लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय 

लक्ष्मी अग्रवाल वह लड़की है, जिसके ऊपर एसिड अटैक हुआ था जिससे उसका चेहरा पूरी तरह से जल चुका था। फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी और दुनिया के सामने इस तरह की घटनाओं का विरोध किया।

इसीलिए लोग लक्ष्मी अग्रवाल के बारे में अधिक जानकारी जानना चाहते हैं कि लक्ष्मी अग्रवाल कौन है? लक्ष्मी अग्रवाल कहां पर रहती है? क्या करती है और उनके ऊपर एसिड अटैक क्या हुआ था? किस वजह से उन्हें एसिड अटैक का सामना करना पड़ा था? तो आइए इस आर्टिकल में हम आपको पूरी जानकारी विस्तार से बताते हैं।

Laxmi Agarwal Biography in hindi
Image : Laxmi Agarwal Biography in hindi

लोगों को यह लगता है कि खूबसूरत लोग ही दुनिया में नाम करते हैं। खूबसूरत लोगों को ही दुनिया पसंद करती है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इस बात को साबित किया है, लक्ष्मी अग्रवाल ने। लक्ष्मी अग्रवाल का चेहरा पूरी तरह से जल चुका है क्योंकि उनके ऊपर एसिड अटैक हुआ है।

वह एसिड अटैक सरवाइवर है। उन्होंने अपनी बात को दुनिया के सामने रखा और खुलकर इस तरह की घटनाओं का विरोध किया था। जिससे अनेक सारे लोगों ने उनको सहयोग दिया। उन्हें काफी सपोर्ट मिला और अब उनके जीवन पर बायोपिक फिल्म भी बन चुकी है।

लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय ( उम्र, बॉयफ्रेंड, बच्चे, परिवार, एसिड अटैक)

लक्ष्मी अग्रवाल की जीवनी एक नजर में

नामलक्ष्मी अग्रवाल
जन्म1 जून 1990
जन्म स्थाननई दिल्ली
कार्यसामाजिक कार्यकर्ता
प्रसिद्धिऐसे सर्वाइवर
बॉयफ्रेंडआलोक दिक्षित
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
संतानएक बेटी – पिहु

लक्ष्मी अग्रवाल का जन्म परिचय

लक्ष्मी अग्रवाल का जन्म 1 जून 1990 को नई दिल्ली में हुआ था। लक्ष्मी अग्रवाल एक सामाजिक कार्यकर्ता और सेलिब्रिटी है, जो वर्तमान समय में एसिड अटैक सरवाइवर के लिए जानी जाती है। वह दिल्ली में ही रहती है। हिंदू धर्म से संबंध रखने वाली लक्ष्मी अग्रवाल वैश्य जाति की लड़की है। लक्ष्मी अग्रवाल का विवाह नहीं हुआ लेकिन उनके बॉयफ्रेंड है जिसका नाम आलोक दिक्षित हैं। उनकी बेटी का नाम पीहू है।

एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म लेने वाली लक्ष्मी अग्रवाल नई दिल्ली में अपनी खुशी भरी जिंदगी व्यतीत कर रही थी। लेकिन उसके जीवन में कितनी कठिनाइयों और परेशानी आएगी, उन्हें कौन-कौन से कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा? इस बात से बिल्कुल अनभिज्ञ थी।

मात्र 15 वर्ष की आयु में उनके ऊपर एसिड अटैक हुआ, जिससे उनका चेहरा पूरी तरह से चल दिया था। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया। तो आइए लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड अटैक की पूरी कहानी जानते हैं।

लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड अटैक

लक्ष्मी अगरवाल सातवीं कक्षा में दिल्ली प्राथमिक शिक्षा की पढ़ाई कर रही थी। वर्ष 2005 में उसकी उम्र मात्र 15 वर्ष थी तभी एक 32 वर्षीय नईम खान और गुड्डा ने शादी करने के लिए प्रस्ताव दिया। लेकिन लक्ष्मी अग्रवाल ने उनके साथ शादी करने का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। शादी का प्रस्ताव अस्वीकार करने के बाद 32 वर्षीय नईम खान उर्फ गड्ढा ने लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड अटैक करने की योजना बनाई।

एक दिन 22 फरवरी 2005 को लक्ष्मी अगरवाल दिल्ली के खान बाजार मार्केट से 11:00 बजे लौट रही थी, उसी समय नईम खान ने अपने छोटे भाई की गर्लफ्रेंड के साथ लक्ष्मी अग्रवाल के पास पहुंच गया।

