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देशभक्ति पर बेहतरीन शायरी

यदि आप desh bhakti shayari in hindi खोज रहे हैं तो आप बिलकुल सही जगह पर आएं है। यहां पर सबसे देशभक्ति शायरी का कलेक्शन शेयर किया है।

इस कलेक्शन में हमने दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी शामिल की है, जो आपके अंदर एक देश भक्ति भावना जगा देगी और देशप्रेम के लिए आपको अग्रेसर कर देगी।

यहां पर शेयर की गई सभी नई देश भक्ति शायरी है और आप इन्हें अपने सोशल मीडिया पर शेयर करके अपने देशभक्ति के भाव प्रकट कर सकते हैं।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा शेयर की गई यह देश भक्ति शायरी आपको बहुत पसंद आएगी।

देशभक्ति पर शायरी (Desh Bhakti Shayari in Hindi)

desh bhakti shayari

इस तिरंगे को कभी मत तुम झुकने देना,
देश की बढ़ती शान को तुम कभी न रुकने देना,
यही अरमान है बस अब इस दिल में, कि ऐसे ही आगे तुम बढ़ते रहना।

ऐ मेरे वतन के लोगो
तुम खूब लगा लो नारा,
ये शुभ दिन है हम सब का
लहराओ तिरंगा प्यारा,
पर मत भूलो सीमा पर
वीरों ने प्राण गवाए,
कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर ना आये।

दोस्तों… एक सैनिक ने क्या खूब कहा है…
किसी गजरे की खुशबू को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना… ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।

कर जस्बे को बुलंद जवान
तेरे पीछे खड़ी आवाम
हर पत्ते को मार गिरायेंगे
जो हमसे देश बटवायेंगे।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है।

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देशभक्ति शायरी

ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है।
जय हिन्द

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता।

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे,
बची हो जो एक बूँद भी लहू की तब तक,
भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे।

गूंज रहा है दुनिया में भारत का नगाड़ा,
चमक रहा आसमान में देश का सितारा,
आजादी के दिन आओ मिलकर करें दुआ,
की बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा।
Happy Independence Day

Desh Bhakti Shayari in Hindi

जन्नत से बढकर वतन कर ले
जय हिंद जय हिंद, वंदेमातरम्
अमर शहीदों को नमन कर ले।

एक दिया उनके भी नाम का
रख लो पूजा की थाली में,
जिनकी सांसे थम गई हैं
भारत माँ की रखवाली में।

दिल हमारे एक हैं एक ही है हमारी जान,
हिंदुस्तान हमारा है हम हैं इसकी शान,
जान लुटा देंगे वतन पे हो जायेंगे कुर्बान,
इसलिए हम कहते हैं मेरा भारत महान।

कुछ हाथ से मेरे निकल गया,
वो पलक झपक के छिप गया,
फिर लाश बिछ गयी लाखों की,
सब पलक झपक के बदल गया।
जब रिश्ते राख में बदल गए,
इंसानियत का दिल दहल गया,
मैं पूछ पूछ के हार गया,
क्यूँ मेरा भारत बदल गया?

दिलों की नफरत को निकालो,
वतन के इन दुश्मनों को मारो,
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन,
भारत माँ के सम्मान को बचा लो!!

इश्क तो करता है हर कोई,
महबूब पर मरता है हर कोई,
कभी वतन को महबूब बना कर देखो,
फिर तुझ पर मरेगा हर कोई।

मेरा दिल मेरी धड़कन मेरी जान हो तुम
अब तो मेरे वजूद की पहचान हो तुम
ए मेरे भारत देश महान हो तुम महान हो तुम।

आरजू बस यही है
मेरी हर सांस देश के नाम हो
जो सिर उठे तो मेरे सामने तिरंगा हो
जो सिर झुके तो वतन को प्रणाम हो।

ना दे दौलत, ना दे शोहरत कोई शिकवा नहीं
बस भारत मां की संतान बना देना,
हो जाऊं शहीद तो बस तिरंगे में लिपटा देना।

उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई,
उनकी शहादत का क़र्ज़ देश पर उधार है,
आप और हम इस लिए खुशहाल हैं क्योंकि,
सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी

