विक्रम बेताल की बीसवीं कहानी

सबसे ज्यादा प्रेम में अंधा कौन था? – विक्रम बेताल की इक्कीसवीं कहानी

शेर बनाने का अपराध किसने किया? – विक्रम बेताल की बाईसवीं कहानी

योगी पहले क्यों रोया, फिर क्यों हँसा? – विक्रम बेताल की तेईसवीं कहानी

माँ-बेटी के बच्चों में क्या रिश्ता हुआ? – विक्रम बेताल की चौबीसवीं कहानी

विक्रम बेताल की अंतिम कहानी

निष्कर्ष

हमने यहाँ पर विक्रम बेताल की कहानियां शेयर की है। उम्मीद करते हैं आपको यह सभी कहानियां पसंद आई होगी, इसे आगे शेयर जरूर करें। आपको यह कहानियां कैसी लगी, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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