क्षेत्रमिति की परिभाषा, सूत्र और उदाहरण

Mensuration in Hindi : विभिन्न प्रकार के आकार और उनका परिमाप, परिधि आयतन का क्षेत्रफल जानना बेहद आवश्यक है क्योंकि ना केवल रोजमर्रा के जीवन में बल्कि विभिन्न प्रकार के परीक्षाओं में भी क्षेत्रमिति गणित से प्रश्न अवश्य पूछे जाते है।

क्षेत्रमिति गणित का बेहद मास महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में हम अलग-अलग आकार को मापना सीखते है। क्षेत्रमिति के सवालों को हल करने के लिए आपको उसका फार्मूला जानना बेहद आवश्यक है, जिस वजह से क्षेत्रमिति के सभी फार्मूला उदाहरण सहित इस लेख में समझाएं गए है। 

Mensuration in Hindi
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बड़ी मुश्किल से हमें यह पता चला है की क्षेत्रमिति महत्वपूर्ण सवाल हर तरह की परीक्षा में अवश्य पूछे जाते हैं। इस वजह से आपको क्षेत्रमिति के सभी फार्मूला उदाहरण सहित पता होना चाहिए ताकि आप गणित के इस महत्वपूर्ण अध्याय से जुड़े सभी प्रकार के प्रश्नों का उत्तर दे सके। 

क्षेत्रमिति की परिभाषा, सूत्र और उदाहरण | Mensuration in Hindi

क्षेत्रमिति क्या है?

गणित में विभिन्न प्रकार के अध्याय है। एक महत्वपूर्ण अध्याय, जिसमें अलग-अलग प्रकार के आकार को मापने के लिए विभिन्न सूत्र का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे हम क्षेत्रमिति कहते है। गणित का यह अध्याय पूरी तरह से विभिन्न प्रकार के आकार के मापन पर आधारित है।

किस आकार को मापन की आवश्यकता है और क्षेत्रमिति में आप किस आकार के आयतन परिधि और परिमाप जैसे सवालों को हल करेंगे, इसे समझने के लिए कुछ आकार के साथ होने वाली प्रक्रिया सूत्रों में इस्तेमाल होने वाले शब्दों को परिभाषित किया गया है ताकि आप उनके कार्य को समझ सके हैं।

  • परिमाप या परिधि – चाहे दुनिया का कोई भी आकार हो वह अपने आसपास के क्षेत्र को अवश्य घेरेगा। किसी भी आकार के द्वारा कितने लंबे चौड़े क्षेत्र को घेरा गया है, उसे परिमाप कहा जाता है। 
  • आयतन – किसी भी आकार के अंदर आप कितना क्षेत्र देख रहे हैं या किसी भी आकार के द्वारा उसके अंदर कितनी मात्रा में किसी चीज को जमा किया जा सकता है, उसे हम उसका आयतन कहते है।  
  • क्षेत्रफल – किसी भी आकृति के द्वारा कितना जगह छेका जा रहा है या एक आकृति को चारों तरफ से बंद कर दिया जाए तो कितना क्षेत्र उसका होगा उसे छेत्रफल कहा जाता है। 

अगर ऊपर बताई गई इन आवश्यक बिंदुओं को आप समझते हैं, तो विभिन्न आकृति के द्वारा कितना आयतन परिमाप या क्षेत्रफल बनेगा यह जानना बेहद आवश्यक है। जिसके लिए विभिन्न आकृतियों की सूची सूत्र और उदाहरण सहित प्रस्तुत की गई है। 

क्षेत्रमिति के सभी फार्मूला उदाहरण सहित

क्षेत्रमिति में विभिन्न प्रकार के आकार आते हैं और हर आकार का अलग-अलग सूत्र होता है। सवालों को हल करने के लिए आपको उन सभी सूत्रों की जानकारी होनी चाहिए, जिसके लिए नीचे बताई गई सूची को ध्यानपूर्वक पढ़ें। 

वर्ग क्षेत्रमिति का फार्मूला

  • वर्ग का क्षेत्रफल = ½ × (विकर्णो का गुणनफल) = ½ × d2
  • वर्ग का विकर्ण = एक भुजा × √2 = a × √2
  • वर्ग का विकर्ण = √2 × वर्ग का क्षेत्रफल
  • वर्ग की परिमाप = 4 × a
  • वर्ग का क्षेत्रफल = (भुजा × भुजा) = a²
  • एवं भुजा = √ क्षेत्रफल

उदाहरण –  अगर किसी वर्ग की एक भुजा की लंबाई 2 cm है तो उसका परिमाप, क्षेत्रफल, और विकर्ण क्या होगा?