दुश्मन की औकात नहीं थी
ये तो देश के गद्दारों ने ही खंजर घोपा है
दुश्मन को बाद में पहले गद्दारों को मिटाना है।

जुनून नहीं इश्क हो तुम मेरा
तिरंगा नहीं शान हो तुम मेरी
मां नहीं जान हो तुम मेरी।

desh bhakti shayari in hindi

चिराग जलते है तो जलने दो
आसमां रोशन होता है होने दो
बंद करो हिन्दू मुस्लिम को बाटने का धंधा
अब हमे मिलजुलकर एक तिरंगे के नीचे रहने दो।

तूफान कभी शांत नहीं होते
आंधियों से जो डर जाए वो मुकाम नहीं होते
जो देश के झंडे को सलाम नहीं करते
वो सच्चे इंसान नहीं होते।

लुटेरा है अगर आजाद तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है।

जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है।

बड़े अनमोल हे ये खून के रिश्ते
इनको तू बेकार न कर,
मेरा हिस्सा भी तू ले ले मेरे भाई
घर के आँगन में दीवार ना कर।

जहाँ पक्षपात के फैले जाल होते हैं,
वहाँ हुनरमंदों के सपने बेहाल होते हैं,
वो मुल्क़ कभी तरक्की नहीं कर सकता,
जहाँ के वज़ीर ही दलाल होते हैं।

खुशनसीव हैं वो जो
वतन पे मिट जाते हैं,
मर कर भी वो लोग
अमर हो जाते हैं,
करता हूँ तुम्हे सलाम
ऐ वतन पर मिटने वालो,
तुम्हारी हर सांस में बसना
तिरंगे का नसीव है।
जय हिन्द…!

हर पत्ते पर तेरा नाम लिख दूंगा
जो आंख उठेगी तेरी तरफ
वो हर एक आंख को बंद कर दूंगा
देश के खातिर अपने आप को कुर्बान कर दूंगा।

जब तक सांसे चले भारत मां तुझे प्रणाम करूं,
अगर हो जाऊं शहीद तो
तिरंगे में लिपटकर तेरा गुणगान करूं।

हम वो वीर नौजवान है
जो भारत मां की तरफ आंख उठाने वाले का
जहानुम तक पीछा नहीं छोड़ते।

वीरों ने बलिदान दिया था हिन्दुस्तान बनाने को
तुमने हिन्दू-मुस्लिम बना दिया
छोड़ो ये मजहबी झगड़े, आओ सब मिलकर
फिर नया हिन्दुस्तान बना दे।

दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि,
मजहब बीच में न आये कभी,
तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो ,
वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आये कभी।

जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो:
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो:
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

desh bhakti shayari in hindi

मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है, हैं दोनों इंसान,
ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ ले कुरान,
अपने तो दिल में है दोस्त, बस एक ही अरमान,
एक थाली में खाना खाये सारा हिन्दुस्तान।

आज फिर कयामत होगी
महफिल तुम्हारी होगी दोस्त भी तुम्हारे होंगे
बस चर्चे हमारे हिंदुस्तान के होंगे।

खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है।

आज मुझे फिर इस बात का गुमान हो,
मस्जिद में भजन मंदिरों में अज़ान हो,
खून का रंग फिर एक जैसा हो,
तुम मनाओ दिवाली मेरे घर रमजान हो।

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मुझे तन चाहिए न धन चाहिए,
बस अमन से भरा ये वतन चाहिए,
जब तक जिंदा रहूँ इस मात्रभूमि के लिए,
और जब मरू तो तिरंगा कफ़न चाहिए।

जब भारत मां मुझे पुकारती है
तो इस कदर दीवाना हो जाता हूं
कि मौत भी पास आए तो गले लगा लेता हूं।

फना होने की इज़ाजत ली नहीं जाती,
ये वतन की मोहब्बत है जनाब
पूछ के की नहीं जाती।

हम वतन के सिपाही है
तन मन धन सब देश के नाम लिख जाएंगे
जान तो क्या रूह भी देश के नाम कर जाएंगे।

