अहिल्याबाई होल्कर का जीवन परिचय

Biography of Ahilyabai Holkar in Hindi: अहिल्याबाई होल्कर साधारण से किसान के घर पैदा हुई एक महिला थी, जिन्होंने सदैव अपने राज्य और वहां के लोगों के हित में ही कार्य किया। उनके कार्य की प्रणाली बहुत ही सुगम एवं सरल है अर्थात इन्होंने अपने राज्य के लोगों के साथ बड़े ही प्रेम पूर्वक एवं दया के साथ व्यवहार किया।

Biography of Ahilyabai Holkar in Hindi
Biography of Ahilyabai Holkar in Hindi

आज के इस लेख में हम अहिल्याबाई के जीवन परिचय के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त करेंगे और इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि अहिल्याबाई ने किन परिस्थितियों का सामना करके अपने राज्य की रक्षा की।

अहिल्याबाई होल्कर का जीवन परिचय – Biography of Ahilyabai Holkar in Hindi

अहिल्याबाई होल्कर जीवनी एक नज़र में

अहिल्याबाई के विषय में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु:

नामअहिल्याबाई होल्कर
अन्य नाममहारानी अहिल्याबाई होल्कर
पिता का नाममनकोजी
माता का नाम
जन्म तारीख1735 ईस्वी
जन्म स्थानमहाराष्ट्र राज्य के चौंढी नामक गांव
पति का नामखंडेराव होल्कर
उम्र –
पताइंदौर
स्कूलघर पर
कॉलेज
शिक्षाराजकीय शिक्षा
कुल सम्पति
भाषामराठी
नागरिकताइंडियन
धर्महिन्दू
जातिमराठी
Ahilyabai Holkar Biography in Hindi

अहिल्या बाई कौन थी?

अहिल्याबाई होल्कर इंदौर घराने की महारानी थी। अहिल्याबाई होल्कर अपने देश की सेवा, सादगी एवं मातृभूमि के लिए बहुत ही अच्छी साबित हुई। अहिल्याबाई एक स्त्री होने के कारण भी उन्होंने न केवल नारी जाति के विकास के लिए कार्य किए बल्कि समस्त पीड़ित मानवों के लिए कार्य किया।

अहिल्याबाई होल्कर की इसी कार्यप्रणाली को देख कर के वहां के लोग अहिल्याबाई होल्कर को अपना भगवान मानते थे। अहिल्याबाई होल्कर ने पीड़ित लोगों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। अहिल्याबाई होल्कर एक उज्जवल चरित्र वाली पतिव्रता स्त्री, उदय विचारों वाली महिला और ममतामई मां के रूप में साबित हुई।

अहिल्याबाई होल्कर का जन्म

अहिल्याबाई होल्कर का जन्म वर्ष 1735 ईस्वी में महाराष्ट्र राज्य के चौंढी नामक गांव में हुआ था। वह एक सामान्य से किसान की पुत्री थी। उनके पिता मान्कोजी शिन्दे के एक सामान्य किसान थे। सादगी और घनिष्ठता के साथ जीवन व्यतीत करने वाले मनकोजी की अहिल्याबाई एकमात्र अर्थात इकलौती पुत्री थी। अहिल्याबाई बचपन के समय में सीधी साधी और सरल ग्रामीण कन्या थी। अहिल्याबाई होल्कर भगवान में विश्वास रखने वाली औरत थी और वह प्रतिदिन शिवजी के मंदिर पूजन आदि करने आती थी।

अहिल्याबाई का सामान्य औरत से महारानी बनने तक का सफर

आपको बता दें कि एक किसान की पुत्री अहिल्याबाई होल्कर किस प्रकार से इंदौर राज्य की महारानी बनी। इंदौर के महाराजा मल्हार राव होल्कर का वहां आना जाना लगा रहता था। एक बार मल्हार राव होल्कर पुणे जा रहे थे, वह विश्राम करने के लिए पादरी गांव के एक शिव मंदिर पर विश्राम करने के लिए रुके। उसी मंदिर पर अहिल्याबाई होल्कर प्रतिदिन पूजा अर्चना करनी आती थी।

