दो दोस्तों की दो कहानियां – Short Moral Stories About Friendship

नमस्कार दोस्तों, कहानियां हमें एक अलग दुनिया में ले जाती है जब हम कहानियों को पढ़ते हैं। कहानी जितनी छोटी होती है, उतनी ही वह Story मजेदार और प्रेरणादायक भी होती हैं। इसलिए आज हम आपके लिए दो ‘Short Moral Stories About Friendship’ लेकर आये हैं। जिसे आप बहुत कम समय में पढ़कर इन कहानियों का आनंद ले सकते हैं।

Short Moral Stories About Friendship

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तो आइये जानते हैं Very Short Story About Friendship in Hindi और इन Moral Stories in Hindi का आनंद लेते हैं।

दो दोस्तों की कहानी – Short Moral Stories About Friendship

दो दोस्त – Two Friends Story – Short Stories in Hindi on Friendship

एक गांव में Do Dost रहते थे। एक नाम हीरा और दूसरे का नाम मोती था। दोनों ही अच्छे मित्र थे। हीरा देख नहीं सकता था और मोती चल नहीं सकता था क्योंकि वह कुबड़ा था। दोनों ही लाचार होने के कारण नहीं तो चल पाते और न ही कहीं घुमने जा पाते। दोनों ही पूरा दिन साथ रहते और बातें किया करते।

दोनों दोस्त दिन भर वहां पर बैठे रहते और बातें करते। एक दिन हीरा ने मोती से कहा कि क्यों न हम गांव से बाहर कहीं घुमने जायें। इस गांव में तो हम पूरा दिन रहते ही हैं। यहां पर बैठे बैठे थक गए है। कहीं सेर कर आये। भगवान ने चाहा तो क्या पता कुछ हाथ लग जाये। जिससे हमारा भला हो जाये। तो मोती मान गया और दोनों मित्र गांव से निकल पड़े।

हीरा कुछ भी देख नहीं सकता था और मोती चल नहीं सकता था। तो हीरा ने मोती को अपने कंधे पर बिठा लिया। फिर मोती हीरा को रास्ता बताता और हीरा मोती के बताये रास्ते पर चलता और दोनों मित्र गांव से निकल पड़े। कुछ दूर जाने पर मोती को एक रस्सी दिखाई दी। तो मोती ने हीरा को उठाने को कहा और साथ लेने को कहा कि ये रस्सी हमारे आगे काम आएगी।

दो मित्र चलते चलते एक जंगल में आ गये और रात भी होने लगी। अब दोनों को रात बिताने को लेकर चिंता होने लगी। तभी मोती को उस जंगल में एक घर दिखाई दिया। वो रात बिताने के लिए उस मकान की ओर चल पड़े। वो मकान के अंदर गये तब उन्होंने देखा कि घर के अंदर एक राक्षस सो रहा है। तो डर कर मोती ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।

दरवाजा बजने से राक्षस की नींद खुल गई और उसने जोर से गरज कर पूछा “कौन है?”

इस पर मोती ने जवाब दिया “चिल्लाओ मत हम तुम्हारी मौत है। हम तुमसे भी बड़े राक्षस है। हम चाहे तो तुम्हे एक पल में मार सकते हैं।” ऐसा कहने से राक्षस डर गया और घबराकर पूछा कि ऐसा कोई सबूत है तुम्हारे पास जो यह साबित कर सके और उसने अपना सर से एक बाल तोड़कर दरवाजे की तरफ फेका। कहा ये मेरा बाल है इतना मोटा और लंबा। तुम भी अपना एक बाल तोड़कर दिखाओ। तो हीरा ने वो रस्सी जो रास्त्ते में मिली थी, उसे उसके सामने फेक दिया और कहा ये हमारा बाल है। राक्षस ये देखकर डर गया और घर के पीछे के दरवाजे से भाग गया।

फिर मोती ने बाहर से दरवाजा खोला और दोनों मित्र मकान के अन्दर पहुंचे। तभी उन्होंने देखा कि घर के एक कोने में हीरे-जवाहरात पड़े थे। उन दोनों ने उनकी एक गठरी में बांधा और वापस गांव की तरफ चल दिए।

