कैलाश सत्यार्थी के अनमोल विचार

Kailash Satyarthi Quotes in Hindi

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Kailash Satyarthi Quotes in Hindi | कैलाश सत्यार्थी के अनमोल विचार

मेरे जीवन का एकमात्र उद्देश्य यह है कि हर बच्चा है :
एक बच्चा होने के लिए स्वतंत्र हो,
बढ़ने और विकसित होने के लिए स्वतंत्र हो,
नि: शुल्क खाने, सोने, दिन के उजाले को देखने के लिए स्वतंत्र हो,
हंसने और रोने के लिए स्वतंत्र हो,
खेलने के लिए स्वतंत्र हो,
जानने के लिए स्वतंत्र हो,
स्कूल जाने के लिए स्वतंत्र हो और
सब से ऊपर, सपने देखने के लिए स्वतंत्र हो। – कैलाश सत्यार्थी

” बच्चोंं को सपने देखने से वंचित
रखने से बढ़कर कोई अपराध नहीं है .”

मैं ऐसी दुनिया का सपना देखता हूँ जहाँ बाल श्रम ना हो,
एक ऐसी दुनिया जिसमे हर बच्चा स्कूल जाता हो।
एक दुनिया जहाँ हर बच्चे को उसका अधिकार मिले।

चलिए, अन्धकार से प्रकाश की ओर बढें.
चलिए मृत्यु से देवत्व की ओर बढें।
चलिए हम आगे बढें…

बच्चों को ख्वाब देखने से वंचित
करने से बढ़कर कोई अपराध नहीं है।
– कैलाश सत्यार्थी

” जब में एक बच्चे को देखता हूँ ,
तो मुझे उन में भगवान दिखाई देते हैं
और उसी भगवान के मैं दर्शन करता हूँ .”

“मेरे लिए, शांति हर बच्चे का
एक बुनियादी मानव अधिकार है,
यह अपरिहार्य है और परमात्मा है।

बचपन छीन लेना और स्वतंत्रता
ना देना सबसे बड़े पाप हैं,
जो मनुष्य सदियों से करता आ रहा है…

हर बार जब मैं एक बच्चे को मुक्त करवाता हूं,
तो मुझे लगता है कि मै भगवान के करीब हूँ।
हालाँकि मैं मंदिरों में कभी नहीं जाता,
लेकिन जब मैं एक बच्चे को देखता हूँ,
तो मुझे उन में भगवान दिखाई देते हैं
और उसीमे भगवान का दर्शन करता हूँ। – कैलाश सत्यार्थी

” जब भी मैं कभी किसी बच्चे को मुक्त करवाता हूँ ,
तो मुझे लगता है . कि मैं भगवान के बिल्कुल करीब हूँ .
हालांकि मैं कभी मंदिर नही जाता .”

“चलिए, हम हमारे बच्चों के प्रति करुणा के
माध्यम से दुनिया को एकजुट एकसाथ करते हैं।

बच्चों को गुलाम बनाना मानवता के खिलाफ एक अपराध है,
यहां तो मानवता ही दांव पर है,
बहुत सारे काम अभी भी बाकि है लेकिन,
मैं अपने जीवन में बाल श्रम का अंत देखूंगा….

बचपन का मतलब है सादगी। इस दुनिया को
बच्चों की नज़र से देखो यह बहुत ही ख़ूबसूरत है।
– कैलाश सत्यार्थी

” हर एक मिनट मायने रखता है ,
हर एक बच्चा मायने रखता है ,
हर एक बचपन मायने रखता है .’

मैं कभी मंदिर नहीं जाता,
लेकिन जब मैं किसी बच्चे को देखता हूँ,
तो मैं उसमे भगवान् देखता हूँ….

हिमालय की तलहटी में, मेरी मुलाकात एक दुबले-पतले बच्चे से हुई।
उसने मुझसे पूछा, “क्या दुनिया इतनी गरीब है
कि वो मुझे कोई औजार या बन्दूक उठाने पर मजबूर
करने की बजाये एक खिलौना और एक
किताब नहीं दे सकती ? – कैलाश सत्यार्थी

” आर्थिक विकास और मानव
विकास साथ – साथ होना चाहिए ,
मानवीय मूल्यों की वकालत करने की सख्त जरूरत है .”

