डीएलएड कोर्स (DLED Course) क्या है, कैसे करें?

DLED Kya Hai: दुनिया की अधिकतर विद्यार्थियों का सपना इंजीनियर और डॉक्टर बनने का होता है। शुरुआत में 10वीं व 11वीं कक्षा में पढ़ता है तो विद्यार्थी एक ही लक्ष्य के साथ पढ़ाई करता है कि मुझे डॉक्टर बनना है। क्या मुझे इंजीनियर बनना है? लेकिन कई ऐसे भी जाती हुई है। जो शुरुआत से ही शिक्षक बनने को लेकर पढ़ाई करते हैं और शुरुआत से ही अपना लक्ष्य शिक्षक बनना रखते हैं।

DLED Kya Hai
Image: DLED Kya Hai

शिक्षक बनने के लिए विद्यार्थी के पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के तौर पर ग्रेजुएशन डिग्री और टीचिंग कोर्स होना जरूरी है। आज हम इस आर्टिकल में DLED कोर्स क्या है? (DLED Kya Hai) इसके बारे में बात करने वाले DLED कोर्स जो टीचर बनने के लिए विद्यार्थियों के पास होना जरूरी है।

हालांकि इस कोर्स के बिना भी विद्यार्थी अलग ग्रेजुएशन डिग्री लेकर टीचर बन सकता है। आज का ही आर्टिकल जिसमें हम DLED कोड क्या है (DLED Kya Hai) और DLED कोर्स को कैसे करें? इसके बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाने वाले हैं। इसके साथ ही आप यहाँ से रीट नोट्स (REET NOTES) भी देख सकते हैं।

DLED कोर्स क्या है?

जिन विद्यार्थियों का शुरुआत से ही टीचर बनने का सपना है। उन विद्यार्थियों के लिए यह कोर्स काफी बेहतरीन रहता है। टीचर बनने वाले विद्यार्थी इस DLED Course को कर सकते हैं। DLED कोर्स के फुल फॉर्म की बात की जाए तो DLED की फुल फॉर्म डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (Diploma in Elementary Education) होती है।

आप सभी अच्छी तरह से वाकिफ होंगे कि शिक्षा से संबंधित हर प्रकार का ज्ञान विद्यार्थी टीचर के द्वारा ही सीखता है। टीचर एक दीपक की तरह होता है। जो खुद जलकर बच्चों के भविष्य को उजाला देता है।

सरकारी स्कूल में जो टीचर पढ़ाते हैं। उन शिक्षकों के लिए प्राइमरी स्कूल तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए कुछ अलग प्रकार के कोर्स बनाए गए हैं। जिनके द्वारा उम्मीदवार को बच्चों को पढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है और उसमें यह DLED कोर्ट भी शामिल है। रियलिटी कोर्ट के माध्यम से प्राइमरी स्कूल के बच्चों को पढ़ाने की ट्रेनिंग उम्मीदवार को मिलती है। DLED कोर्स 2 वर्ष का होता है। इस कोर्स को करने के पश्चात विद्यार्थी सरकारी टीचर भर्ती में अपना आवेदन लगा सकता है और प्राइमरी तक के विद्यार्थियों को पढ़ा सकता है।

हालांकि टीचर बनने से पहले उम्मीदवार के पास DLED कोर्स के पश्चात TET या CTET की परीक्षा उत्तीर्ण का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। तब जाकर उम्मीदवार सरकारी अध्यापक बन सकता है। अन्यथा विद्यार्थी सरकारी अध्यापक नहीं बन पाएगा।

DLED करने की योग्यता

DLED क्या है? इसके बारे में आपको जानकारी मिल चुकी है। अब हम बात करने वाले हैं कि DLED कोर्स करने के लिए उम्मीदवार के पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए।

जो उम्मीदवार DLED कोर्स करना चाहता है। उस उम्मीदवार के पास DLED में प्रवेश लेने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। 12वीं कक्षा विद्यार्थी विज्ञान वर्ग कला वर्ग या वाणिज्य वर्ग किसी भी वर्ग से कर सकता है।

