सच्ची दोस्ती पर बेहतरीन कहानियां – Heart Touching Story in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम यहां पर Heart Touching Story की True Friend Stories शेयर कर रहे हैं। इस Hindi Stories से आपको Importance of Friendship का पता चलेगा और आपको लाइफ में सच्चे दोस्त की कीमत का पता चलेगा कि जिन्दगी में सच्चा दोस्त होना कितना जरूरी है।

Heart Touching Story

About Friendship in Hindi: दोस्ती दिल का रिश्ता होता हैं, जो हमें कभी अकेला महसूस नहीं होने देता है और ये रिश्ता हमें एक अलग दुनिया में जीने की प्रेरणा देता है। दोस्ती दो या दो से अधिक लोगों के बीच में होने वाला ऐसा रिश्ता हैं जो हमेशा ही दिल से निभाया जाता है। हमें एक हँसते जीवन के लिए दोस्ती बहुत ही जरूर हैं। आज हम यहां पर आपको दोस्ती की कीमत एक व्यक्ति के जीवन में क्या होती है Short Story About Friendship With Moral के माध्यम से बतायेंगे।

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यहां पर हमने अलग-अलग Short Stories With Moral on Friendship शेयर की हैं। जो बहुत ही छोटी है, पर इनके पीछे सच्ची दोस्ती का महत्व छुपा है। आपको इसे पुरा जरूर पढ़ना चाहिए।

आइये जानते हैं Short Stories in Hindi About Friendship:

सच्ची दोस्ती पर बेहतरीन कहानियां – Heart Touching Story in Hindi

दो मित्रों की सच्ची मित्रता – Friendship Story With Moral, Best Friendship Story in Hindi

एक अस्पताल के कमरे में दो जाने भर्ती थे। जिसमें एक नाम सुरेश और दूसरे का नाम किशन था। अस्पताल के उस कमरे में जिसमें ये दोनों भर्ती थे, उसमें सिर्फ एक ही खिड़की थी। जो किशन कि बिस्तर के पास थी। लेकिन किशन को सिफ 2 घंटे के लिए ही बाहर देखने दिया जाता था।

सुरेश को कोई गंभीर बीमारी होने के कारण उसको अपने बिस्तर से हटने की अनुमति नहीं थी। फिर कुछ दिनों में किशन और सुरेश की दोस्ती होती गई। धीरे-धीरे दोनों की Friendship इतनी गहरी हो गई कि वो दोनों अपने घर परिवार की बातें भी साथ करने लगे और अपने दिल की भी बातें एक दूसरे को बताने लगे।

जब भी किसी को कोई दुःख होता तो वह दूसरे के साथ शेयर जरूर करता था। इससे उनका दर्द कम हो जाता और ख़ुश हो जाते थे। किशन हमेशा उस खिड़की के पास बैठा-बैठा सुरेश को बाहर का नजारा बोल कर बताता था और सुरेश खुश हो जाता।

Heart Touching Story

किशन हमेशा उसे बताता था कि आज बगीचे में लोग इतने घूम रहे हैं, मन्दिर में आज कोई आयोजन हो रहा है, पास के स्कूल में क्या हो रहा है और बाहर का मौसम कैसा हैं? इन सभी के बारे में किशन सुरेश को बताता था।

सुरेश अपने जीने की उम्मीद खोता जा रहा था। सुरेश ये सब सुन कर बहुत ही खुश हो जाता और अपनी बीमारी को वो धीरे-धीरे भूलने लगा। जब भी किशन उसे बाहर के नज़ारे के बारे में बताता तो वह हमेशा इतना खुश होता कि उसे लगता ही नहीं था कि वह सब सुन रहा है। उसे लगता कि वो ये सब नजारा देख रहा है।

किशन हमेशा ही सुरेश को सकारात्मक बातें ही बताता था। जिससे कि सुरेश पर अच्छा प्रभाव पड़े। नकारात्मक बातें नहीं बताता था, उससे सुरेश मायूस हो जाता था।

दोनों दोस्तों के बीच दोस्ती इतनी हो गई थी कि वो अपनी सभी बातें एक दूसरे को बताने लग गए थे। ये सिलसिला काफी दिनों तक चलता ही रहा। किशन सुरेश को बाहरी रंगीन दुनिया का नजारा बताता और सुरेश बहुत खुश होता।