मैं हजारों महात्मा गाँधी, मार्टिन लूथर किंग,
और नेल्सन मंडेलाओं को आगे बढ़ते
और हमें बुलाते हुए देखता हूँ।
लड़के और लड़कियों शामिल हो गए हैं।
मैं शामिल हो गया हूँ।
हम आपको भी शामिल होने के लिए कहते हैं।

पिछले कुछ वर्षों के दौरान नॉर्थ ईस्ट इंडिया बाल
तस्करी के सबसे बड़े ठिकानों के रूप में उभरा है। – कैलाश सत्यार्थी

” मैं सकारात्मक हूँ ,
कि मैं अपने जीवन काल में
बाल श्रम का अंत देख सकता हूँ .”

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Kailash Satyarthi Quotes in Hindi

मैं शोषण से शिक्षा की ओर, और गरीबी से
साझा समृद्धि की ओर प्रगति करने के लिए कहता हूँ,
एक ऐसी प्रगति जो गुलामी से आज़ादी की ओर हो,
एक ऐसी प्रगति जो हिंसा से शांति की ओर हो।

नोबेल पुरस्कार मिलने पर –
मैं वास्तव में बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं,
लेकिन यदि यह पुरस्कार मेरे सामने महात्मा गांधी
के पास गया होता तो मैं और अधिक सम्मानित होता। – कैलाश सत्यार्थी

” बचपन का मतलब होता है सादगी .
इस दुनिया को बच्चोंं की नजर से देखो ये बहुत खूबसूरत है .”

दोस्तों, सबसे बड़ा संकट जो आज मानवता के
दरवाजे पर दस्तक दे रहा है वो है असहिष्णुता।

हर एक मिनट मायने रखता है,
हर एक छोटा बच्चा मायने रखता है,
हर एक बचपन मायने रखता है…

चाइल्ड स्लेवरी मानवता के खिलाफ एक अपराध है।
मानवता खुद यहां दांव पर है।
अभी बहुत काम किया जाना बाकी है,
लेकिन मैं अपने जीवनकाल में बाल श्रम का अंत देखूंगा। – कैलाश सत्यार्थी

अगर अभी नहीं, तो कब?
अगर तुम नहीं, तो कौन?
अगर हम इन मौलिक सवाओं का उत्तर दे सकें,
तो शायद हम सब ह्यूमन स्लेवरी का दाग मिटा सकें…

” मैं एक ऐसी दुनिया का सपना देखता हूँ जहां बाल श्रम ना हो ,
एक ऐसी दुनिया जिसमे हर बच्चा स्कूल जाता हो ,
एक ऐसी दुनिया जहां हर बच्चे को उसका मौलिक अधिकार मिले .”

बाल श्रम गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा,
जनसंख्या वृद्धि और अन्य
सामाजिक समस्याओं को जन्म देता है…

अगर आप इन परिस्थितियों में गुलाम बच्चों द्वारा
बनायीं गयी चीजें खरीदते रहेंगे तो आप गुलामी
के स्थायीकरण के लिए बराबर के जिम्मेदार होंगे। – कैलाश सत्यार्थी

” अगर अभी नहीं , तो फिर कब ? अगर तुम नही तो कौन ?
अगर इन मौलिक सवालों का जवाब दे सकें
तो शायद हम सब मानव गुलामी का दाग मिटा सके .”

“इस आधुनिक दुनिया में पीड़ित लाखों
बच्चों की दुर्दशा समझने के लिए मैं
नोबल कमिटी का शुक्रगुज़ार हूँ।”

हर बार जब मैं एक बच्चे को मुक्त कराता हूँ,
मुझे लगता है ये भगवान के कुछ करीब है…

” आज मानवता के दरवाजे पर दस्तक
देने वाला सबसे बड़ा संकट – असहिष्णुता है .”

मैं अपने अनुभव से यह कहना चाहता हूं
कि आपको अपने दिल का बात सुननी चाहिए।
इससे आपका मन आपके पीछे खुद आ जाएगा।
अपने आप में विश्वास रखे। चमत्कार खुद होने लगेंगे।

” मैं हजारों महात्मा गांधी , मार्टिन लूथर किंग,
और नेल्सन मंडेलाओं को आगे बढ़ते और हमें बुलाते हुए देखता हूँ .
लड़के और लड़किया शामिल हो गए है ,
मैं शामिल हो गया हूँ .
हम आपको भी शामिल होने के लिए कहते हैं .”

“मैं मंदिरों में कभी नहीं जाता, लेकिन जब मैं
एक बच्चे को देखता हूँ, मैं उन में भगवान के
दिखाई देते हैं और उसीमे भगवान का दर्शन करता हूँ।”

चलिए,
हम हमारे बच्चों के प्रति करुणा के माध्यम से,
दुनिया को एकजुट करते हैं…

” बाल श्रम – गरीबी , बेरोजगारी , अशिक्षा ,
जनसंख्य वृद्धि और अन्य
सामाजिक समस्याओं को बढ़ाता है .”