अहिल्याबाई बहुत ही सुंदर उनके मुख मंडल पर देवी जैसा तेज और सादगी एवं सुलक्ष्णता थी। अहिल्याबाई होल्कर को देखकर मल्हार राव ने उन्हें अपनी पुत्रवधू बनाने का निश्चय किया। इस कारण उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर के पिता से निवेदन किया। अहिल्याबाई होल्कर के लिए मल्हार राव होल्कर के पुत्र के विवाह प्रस्ताव को सुनकर के अहिल्या की पिता ने हां कर दिया।

कुछ ही दिनों बाद अहिल्याबाई होल्कर का विवाह मल्हार राव होल्कर के पुत्र खंडेराव होल्कर के साथ हो गया। इस विवाह के संपन्न होने के बाद अहिल्याबाई अब एक ग्रामीण कन्या से इंदौर राज्य की महारानी बन गई। अहिल्याबाई होल्कर राजमहल पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपनी पुराने जीवन की सादगी एवं सरलता को नहीं त्यागा। वह बहुत ही अच्छे विचारों वाली महिला थी। वह अपने पति, सास-ससुर और अपने बड़ों की सेवा पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ करती थी।

उनकी इस निष्ठा को देख कर के मल्हार राव होल्कर ने उन्हें शिक्षित बनाने के लिए उनके शिक्षा का प्रबंध उन्होंने घर पर ही कर दिया। अब अहिल्याबाई अशिक्षित अहिल्याबाई होल्कर से शिक्षित अहिल्याबाई हो गई। जब अहिल्याबाई ने अपने शैक्षणिक योग्यता को प्राप्त कर लिया, तब मल्हार राव होल्कर के द्वारा उन्हें राजकीय शिक्षा भी प्रदान कराया गया। मल्हार राव होल्कर अपने पुत्र की अपेक्षा अपनी पुत्रवधू पर अत्यधिक भरोसा करते थे।

विवाह के कुछ वर्षों बाद अहिल्याबाई ने एक पुत्र और एक पुत्री को जन्म दिया। अहिल्याबाई होल्कर के पुत्र का नामकरण मल्हार राव होल्कर के द्वारा किया गया उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर के पुत्र का नाम मालेराव तथा उनकी पुत्री का नाम मुक्ताबाई रखा। जब अहिल्याबाई ने अपने पुत्रों को जन्म दिया था, उस समय मराठी हिंदू राज्य की विस्तार में लगे हुए थे।

मराठा साम्राज्य के शासक अन्य राजाओं से चौथ वसूला करते थे किंतु भरतपुर के लोगों ने चौथ देने से मना कर दिया। इस बात से गुस्सा हो करके मल्हार राव ने अपने पुत्र खंडेराव होल्कर के साथ भरतपुर राज्य पर आक्रमण कर दिया। मल्हार राव होल्कर ने इस युद्ध में विजय तो प्राप्त कर ली परंतु उनके पुत्र खंडेराव होल्कर की मृत्यु हो गई। खंडेराव होल्कर की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई होल्कर लगभग 29 वर्ष की उम्र में ही विधवा हो गई।

वह पति की मृत्यु के बाद स्वयं को समाप्त करना चाहती थी परंतु उनके ससुर ने उन्हें ऐसा करने से रोका। अहिल्याबाई होल्कर को व्यस्त रखने के लिए मल्हार राव होल्कर ने सारा राजपाट अहिल्याबाई होल्कर को सौंप दिया परंतु अहिल्याबाई होल्कर ने अपने 17 वर्ष के पुत्र मल्हार राव को सिंहासन पर बैठा दिया और स्वयं उनकी संरक्षिका बन कर उनका ध्यान रखती थी। इसी बीच उत्तर भारत में हो रहे एक अभियान में मल्हार राव ने सहभागिता की और इसी अभियान में कानवी पीड़ा के कारण महाराज मल्हार राव होल्कर की मृत्यु हो गई।

