द्रोपदी मुर्मू का जीवन परिचय

भारत के लोकतंत्र में राष्ट्रपति का पद सबसे सर्वोच्च माना जाता है। हाल ही में रामनाथ कोविंद भारत के राष्ट्रपति हैं लेकिन अब इनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है। इसलिए 18 जुलाई को भारत के नए राष्ट्रपति नियुक्ति के लिए मतदान होने वाला है। भारत के भारतीय जनता पार्टी द्वारा द्रौपदी मुर्मू को भारत के अगले राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए पसंद किया गया है।

जहाँ एनडीए की पार्टी से राष्ट्रपति पद के लिए महिला उम्मीदवार है तो वहीं विपक्ष दल से यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में पसंद किया गया है। जब से ही द्रोपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए आया है तब से ही यह ख़बरों में छाई हुई है।

Draupadi Murmu Biography in Hindi

हालांकि भाजपा संसदीय बोर्ड ने 20 नामों पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने पूर्वी भारत की राजनेता और आदिवासी महिला द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए चुनने का निर्णय लिया। द्रोपति मुर्मू 64 वर्ष की है। यदि ये राष्ट्रपति बनती हैं तो इन्हें भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति के खिताब का गौरव प्राप्त होगा।

जहां अब तक द्रोपदी मुर्मू के बारे में बहुत से लोग पूरा पूरा नहीं जानते थे, अब हर कोई द्रोपदी मुर्मू के जीवन के बारे में जानने के लिए उत्सुक है। इसीलिए आज का यह लेख हम लेकर आए हैं, जिसमें हम आपको भारत के राष्ट्रपति मतदान के लिए नामांकित उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के जीवन परिचय बताने वाले हैं।

इस लेख में हम उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर उनके राजनीतिक सफर के बारे में भी जानेंगे। तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय (उम्र, जाति, शिक्षा, परिवार, पति पेशा, धर्म, अवार्ड्स)

द्रोपदी मुर्मू का जीवन परिचय संक्षिप्त में

नामद्रौपदी मुर्मू
जन्म20 जून 1958
जन्मस्थानमयूरभंज, उड़ीसा (भारत)
पेशाराजनेता
पार्टीभारतीय जनता पार्टी
पतिश्याम चरण मुर्मु
पुत्रीइतिश्री मुर्मू
पुत्रदो (दोनों का निधन हो चुका है)
उम्र64 वर्ष
लंबाई5 फिट 4 इंच
जातिअनुसूचित जनजाति
धर्महिंदू
पिता का नामबिरांची नारायण टुडू
राज्यपालझारखंड (2015)

द्रौपदी मुर्मू कौन हैं?

द्रोपति मुर्मू उड़ीसा की एक आदिवासी महिला नेता है, जो साल 2015 में झारखंड की राज्यपाल रह चुकी है। इसके अतिरिक्त भी इनका राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। 24 जून 2022 को इनका राष्ट्रपति मतदान के लिए नामांकन कार्य भी हुआ, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई मंत्री और राजनेताओं ने इनके नामांकन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

जहां एनडीए की तरफ से द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति मतदान के लिए चुना गया, वहीं विपक्ष दल से यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति मतदान के लिए चुना गया है। अब देखना यह है कि कौन राष्ट्रपति बनने में कामयाब हो पाता है।

हालांकि यदि द्रोपति मुर्मू राष्ट्रपति बनने में सफलता प्राप्त कर लेती हैं तो यह भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति कहलाएंगी। इससे पहले भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल रह चुकी है। यही नहीं द्रोपदी मुर्मू पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का खिताब जीत लेंगी।

द्रोपदी मुर्मू का प्रारंभिक जीवन

द्रोपदी मुर्मू उड़ीसा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव गांव की रहने वाली हैं। इनका जन्म 20 जून 1958 को हुआ था। द्रोपदी मुर्मू के पिता का नाम बिरंचि नारायण टूडू है। द्रौपदी मुर्मू संथाल आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। इनका विवाह श्याम चरण मुर्मु से हुआ था, जो अब जीवित नहीं है।

इनके दो बेटे और एक बेटी हैं लेकिन इनके दोनों पुत्रों की मृत्यु हो चुकी है। अभी बस इनकी केवल एक बेटी है, जिनका नाम इतिश्री मुर्मु है। जिंदगी की ऐसी कठिनाई के क्षणों में भी इन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इस दुखद क्षण से बाहर निकलने के लिए राजनीति में कदम रखा था ताकि समाज और राष्ट्र के लिए कुछ कर सके।

