गुरु गोबिंद सिंह के अनमोल वचन

Guru Gobind Singh Quotes in Hindi

guru gobind singh quotes in hindi
Image: guru gobind singh quotes in hindi

गुरु गोबिंद सिंह के अनमोल वचन | Guru Gobind Singh Quotes in Hindi

अगर आप केवल अपने भविष्य के ही विषय में सोचते रहें तो
आप अपने वर्तमान को भी खो देंगे.

हमे सबसे महान सुख और स्थायी शांति
तभी प्राप्त हो सकती है जब हम
अपने भीतर से स्वार्थ को समाप्त कर देते है

अगर आप केवल भविष्य के
बारे में सोचते रहेंगे तो वर्तमान भी खो देंगे।

“मैं उन लोगो को के पैरो में गिरता हु
जो लोग सच्चाई पर विश्वास रखते है।”

जब आप अपने अन्दर बैठे अहंकार को मिटा देंगे
तभी आपको वास्तविक शांति की प्राप्त होगी.

जब आप अपने अंदर से अहंकार मिटा देंगे
तभी आपको वास्तविक शांति प्राप्त होगी।

“यदि आप मजबूत हैं,
तो कमजोरों पर अत्याचार न करें,
और इस तरह आपके साम्राज्य पर कुल्हाड़ी न डालें।”

मैं उन ही लोगों को पसंद करता हूँ
जो हमेशा सच्चाई के राह पर चलते हैं.

मेरी बात सुनो जो लोग दुसरे से प्रेम करते है
वही लोग प्रभु को महसूस कर सकते है

मैं उन लोगों को पसंद करता हूँ
जो सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं।

“दिन-रात, हमेशा
ईश्वर का ध्यान करो।”

भगवान् ने हम सभी को जन्म दिया है
ताकि हम इस संसार में अच्छे कार्य
करें और समाज में फैली बुराई को दूर करें.

जब आप अपने अन्दर से अहंकार मिटा
देंगे तभी आपको वास्तविक शांति प्राप्त होगी.

ईश्वर ने हमें जन्म दिया है
ताकि हम संसार में अच्छे काम
करें और बुराई को दूर करें।

“जब कोई व्यक्ति अपने भीतर से स्वार्थ
को समाप्त कर देता है तब सबसे महान सुख
और स्थायी शांति प्राप्त होती है।”

इंसान से प्रेम करना ही,
ईश्वर की सच्ची आस्था और भक्ति है.

Guru Gobind Singh Quotes in Hindi

अपने द्वारा किये गए अच्छे कर्मों से ही आप
ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं.
और अच्छे कर्म करने वालों की ईश्वर सदैव सहायता करता है.

अच्छे कर्मों से ही आप ईश्वर को पा सकते हैं।
अच्छे कर्म करने वालों की ही ईश्वर मदद करता है।

“यदि आप सिर्फ भविष्य की सोचते
रहेंगे तो वर्तमान को भी खो देंगे।”

जो भी कोई मुझे भगवान कहता हैं ,
वो नर्क में चला जाए.

भगवान स्वय उनके मार्ग बनाते है
जो लोग अच्छाई का कर्म करते है

“हे ईश्वर ! मुझे आशीर्वाद दो कि मैं कभी भी
अच्छे कर्म करने में संकोच ना करूँ।”

मुझको सदा उसका सेवक ही मानो.
और इसमें किसी भी प्रकार का संदेह मत रखो.

मुझे उसका सेवक मानो।
और इसमें कोई संदेह मत रखो।

“सचमुच वे गुरु धन्य है जिन्होंने
भगवान के नाम को याद करना सिखाया।”

जब इंसान के पास सभी तरीके विफल हो जाएं,
तब ही हाथ में तलवार उठाना सही है.

उन्ही लोगो का जीवन पूर्ण है
जिनके अंदर भगवान के नाम की महसूस करते है

जब बाकी सभी तरीके विफल हो जाएं,
तो हाथ में तलवार उठाना सही है।

“अपनी तलवार से दूसरे के
खून को लापरवाही से न बहाएं,
ऐसा न हो कि तलवार की
ऊँचाई आपकी गर्दन पर गिरे।”

असहायों पर अपनी तलवार
चलाने के लिए उतावले मत हो,
अन्यथा विधाता तुम्हारा खून बहायेगा।

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Guru Gobind Singh Quotes in Hindi

उसने हेमशा अपने अनुयायियों को
आराम दिया है और हर समय उनकी मदद की है।

हे प्रभु मुझे अपना आशीर्वाद प्रदान करे,
कि मैं कभी अच्छे कर्मों को करने में
तनिक भी संकोच ना करूँ.

हे ईश्वर मुझे आशीर्वाद दें कि मैं
कभी अच्छे कर्म करने में संकोच ना करूँ।

“धन्य, धन्य है सच्चा गुरु, जिसने प्रभु के
नाम का सर्वोच्च उपहार दिया है।”

इंसान को सबसे वैभवशाली सुख
और स्थायी शांति तब ही प्राप्त होती है,
जब कोई अपने भीतर बैठे स्वार्थ
को पूरी तरह से समाप्त कर देता है.

जो कोई भी मुझे भगवान कहे,
वो नरक में चला जाए.

ये मित्र संगठित हैं, और फिर से अलग नहीं होंगे,
उन्हें स्वस्वंय सृजनकर्ता भगवान् ने एक किया है।

“सच्चे गुरु से मिल कर भूख मिटती है,
भूख किसी भिखारी के वस्त्र पहनकर नहीं जाती है।”

आप सदैव दिन-रात,
हमेशा ईश्वर का स्मरण करे.

सबसे महान सुख और स्थायी शांति तब प्राप्त होती है
जब कोई अपने भीतर से स्वार्थ को समाप्त कर देता है।

“अहंभाव एक ऐसा भयानक रोग है,
द्वंद्व के प्रेम में, वे अपने कर्म करते हैं।”

Guru Gobind Singh Quotes in Hindi

हर कोई उस सच्चे गुरु की प्रशंसा और जयजयकार करे,
जो हमें भगवान की भक्ति के खजाने तक ले गया है.

दिन-रात, हमेशा ईश्वर
का ध्यान करो।

“अहंकारवाद एक ऐसी भयानक बीमारी है,
वह मर जाता है, पुनर्जन्म होने के लिए
वह आना और जाना जारी रखता है।”

आपने ही इस सृष्टि की रचना की है,
आप ही सुख-दुःख के स्वामी हो.

सबसे ज्यादा सुख और अनंत शांति तब प्राप्त होती है
जब कोई अपने भीतर से स्वार्थ को समाप्त कर देता है.

भगवान के नाम के अलावा कोई मित्र नहीं है,
भगवान के विनम्र सेवक इसी का चिंतन करते
और इसी को देखते हैं।

हर कोई उस सच्चे गुरु की जयजयकार
और प्रशंसा करे जो हमें भगवान की
भक्ति के खजाने तक ले गया है।

“इंसान से प्रेम ही ईश्वर
की सच्ची भक्ति है।”

आप ही स्वयं ही स्वयं हैं,
आपने ही स्वयं सृष्टि की रचना की हैं.

एक अज्ञानी व्यक्ति पूरी तरह से अंधा होता है,
क्युकि वह अज्ञानी व्यक्ति
बहुमूल्य वस्तुओं की कद्र नहीं करता है.

आप स्वयं ही स्वयं हैं,
अपने स्वयं ही सृष्टि का सृजन किया है।

मैं उस गुरु के लिए न्योछावर हूँ,
जो हमें भगवान के उपदेशों का स्मरण कराता है.

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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