रास्ते में दोनों एक पेड़ ने नीचे रूके और मोती ने कहा कि यह धन हम आधा-आधा कर लेते हैं। हीरा मान गया। फिर मोती ने दो ढेरियां बनाई। मोती ने जानबूझकर एक मोटी और एक छोटी ढेरी बनाई। क्योंकि मोती ने सोचा हीरा देख नहीं सकता तो मैं थोड़े ज्यादा हीरे-जवाहरात ले लूँगा। फिर हीरा को मोती ने कहा कि कोई एक ढेरी को चुने। तो हीरे ने बड़ी वाली पर हाथ रख दिया। तो मोती को शक हुआ कि ये सब देख सकता है, तभी इसने बड़ी वाली ढेरी पर हाथ रखा। उसको लगा कि हीरा अन्धा बनकर उसे बेवकूफ बना रहा है।

फिर मोती को गुस्सा आया और उसने बालू रेत इक्कठी करके हीरे के आंखों में रगड़ दी। बालू रेत के रगड़ने से मोतियाबिंद की झिल्ली उसकी पुतलियों से हट गई और उसे सब कुछ दिखाई देने लगा। हीरा ने दोनों ढेरियों को देखा तो उसको गुस्सा आ गया और उसने गुस्से से मोती के पीठ पर एक लात की मारी तो मोती का कुबड़ापन भी ठीक हो गया।

इसी तरह दोनों दोस्त ठीक हो गये। लेकिन मोती बहुत शर्मिंदा था। उसने अपने दोस्त हीरा के अंधेपन का फायदा उठाना चाहा था। मोती ने हीरा से माफ़ी मांगते हुए कहा कि अब दोनों दोस्त मेहनत करके पूरी ईमानदारी से अपना जीवन बिताएंगे।

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Story of Two Best Friends – Two Friends Story in Hindi

एक बार दो दोस्त एक बड़ा रेगिस्तान पार कर रहे थे। रास्ते में चलते-चलते उनका किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया और एक दोस्त ने गुस्से में आकर दुसरे दोस्त को थप्पड़ मार दिया। दूसरे दोस्त के यह बात दिल पर लग गई और उसने रेत पर एक लकड़ी से लिखा – “आज मेरा और मेरे दोस्त का एक छोटी सी बात झगड़ा हो गया तो मेरे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मार दिया।”

Short Moral Stories About Friendship

लेकिन रेगिस्तान होने कारण दोनों एक दूसरे से अलग नहीं हो सकते थे। तो दोनों ने यह तय किया कि बिना बात किये, जब वह मंजिल तक पहुँच जायेंगे तो झगड़ा सुलझा दिया जायेगा। आगे चलने पर एक झील आई तो दोनों ने तरोताजा होने के लिए नहाने का विचार किया। झील के दूसरे किनारे पर बहुत ज्यादा दलदल था। वह दोस्त जिसे चांटा मारा गया था। तैरते-तैरते उस दलदल में फंस गया और डूबने लगा।

बाहर खड़े दोस्त ने ये सब देखा तो वह अपने दोस्त को बचाने के लिए वहां गया और बहुत मेहनत के बाद उसे बचाकर बाहर निकाल लिया। जिस दोस्त को बचाया गया था, उसने झील के किनारे एक बड़े पत्थर पर लिखा कि “आज मुझे मेरे दोस्त ने मुझे डूबने से बचाया।”

दूसरे दोस्त ने ये सब देखकर पूछा कि जब मैंने तुम्हें थप्पड़ मारा तो तुमने रेत पर लिखा और जान बचाई तो तुमने पत्थर पर लिखा। तुमने ऐसा क्यों किया? तो दोस्त ने जवाब दिया “जब हमें कोई दुःख पहुंचाता है तो हमें उसे रेत पर लिखना चाहिए। क्योंकि जहां वक्त और माफ़ी की हवाएं उसे मिटा दें। लेकिन जब हमारे साथ कोई अच्छा व्यवहार करें तो उसे पत्थर पर लिखना चाहिए। जिसे कोई नहीं मिटा सकता।

शिक्षा – जीवन में कभी भी हमें बुरी घटनाओं को दिल पर नहीं लगाना चाहिए।

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हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह दो कहानियां “Short Moral Stories About Friendship” पसंद आई होगी। Friendship Moral Stories आगे शेयर जरूर करें इससे जुड़ा कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

धन्यवाद!

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