बतख पर निबंध

Essay On Duck In Hindi: बत्तख क्या होती है? इसके बारे में सब जानते हैं। बत्तख एक प्रकार का पक्षी है। पक्षियों में बहुत सारी प्रजातियां होती है। जिनमें बत्तख प्रजाति भी शामिल है। आज का हमारा आर्टिकल जिसमें हम Essay On Duck In Hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाने वाले हैं।

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बतख पर निबंध | Essay On Duck In Hindi

बतख पर निबंध (250 शब्दों में)

हमारे पूरे विश्व में सभी पशु और पक्षियों की बहुत सी प्रजातियां देखने को मिलती है, उनमें से कुछ जलीय जीव होते हैं, कुछ धरती पर रहने वाले और कुछ हवा में उड़ने वाले पक्षी होते हैं। आज हम बतख के बारे में बताने जा रहे हैं।

बतख एक जल में रहने वाला जीव है, क्योंकि बतख अपना ज्यादा से ज्यादा समय पानी में ही बिताती है। ज्यादातर बतख झील, तालाब और समुद्र के पानी में पाई जाती हैं। बतखो की 40 प्रकार की प्रजातियां इस विश्व में पाई जाती हैं। कुछ बतख तो अंटार्कटिका के ठंडे पानी में भी रहती है।

बतख हंस प्रजाति की सबसे छोटी जीव मानी जाती है। बतख के पंख जल में तैरने में सहायक होते हैं। बतक अपने पंखों की वजह से पानी में रहकर भी गिला नहीं होता। अगर आप किसी चिड़ियाघर में अगर घूमने के लिए गए हो तो वहां पर जो तालाब होते हैं उनमें आपको बतख आसानी से देखने को मिल सकती है।

बतख के शरीर का आकार बहुत छोटा होता है, उसके पंख बहुत छोटे और नुकीले होते हैं। बत्तख की आयु 8 से 10 साल की होती है। बतख 1 साल में 250 से 300 अंडे देती है। जो मादा बतख होती है वह उन अंडों पर बैठकर उनको गर्मी देती है, इससे 28 दिन के अंदर बतख के बच्चे अंडे से बाहर निकल आते हैं। जो नर बत्तख होते हैं, वह मादा बता को पंख फैलाकर प्रजनन के लिए तैयार करते हैं। बतख जल में रहकर ही छोटी छोटी मछली और कीड़े मकोड़ों को भोजन के रूप में खाते हैं। बतख समुद्र के अंदर भी बहुत दूर तक का सफर तय कर लेती है।

बतख पर निबंध (800 शब्दों में)

प्रस्तावना

भारत देश में पशु और पक्षियों की अनेक प्रकार की प्रजातियां देखने को मिलती हैं। उसमें उसने जलचर नभचर और वायु में पाए जाने वाले कुछ पक्षी होते हैं। उनमें से आपको बता दे के बतख प्रमुख जलीय जीव है, क्योंकि बतख ज्यादा से ज्यादा समय पानी में रहता है। यह कुछ समय के लिए धरती पर भी घूम लेते हैं। पर ज्यादातर समय के पानी में ही तैरते रहते हैं। बतख हंस प्रजाति का सबसे छोटा जलीय जीव है, इसलिए अपना पूरा जीवन पानी में ही निकाल देते हैं।

बतख की आकर्षित करने वाली सुंदरता

बत्तख बहुत ही सुंदर दिखने वाला पक्षी होता है। क्योंकि हमारे देश में अलग-अलग रंगों में बतखों को देखा जाता है। आज लोग बतख पालन का भी व्यवसाय करते हैं। कई लोग तो इनको घर में भी पाल लेते हैं अपने मनोरंजन के लिए।

बत्तख जब बोलता है तो बहुत सुंदर आवाज निकालता है। ज्यादातर बत्तखों को ताजे और साफ पानी में रहना पसंद है। कुछ बतख तो उड़ भी सकते हैं और कुछ पानी में ही रहते हैं। रंग-बिरंगे बतख जब पानी में एक साथ तैरते हैं। तो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

बत्तख के शरीर की संरचना

एक बहुत ही सुंदर पक्षी होता है।इसकी गोल-गोल दो सुंदर आंखें होती हैं। इसके शरीर पर जो पंख होते हैं। वह छोटे और नुकीले होते हैं, जो इसको उड़ने में सहायता प्रदान करते हैं, तथा पानी में इसको गिला नहीं होने देते। इसके शरीर का आकार छोटा होता है।

बत्तख की आयु लगभग 2 साल से 10 साल तक की होती है और एक मादा बतख एक साल में लगभग ढाई सौ से 300 अंडे देती है। बतख की गर्दन बहुत लंबी होती है और इसकी चोंच थोड़ी छोटी व चपटी होती है, जिससे यह आसानी से जल में रहने वाले कीड़े, मकोड़े और अन्य जीवो को खा लेती है। बत्तख सभी प्रकार के भोजन को आसानी से खा लेती है। और इस के पंजे जालीदार होते हैं जो तेरने में सहायक होते हैं।