सड़क पर दिन के 11:00 बजे नईम खान के भाई की गर्लफ्रेंड ने लक्ष्मी को धक्का दे दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गई। मौका देखते ही नईम खान ने लक्ष्मी अग्रवाल के शरीर पर एसिड से अटैक कर दिया। खासतौर पर चेहरे पर भारी मात्रा में एसिड गिराया गया, ताकि उसका चेहरा पूरी तरह से जलकर नष्ट हो जाए और उससे कोई भी शादी ना कर पाएं।

एसिड अटैक होते समय लक्ष्मी को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। उसने अपनी आंखों को ढक दिया था। इसलिए उनकी आंखों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। लेकिन एसिड अटैक होते समय ठंडा ठंडा महसूस हुआ, उसके बाद काफी तेजी से जलन होने लगी।

लक्ष्मी उस दिन की घटना को याद करते हुए अपना दर्द महसूस करती हुई कहती है कि,” उस समय उसका मांस पिघल कर जमीन पर गिरने लग गया था और उसकी हड्डियां जलने लग गई थी। उस समय दोनों ही लोग उस पर एसिड अटैक करके भाग गए थे। मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था।

थोड़ी देर मैं बेहोश हो गई। जब मेरी आंख खुली, तो मैंने अपने आप को हॉस्पिटल में देखा, जहां पर डॉक्टर मेरा इलाज कर रहे थे। डॉक्टर मेरी आंखों को सील रहे थे। मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था, मैं पूरी तरह से घबराई हुई थी”।

लक्ष्मी अग्रवाल ने बताया कि एसिड अटैक होने के बाद उनके कान और चेहरे से मांस पिगलकर जमीन पर गिरने लगा और उन्हें काफी ज्यादा जलन होने लगी थी। उनकी हड्डियां जलने लग गई थी। लगभग 2 माह तक उन्होंने इस तरह का दर्द सहन किया था। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनका इलाज लंबे समय तक चला। जहां उन्हें काफी सारी परेशानियां और दर्द सहन करना पड़ा।

लक्ष्मी का कहना है कि जब 2 महीने बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली, तो घर जाते ही उनके घर के सभी शिशे एवं मिरर छुपा दिए गए थें ताकि लक्ष्मी अपना चेहरा ना देख सकें। फिर भी लक्ष्मी ने एक दिन मिरर में अपना चेहरा देख लिया, जिसके बाद वह काफी ज्यादा डर गई और घबराकर खुदकुशी करने की सोचने लगी।

परंतु अपने माता-पिता के बारे में सोच कर उन्होंने आत्महत्या करने का विचार छोड़ दिया और जीवन की कठिनाइयों के साथ ही जीवन यापन करना शुरू कर दिया। कुछ समय तक लक्ष्मी घर पर ही रही और जब वह बाहर टहलने के लिए जाती थी या कहीं पर घूमने के लिए जाती थी, तो लोग उनके चेहरे पर देखकर अपनी नजरें घुमा देते थे‌।

लोग उन्हें दयनीय नजर से देखते थे। लक्ष्मी को यह बात काफी ज्यादा सताती थी। लोग उसे कहते थे कि तुम अपने चेहरे को ढक कर रखो और आसपास के लोगों से नजरें ही मत मिलाओ, खासतौर पर बच्चों से तुम दूर रहो। इस तरह की बातें लक्ष्मी को अपमान महसूस कराने लगी।

लक्ष्मी अग्रवाल के करियर 

एसिड अटैक होने के बाद लक्ष्मी अग्रवाल मीडिया के सामने आई और देश और दुनिया को एसिड अटैक की घटनाओं का विरोध करना सिखाया। तभी से लक्ष्मी अपने आप को कैरियर की शुरूआत मानती है।

एसिड अटैक के बाद लक्ष्मी ने एसिड अटैक अभियान को शुरू किया, जिसके अंतर्गत लोगों को जागरूक किया देश और विदेश में लक्ष्मी अग्रवाल को सहयोग और सपोर्ट मिलने लगा। देखते ही देखते लक्ष्मी अग्रवाल का यह अभियान एक आवाज के रूप में प्रस्तुत हुआ।

कुछ ही समय में लक्ष्मी अग्रवाल को सफलता मिलनी शुरू हुई। तरह तरह से मीडिया वालों ने लक्ष्मी अग्रवाल का इंटरव्यू लेना शुरू किया और लक्ष्मी अग्रवाल ने मीडिया के जरिए अपनी बात को खुलकर बताया। उसके बाद एसिड सेल पर प्रतिबंध लगा दिया गया और जिन लोगों पर एसिड अटैक हुआ था उन्हें सरकार ने पुरस्कार भी दिया। इसके बाद लक्ष्मी अग्रवाल “उड़ान” सीरियल में भी नजर आई, जिसके बाद उसे काफी ज्यादा पसंद करने लगें। लक्ष्मी अगरवाल सेलिब्रिटी की तरह जीवन यापन कर रही है।

