कर्णम मल्लेश्वरी का जीवन परिचय

Karnam Malleswari Biography in Hindi: नमस्कार दोस्तों! आज हम आप सभी लोगों के सामने प्रस्तुत हुए हैं, एक ऐसी महिला वेटलिफ्टर के जीवन परिचय को लेकर जिन्होंने वर्ष 2000 में भारत का एक नया इतिहास रच दिया और भारत का नाम संपूर्ण विश्व में चर्चा के योग्य कर दिया।

आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकली इस महिला ने अपना नाम भारत के लिए अमर कर दिया। अब आप समझ गए होंगे, कि हम किसकी बात कर रहे हैं। जी आपने बिल्कुल सही अनुमान लगाया हम बात कर रहे हैं, भारत की महिला वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी के बारे में।

Karnam Malleswari Biography in Hindi
Image: Karnam Malleswari Biography in Hindi

कर्णम मल्लेश्वरी ने खुद के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनेकों प्रकार की कठिनाइयों का सामना किया है। आज हम आप सभी लोगों को अपने इस लेख के माध्यम से कर्णम मल्लेश्वरी के जीवन परिचय के विषय में विस्तार पूर्वक से जानकारी प्रदान करेंगे। आज हम आप सभी लोगों को इस लेख में कर्णम मल्लेश्वरी कौन है? कर्णम मल्लेश्वरी का जन्म, कर्णम मल्लेश्वरी के माता-पिता, कर्णम मल्लेश्वरी का कैरियर और उनके अचीवमेंट्स के बारे में विस्तार पूर्वक से जानकारी प्राप्त करेंगे।

कर्णम मल्लेश्वरी का जीवन परिचय | Karnam Malleswari Biography in Hindi

कर्णम मल्लेश्वरी के विषय में संक्षिप्त जानकारी

नामकर्णम मल्लेश्वरी
जन्म1 जून 1975
जन्म स्थानश्रीकाकुलम आंध्र प्रदेश
पिताकर्णम मनोहर
माताश्यामला
बहनकर्णम नारासामा, कृष्णा कुमारी
पतिराजेश त्यागी
कोचलियोनिद तारानेंको
पेशाखिलाड़ी (वेटलिफ्टर)

कर्णम मल्लेश्वरी कौन है?

कर्णम मल्लेश्वरी सेवानिवृत्त भारतीय वेटलिफ्टर हैं। कर्णम मल्लेश्वरी ने वर्ष 2000 में भारत के प्रति इतिहास रच दिया। कर्णम मल्लेश्वरी ने वर्ष 2000 में ब्रोंज मेडल जीता, कर्णम मल्लेश्वरी ऐसा करने वाली भारत की सबसे पहली महिला बन गई हैं। कर्णम मल्लेश्वरी भारत की पहली महिला वेटलिफ्टर खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ओलंपिक में मेडल जीता था।

कर्णम मल्लेश्वरी ने अपने मेहनत और जुनून के कारण स्वयं को संपूर्ण विश्व के सामने साबित किया और भारत का सर गर्व से ऊंचा किया। कर्णम मल्लेश्वरी को आंध्र प्रदेश में “आयरन गर्ल” के नाम से भी जाना जाता है।

कर्णम मल्लेश्वरी का जन्म कब और कहां हुआ था?

कर्णम मल्लेश्वरी आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकले महिला हैं, अर्थात कर्णम मल्लेश्वरी का जन्म आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था, इनका जन्म 1 जून 1975 ईस्वी को श्रीकाकुलम में हुआ था। कर्णम मल्लेश्वरी ने मात्र 12 वर्ष की उम्र में जिम जॉइन कर लिया और ट्रेनिंग शुरू कर दी। कर्णम मल्लेश्वरी का परिवार पुराने रीति रिवाज और ख्यालों में अपना जीवन यापन कर रहे थे, जोकि इनके लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रुकावट बन गए थे।

कर्णम मल्लेश्वरी का पारिवारिक संबंध

कर्णम मल्लेश्वरी का पारिवारिक संबंध इनके परिवार वालों से काफी अच्छा था। इनका परिवार के लोग पुराने रीति-रिवाजों में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे, जो कि घर की महिलाओं और लड़कियों को ज्यादा बाहर जाने से रोक लगा देते थे। कर्णम मल्लेश्वरी के पिता रेलवे विभाग में सुरक्षा बल में एक कॉन्स्टेबल थे। कर्णम मल्लेश्वरी का उनकी माता के प्रति काफी ज्यादा लगा था। कर्णम मल्लेश्वरी की माता हो इनके लक्ष्य प्राप्ति की नीव है।