और भी खूबसूरत और भी ऊंचा
मेरे देश का नाम हो जाये,
काश कि हर हिंदू विवेकानंद
और हर मुस्लिम कलाम हो जाये।

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहराएंगे हर जगह..
ये तिरंगा नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।
Happy Independence Day

ये नफरत बुरी है न पालो इसे,
दिलो में खलिश है निकालो इसे,
न तेरा, न मेरा, न इसका, न उसका,
यह सब का वतन है, बचा लो इसे।

मेरे मुल्क की हिफाज़त ही मेरा फ़र्ज है
और मेरा मुल्क ही मेरी जान है,
इस पर कुर्बान है मेरा सब कुछ,
नही इससे बढ़कर मुझको अपनी जान है।

desh bhakti shayari in hindi

देश भक्ति शायरी

तिरंगा ही मेरा स्वाभिमान है
नहीं होने दूंगा तुझे नीलाम
जब तक मेरे शरीर में जान है।

आरजू बस यही है
दम निकले तो तेरी बन्दगी में
जय हिंद का नारा हो,
तिरंगा कफ़न हमारा हो।

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सीने में जुनून दिल में हिंदुस्तान रखता हूं
देखकर दुश्मन की सांसे थम जाए
आंखों में ऐसी जवाला रखता हूं।

मत देख लेना निगाह उठा कर
मेरे वतन की तरफ वरना
वक्त भी तुम्हारा होगा
जगह भी तुम्हारी होगी
बस तिरंगा हमारा होगा।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

आज आसमान भी बहुत रोया है
किसी गद्दार की वजह से
मेरे देश ने एक फौजी खोया है।

खूब बहती है, अमन की गंगा बहने दो,
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो,
लाल हरे रंग में ना बाटो हमको,
मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो।

गूंजे कहीं पर शंख, कहीं पे अजान है,
बाइबिल है, ग्रन्थ सहाब है, गीता का ज्ञान है,
दुनिया में कहीं और ये मंजर नसीब नहीं,
दिखा दो दुनिया को के ये हिन्दुस्तान है।

बच्चे बच्चे के दिल में कोई अरमान निकलेगा,
किसी के रहीम तो किसी के राम निकलेगा,
मगर उनके दिल को चीर के देखा जाए,
तो उसमें हमारा प्यारा हिन्दुस्तान निकलेगा।

मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है,
कि चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है,
मैं अमन पसंद हूँ,
मेरे शहर में दंगा रहने दो,
लाल और हरे में मत बांटो,
मेरी छत पर तिरंगा रहने दो।

तीन रंग का नही वस्त्र, ये ध्वज देश की शान है,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान है,
यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान है
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान हैं।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

deshbhakti shayari

आखरी तमन्ना है मेरी कि
मातृभूमि की रगो में ऐसे उतर जाऊं
जैसे बादल से पानी बन बरस जाऊं।

आओ झुक कर करें सलाम उन्हें,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
कितने खुशनसीब हैं वो लोग,
जिनका खून वतन के काम आता हैं।

हम अपने खून से लिखेंगे कहानी ऐ वतन मेरे,
करे कुर्वान हंस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे,
दिली ख्वाइश नहीं कोई मगर ये इल्तजा बस है,
हमारे हौसले पा जाये मानी ऐ वतन मेरे।

सरहद तुम्हें पुकारे तुम्हें आना ही होगा,
कर्ज अपनी मिट्टी का चुकाना ही होगा,
दे करके कुर्बानी अपने जिस्मो-जां की,
तुम्हे मिटना भी होगा मिटाना भी होगा।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

तन मन धन अर्पित कर दो अभिनव अभियान को
वंदन कर लो अमर शहीदों के खूनी बलिदान को
हिम शिखरों से ऊंची कर दो हिंदुस्तानी शान को
और वक्त पड़े तो मस्तक दे दो भारत स्वाभिमान को।

करीब मुल्क के आओ तो कोई बात बने,
बुझी मशाल को जलाओ तो कोई बात बने,
सूख गया है जो लहू शहीदों का,
उसमें अपना लहू मिलाओ तो कोई बात बने।