गरीबी, बाल श्रम और अशिक्षा के बीच एक त्रिकोणीय सम्बन्ध है,
जिनमे कारण और परिणाम का नाता हमेशा होता है.
हमें इस दुष्चक्र को तोडना होगा..

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Kailash Satyarthi Quotes in Hindi

मैं इस बात को मानने से इंकार करता हूं
कि गुलामी की बेड़ियां कभी भी आजादी की
तलाश से ज्यादा मजबूत हो सकती हैं।
– कैलाश सत्यार्थी

अब हर गरीब यह महसूस कर रहा है कि
शिक्षा ही वो साधन है
जो उन्हें सशक्त बना सकता है .”

चलिए अन्धकार से प्रकाश की ओर बढें।
चलिए मृत्यु से देवत्व की ओर बढें।
चलिए हम आगे बढें।

” बचपन छीन लेना और गुलाम बना
कर रखना सबसे बड़े पाप है
जो मनुष्य सदियों से करता आ रहा है .”

बचपन का मतलब है सादगी.
दुनिया को बच्चों की नज़र से
देखो ये बहुतही खूबसूरत है…

आज मैं हर महासागर की हर लहर में,
बच्चों को खेलते और नृत्य करते देखता हूं।
आज मैं, हर पौधे, पेड़ और पहाड़ में यह देखता हूं
कि हमारे बच्चे स्वतंत्रता से बढ़ रहे हैं।

” चलिए हम हमारे बच्चोंं के प्रति करूणा के
माध्यम से दुनिया को एक जुट करते हैं “

दोस्तों, सबसे बड़ा संकट,
जो आज मानवता के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है,
वो है असहिष्णुता…

“मैं पूरी ताकत से इस बात का समर्थन करता हूँ
कि गरीबी को बाल मजदूरी जारी रखने का बहाना
नही बनाना चाहिए. इससे गरीबी बढ़ती है .
अगर बच्चोंं को शिक्षा से वंचित किया जाता है
तो वे गरीब रह जाते हैं .”

अभी नहीं तो कभी नहीं? अगर आप नहीं,
तो कौन? यदि हम इन मूलभूत
सवालों का जवाब देने में सक्षम हैं,
तो शायद हम मानव दासता के धब्बे को मिटा सकते हैं।

” मेरे लिए शांति , हर बच्चे का मौलिक
मानवधिकार है ये अनिवार्य और दिव्य है .”

मेरे प्यारे बहनों और भाइयों, क्या मैं आपसे एक क्षण के लिए अपनी
आँखें बंद करने और अपना हाथ अपने दिल के करीब रखने
को कह सकता हूँ ? क्या आप अपने अन्दर के बच्चे को
महसूस कर सकते हैं? अब, इस बच्चे को सुनिए।
मुझे यकीन है आप सुन सकते हैं।

” इस आधुनिक दुनिया में पीड़ित लाखों बच्चोंं
की दुर्दशा समझने के लिए मैं नोबल
पुरस्कार कमेटी का शुक्रगुजार हूं .”

“अभी नहीं तो कभी नहीं ? अगर आप नहीं , तो कौन ?
अगर हम इन बुनियादी सवालों के जवाब देने में सक्षम हैं,
तो शायद हम मानव गुलामी के खून को मिटा सकते हैं.”

” मैं यह सब एक परीक्षा के रूप में सोचता हूं.
ऐसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खड़े होने के
लिए यह एक नैतिक परीक्षा है जिसे पास करना होगा….

मैं दृढ़ता से कह रहा हूं कि बाल श्रम जारी रखने के लिए
गरीबी का बहाना इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
यह गरीबी कायम रखता है।
अगर बच्चों को शिक्षा से वंचित रहना पड़ता है,
तो गरीबी कायम रहती है।

हम सबका फर्ज बनता है
कि बच्चोंं को उनकी
खुशियां मिले और वह
एक निर्भीक निडर जिंदगी जी सके .

भारत में सैकड़ों समस्याएं
और लाखों समाधान हैं।

मैं सकारात्मक हूँ कि मैं अपने जीवनकाल
में बाल-श्रम का अंत देख सकता हूँ।

अब गरीब से गरीब व्यक्ति भी महसूस कर रहा है
कि शिक्षा वो साधन है जो उन्हें सशक्त बना सकता है।

मैं ये मानने से इनकार करता हूँ
कि दुनिया इतनी गरीब है,
जबकि सेनाओं पर होने वाला सिर्फ एक हफ्ते
का वैश्विक खर्च हमारे सभी बच्चों को क्लासरूम में ला सकता है।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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