कर्णम मल्लेश्वरी को इनकी माता ने वेटलिफ्टिंग में ही अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। कर्णम मल्लेश्वरी की माता का यह योगदान इनके लिए काफी अच्छा सिद्ध हुआ। कर्णम मल्लेश्वरी की चार बहने भी है, जिनमें से एक नेशनल लेवल की वेटलिफ्टर है, जिसका नाम कृष्णा कुमारी है। इनके लक्ष्य प्राप्ति का श्रेय भी इनकी माता को ही जाता है।

कर्णम मल्लेश्वरी को प्राप्त शिक्षा

कर्णम मल्लेश्वरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ZPPG नामक एक विद्यालय से प्राप्त किया। इसके बाद इन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई भी पूरी की। कर्णम मल्लेश्वरी का रुझान अपने शुरुआती समय से ही वेटलिफ्टिंग की तरफ था, इसके साथ साथ इनका मन खेलकूद में भी काफी लगता था। कर्णम मल्लेश्वरी भारत की ऐसी महिला बनी, जिन्होंने भारत की ओर से सबसे पहला ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया।

कर्णम मल्लेश्वरी का व्यक्तिगत जीवन

कर्णम मल्लेश्वरी वर्तमान समय में 46 वर्ष की हैं। कर्णम मल्लेश्वरी एक विवाहित स्त्री हैं, कर्णम मल्लेश्वरी के पति का नाम राजेश त्यागी है। कर्णम मल्लेश्वरी का विवाह राजेश त्यागी के साथ वर्ष 1997 को हुआ था। इसके अलावा कर्णम मल्लेश्वरी का एक बेटा भी है, जिसका नाम शरद चंद्र त्यागी है।

कर्णम मल्लेश्वरी की शारीरिक बनावट

कर्णम मल्लेश्वरी एक वेटलिफ्टर हैं, इन्होंने जिम जॉइन किया था और अपने बॉडी के मेजरमेंट को काफी अच्छा बना लिया था। कर्णम मल्लेश्वरी की ऊंचाई लगभग 1.63 मीटर है। यदि हम बात करें कर्णम मल्लेश्वरी के वजन की, तो इनका वजन लगभग 55 किलो के आसपास है। कर्णम मल्लेश्वरी के बालों और आंखों का कलर काला ही है। कर्णम मल्लेश्वरी किस शारीरिक माप 32-28-34 है।

कर्णम मल्लेश्वरी का करियर

कर्णम मल्लेश्वरी ने भारतीय खेल प्राधिकरण में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है, इन्होंने ना केवल वेटलिफ्टिंग बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया, परंतु इन्होंने वेटलिफ्टिंग को ही अपना करियर चुना। मात्र 13 वर्ष की उम्र में कर्णम मल्लेश्वरी ने सबसे पहली बार स्टेट लेवल पर अपने खेल प्रदर्शन को प्रस्तुत किया। कर्णम मल्लेश्वरी ने वर्ष 1990 ईस्वी में नेशनल कैंप का हिस्सा बन गई।

कर्णम मल्लेश्वरी ने वर्ष 1992 ईस्वी में थाईलैंड में आयोजित किए गए एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। इस खेल में इन्होंने सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसके बाद कर्णम मल्लेश्वरी संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध हो गई। कर्णम मल्लेश्वरी को इनके मजबूत इरादे एकाग्रता और इच्छाशक्ति के कारण संपूर्ण विश्व भर में इन्हें एक माना जाना वेटलिफ्टर करार दे दिया गया।

इसके बाद वर्ष 1994 ईस्वी में कर्णम मल्लेश्वरी तुर्की में आयोजित किए गए वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया, जहां पर इन्होंने एक नहीं बल्कि दो-दो गोल्ड मेडल जीते हैं। कर्णम मल्लेश्वरी ने दो गोल्ड मेडल जीतने के अलावा एक ब्रोंज मेडल भी अपने नाम कर लिया। इस खेल में कर्णम मल्लेश्वरी को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था। हालांकि इस खेल में प्रथम स्थान चाइना के वांग शेंग को प्राप्त हुआ था, परंतु जांच पड़ताल के बाद ऐसा सामने आया, कि चाइना के इस खिलाड़ी ने खेल के समय ड्रग्स का सेवन किया था, जिसके कारण कर्णम मल्लेश्वरी को प्रथम स्थान दे दिया गया।