लक्ष्मी अग्रवाल का व्यक्तिगत जीवन

एसिड अटैक होने के बाद लक्ष्मी अग्रवाल जब तरह तरह के अभियान चला रही थी, कानूनी लड़ाई लड़ रही थी। उसी समय उसकी मुलाकात आलोक दिक्षित से हुई। आलोक दिक्षित सोशल एक्टिविस्ट और जर्नलिस्ट थे। उस समय आलोक दिक्षित ने लक्ष्मी अग्रवाल का हर परिस्थिति में साथ दिया था।

तरह तरह के अभियान किए थे और कुछ दिन बीत जाने के बाद आलोक दीक्षित ने लक्ष्मी अग्रवाल को अपने जीवन साथी के रूप में स्वीकार कर लिया क्योंकि आलोक दिक्षित हो इस बात का एहसास हो चुका था कि बेहतर जीवन साथी के लिए खूबसूरती जरूरी नहीं है बल्कि खूबसूरत मन का जीवन साथी होना जरूरी है।

आलोक दीक्षित ने लक्ष्मी अग्रवाल के साथ विवाह नहीं किया बल्कि बिना विवाह के ही वे दोनों एक-दूसरे के साथ प्रेम संबंध में रहते हैं और उनकी एक बेटी भी है। आलोक दीक्षित कहते हैं कि विवाह करने पर समाज और परिवार के लोग आते हैं। इसीलिए मैं नहीं चाहता कि उनके विवाह में कोई भी उनकी पत्नी के बारे मे कुछ भला बुरा कहें। उसकी खूबसूरती की चर्चा करें।

इसलिए उन्होंने बिना शादी के ही साथ में रहने का फैसला लिया और दुनिया को बता दिया कि बिना शादी के ही वे जीवन यापन कर सकते हैं। लक्ष्मी का कहना है कि उनके चेहरे पर 7 बार ऑपरेशन हो चुका है और उसके बाद उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अब उन्हें कोई जीवनसाथी मिलेगा। फिर भी उन्हें आलोक दिक्षित जैसा जीवनसाथी मिला है, जो खूबसूरती की बजाय भावनाओं की कद्र करता है।

लक्ष्मी अग्रवाल को वर्ष 2014 में यूनाइटेड स्टेट में “मिशेल ओबामा इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज” के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा “एनडीटीवी इंडियन ऑफ द ईयर” पुरस्कार भी लक्ष्मी को मिल चुका है‌। वर्तमान समय में लक्ष्मी अग्रवाल और आलोक दिक्षित एक गैर-सरकारी एनजीओ चलाते हैं, जो एसिड अटैक से पीड़ित लोगों की मदद करता है। लक्ष्मी अग्रवाल और उसका बॉयफ्रेंड आलोक दिक्षित बिना शादी के ही एक दूसरे के साथ प्रेम संबंध से रहते हैं और अपना खुशनुमा जीवन व्यतीत करते हैं।

लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर वर्ष 2020 में एक फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें मुख्य भूमिका दीपिका पादुकोण ने निभाई है।

FAQ

लक्ष्मी अग्रवाल का जन्म कब हुआ और कहां पर हुआ था?

1 जून 1990 को लक्ष्मी अग्रवाल का जन्म नई दिल्ली में हुआ था।

लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड अटैक किसने किया था?

लक्ष्मी अग्रवाल पर नईम खान नाम के एक 32 वर्षीय व्यक्ति ने एसिड अटैक किया था।

लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड अटैक क्यों किया गया था?

32 वर्षीय नईम खान ने लक्ष्मी अग्रवाल को शादी करने के लिए कहा था, लेकिन लक्ष्मी अग्रवाल ने उससे शादी करने के लिए मना कर दिया।

लक्ष्मी अग्रवाल की एसिड अटैक के समय क्या उम्र थी?

ऐसी भाटिया के समय लक्ष्मी अग्रवाल की उम्र मात्र 15 वर्ष की थी। वे दिल्ली के प्राथमिक विद्यालय में सातवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी।

निष्कर्ष

लक्ष्मी अग्रवाल एसिड अटैक सरवाइवर है, जिसने एसिड अटैक होने के बाद अनेक तरह के अभियान चलाएं और एसिड अटैक जैसी घटनाओं का खुलकर विरोध किया। लक्ष्मी अग्रवाल को सफलता मिली और देश और दुनिया में उनका सहयोग एवं सपोर्ट किया गया।

लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर फिल्म भी बन चुकी है। इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय बता चुके हैं। हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए जरूर ही उपयोगी साबित हुई होगी। अगर आपका इस आर्टिकल से संबंधित कोई भी प्रश्न है तो आप नीचे कमेंट करके बता सकते हैं।

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