रज़िया सुल्तान का इतिहास

Razia Sultan History in Hindi: मध्यकालीन भारतीय इतिहास में हमने कई ताकतवर राजाओं को देखा है कि वो कितने महान व ताकतवर थे। ऐसे ही इतिहास में हमें कई रानियों की भी कहानी मिलती है जो खुद में काफी मशहूर व महान थी। ऐसे ही एक रानी है “रजिया सुल्तान”।

Razia Sultan History in Hindi
Razia Sultan History in Hindi

यहां पर हम रजिया सुल्तान की जीवनी और इतिहास के बारे में विस्तार से जानने वाले है। रजिया सुल्तान के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आप इस लेख को अंत तक पूरा जरूर पढ़े।

रज़िया सुल्तान का इतिहास – Razia Sultan History in Hindi

रजिया सुल्तान कौन थी?

हम जिस महिला शासक रजिया सुल्तान की बात कर रहे हैं वह उन महिलाओं की सूची में शामिल है, जिसने कभी महलों की शानो शौकत के बारे में नहीं सोचा और इन बंदिशों से बाहर निकलकर राज्य की बागडोर संभाली। दिल्ली की इस महिला शासक ने अस्त्र-शस्त्र का भी प्रशिक्षण लिया था, जिसकी बदौलत वह अपने प्रतिद्वंदियों से युद्ध भी लड़ती थी। 

हम इस बात को भी जानते है कि वह एक महिला शासक होते हुए भी खुद को एक सुल्तान कहकर पुकारना पसंद करती थी। उनका मानना था कि वह औरत केवल शरीर से है। पर वह जो काम करती है, वह केवल एक पुरुष ही नहीं कर सकता बल्कि एक महिला भी कर सकती है।

रजिया सुल्तान को कूटनीति में काफी चालाक माना जाता था। वह खुद इतनी सोच विकास करने वाली थी कि उसने दिल्ली की प्रजा से न्याय मांगने के साथ रूुकुदीन फिरोज के विरूध माहौल पैदा कर दिया।

वास्तिवक नामरजिया सुल्ताना
जन्म14 अक्टूबर 1240
जन्म स्थानबुदान
पिता का नामइल्तुतमिश
पति का नाम मलिक अल्तुनिया

रजिया सुल्तान का जीवन कार्य

रजिया सुल्तान ने अपने जीवन व अपने शासन कार्य के दौरान ऐसे कई कार्य किये, जिसके लिए उनको याद रखा जाता है। 

  • रजिया सुल्तान ने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान उसके अधीन पूरे राज्य में कानूनी व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य किया था। 
  • उसने अपने राज्य में कई इमारतों का निर्माण करवाया, साथ ही राज्यों में सड़कों व पानी की व्यवस्था हेतु कुओं का निर्माण करवाया। 
  • रजिया सुल्तान ने अपने शासनकाल के दौरान राज्य में शिक्षा को महत्व देने हेतु कई स्कूलों, संस्थानों और साथ ही राजकीय पुस्तकालयों का भी निर्माण करवाया।
  • रजिया सुल्तान में साम्प्रदायिक एकता को साथ लाने के उद्देश्य से मुस्लिम व हिन्दू शिक्षा को एक साथ ला दिया।
  • सुल्तान ने अपने राज्य में कई कवियों, कलाकारों और साथ ही कई संगीतकारों को भी सम्मानित किया।

सुल्ताना के समय सरदार अपना अपमान समझते थे

हम बात कर रहे है कि प्राचीन समय में भी पुरुषों में व महिलाओं में कितना भेदभाव था। इस बात की जानकारी हमें इतिहास के पन्नों से मिलती है। सुल्तान इल्तुतमिश के कोई बेटा न था और यह एक बेटी थी। इसमें सुल्तान चाहते थे कि उनकी बेटी सुल्ताना बने। पर वहां के सरदार राजा की इस बात से नाराज हो गये और वे इस बात पर अड़ गये कि अगर एक महिला को सुल्ताना बनाते है तो ऐसे में उन्हें एक महिला के सामने अपना सर झुकाना पड़ेगा। जिससे वे अपनी शान के खिलाफ समझते थे।