वर्ष 1995 ईस्वी में कर्णम मल्लेश्वरी ने कोरिया में आयोजित किए जा रहे एशियन चैंपियनशिप में 54 किलोग्राम की कैटेगरी में 113 किलो का वेट उठाकर पुनः भारत के लिए एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस खेल में कर्णम मल्लेश्वरी ने एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए। कर्णम मल्लेश्वरी ने वर्ष 1994, 1995 और 1996 में लगातार 3 सालों तक वर्ल्ड टाइटल अपने नाम कर लिया।

इन सभी के बाद वर्ष 1998 ईस्वी में कर्णम मल्लेश्वरी ने अपनी धमाकेदार वापसी दी, इन्होंने बैंकॉक में आयोजित किए जा रहे एशियन गेम्स में हिस्सा लिया और इस खेल में इन्होंने अपनी प्रतिभा के कारण सिल्वर मेडल अपने नाम किया। कर्णम मल्लेश्वरी भारत की ऐसी पहली महिला बन गई जिन्होंने इतने सारे मेडल भारत के नाम किए हैं।

वर्ष 1999 में कर्णम मल्लेश्वरी ने एथेंस में आयोजित किए जा रहे वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया, परंतु इस वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में इन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 1999 में इस हार के बाद उन्होंने स्वयं को और भी ज्यादा प्रशिक्षित किया और पुनः वेटलिफ्टिंग में शामिल हो गई।

इन सभी के बाद वर्ष 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी में आयोजित किए जा रहे ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लिया। इस ओलंपिक खेल में कर्णम मल्लेश्वरी ने भारत की तरफ से क्वालीफाई भी किया और यह भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए सिडनी भी गई थी। इस खेल में कर्णम मल्लेश्वरी को ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त हुआ था। कर्णम मल्लेश्वरी भारत की पहली ऐसी महिला बन गई, जिन्होंने ओलंपिक खेल में कोई मेडल जीता था। कर्ण मल्लेश्वरी इस जीत के बाद संपूर्ण विश्व में पहचानी जाने लगी।

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कर्णम मल्लेश्वरी को प्राप्त पुरस्कार

वर्षपुरस्कार
1994अर्जुन अवॉर्ड
1995अर्जुन अवॉर्ड
1995राजीव गांधी खेल रत्न
1996राजीव गांधी खेल रत्न
1999प्रधानमंत्री के द्वारा पद्मश्री अवार्ड
वर्षअचीवमेंट
1994 2 गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल (वर्ल्ड चैंपियनशिप इस्तांबुल)
1994 3 गोल्ड मेडल (एशियन चैंपियनशिप कोरिया)
1995 3 गोल्ड मेडल (एशियन चैंपियनशिप कोरिया)
1995 गोल्ड मेडल (वर्ल्ड चैंपियनशिप चाइना)
1996 गोल्ड मेडल (एशियन चैंपियनशिप जापान)
1997 सिल्वर मेडल (एशियन गेम्स)
1998 सिल्वर मेडल (एशियन गेम्स)
1998 3 रिकॉर्ड (कामनवेल्थ विमेन रिकॉर्ड)
कर्णम मल्लेश्वरी कौन है?

भारत की महिला वेटलिफ्टर।

कर्णम मल्लेश्वरी के पति का नाम क्या है?

राजेश त्यागी।

कर्णम मल्लेश्वरी के बेटे का क्या नाम है?

शरद चंद्र त्यागी।

कर्णम मल्लेश्वरी ने अपने करियर की शुरुआत कितने वर्ष की अवस्था में की थी?

मात्र 13 वर्ष की अवस्था में।

कर्णम मल्लेश्वरी को प्राप्त सबसे अमूल्य पुरस्कार कौन सा है?

पद्मश्री और नागार्जुन पुरस्कार।

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है कि आपको कर्णम मल्लेश्वरी के जीवन परिचय (Karnam Malleswari Biography in Hindi) के विषय में सभी जानकारियां अवश्य ही प्राप्त हो गई होंगी, यदि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पसंद आया हो, तो कृपया इसे अवश्य शेयर करें। यदि आपके मन में इस लेख को लेकर किसी भी प्रकार का सवाल या फिर सुझाव है, तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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