साथ ही साथ विद्यार्थी के 12वीं कक्षा में न्यूनतम 50% अंक होने अनिवार्य है। हालांकि भारत में कई आरक्षित जातियां हैं। उन जाति वर्ग के विद्यार्थियों को 5% तक छूट प्रदान करवाई जाएगी। इसके अलावा जो विद्यार्थी शारीरिक रूप से विकलांग हैं। उन विद्यार्थियों को भी 12वीं कक्षा के अंकों में 5% तक की छूट प्रदान करवाई जाएगी।

इसके अलावा यदि किसी विद्यार्थी के 12वीं कक्षा में 50% से कम अंक हैं और विद्यार्थी d.led का कोर्स करना चाहता है तो उस कंडीशन में विद्यार्थी को इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए NIOS आपको अपने नंबर इंप्रूवमेंट का एक मौका देता है और उसके पश्चात आप सीनियर सेकेंडरी मतलब 12वीं की परीक्षा के विषय में भी एडमिशन ले सकते हैं और अपने नंबर को बेहतरीन कर सकते हैं। नंबर बेहतरीन हो जाने के पश्चात आप डी एलईडी के कोर्स में अपना आवेदन लगा सकते हैं।

उम्र सीमा (AGE LIMIT) 

इस कोर्स को करने के लिए विद्यार्थी की न्यूनतम उम्र 17 वर्ष से 18 वर्ष के बीच होनी जरूरी है। इससे कम उम्र वाले विद्यार्थी इसको स्कूल नहीं कर सकते और अधिकतम उम्र के रूप में उम्मीदवार की उम्र 35 वर्ष निर्धारित की गई है। 35 वर्ष से अधिक उम्र वाले विद्यार्थी इस कोष में अपना आवेदन नहीं लगा सकते हैं। हालांकि आरक्षित जाति वर्ग में 5 वर्ष की छूट प्रदान की जाती है।

DLED कोर्स कैसे करें?

जब विद्यार्थी DLED कोर्स के बारे में सुनता है। तो विद्यार्थी के मन में एक सवाल जरूर पैदा होता है कि DLED डिप्लोमा कोर्स को कैसे करें? DLED कोर्स कैसे करें इसके बारे में जानकारी हम देने वाले हैं।

DLED डिप्लोमा कोर्स में विद्यार्थी दाखिला कैसे ले सकता है। इसके बारे में हम जानकारी देने वाले हैं। DLED कोर्स में दाखिला लेने के लिए आपके सामने दो ऑप्शन उपलब्ध करवाए जाते हैं। पहला इसके अलावा भारत में कई प्राइवेट कॉलेज भी है, जहां पर DLED डिप्लोमा कोर्स विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध है।

DLED Course करने के लिए सर्वप्रथम विद्यार्थी को बेहतरीन अंकों के साथ भारी कक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात विद्यार्थी को कॉलेज में दाखिला मिलेगा। DLED का Course 2 साल का होता है। 2 साल पूरे होने के पश्चात विद्यार्थी को DLED का डिप्लोमा दे दिया जाएगा।

यदि कोई विद्यार्थी DLED प्रवेश परीक्षा के जरिए अपना आवेदन लगाता है। तो उस विद्यार्थी को सर्वप्रथम प्रवेश परीक्षा देनी होगी और उसके पश्चात मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश परीक्षा में विद्यार्थी के अंकों का मूल्यांकन होगा और उन्हीं अंकों के आधार पर विद्यार्थी का चयन किया जाएगा। यदि विद्यार्थी को गवर्नमेंट कॉलेज मिल जाता है तो फीस का भुगतान कम करना होगा अन्यथा इस कोर्स के लिए ज्यादा फीस देनी होगी।

DLED कोर्स करने के लिए यदि विद्यार्थी का नंबर सरकारी कॉलेज में आ जाता है तो न्यूनतम ₹10000 विद्यार्थी को फीस देनी होगी। परंतु यदि विद्यार्थी का नंबर सरकारी कॉलेज में नहीं आता है और विद्यार्थी प्राइवेट कॉलेज से इस उसको करना चाहता है तो ऐसे में विद्यार्थी से करीब ₹140000 फीस प्राइवेट कॉलेज में ली जाएगी।

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DLED की सिलेबस (Syllabus)

DLED का 2 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स है। इन 2 सालों में आपको अलग-अलग विषयों की पढ़ाई करनी होती है और 2 साल में प्राइमरी स्कूल के बच्चों के पढ़ाने की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है। DLED कोर्स का सिलेबस क्या रहता है? इसके बारे में जानकारी नीचे दी गई हैः

