वृक्षारोपण पर निबंध

Vriksharopan par Nibandh:पर्यावरण को शुद्ध रखने और ताजी हवा खाने के लिए वृक्षारोपण बहुत ही जरूरी है। आज का आर्टिकल हमारा वृक्षारोपण पर निबंध से संबंधित है।आप भी वृक्षारोपण से संबंधित जानकारी हासिल करना चाहते हैं। तो इस आर्टिकल को अंत तक अवश्य पढ़ें।

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वृक्षारोपण पर निबंध | Vriksharopan par Nibandh

वृक्षारोपण पर निबंध (250 शब्द)

विभिन्न प्रयोजनों के लिए पौध को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को वृक्षारोपण है। इसके अलावा, वृक्षारोपण के पीछे कई कारण हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण हैं वानिकी, भूमि सुधार और भूनिर्माण। वृक्षारोपण की प्रत्येक प्रक्रिया अपने आप में महत्वपूर्ण और अनूठी है।

वृक्षारोपण का सबसे आम और ज्ञात उद्देश्य वानिकी है। पृथ्वी के पर्यावरण के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए वन बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, पहले वन पृथ्वी की सतह के एक बड़े हिस्से को कवर करने के लिए उपयोग करते थे। लेकिन, अब उद्योगों के कारण वनों की तेजी से कटौती और बंदोबस्त के लिए भूमि के कारण वनों की संख्या कम हो गई है।

इसके अलावा प्राकृतिक रूप से जंगल का विकास होता है। वनों की गति को तेज करने के लिए इसमें हमारा योगदान जरूरी है। साथ ही, यह वनों की कटाई के कारण होने वाले नुकसान से जंगल को उबरने में मदद करेगा। साथ ही हमारे सहयोग से वृक्षारोपण की गति को बढ़ाया जा सकता है।

हम इस प्रकार के वृक्षारोपण शहरों या शहरी क्षेत्रों में करते हैं। इनमें से अधिकांश क्षेत्रों में पेड़-पौधों का अभाव है। इसके अलावा, वृक्षारोपण इन क्षेत्रों को रहने लायक बनाता है। यह शहर के माहौल को और अधिक सुंदरता प्रदान करता है।

इसके अलावा, यह एक अच्छी भावना प्रदान करता है और जगह को रहने लायक बनाता है। यह आसपास को सुंदर बनाने का सबसे आसान तरीका है। सुधार के उद्देश्य से अक्सर हमारे घर के पार्कों, बगीचों, सड़कों के किनारे, सोसायटी और बगीचे में पेड़ लगाए जाते हैं।

वृक्षारोपण पर निबंध (800 शब्द)

प्रस्तावना

वृक्षारोपण का शाब्दिक अर्थ -वृक्ष लगाना और उनका प्रायोजन करना प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना मानव के जीवन को सुखी ,समृद्ध ,संतुलित बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यधिक आवश्यक हैं। मानव सभ्यता का उदय और का प्रथम आश्रय प्रकृति और वन ही रहे हैं। मानव को शुरूआत से प्रकृति से जो कुछ मिल रहा है उसकी निरंतर प्राप्ति के लिए वृक्षारोपण अत्यावश्यक हैं।

मानव तथा वृक्षों का संबंध

मानव सभ्यता के उदय के आरंभिक समय में मनुष्य वन तथा गुफाओं में ही निवास किया तथा पेड़ों की डालियों को काटकर उसे हथियार बनाकर जानवरों का शिकार करके अपना पेट भरता था।वह पेड़ की छाल को ही अपने वस्त्र के रूप में और पेड़ के पत्तों को अपने भोजनपत्र के रूप में उपयोग लेता था।

वृक्षों की महत्वता

मानव सभ्यता के विकास के साथ-साथ जब मनुष्य ने जंगलों को छोड़ा और झोपड़ी में रहने लगा तो उनके निर्माण के लिए भी वह पेड़ के पत्तों व डाली का ही उपयोग करता था। वर्तमान में कुर्सी ,खिड़की ,दरवाजे सभी मुख्यता लकड़ी से ही बनाए जाते हैं। पेडो से हमे कई प्रकार के फल, फूल ,औषधिया प्राप्त होती हैं। पेड़ों की वजह से ही वर्षा होती हैं। जिससे हमें जल मिलता हैं। वर्षा के लिए हमे वृक्षारोपण करना चाहिए।

वृक्ष और प्रदूषण

वर्तमान में नगरों तथा महानगरों में बहुत सारे उद्योग धंधो की संख्या बढी हैं इनसे धुआ तथा विषैली गैस इत्यादि निकलती हैं जो कि वायु को दूषित कर रही हैं। पेड़ -पौधे विषैली गैसों को रोक कर पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाता हैं। अतः धरती को प्रदूषण से रहित तथा यहां पर रहने वाले लोगों को सुखी व स्वस्थ रखना हैं तो हमें वृक्ष संरक्षण तथा वृक्षारोपण पर ध्यान देना पड़ेगा।