4 साल तक किया शासन 

रजिया सुल्तान ने अपने जीवन में केवल 4 वर्ष तक की शासन किया है। उसने अपने पिता की मृत्यु के बाद 1236 में गद्दी संभाली थी और 1240 तक शासन किया था। इस बीच रजिया सुल्तान नें कई अहम कार्य किये व कई अहम घटनाओं कों अंजाम दिया।

रजिया सुल्तान की शक्ति का पतन

ऐसा माना जाता है कि रजिया सुल्तान का एक तरफा प्यार ने उसे खुब नुकसान पहुँचाया। वह जमाल-उद-दीन याकूत से एक तरफा प्यार करती थी। कई इतिहासकार यह भी मानते है कि उसके अंत का कारण रजिया सुल्तान का असंतोषजनक प्रेम था। रजिया सुल्तान को जिससे प्यार हुआ था, वह एक अफ्रीकी सिद्धि गुलाम था और वह एक विशेष व्यक्ति बन गया था।

वर्तमान का भटिंडा जो उस समय रजिया सुल्तान के राज्य के अधीन आता था, वहां का प्रशासन रजिया सुल्तान के इस प्यार और इस रिश्ते के खिलाफ था। रजिया और अल्तुनिया जो कि बचपन से ही साथी थे, वह दोनों शुरू से ही चाहते है, पर जैसे-जैसे समय बदलता गया वैसे-वैसे रजिया का यह प्यार एक तरफा होता गया। जब रजिया सुल्तान बन गई तब इस प्यार में दूरियां बढ़ती गई और यह उसके पतन का कारण भी बना।

रजिया सुल्तान की मृत्यु

इस कहानी के पीछे की बात करे तो अल्तुनिया और रजिया सुल्तान दोनों बचपन के दोस्त थे। यह भी कहा जाता है कि रजिया सुल्तान को अल्तुनिया ने कैद कर रखा था। परन्तु रजिया सुल्तान को वो सारी शाही सुविधाएं दी जाती थी, जिसकी उन्हें जरूरत थी। ऐसा करते करते दोनों के बीच नजदिकिया बढ गई और इन दोनों में प्यार हो गया और दोनों ने विवाह कर दिया।

इसके बाद जब रजिया ने अपना राज्य वापस चाहा तो उसमें वे असफल रहे और वे दोनों दिल्ली से भाग गये। जब वे यहां से जा रहे थे तो उनके बीच में लुटेरों ने लूट लिया और रजिया सुल्तान की हत्या कर दी।

अगर रजिया सुल्तान की हत्या न होती तो क्या होता?

कुछ इतिहासकारों का यह भी मानना है कि अगर रजिया सुल्तान की हत्या नहीं होती तो परिणाम कुछ और होते। रजिया सुल्तान के बारे में कुछ सामान्य जानकारी निम्न है:

  • रजिया सुल्तान एक लौती ऐसी महिला थी जो पहली बार एक महिला शासक बनी। यह भारत की पहली महिला शासक और सुल्ताना के रूप में जानी जाती है। यह वह सुल्ताना महिला थी जिसका परिणाम यह हुआ कि इस वजह से उसका प्यार छीन लिया गया, सत्ता छीन ली गई और बाद में उसकी जिन्दगी छीन ली गई।
  • यह भारत की पहली महिला सुल्तान थी, जिसका पूरा नाम जलाॅलात उद-दीन रजिया और यह गुलाम वंश से संबंधित थी।
  • रजिया का जन्म कब हुआ था, उसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है।
  • यह तुर्की इतिहास की वह शासक थी, जिसने तकरीबन 4 साल तक शासन किया था और उनका यह पूरा समय केवल संघर्षो में ही बीता। रजिया के गद्दी पर बैठते ही रजिया पर संकट की घड़ी शुरू हो गई थीं।
  • रजिया को उसके पिता की मृत्यु के बाद उसको सुल्ताना बनाया गया, पर वह खुद को सुल्तान कह कर संबोधित करती थी इसलिए उसका नाम रजिया सुल्तान पड़ा।
  • रजिया सुल्ताना ने काफी कम समय के लिए शासन किया था, पर उस कम समय में ही उसने कई महान कार्य किए जैसे स्कूल व कॉलेज बनाये इत्यादि।
  • रजिया को शासन करने के बारे में जानने की रुचि तो उनके पिता के शासन से ही थी। उसके बाद जैसे ही वह स्वयं सुल्ताना बनी तो उसने पुरुषों की भांति शासकीय वेशभूषा पहना पसंद किया। रजिया अपने सैनिक और अपनी प्रजा का काफी ख्याल रखती थी।
  • उस समय मुसलमानों को तो इस बात से भी परेशानी थी कि रजिया और उनके सलाहकार जमात-उद-दिन-याकूत एक हब्शी के विकसित होकर अतरंग की बात कर रहे थे।
  • रजिया और याकूत दोनों एक गहन प्रेमी थे और उनके इस प्रेम ने तुर्की वर्ग में स्वयं के प्रति ईर्ष्या को जन्म दिया था। काफी लोगों को उनका यह प्यार मंजूर नहीं था और इस प्यार की वजह से ही रजिया के शासन का समापन हो गया।
  • रजिया अपने शासन में इतनी बहादुर थी कि पंजाब, बंगाल, बिहार जैसे कई राज्य उसके अधीन हो गये थे।
  • रजिया सुल्तान की कब्र पर भी काफी विवाद हुआ था। वर्तमान में उनकी कब्र पर कई अलग-अलग लोगों को दावा है।
क्या रजिया सुल्तान की कहानी सच्ची है?

रजिया सुल्तान का जन्म 1205 में हुआ था। रजिया के पिता का नाम इल्तुतमिश था। यह भारत की सबसे पहली महिला थी, जिसने राज्य की सुरक्षा का जिम्मा अपने हाथ में लेने का फैसला किया था।

महिला होने के बावजूद सुल्ताना खुद सुल्तान क्यों कहती थी?

रजिया को उसके पिता की मृत्यु के बाद उसको सुल्ताना बनाया गया, पर वह खुद को सुल्तान कह कर संबोधित करती थी इसलिए उसका नाम रजिया सुल्तान पड़ा।

रजिया सुल्तान ने किससे शादी की थी?

अल्तुनिया ने रजिया सुल्तान से शादी की थी, जिसके बाद यह प्यार रजिया सुल्तान की मौत का कारण बना था।

रजिया सुल्तान का जन्म किस स्थान पर हुआ था?

रजिया सुल्तान का जन्म बुडान में गुलाम वंश में हुआ था।

रजिया सुल्तान के पिता का नाम क्या था?

रजिया सुल्तान के पिता का नाम इल्तुतमिश था। 

निष्कर्ष

इस लेख में आपको रजिया सुल्तान के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया। रजिया सुल्तान अपने जमाने की पहली महिला शासक थी। रजिया सुल्तान ने केवल 4 साल तक शासन किया था, पर यह 4 साल भी उनके लिए आसान नहीं थे, इन सालों में भी रजिया सुल्तान ने कई संघर्ष झेले है।

उम्मीद करते है आपको यह लेख “रज़िया सुल्तान का इतिहास (Razia Sultan History in Hindi)” पसंद आया होगा। इस लेख में बताई गई जानकारी आपको पसंद आयी होगी। आप अपने सुझाव हमें नीचे कमेंट करके बता सकते है।

Read Also

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here