संपूर्ण विश्व में बतख की प्रजातियां

संपूर्ण विश्व में लगभग बतख की प्रजातियां 40 प्रकार की पाई जाती है। इनमें कुछ बतख अंटार्कटिका के ठंडे पानी में भी मिलती है। बतख सबसे ज्यादा झील, तालाब, नदी, समुद्र और महासागरों के पानी में रहती हैं। बत्तख की उन सभी  प्रजातियों में से सबसे ज्यादा वाइट पिकीन नामक प्रजाति की बत्तख सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है।

बत्तख के व्यवसाय की जानकारी

बतख पालन का व्यवसाय मुख्य रूप से बतख के मांस और उसके अंडों के लिए किया जाता है। क्योंकि यह बहुत ही सीधा जलीय पक्षी है, इसको पालना बहुत ही आसान होता है। पहले ज्यादातर लोग बत्तखों को अंडों के लिए पालते थे।लेकिन अब इन सब ने व्यवसाय का रूप ले लिया है।

हमारे देश में बहुत अधिक संख्या में लोग बतख का व्यवसाय करते है। लोग बहुत बड़ी संख्या में बत्तखों को बड़े बड़े फार्म हाउसों में कृत्रिम तालाब बना कर पालते हैं। क्योंकि जो उन्नत किस्म की बतख होती है,वह 1 साल में लगभग 300 अंडे देती है और बतख अपने जन्म के दूसरे और तीसरे साल में अधिक अंडे देती है। इसीलिए हमारे देश में आज मुर्गी पालन के व्यवसाय की जगह बत्तखों का पालन व्यवसाय किया जा रहा है।

बतख के अंडे खाने से क्या लाभ मिलता है?

बत्तख के अंडों में मैग्निशियम कैलशियम आयरन विटामिन बी विटामिन ए ओर थियामिन आदि तत्व मौजूद होते हैं। बतख के अंडे ओमेगा 3 फैटी एसिड का एक बहुत बड़ा रूप होता है, जो कि मानव शरीर के मेटाबॉलिज्म के लिए बहुत ही जरूरी होता है।

बत्तख एक सर्वाहारी जलीय पक्षी है

बत्तख  अक्सर जल में रहने वाले छोटे-छोटे कीड़े मकोड़े ओर मछलियों को ही अपने भोजन के रूप में खा लेते हैं इसके अलावा बतख के बच्चों को मटर, मक्का, हरी बींस गाजर, उबले अंडे, हरी घास, टमाटर और दूध आदि खिला सकते हैं। एक वयस्क बत्तख एक बार में 200 ग्राम तक भोजन खा लेती है। जब आप बत्तख को भोजन खिला रहे हैं, तो उसको खिलाने की मात्रा आपके पालने के उद्देश्य पर निर्भर करता है जैसे मांस का उत्पादन या अंडे देने के लिए या सिर्फ उसको पालने के उद्देश्य से।

कितने प्रकार की बत्तख होती है

अक्सर बदल दो प्रकार की पाई जाती हैं। एक तो समुद्र के खारे पानी वाली बत्तख और एक मीठे पानी की बत्तख।

समुद्री बत्तख – समुद्री बत्तख समुद्र के खारे पानी में भोजन की तलाश में नीचे तक चली जाती है, इस बतख को गोताखोर बत्तख भी कहा जाता है। समुद्री बतक मीठे पानी की बतक की तुलना में ज्यादा पाई जाती हैं। मार्गीनर, ईडर और स्कोटर आदि समुद्री बत्तखों में प्रमुख हैं।

मीठे पानी की बत्तख – इस प्रकार की बात को भी अक्सर कम गहरे पानी के आसपास देखा गया है। इन बतखों को तालाब, सरोवर, नदी के किनारे और झीलों के किनारे पर देखा जा सकता है और मीठे पानी की बत्तख अपने भोजन के लिए जलीय जीवो, मछलियों और धरती पर उगने वाले पेड़ पौधे ओर कीट पतंगों पर ही निर्भर रहते हैं। मालर्ड, ब्रिटिश शोवलेर, गोड़वाल्स आदि मीठे पानी की बत्तख के उदाहरण है।

बतख की कुछ खास विशेषताएं

बत्तख के शरीर में कुछ खास विशेषताएं होती हैं। उसके पैर एकदम जालीदार पेडलनुमा होते हैं, जो उसको पानी में तैरने में मदद करते हैं। उन जालीनुमा पैरो की मदद से बत्तख बहुत तेजी से पानी में तैर पाती हैं। बतख के पैरों में कोई भी तंत्रिका नहीं होती हैं। तंत्रिका ना होने के कारण भी वह ठंडे से ठंडे पानी में भी आसानी से तैर सकते हैं और उसकी दूसरी विशेषता उसके जल रोधी पंख होते हैं, जो उसको पानी में तैरते समय भीगने नहीं देते।

निष्कर्ष

हमारे देश में बतख अलग-अलग रंगों का पाया जाता हैं। यह पक्षी साफ स्वच्छ पानी में तैरना ज्यादा पसंद करते हैं। बतख की आवाज सबको बहुत पसंद आती हैं। इसकी आंखों की रोशनी इतनी तेज होती है कि वह दूर तक अपने शिकार को आसानी से देख लेती है और बत्तख हंस की प्रजाति का सबसे छोटा पक्षी माना जाता है।

अंतिम शब्द

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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