बस अब एक ही तमन्ना है
दम निकले तो भारत मां के चरणों में निकले
कफन लिपटे तो तिरंगा ही लिपटे।

बस ये बात हवाओं को बताये रखना,
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना,
लहू देकर जिसकी हिफाज़त की शहीदों ने,
उस तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना।

भारतमाता तुम्हें पुकारे आना ही होगा,
कर्ज अपने देश का चुकाना ही होगा,
दे करके कुर्बानी अपनी जान की,
तुम्हे मरना भी होगा मारना भी होगा।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

अपनी धरती अपना हैं ये वतन, मेरा है मेरा है ये वतन,
इस पर जो आॅंख उठाएगा, जिंदा दफना दिया जाएगा
मुझे जान से भी प्यारा है ये वतन।

लहराएगा तिरंगा अब नीले आसमान पर,
भारत का नाम होगा सबकी जुबान पर,
ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान,
कोई जो उठाएगा आँख हमारे हिन्दुस्तान पर।

खुशबू मेरे वतन की सांसो में इस तरह घुल गई है
कि जब भी कुछ बोलता हूं और सोचता हूं
तो जय हिंद, वंदेमातरम ही याद आता है।

शहीद देश भक्ति शायरी

कतरा – कतरा भी दिया वतन के वास्ते,
एक बूँद तक ना बचाई इस तन के वास्ते ,
यूं तो मरते है लाखो लोग हर रोज़,
पर मरना तो वो है जो जान जाये वतन के वास्ते।

दे सलामी इस तिरंगे को,
जिस से तेरी शान है,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका,
जब तक तुझ में जान है।

फहराए तिरंगा अंबर में
मां का धानी परिधान रहे
जब तक चमके सूरज चंदा
ये मेरा प्यारा हिन्दुस्तान रहे।

खूब बहती है गंगा बहने दो
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो
लाल हरे में मत बांटो मुझको
छत पर मेरे एक तिरंगा रहने दो।

कोई मंदिर कोई मस्जिद और कोई रब नहीं होता,
दरिंदो का अपना कोई मज़हब नहीं होता,
तबाही करने वालों का मज़हब सिर्फ तबाही है,
लहू किसका बहा उन्हें कोई मतलब नहीं होता।

Desh Bhakti Shayari in Hindi

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कतरा – कतरा भी दिया वतन के वास्ते,
एक बूँद तक ना बचाई इस तन के वास्ते,
यूं तो मरते है लाखो लोग हर रोज़,
पर मरना तो वो है जो जान जाये वतन के वास्ते।

छोड़ो कल की बातें,
कल की बात पुरानी,
नए दौर में लिखेंगे,
मिल कर नयी कहानी,
हम हिंदुस्तानी।

बच्चे-बचे के दिल में कोई अरमान निकलेगा
किसी के रहीम तो किसी के राम निकलेगा,
मगर उनके दिल को झाँक के देखा जाए,
तो उसमें हमारा प्यारा हिंदुस्तान निकलेगा।

desh bhakti shayari in hindi

नशा है मुझे मातृभूमि की शान का
क्यों करूं मैं किसी और की इबादत
मेरा तो वतन ही मेरा खुदा है।

मैं अपने देश का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे डर नहीं है अपनी मौत से,
तिरंगा बने कफ़न मेरा, यही अरमान रखता हूँ।

ना पूछो मुझसे मैं कौन हूं क्या हूं
हमारी तो पहचान बस इतनी है
कि मैं भारत मां का लाल हूं।

देश के लिए प्यार है तो जताया करो
किसी का इन्तजार मत करो
गर्व से बोलो जय हिन्द
अभिमान से कहो भारतीय है हम।

कैसे छोड़ दूं मोहब्बत करना
मेरा देश ही मेरी जान है
इस पर मेरा हर कतरा कुर्बान है।

दुश्मन सुन ले हम क्षमा करना जानते है
तो हम लहू बहाना भी जानते है
अगर कि फिर से हिमाकत मेरे देश की
तरफ देखने की तो तेरा नाम ओ निशान मिटा देंगे।

