फिटकरी का रासायनिक सूत्र और नाम

Fitkari ka Rasayanik Sutra: फिटकरी का नाम आपने अवश्य सुना होगा और आपने अपने निजी लाइफ में भी फिटकरी का प्रयोग जरूर किया होगा फिटकरी एक ऐसा पदार्थ है, जिसे घरेलू कार्यों में उपयोग में लिया जाता है।

आज हम यहां पर फिटकरी क्या है? fitkari का रासायनिक नाम (Fitkari ka Sutra Kya Hai) क्या है और फिटकरी के कितने प्रकार होते हैं? साथ ही साथ फिटकरी के क्या फायदे हैं? इसके बारे में भी जानकारी देने वाले हैं।

Fitkari ka Rasayanik Sutra
Fitkari ka Rasayanik Sutra

फिटकरी क्या है?

fitkari जो कि एक रंगहीन क्रिस्टलीय रासायनिक पदार्थ है, जिसे अंग्रेजी भाषा में एलम (Alum) कहा जाता हैं। इसके अलावा इस पदार्थ में पोटेशियम शामिल होता है। मतलब ऐसे कह सकते हैं कि यह क्रिस्टलीय रासायनिक पदार्थ जो पोटेशियम के निर्माण से बनता है। इसलिए इसको पोटाश एलम भी कहा जाता है।

पुराने समय में मनुष्य फिटकरी का उपयोग बहुत अधिक करता था। मनुष्य पुराने समय में फिटकरी का उपयोग रासायनिक और चिकित्सक गुणों के लिए करता था। फिटकरी का प्रयोग व्यक्ति आम जीवन में भी कई प्रकार के कार्यों को लेकर करते हैं। इसका प्रयोग मुख्य रूप से जल को शुद्ध करने के लिए आज भी किया जाता है।

फिटकरी का रासायनिक नाम क्या है?

fitkari जिसका एक रासायनिक नाम विज्ञान द्वारा निर्धारित किया गया है। फिटकरी एक रासायनिक यौगिक है। इसका रासायनिक नाम पोटेशियम सल्फेट डोडेकेहाइड्रेट हैं। अंग्रेजी में से potassium sulfate dodecahydrate के नाम से पहचाना जाता है।

सामान्य भाषा में व्यक्ति इसे दोहरा नमक भी कहते हैं और इस रासायनिक पदार्थ का उपयोग दवा व जल उपचार क्रिया के लिए किया जाता है।

फिटकरी में पोटेशियम मुख्य रूप से शामिल होता है, इसलिए फिटकरी को पोटैशियम एलम या पोटेशियम फिटकरी के नाम से भी पहचाना जाता है। इसके अलावा फिटकरी को पोटेशियम एल्युमीनियम सल्फेट के रूप में भी जाना जाता है। फिटकरी को पोटाश के नाम से भी पहचाना जाता है।

फिटकरी का रासायनिक सूत्र

fitkari जिसके रासायनिक फार्मूला की बात की जाए तो फिटकरी का रासायनिक सूत्र (Fitkari Ka Formula) नीचे दिया गया है।

फिटकरी का रासायनिक सूत्र – KAl(SO₄)₂·12H₂O

इसको कई बार एक अन्य फार्मूले से भी लिखा जाता है, जो नीचे दिया गया है।

Fatkari Ka Formula – (K2SO4 Al2(SO4)3.4 Al(OH)3)

फिटकरी का रासायनिक सूत्र (AB(SO4)2.12H2O) होता है, जिसमें A व B पोटेशियम और एल्यूमीनियम होते हैं और यहां पर पोटेशियम एलुमिनियम की जगह पर अन्य तत्व को विस्थापित किया जा सकता है और अन्य तत्वों को विस्थापित करके फिटकरी को एक नया रूप या एक नए तत्व का निर्माण किया जाता है।

पोटेशियम के स्थान पर सोडियम, अमोनियम, लिथियम, टेल्यूरियम इत्यादि तत्वों का प्रयोग किया जा सकता है और एल्यूमीनियम के स्थान पर मैंगनीज, इरीडियम, क्रोमियम (क्रोम ऐलम), लोहा, गैलियम, वैनेडियम, कोबल्ट इत्यादि तत्वों का प्रयोग किया जा सकता है।

फिटकरी के भौतिक गुण

पोटेशियम फिटकरी के भौतिक गुणों की बात की जाए तो फिटकरी दिखने में कैसी दिखती है, इसके बारे में नीचे क्रम बद्ध जानकारी दी गई है।

  • पोटेशियम फिटकरी का क्रिस्टल रूप होता है।
  • इसकी सरंचना अष्टकोण में होती है।
  • यह लगभग ठोस अवस्था में पाई जाती है।
  • पानी में अत्यधिक घुलनशील रहती है।
  • साथ ही साथ पोटेशियम फिटकरी को निश्चित तापमान पर गर्म करने पर इस पोटेशियम फिटकरी का रंग लाल हो जाता है।
  • जब पोटेशियम फिटकरी को अधिकतम तापमान पर गर्म किया जाता है तो पोटेशियम फिटकरी वाष्पित हो जाती है और सल्फ्यूरिक एसिड और एल्युमीना के साथ-साथ पोटाश सल्फेट के मिश्रण को भी शेष छोड़ दिया जाता है और पानी की बूंदे गरम अणु में वाष्पित हो जाती है।
  • पोटेशियम फिटकरी की प्रकृति अमली होती है।
  • यह नीले लिटमस पत्र के संपर्क में आने पर नीले लिटमस पत्र को लाल लिटमस पत्र कर देते हैं।