एक दिन अचानक किशन मौत हो जाती है। इसकी खबर जब सुरेश को पड़ती है तो वह बहुत दुःखी होता है और उसे याद करने लगा। जब नर्स किशन को वहां से हटा रही थी तो सुरेश ने उस नर्स से उस खिड़की वाले बिस्तर के लिए अनुरोध करता है। तो नर्स ने कहा कि तुम्हे ये बिस्तर क्यों चाहिए।

तो सुरेश ने कहा कि मैं यहां से बाहर का नजारा देखना चाहता हूं जो मुझे किशन बताता था। लेकिन जब सुरेश उस खिड़की से देखता है तो वहां कुछ दिखाई ही नहीं देता था। क्योंकि वहां पर एक दीवार खड़ी की हुई थी।

वहां कोई मंदिर का आयोजन, पार्क में खेलते बच्चे और पास में कोई स्कूल था ही नहीं जो कुछ किशन सुरेश को बताता था वो कुछ वहां पर था ही नहीं। किशन वो सब सुरेश को इसलिए बताता था क्योंकि सुरेश वो सब सुनकर अपनी बीमारी को भूल रहा था। वो सिर्फ सुरेश की हिम्मत बढ़ता था और उसकी मरने वाली उम्मीद को कम करता था। जिससे तुम जिन्दगी जीने का महत्व सिख सको।

कहानी से सीख

इस Heart Touching Story से हमें ये सीख लेनी चाहिए कि हमेशा ऐसा काम करना चाहिए जिससे दूसरों को ख़ुशी मिले और जीने की नई उम्मीद जगे। कभी भी ऐसा अवसर नहीं छोड़ना चाहिए जिससे दूसरों का भला हो।

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सच्चा मित्र – Inspiring Stories About Friendship, Story on True Friendship

आज मैं आपको Just Friend और True Friend के बारे में Emotional Short Story in Hindi के माध्यम से बताने जा रहा हूं।

मैं होस्टल में मेरे दो और दोस्तों के रहता था। हम एक कमरे में तीन जने रहते थे। एक दिन मैं बहुत बीमार हो गया और उस दिन मुझे कुछ भी अच्छा महसूस नहीं हो रहा था। तो मैंने उस दिन अपनी क्लास में जाना cancel कर दिया और ये सोचा कि आज के दिन आराम करूंगा तो ठीक हो जाऊंगा। ये सोच के मैं उस दिन कमरे में ही आराम करने लगा।

फिर थोड़े समय बाद मेरा एक दोस्त आया। जो मेरे साथ मेरे रूम में रहता था। उसने मेरे से पूछा कि क्लास में क्यों नहीं गये? तो मैंने बता दिया कि बीमार हूं। तो उसने कहा कि आज के दिन आराम कर लो ठीक हो जाओगे। इतना कहने के बाद वो अपनी क्लास के लिए निकल गया।

फिर उसके बाद दूसरा मेरा दोस्त आया और उसने पूछा कि क्या हुआ? तो मैंने कहा थोडा बुखार है, बस आराम कर रहा हूं ठीक हो जायेगा। तो उसने मेरे माथे पर हाथ रखा और देखा कि मुझे तेज बुखार है। तो वह उसी समय दवाई की दुकान गया और मेरे लिए दवाई लेकर आया।

उसने मुझे खाना खिलाकर दवाई दी और आराम करने को कहा। मेरा बुखार दो दिन में ठीक हुआ तो मैंने उसका धन्यवाद दिया। तो उसने मेरे को कहा ”Anything For You” और एक सच्चे दोस्त को अपनी दोस्ती में ये ही करना चाहिए।

Heart Touching Story

सच्चे दोस्त वो होते हैं जो हमारे मुश्किल काम में हमारे काम आये। आप इसका हमेशा ध्यान रखे कि कौन अपना सच्चा दोस्त है और कौन आपसे सिर्फ दोस्ती ही रखना चाहता। इसका पता तो आपको तब लगेगा जब आप किसी मुश्किल काम में फंस गये हो और आपको अपने दोस्त की जरूरत पड़ती हैं। तभी जो सच्चे दोस्त होते हैं वो आगे आते।