द्रोपदी मूर्मू की शिक्षा

द्रोपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय की होने के बावजूद इन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव में ही की। प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने के बाद द्रोपदी मूर्मू भुनेश्वर आ गई, जहां पर उन्होंने भुनेश्वर स्थित रामा देवी महिला कॉलेज स्नातक की डिग्री के लिए दाखिला लिया। यहां से इन्होंने अपनी स्नातक की डिग्री हासिल की।

शिक्षा पूर्ण होने के बाद द्रोपति मुर्मू ने 1979 में उड़ीसा के बिजली डिपार्टमेंट में जूनियर असिस्टेंट के तौर पर काम किया। ये साल 1983 तक बिजली डिपार्टमेंट में जूनियर असिस्टेंट के पद पर बनी रही। उसके बाद इन्होंने अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर जो उड़ीसा के रायपुर में स्थित है, वहां एक अध्यापक के तौर पर काम किया।

द्रोपदी मुर्मू का राजनीती सफर

  • द्रोपति मुर्मू ने शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ के राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखा। साल 1997 में रायरंगपुर नामक उड़ीसा के एक नगर पंचायत के सांसद चुनाव में खड़ी हुई और जीत हासिल की।
  • अनुसूचित जनजाति से होने के कारण भारतीय जनता पार्टी ने इन्हें अनुसूचित जनजाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने का मौका दिया और इस तरह में आदिवासी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बनीं।
  • द्रौपदी मुर्मू दो बार विधायक भी बन चुकी है। यह उड़ीसा के मयूरभंज जिले से दो बार साल 2000 और 2009 में भाजपा के टिकट से विधायक के चुनाव के लिए खड़ी हुई और जीत हासिल की।
  • उसके बाद साल 2000 और साल 2004 में इन्हें भारत के जनता पार्टी और नवीन पटनायक की बीजू जनता दल के गठबंधन की सरकार में इन्हें वाणिज्य परिवहन और मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में मंत्री बनने का मौका भी मिला।
  • उसके बाद साल 2015 में द्रोपदी मुर्मू को झारखंड की नौवी राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करवाया गया। उस वक्त सैयद अहमद झारखंड के राज्यपाल के पद पर थे, जिनकी जगह द्रौपदी मुर्मू ने लिया था।
  • झारखंड की राज्यपाल का द्रोपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला राज्यपाल का खिताब भी इन्होंने जीता। इसके साथ ही भारत की प्रथम आदिवासी महिला राज्यपाल रहीं। 18 जुलाई के राष्ट्रपति मतदान में द्रोपदी मुर्मू जीत जाती हैं तो ये प्रतिभा पाटिल के बाद दूसरी भारतीय महिला राष्ट्रपति कहलायेंगी और पहली बार ऐसा होगा कि एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनेगी।

FAQ

द्रौपदी मुर्मू चर्चे में क्यों है?

द्रोपदी मुर्मू आजकल खबरों में बहुत चर्चा में है क्योंकि 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए मतदान होना है और भाजपा की तरफ से द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया गया है।

द्रोपदी मुर्मू कौन से राज्य की है?

द्रोपति मुर्मू उड़ीसा की रहने वाली हैं और यह आदिवासी समुदाय की हैं।

द्रोपदी मुर्मू कौन है?

द्रोपति मुर्मू एक भारत की महिला राजनेता है, जो आदिवासी समुदाय से आती हैं। झारखंड राज्य की राज्यपाल रह चुकी है। उड़ीसा राज्य की रहने वाली हैं और हाल ही में राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा की तरफ से इन्हें नामांकित किया गया है।

रामनाथ कोविंद का कार्यकाल कब खत्म होगा?

वर्तमान में रामनाथ कोविंद भारत के राष्ट्रपति के पद पर विराजमान है और 24 जुलाई को इनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।

द्रोपदी मुर्मू को कौन सा पुरस्कार मिल चुका है?

साल 2007 में उड़ीसा विधानसभा के द्वारा द्रौपदी मुर्मू को सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए नीलकंठ पुरस्कार से पुरस्कृत किया था।

द्रौपदी मुर्मू कौन से राज्य की राज्यपाल रह चुकी  है?

द्रोपदी मुर्मू झारखंड राज्य की राज्यपाल रह चुकी हैं। यह झारखंड राज्य की प्रथम महिला राज्यपाल है।

निष्कर्ष

आज के लेख में भारत की एक महिला राजनेता द्रौपदी मुर्मू के बारे में बताया। इस लेख में हमने उनका प्रारंभिक जीवन परिचय और राजनीतिक परिचय भी दिया। हमें उम्मीद है कि इस लेख के जरिए आपको द्रोपदी मुर्मू के जीवन के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला होगा।

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