फिटकरी के प्रकार 

फिटकरी जिसे मुख्यतः तीन प्रकार में विभाजित किया गया है। भौतिक व रासायनिक गुणों के आधार पर फिटकरी को तीन प्रकार में विभाजित किया गया है। फिटकरी के तीनों प्रकारो के बारे में नीचे जानकारी दी गई है।

पोटैशियम फिटकरी

पोटाश फिटकरी को आमतौर पर एलुनाइट खनिज से निकाला जाता है। इस फिटकरी में पोटेशियम अधिकतम मात्रा में पाया जाता है। यहां पर एल्यूमीनियम सल्फेट और पोटेशियम सल्फेट का संग्रहण होता है। पोटेशियम सल्फेट की वजह से यह क्रिस्टल रंगहीन बनता है।

इस फिटकरी का प्रयोग घरेलू व चिकित्सक कार्यो में अधिक मात्रा में किया जाता है। घर में उपयोग की जाने वाली फिटकरी को पोटेशियम फिटकरी कहा जाता है।

अमोनियम फिटकरी

जब एल्यूमीनियम के स्थान पर अमोनियम का प्रयोग होता है तो अमोनियम फिटकरी का निर्माण हो जाता है। यह फिटकरी जिसका रंग सफेद होता है और यह क्रिस्टलीय ठोस पदार्थ के रूप में पाई जाती है।

इसका इस्तेमाल ज्यादातर ब्यूटी प्रोडक्ट के लिए होता है। मतलब ऐसे कह सकते हैं कि खूबसूरती बढ़ाने वाले प्रोडक्ट में अमोनियम फिटकरी का मुख्य रूप से प्रयोग होता है।

क्रोम फिटकरी

इस फिटकरी का निर्माण एल्युमीनियम की जगह क्रोमियम के प्रयोग से होता है। यह फिटकरी जिसमें क्रोमियम पोटेशियम सल्फेट का मिश्रण होता है और इस फिटकरी को क्रोमियम पोटेशियम सल्फेट के नाम से भी जाना जाता है।

इस फिटकरी का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र में क्या जाता है। यह फिटकरी जिसका प्रयोग चमड़ा उद्योग के मुख्य रूप से होता है।

फिटकरी के मुख्य फायदे

  • फिटकरी का उपयोग लगभग 1500वीं शताब्दी से वर्तमान समय तक लगातार किया जा रहा है। वर्तमान समय में भी इस पदार्थ का मुख्य रूप से प्रयोग होता है।
  • पुराने जमाने में इस पदार्थ का प्रयोग चिकित्सक व सौंदर्य प्रसाधन के लिए किया जाता था। आज भी इस पदार्थ का प्रयोग चिकित्सक व सौंदर्य प्रसाधन के लिए किया जाता है।
  • यह पोटेशियम फिटकरी में अम्लीय विशेषताएं होने के कारण इसका उपयोग बेकिंग सोडा बनाने में मुख्य रूप से किया जाता है।
  • फिटकरी को औद्योगिक कामों में भी प्रयोग किया जाता है। इस पदार्थ को चमड़ा उद्योग में मुख्य रूप से प्रयोग लिया जाता है। साथ ही साथ बच्चों के खिलौने बनाने में भी फिटकरी का प्रयोग होता है।
  • इस पदार्थ में अम्लीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए इस पदार्थ का प्रयोग शरीर की दुर्गंध को दूर करने में किया जाता है।
  • फिटकरी जिसका प्रयोग खून का थक्का बनाने के लिए किया जाता है। मतलब यह है कि जब कहीं पर चोट लग जाती है तो फिटकरी का इस्तेमाल किया जाता है। फिटकरी के प्रयोग से खून बहुत तेजी से जमता है। इसीलिए आपने आसपास खून का थक्का बनाने के लिए फिटकरी का प्रयोग किया होगा।
  • आपने अक्सर देखा होगा कि हेयर सैलून की दुकान में फिटकरी का प्रयोग होता है। फिटकरी का प्रयोग एंटी जर्म के तौर पर भी किया जाता है।
  • पोटेशियम फिटकरी का मुख्य प्रयोग घर में जल उपचार के लिए किया जाता है। जल उपचार के रूप में आपने अक्सर देखा होगा कि जब पानी में गंदगी या पानी के टैंक में बदबू आना शुरु होती है तब फिटकरी का प्रयोग दुर्गंध को हटाने और पानी को साफ करने के लिए किया जाता है।

निष्कर्ष

फिटकरी जिसको घरेलु उपयोग वाला पदार्थ माना जाता है। फिटकरी का प्रयोग घरेलु और ओधोगिक दोनों जगहों पर बहुत ज्यादा होता है। आज हमने यहां फिटकरी क्या है? इसके बारे में जानकारी प्राप्त की है। इसके अलावा हमने यहां पर फिटकरी का रासायनिक नाम, फिटकरी का फार्मूला (Fitkari ka Rasayanik Sutra), फिटकरी के फायदे इत्यादि के बारे में भी जानकारी पहुचाई है।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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