यदि आपको सच्चा दोस्त मिले तो हमेशा उसके साथ रहे और आप भी उसके भी मुश्किल काम में काम आये। क्योंकि सच्चे दोस्त किस्मत वालों को ही मिलते हैं। इसलिए सच्चे दोस्तों की हमेशा कद्र करनी चाहिए। (Heart Touching Story)

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बचपन की दोस्ती – Friend Emotional Story in Hindi

रमेश और सुरेश बचपन से साथ में ही बड़े हुए। इन्होंने अपने सभी काम साथ में रहकर किये। साथ में ही स्कूल गये, एक क्लास में पढ़े, एक साथ ही कॉलेज जाते। इतना करते हुए उनकी पढाई पूरी हो गई और उनकी नौकरी करने का समय आ गया।

फिर दोनों ने आर्मी में जाने का निर्णय लिया और आर्मी के लिए आवेदन किया। दोनों का आर्मी में नम्बर लग गया और उनको ज्वाइन करने के लिए कहा गया। उन्होंने ज्वाइन किया तब भी उनको एक ही ग्रुप मिला और दोनों ने आर्मी की नौकरी करना शुरू हो गये।

एक बार वहां पर युद्ध का माहौल बन गया और युद्ध होना शुरू हो गया। रात का समय था चारों दिशाओं से गोलियों की बारिश हो रही थी। इस युद्ध में रमेश और सुरेश भी शामिल थे।

तभी काली रात में एक तरफ से जोर-जोर से आवाज आने लगी। रमेश कहां हो, मेरी मदद करो, मैं मुश्किल में हूं, मुझे मदद की जरूरत है? रमेश ने तुरंत ही सुरेश की आवाज को पहचान लिया और उसने रमेश की मदद करने की सोची। उसने अपने कैप्टन से सुरेश की मदद करने जाने के लिए इजाजत मांगी।

कैप्टन ने तुरंत मना कर दिया कि तुम वहां नहीं जाओगे। हमारी सेना के पहले ही काफी सैनिक मारे जा चुके हैं और मैं और सैनिकों को कम होने नहीं दूंगा। इतना सुनने के बाद रमेश शांत बैठ गया। फिर वहीं सुरेश की आवाजे सुनाई देती और रमेश अपने कैप्टन से इजाजत मांगता और इजाजत नहीं दी जाती। फिर अंत में रमेश ने कैप्टन से कहा कि सुरेश मेरा बचपन का दोस्त है और हम दोनों साथ में खेले है और साथ में ही बड़े हुए है। आज उसको मेरी जरूरत है और मैं यहां पर शांति से बैठा हूं। मुझे जाने दो। मुझे उसके पास जाना है और उसे बचाना है।

कैप्टन ने इतना सुनने के बाद रमेश को सुरेश के पास जाने की इजाजत दे दी। फिर रमेश उन गोलियों की बारिश में अपनी जान की चिंता किये बिना ही सुरेश के पास पहुंच गया और फिर वहां से सुरेश को घसीट कर सुरक्षित स्थान पर ले आया। वहां पर सभी सैनिक और कैप्टन मौजूद थे। जब वहां पर रमेश सुरेश को लेकर पहुंचा तो सुरेश की जान निकल चुकी थी। (Heart Touching Story)

फिर कैप्टन ने रमेश को जोर से चिल्लाते हुए कहा मैंने मना किया था ना कि वो मर चुका है। वहां पर जाकर अपनी जान जोखिम में मत डालो। तभी रमेश ने कहा जब मैं सुरेश के पास पहुंच तो वो जिन्दा था और मेरा ही इंतजार कर रहा था। सुरेश ने मुझे ये भी कहा कि मुझे पूरा भरोसा और विश्वास था कि तुम जरूर मुझे बचाने आओगे और तुम आ गये।

इस Heart Touching Story को पढ़कर आपको ये तो महसूस हो ही गया होगा कि रिश्ते कितनी मुश्किल से बनते है और एक बार बन जाए तो उसे किसी भी हालत में निभाना चाहिए चाहे उसके लिए अपनी जान ही क्यों नहीं देनी पड़े।