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अहिल्याबाई होल्कर के द्वारा किये गये कार्य

अहिल्याबाई होल्कर ने अपने पति और ससुर की मृत्यु हो जाने पर उनकी स्मृति में इंदौर राज्य तथा अन्य राज्यों में विधवाओं, अनाथो, अपंग लोगों के लिए आश्रम बनवाएं। अहिल्याबाई होल्कर ने ही कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक अनेक मंदिर, घाट, तालाब, दान संस्थाएं, भोजनालय, धर्मशालाएं, बावरिया इत्यादि का निर्माण करवाया। अहिल्याबाई होल्कर ने ही काशी के प्रसिद्ध मंदिर काशी विश्वनाथ और महेश्वर मंदिर तथा वहां पर स्थित घाटों को बनवाया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने साहित्यकार कलाकार और गायकों को भी बढ़ावा दिया। अहिल्याबाई होल्कर ने अपने राज्य की रक्षा करने के लिए महिला सैन्य टुकड़ीया बनवायी तथा अनुशासित सैनिकों को भी रखा। इनके इन टुकड़ियों में ऐसे प्रशिक्षित सैनिक थे जिन्हें यूरोप और फ्रांसीसी शैली में प्रशिक्षण प्राप्त करवाया गया था।

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अहिल्याबाई होल्कर की मृत्यु

अहिल्याबाई होल्कर की मृत्यु 13 अगस्त सन 1795 ईसवी को इंदौर राज्य में ही हुई था। अहिल्याबाई होल्कर की मृत्यु कब हुई थी, उस दिन की तिथि भाद्रपद कृष्णा चतुर्दशी था।

अहिल्याबाई होल्कर पर आधारित धारावाहिक

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अहिल्याबाई होल्कर की जीवनी पर आधारित एक धारावाहिक भी बना है। इस धारावाहिक को सोनी टीवी चैनल पर टेलीकास्ट किया जाएगा। इस चैनल पर टेलीकास्ट किए जाने वाले इस धारावाहिक का नाम पुण्य लोग अहिल्याबाई के नाम से प्रचलित है। इस शो की शुरुआत 4 जनवरी 2021 से हो गई है, यह शो प्रति सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक प्रसारित होता है।

इस धारावाहिक में चाइल्ड बॉलीवुड एक्टर कृष चौहान अहिल्याबाई होल्कर के पति खंडेरा होल्कर का किरदार निभाएंगे वह इस किरदार को लेकर के बहुत ही उत्साहित हैं और उन्होंने यह भी कहा है:

“मैं बहुत उत्साहित हूं क्योंकि मुझे लीजेंडरी अहिल्याबाई होल्कर के पति का रोल निभाने का मौका मिल रहा है। मैं हमेशा ही किसी पीरियड ड्रामा का हिस्सा बनना चाहता था और मुझे खुशी है कि मुझे यह अवसर मिला। यह रोल बड़ा चैलेंजिंग है और मैं अपना 100% देने के लिए पूरी कोशिश करूंगा। यह मेरे लिए भी कुछ नया है इसलिए मुझे अपने इस रोल पर दर्शकों की प्रतिक्रिया देखने का इंतजार रहेगा। यह वाकई एक शानदार शो है जो दर्शकों पर गहरा असर करेगा।”

निष्कर्ष

इस लेक के माध्यम से हमने आपको बताया कि अहिल्याबाई होल्कर किस प्रकार से साधारण स्त्री से महारानी बनी और अहिल्याबाई होलकर का इतिहास (Ahilyabai Holkar History in Hindi) के बारे में विस्तार से बताया है। हमें उम्मीद है कि आप यह लेख पढ़ने के बाद अहिल्याबाई से अवश्य ही प्रेरित होंगे। यदि आपको पसंद आया हो तो कृपया इसे शेयर करें।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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