मनुष्य द्वारा पेड़ों की कटाई- मानव अपने आर्थिक लाभ के लिए पेड़ों की निरंतर कटाई कर रहा हैं जिसका दुष्परिणाम हमारे पर्यावरण पर पड़ रहा हैं। कटाई के परिणाम स्वरुप मनुष्य को बहुत सारी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा हैं। धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा हैं। बर्फीले पहाड़ों के भाग पिघल कर बिखर रहे हैं। निरंतर बाढ़ का खतरा बढ़ रहा हैं। पेड़ -पौधे प्रकृति की शान है इनके कारण ही मानव अभी तक पृथ्वी पर जीवित हैं।

वृक्षारोपण का महत्व

वृक्ष वातावरण को शुद्ध व स्वच्छ बनाते हैं। इनसे ही बारिश होती है जिस जगह ज्यादा पेड़ होते हैं वहा ज्यादा बारिश होती हैं। यह भूमि की उर्वरता को बढ़ाते हैं। वन हमे शीतल छाया और हवा देते हैं। पेड़ों हमें कई प्रकार की प्राकृतिक आपदा से बचाते हैं। पेड़ों से हमें फल ,फूल ,औषधिया मिलती हैं। पेड़ हमे कड़ी धूप में छांव तथा ठंडी हवा देते हैं। पेड़ों पर पक्षी घोंसला बनाकर रहते हैं।

यह कहना गलत नहीं होगा कि पेड़ हमारे मित्र हैं। मनुष्य का प्रारंभ भी प्रकृति और पेड़ पौधों से हुआ हैं। पेड़ ,पौधे और प्रकृति के बिना मनुष्य का जीवन संभव नहीं हैं। पेड़ों की जडे मिट्टी को कसकर पकड़े रखती हैं। पेड़ो के कारण ही उपजाऊ मिट्टी हवा के साथ नहीं उडती हैं।

यह मिट्टी के कटाव को रोकते हैं तथा इनके सूखे पत्ते जमीन पर गिरते जो कि बाद मे सड़कर खाद का काम करते हैं ये भूमि की उर्वरता बढाते हैं। हमें मानव के सूखी जीवन के लिए निरंतर पेड़ लगाते रहने चाहिए तथा पेड़ों का संरक्षण करना चाहिए। सचमुच पेड़ हमारे मित्र हैं और उनके बिना हमारा जीवन संभव नहीं हैं।

वृक्ष और मनुष्य

वृक्ष का सीधा संबंध मनुष्य के जीवन पर है। मनुष्य बिना वृक्ष वातावरण के जीवित नहीं रह सकता। क्योंकि वर्तमान में प्रदूषण की वजह से पर्यावरण में बहुत अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड है। इस कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करके वृक्षों द्वारा ऑक्सीजन को उत्सर्जित किया जाता है। ऑक्सीजन मनुष्य के श्वसन के लिए जरूरी गैस है। ऑक्सीजन के बिना मनुष्य का जीवित रहना संभव नहीं है।

इसके अलावा और क्य रोपण के कई और भी फायदे हैं। अन्य फायदों के रूप में अगर बात करें तो वृक्षारोपण की वजह से उगाए जाने वाले पेड़ पौधों की लकड़ी जिसे मनुष्य अपने घरेलू कामों के लिए उपयोग में लेता है तथा फर्नीचर के संपूर्ण कार्य वृक्षो पर ही निर्भर है।

निष्कर्ष

वृक्षारोपण से ऑक्सीजन की पूर्ति होती है। कई प्रकार के औषधि मैं भी वृक्षों के द्वारा उत्सर्जित पदार्थों को काम में लिया जाता है। वृक्षों का महत्व मनुष्य के जीवन में बहुत अधिक है। जन्म से लेकर मरण तक के सारे सफर में व्यक्ति को पेड़ पौधों की जरूरत पड़ती है। ऐसा कह सकते हैं, कि इंसान पूरी तरह से पेड़ पौधों पर निर्भर है। इसीलिए वृक्षारोपण जरूरी है और वृक्षारोपण द्वारा चलाए गए, अभियान में आप अपना पूरा सहयोग दें। देश की जनता को वृक्षारोपण से संबंधित जागरूक करना बहुत ही जरूरी है।

अंतिम शब्द

आज के आर्टिकल में हमने वृक्षारोपण पर निबंध (Vriksharopan par Nibandh) के बारे में जानकारी आप तक पहुंचाई है। हमें पूरी उम्मीद है, कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। यदि किसी व्यक्ति को इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सवाल है। तो वह हमें कमेंट में बता सकता है। हम आपके कमेंट का जवाब जल्द से जल्द देने का प्रयास करेंगे।

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