हम यह जानते हैं कि वर्ग की सभी भुजाएं एक समान होती है, जिसे हम a से संबोधित करते हैं और ऊपर पूछे गए सवाल के अनुसार a = 2 cm होता है। 

वर्ग का परिमाप = 4 X 2 = 8cm

वर्ग का क्षेत्रफल = 2 X 2 = 4cm

वर्ग का विकर्ण = 2 X √2 = 2√2 cm या √2X4 = 4√2cm

आयतन क्षेत्रमिति का सूत्र

  • आयत का विकर्ण =√(लंबाई² + चौड़ाई²)
  • आयत का क्षेत्रफल = लंबाई ×चौड़ाई
  • आयत का परिमाप = 2(लम्बाई + चौड़ाई)

उदाहरण – अगर की आयत की लंबाई 2 cm है और चौड़ाई 4 cm है तो उसका आयतन विकर्ण, क्षेत्रफल और परिमाप क्या होगा?

L = 2 cm और B = 4 cm

आयत का विकर्ण = √(l^2 + b^2) = √(4 + 16) = √20 cm

आयत का क्षेत्रफल = L X B = 2 X 4 = 8 cm^2

आयत का परिमाप = 2(L + B) = 2 X 6 = 12 cm

समलंब चतुर्भुज का सूत्र

एक ऐसा आकार जिसके आमने सामने वाली भुजा समानांतर होती है और एक भुजा आधार पर लंब होती है, तो हमें जो आकृति मिलती है उसे हम समलंब चतुर्भुज कहते है। अगर कोई प्रश्न समलंब चतुर्भुज से जुड़ा हुआ है तो उसे आप नीचे बताए गए सूत्र के आधार पर हल कर सकते हैं – 

  • समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल

= ½ (समान्तर भुजाओं का योग x ऊंचाई)

= ½ (समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल)

= ½ (आधार x संगत ऊंचाई)

  • परिमाप (P) = a + b+ c + d

उदाहरण – अगर एक समलंब चतुर्भुज में 5 cm का लंबा आधार पर है और उसके समानांतर भुजाओं का मान 2 cm और 4 cm है तो इसका क्षेत्रफल क्या होगा?

पूछे गए सवाल के अनुसार समलंब चतुर्भुज की ऊंचाई = 5 cm

दो समांतर भुजाओं की लंबाई = 2 cm और 4 cm

समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ X 6 X 5 = 3 X 5 = 15 cm^2

समचतुर्भुज का सूत्र

कुछ ऐसी आकृति होती है जो चार भुजाओं से बनी होती है और उसकी सभी भुजाएं एक समान होती है साथ ही सभी भुजाओं के मिलने से 90 डिग्री का कोण बन रहा होता है तो हम ऐसी परिस्थिति में इस आकृति को समचतुर्भुज आकृति के नाम से संबोधित करते है। इस तरह की आकृति का क्षेत्रफल और परिमाप निकालने का क्या सूत्र होता है उसे नीचे बताया गया है – 

  • समचतुर्भुज में ∠A + ∠B + ∠C + ∠D = 360°
  • समचतुर्भुज की परिमाप = 4 × एक भुजा
  • समचतुर्भुज में => (AC)² + (BD)² = 4a² होता है
  • विषमकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × दोनों विकर्णो का गुणनफल। अर्थात, A = (d1 × d2)/2 वर्ग इकाई

उदाहरण – समचतुर्भुज की भुजा अगर 2 cm की है तो समचतुर्भुज का परिमाप क्या होगा?