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भारत देश पर शायरी

कोम को कबीलों में मत बाटिए,
लम्बे सफर को मीलो में मत बाटिए
ये बहता दरिया है मेरा भारत देश
इससे नदियों और झीलों में मत बाटिए।

दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी

तिरंगा कोई वस्त्र नहीं भारत की शान है
हर एक हिंदुस्तानी का यह हिंदुस्तान है
यहाँ की गंगा यही का हिमालय चीख रहा है
नाम मात्र नहीं ये हमारे दिलो का स्वाभिमान है।

ये देश तुम्हे बुला रहा है आ जाओ
कर्ज इस माँ का चूका जाओ
देकर कुर्बानी अपने जान की
सच्चे लाल तुम्ही हो एक बार दिखला जाओ।

किसी प्यारी दिलवाली को छोड़ आया हूँ
उसकी महकती दिवाली को छोड़ आया हूँ
सीने से लगाएगी मेरी भारत माँ
अपनी माँ की ममता को तोड़ आया हूँ।

अपनी आजादी को कभी खोने नहीं देंगे
जगाई थी जो आग वीरों ने अब सोने नहीं देंगे
खून का एक कतरा है जब तक
इस भारत माँ को अब ना रोने देंगे।

नशा है मुझे इस तिरंगे की आन में
बसा है मेरा दिल इस धरती की जान में
शक हो कोई मन में तो देख लेना
कल भी थे कल भी रहेंगे इसी हिंदुस्तान में।

तिरंगा कोई वस्त्र नहीं भारत की शान है
हर एक हिंदुस्तानी का यह हिंदुस्तान है
यहाँ की गंगा यही का हिमालय चीख रहा है
नाम मात्र नहीं ये हमारे दिलो का स्वाभिमान है।

अमन चैन इस देश में रहने दो
मत फैलाओ दंगा इस धरती को कहने दो
रंगो में ना बांटो मुझको
मेरे दिल में हिन्दुस्तानी तिरंगा फहरने दो।

दिल की नफरते निकालना जरूरी है
वतन के दुश्मनो को मारना जरूरी है
देश अगर खतरे में हो मेरे दोस्त
इस धरती को संभालना जरूरी है।

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देश भक्ति शायरी दो लाइन

अधिकार कोई देता नहीं लिए जाते हैं
प्यार मांगने से पहले सम्मान दिए जाते हैं
याद करो उन वीरों की कुर्बानी को,
जो इस धरती के लिए जान न्यौछावर किये जाते है।

मिलते नही जो हक वो लिए जाते हैं,
होता नहीं गुलाम कोई लोग किये जाते हैं
उन वीरों को शत शत नमन करो,
मौत के साए में होते है और जिए जाते हैं।

खूबसूरत है दुनिया में सबसे नाम बहुत न्यारा है
इस देश की मिटटी पे अभिमान हमारा है
विभिन्नताओं में बसता है यह देश
इसी भारत में यही हिन्दुस्तान दुनिया में सबसे प्यारा है।

भारत की फजाओं को सदा याद रहूँगा,
आजाद था, आजाद हूँ, आजाद रहूँगा।

shayari desh bhakti

सलाम है तिरंगे को जिसमें मेरे देश की शान है,
ऊंचा रहेगा तिरंगा जब तक मेरे कतरे कतरे में जान है।

अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नही !
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नही!!

वतन की सर बुलंदी में, हमारा नाम हो शामिल,
गुजरते रहना है हमको, सदा ऐसे मुकामो से।

जश्न आज़ादी का मुबारक हो देश वालों को,
फंदे से मोहब्बत थी वतन के मतवालो को।

लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है,
उछ्ल रहा है ज़माने में नाम-ए-आज़ादी।

जिसके कदमों में झुका सारा जहां है,
वो मेरा प्यारा हिंदुस्तान है।

एक पल में जो आकर गुजर जाता है ये वो हवा का झोंका नहीं
ये वो तूफान है जो दुश्मन को मारे बिना सोता नहीं।

तैरना है तो समंदर में तैरो नालों में क्या रखा हैं,
प्यार करना है तो देश से करो औरों में क्या रखा हैं…।।