1st Year Subject

  • childhood and the development of children
  • Contemporary society
  • Towards understanding the self
  • Pedagogy of English language

2nd Year Subject

  • cognition, socio-cultural context
  • guidance and counseling
  • leadership and change
  • Pedagogy of environmental studies
  • school health and education
  • fine arts and education

TOP DLED COLLEGE IN INDIA

भारत में DLED कोर्ट के लिए बहुत सारे सरकारी और प्राइवेट कॉलेज है। लेकिन जब सर्वश्रेष्ठ कॉलेज की बात आती है तो भारत के कुछ ऐसे कॉलेज सर्वश्रेष्ठ की लिस्ट में शामिल है। जहां पर DLED डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध कराया जाता है और इन कॉलेज में ज्वाइन होकर आप प्राइमरी स्कूल के शिक्षक बन सकते हैं।

कहने का मतलब यह है कि भारत के बेस्ट DLED कॉलेज में दाखिला लेकर आप इस डिप्लोमा कोर्स को हासिल कर सकते हैं और प्राइमरी स्कूल के शिक्षक बन सकते हैं। भारत के टॉप बेस्ट डिग्री कॉलेज की लिस्ट नीचे निम्नलिखित रुप से दी गई हैः

  • ICFAI University (West Tripura)
  • AMAR BHARTIYA MAHAVIDYALAYA (GWALIOR)
  • Budha College of Education (Karnal)
  • RKDF University (Bhopal)
  • University of Mumbai
  • Jaipur National University
  • Amity University, Noida
  • RKDF University, Bhopal
  • SGT University Gurgaon
  • R.R Group of Institute Lucknow
  • I E BHOPAL
  • HG M Azam College of Education, Pune

DLED कोर्स से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल

DLED कोर्स क्या है?

यह एक डिप्लोमा कोर्स है। इस Course के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राइमरी स्कूल के शिक्षक बनने का मौका मिलता है।

DLED कोर्स कितने वर्ष में पूरा होता है?

जो विद्यार्थी इस डिप्लोमा कोर्स को लेना चाहता है। उन विद्यार्थियों को बताना चाहूंगा, कि DLED डिप्लोमा कोर्स जो 2 वर्ष का होता है। 2 वर्ष में विद्यार्थी इस कोर्स को पूरा कर सकते हैं।

DLED कोर्स के लिए कितनी फीस देनी होती हैं?

हर प्रकार के डिप्लोमा और डिग्री कोर्स की फीस कॉलेज के आधार पर निर्धारित होती है। इसी प्रकार से यदि कोई व्यक्ति DLED डिप्लोमा कोर्स सरकारी कॉलेज से करता है। तो न्यूनतम ₹10000 और यदि प्राइवेट कॉलेज से करता है। तो अधिकतम ₹140000 की फीस देनी होती है।

DLED की फुल फॉर्म क्या है?

Diploma in Elementary Education

DLED के लिए जरूरी योग्यता क्या है?

जो विद्यार्थी DLED डिप्लोमा कोर्स करना चाहता है। उस विद्यार्थी के पास 12वीं कक्षा बोर्ड का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है और 12वीं कक्षा में न्यूनतम 50% अंक होना जरूरी है। साथ ही साथ विद्यार्थी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 35 वर्ष होना जरूरी हैः हालांकि आरक्षित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को 12 वीं कक्षा में 5% अंक की छूट मिलती है और उम्र में भी 5 वर्ष की छूट मिलती है।

CONCLUSION

आज का हमारा आर्टिकल जो प्राइमरी स्कूल में टीचर बनने के लिए कौन सा कोर्स जरूरी होता है, इसके बारे में था। इस आर्टिकल में हमने DLED कोर्स के बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। DLED कोर्स करने के पश्चात विद्यार्थी प्राइमरी स्कूल का टीचर बन सकता है।

DLED कोर्स क्या होता है? (DLED Kya Hai) इसके बारे में संपूर्ण जानकारी किस आर्टिकल में आप तक उपलब्ध करवाई गई है। उम्मीद करता हूं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। यदि किसी व्यक्ति को इस आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल हैः तो हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकता है।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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