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पैसे से सबकुछ नहीं खरीद सकते – Emotional Motivational Story in Hindi

एक बार की बात है। दो दोस्त थे। जिनमें एक का नाम था अनिल और दूसरे का नाम सुनील। दोनों ही बचपन से ही आपस में बहुत प्यार करते थे। उनका पूरा बचपन साथ में खेलते-खेलते बीता। दोनों की बचपन की बहुत यादें साथ में थी। अनिल एक गरीब परिवार से था, जिसके कारण उसके घर में हमेशा पैसों की कमी रहती थी। इसलिए अनिल को पैसों का महत्व पता था। सुनील के पिता के पास बहुत पैसा था।

दोनों बड़े हो गये और दोनों ने पैसे कमाने के लिए अपना-अपना काम शुरू कर दिया। कहते हैं ना कि बचपन का समय बहुत ही अच्छा होता है और हर कोई इस समय को वापस लेना चाहता। इस समय को वापस से जीना चाहता है। लेकिन जब बड़े हो जाते है तो ये सब संभव नहीं हो पाता। सभी अपने अपने काम इतना व्यस्त हो जाते हैं कि किसी को मिलने का भी समय तक नहीं मिल पाता।

एक बार जब अनिल की तबियत बिगड़ गई और उसने काम पर जाना बंद कर दिया। अनिल ने घर पर ही आराम करने का सोचा और घर पर ही आराम करने लगा। तभी सुनील को इस बात का पता लगा कि अनिल की तबियत सहीं नहीं है। तो वह अनिल से मिलने के लिए सुनील के पास पहुंचा और उसे कुछ रूपये दिए और कहा कि इन पैसों से अपनी दवाई ले लेना। इतना कहकर वो वापस निकल गया। सुनील ने अनिल से उसके स्वास्थ्य का भी नहीं पूछा। इस बात का अनिल को बहुत दुःख हुआ।

कुछ दिनों बाद अनिल की तबियत सुधर गई और अनिल वापस अपने काम पर जाना शुरू हो गया। सब कुछ पहले जैसा हो गया। अनिल ने पैसा कमाकर सुनील को वापस लौटा दिये। लेकिन अनिल को बहुत दुःख था। धीरे-धीरे समय निकलता गया और वो अपने काम में लगे रहे।

एक दिन जब सुनील की तबियत में कुछ गड़बड़ हुई तो इसका पता अनिल को लगा। तो अनिल तुरंत अपने सभी काम छोड़कर सुनील के पास पहुंचा और उसकी तबियत पूछी। अनिल पूरा दिन सुनील के साथ रहा। उसे समय पर दवाई दी और उसका सही से ध्यान रखा। धीरे-धीरे सुनील के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। जब सुनील पूरी तरह से ठीक हो गया। फिर सुनील से मिलने के लिए अनिल पहुंचा तो सुनील शर्मिंदा था। क्योंकि जब अनिल बीमार था तो सुनील पैसे देकर वहां से निकल गया था और उसके स्वास्थ्य का भी नहीं पूछा था। लेकिन जब सुनील की तबियत बिगड़ी तो अनिल ने सुनील का पूरा ध्यान रखा।

सुनील ने अनिल से कहा कि तुमने तो पैसे वापस दे दिए। पर मैं ये तुम्हारा अहसान कैसे वापस चुकाऊंगा। उस दिन सुनील को भी ये पता चल गया कि हर जगह पर पैसा ही सब कुछ नहीं होता। पैसों से हर किसी को नहीं खरीदा जा सकता।

इतना सुनने के बाद अनिल ने सुनील को गले लगा दिया और कहा कि मैं यही चाहता था कि तुम्हें इस बात का अहसास हो कि हर जगह पर पैसा सबकुछ नहीं होता। ये अहसास आज तुम्हें हो गया।

मैं आज बहुत ही खुश हूं।

हमने यहां पर Small Story About Friendship के माध्यम से दोस्ती के महत्व को समझाया है। ये Emotional Story in Hindi छोटी है, लेकिन इनके पीछे बहुत महत्व है।

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आपको यह Heart Touching Short Stories कैसी लगी। Heart Touching Story अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

धन्यवाद!

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