भारतमाता के लिए मर मिटना कबूल है मुझे,
अखंड भारत बनाने का… जूनून है मुझे।

देश भक्ति शायरी हिंदी

जिन्हें हम हार समझ बैठे थे गला अपना सजाने को,
वहीं अब नाग पर बैठे हमी को काट खाने को।

मन मेरे खुद को मग्न कर ले,
अमर शहीदों को नमन कर ले।

कि आ गया है वक्त अब वतन ए फिजा बदलो यारों
कुछ तो होश करो यूं ना खामोश रहो यारों।

चैन ओ अमन का देश है मेरा, इस देश में दंगा रहने दो!
लाल हरे में मत बांटो, इसे शान ए तिरंगा रहने दो।

अब तो मेरी कलम भी रो पड़ी है,
शहीदों की शहादत लिखते लिखते।

मेरे देश के वीरो को ललकार ने की कोशिश मत करो,
ए दुश्मनों, वरना नाश नहीं सर्वनाश होगा।

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देश भक्ति जिसमें हो बस वो एक दिल साज है,
देश भक्ति जिसमें नहीं वो जिंदगी बेकार है।

desh bhakti par shayari

दुश्मन क्या मारे इतनी उसकी औकात नहीं,
हम तो अपनो की ही साजिश के शिकार है।

आन बान और शान मेरे देश की ये फौजी नौजवान है,
तीन रंगों से सजा तिरंगा यही हमारी पहचान है।

ना हिंदुओं से ना मुसलमानों से ना सीखो से ना ईसाइयों से,
इस मुल्क को तकलीफ है गद्दार और बेईमानों से।

जो अब तक ना खौला वो खून नही पानी हैं,
जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी हैं।

मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा बस मैं यही अरमान रखता हूं।

ए वीरों जोश ना ठंडा हो पाए कदम मिलकर चल,
माँ कसम मंजिल तेरे कदम चूमेगी आज नही तो कल।

वतन की ख़ाक ज़रा एड़ियां रगड़ने दे,
मुझे यक़ीन है पानी यहीं से निकलेगा।

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा।

shayari on desh bhakti

हमें हथियार उठाने पर मजबूर मत करना,
वरना बंदूक हमारी होगी और निशाना तुम्हारा सर होगा।

अब तो मरना जीना बस तिरंगे के नाम होगा,
अगला जन्म लिया तो मेरा देश हिंदुस्तान ही होगा।

वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे है,
मरेगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे हैं!

रात होते ही आप नींद में खो जाते है,
सूरज ढलते ही वो तैनात हो जाते है।

तन अनेक पर एक प्राण स्वर अनेक पर एक गान,
हम कण कण पर छा जाएंगे बन कर भारत का स्वाभिमान।

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं,
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं।

लिख रहा हूँ मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।

यहीं रहूँगा कहीं उम्र भर न जाउँगा,
ज़मीन माँ है इसे छोड़ कर न जाऊँगा।

ये तीन रंग का झंडा हमारी शान है,
इसी में पूरा हिंदुस्तान है।

अगर मोहब्बत करनी है तो तिरंगे से करो,
ये धोखा नहीं देता है मरने पर भी साथ लिपटकर चला आता है।

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Rahul Singh Tanwar
Rahul Singh Tanwar
राहुल सिंह तंवर पिछले 7 वर्ष से भी अधिक समय से कंटेंट राइटिंग कर रहे हैं। इनको SEO और ब्लॉगिंग का अच्छा अनुभव है। इन्होने एंटरटेनमेंट, जीवनी, शिक्षा, टुटोरिअल, टेक्नोलॉजी, ऑनलाइन अर्निंग, ट्रेवलिंग, निबंध, करेंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान जैसे विविध विषयों पर कई बेहतरीन लेख लिखे हैं। इनके लेख बेहतरीन गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं।

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Comment (1)

  1. तेरे हर काम मे शामिल वफा ए वतन हो जायें,
    कुछ ऐसा कर जाना के तिरंगा कफन हो जाये. 🇮🇳

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