समचतुर्भुज का परिमाप = 4 गुना भुजा का मान 

                              = 4 X 2 cm = 8 cm

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वृत्त का फार्मूला

अगर कोई गोल आकृति आपके समक्ष आती है और उससे जुड़ा कोई प्रश्न गणित में पूछा जाता है, तो उसके फार्मूले से आप उस सवाल का हल ढूंढ सकते है। 

  • वृत्त का व्यास = 2r
  • वृत्त की परिधि = 2πr
  • वृत्त की त्रिज्या = √व्रत का क्षेत्रफल/π
  • वृताकार वलय का क्षेत्रफल = π (R2 – r2)
  • अर्द्धवृत्त की परिधि = ( π r  + 2 r )
  • अर्द्धवृत्त का क्षेत्रफल = 1/2πr²
  • वृत्त का क्षेत्रफल = πr²
  • वृत्त की परिधि = πd

उद्हाहरण – अगर आपके पास कोई 2 cm त्रिज्या वाला वृक्ष है तो वृत्त का पूर्ण क्षेत्रफल और अर्धवृत्त क्षेत्रफल क्या होगा?

ऊपर बताए सूत्र के अनुसार अगर कोई त्रिज्या 2 cm है। 

वृत्त का क्षेत्रफल = π r^2 = 22/7 X 2 X 2 = 88/7 cm^2

वृत्त का अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = ½ π r^2 = 88/7 X ½ = 88/14 cm^2

घनाभ का सूत्र

घनाभ एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्रिआयामी क्षेत्रमिति आकृति है जो बिल्कुल ऐसा लगता है जैसे कुछ रेक्टेंगल को मिला कर बनाया गया हो। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण आकृति है जिस से जुड़े सवालों को हल करने के लिए कुछ सूत्र नीचे दिए गए है। 

  • घनाभ की ऊँचाई = आयतन / ( लम्बाई × चौड़ाई )
  • घनाभ की चौड़ाई = आयतन / ( लम्बाई × ऊँचाई )
  • ढक्कनरहित टंकी का क्षेत्रफल = 2h ( l + b ) + lb
  • छत या फर्श का क्षेत्रफल = लम्बाई × चौड़ाई
  • घनाभ का आयतन =  l × b × h
  • घनाभ का परिमाप = 2(l + b) × h
  • कमरें के चारों दीवारों का क्षेत्रफल = 2h ( l + b )
  • घनाभ के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)
  • घनाभ का विकर्ण = √(l² + b² + h²)

उदाहरण – अगर किसी कमरे की लंबाई 5 cm ऊंचाई 10 cm और चौड़ाई 15 cm है तो उसका आयतन कितना होगा?

अगर ऐसा कोई कमरा है जहां, l = 5cm, b = 10cm, h = 15cm है, तो इसका आयतन = l X b X h = 5 X 10 X 15 = 750 cm^3

बेलन का सूत्र

घर में बेलनाकार की बहुत सारी वस्तुएं मौजूद होती हैं गणित में यह एक महत्वपूर्ण आकृति है जिससे विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं आपको इस आकृति से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सूत्र की जानकारी होनी चाहिए जिसकी सूची नीचे दी गई है – 

  • बेलन का आयतन = πr2h
  • खोखले बेलन में लगीधातु का आयतन = πh (R2 – r2 )
  • बेलन की ऊँचाई = आयतन / πr2
  • बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2πr ( h + r )
  • लम्बवृतीय बेलन की ऊँचाई = (बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल / 2πr) – r
  • लम्बवृतीय बेलन का आधार का क्षेत्रफल =  πr2
  • लम्बवृतीय बेलन की त्रिज्या = √ ( आयतन / πh)
  • बेलन का वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = 2πrh

उद्हाहरण – अगर किसी बेलन के निचले भाग की त्रिज्या 2 cm है और उसकी ऊंचाई 5 cm है तो उसका आयतन कितना होगा?

बेलन का आयतन = π r^2 h = 22/7 X 2 X 2 X 5 = 880/7 cm^3

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस लेख में आप सभी लोगों को क्षेत्रमिति की परिभाषा, सूत्र और उदाहरण (Mensuration in Hindi) के बारे में विस्तार पूर्वक से बेस्ट जानकारी प्रदान की हुई है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई आज की यह जानकारी आपके लिए काफी ज्यादा हेल्पफुल और यूज़फुल साबित हुई होगी।

अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो आप इसे अपने दोस्तों के चार और अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करना ना भूले।

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