बजरंग पूनिया का जीवन परिचय

Bajrang Puniya Biography in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको बताने वाले हैं, भारत के एक ऐसे कुश्ती के विजेता के बारे में जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कुश्ती के खेल में ब्रोंज मेडल जीता है। इन्होंने यह पोजीशन अपने शानदार प्रदर्शन के कारण प्राप्त किया है।

टोक्यो ओलंपिक में भारत के बहुत से खिलाड़ी गए थे, जिसमें से कुश्ती के खेल में गए एक खिलाड़ी ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता। हमारे इतना कहने के बाद आप समझ गए होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं, जी हां दोस्तों! आपने बिल्कुल सही समझा, हम बात कर रहे हैं, बजरंग पूनिया की।

Image: Bajrang Puniya Biography in Hindi

बजरंग पुनिया अब तक बहुत से चैंपियनशिप मैचों को जीत चुके हैं, इन मैचों में से इन्होंने एशियाई खेल में गोल्ड मेडल भी जीता था, जिसको इन्होंने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई को समर्पित कर दिया।

आज आप सभी लोगों को इस लेख में बजरंग पुनिया के संपूर्ण जीवन परिचय के विषय में जानकारी प्राप्त हो जाएगी। यदि आप बजरंग पुनिया के विषय में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो बने रहिए इस लेख के साथ।

बजरंग पूनिया का जीवन परिचय । Bajrang Puniya Biography in Hindi

बजरंग पुनिया के विषय में संक्षिप्त जानकारी

वास्तविक नामबजरंग पुनिया
ओलंपिक से मिला नामबजरंगबली
जन्म26 फरवरी 1994
उम्र27 वर्ष
जन्म स्थानखुदान गांव, झज्जर, हरियाणा
पिताबलवान सिंह पुनिया
माताओम प्यारी पुनिया
पेशाफ्रीस्टाइल रेसलर
कोचएमजारिया बेंटीनिटी

बजरंग पुनिया कौन है?

बजरंग पुनिया भारत के एक फ्रीस्टाइल रेसलर हैं, अर्थात कुश्ती खेल के खिलाड़ी है। बजरंग पुनिया ने अभी हाल ही में हो रहे टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लिया और इन्होंने अपने अच्छे प्रदर्शन के साथ टोक्यो ओलंपिक के इस मैच में ब्रोंज मेडल जीता।

ब्रोंज मेडल जीतने के बाद इन्हें भारत के माने जाने रेसलर की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है, इसके पहले भी बजरंग पुनिया ने बहुत से ऐसे मैच खेले जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल तक प्राप्त किया। बजरंग पुनिया ने एशियाई खेल में गोल्ड मेडल प्राप्त किया और इन्होंने इस मेडल को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई को समर्पित कर दिया।

बजरंग पुनिया का जन्म

बजरंग पुनिया का जन्म भारत के हरियाणा में स्थित झज्जर में खुदान गांव में हुआ था, यदि हम बजरंग पुनिया के जन्मतिथि के विषय में बात करें तो इनका जन्म 26 फरवरी 1994 को हुआ था। बजरंग पुनिया का जन्म हिंदू धर्म के एक जाट समुदाय में हुआ था, बजरंग पूनिया को भारतीय होने की नागरिकता प्राप्त है।

बजरंग पुनिया का पारिवारिक संबंध

बजरंग पुनिया का पारिवारिक संबंध इनके परिवार के सभी सदस्यों से काफी अच्छा था। बजरंग पुनिया के पिता खुद पेशे से एक पहलवान थे, जिसके कारण इन्हें भी पहलवानी का शौक चढ़ा और इन्होंने पहलवानी में ही अपना करियर चुना। बजरंग पुनिया के माता का नाम ओम प्यारी पुनिया है, जो कि पेशे से एक गृहणी है।

बजरंग पुनिया के पिताजी का नाम बलवान सिंह पुनिया है, जो कि पेशे से एक पहलवान है, इन्होंने पहलवानी में बहुत से ऐसे धाकड़ पहलवानों को हराया है, जिन्हें हराना किसी के बस की बात ना रहती थी। इतना ही नहीं बजरंग पुनिया का एक भाई भी है, जिसका नाम हरेंद्र पुनिया है, हरेंद्र पुनिया भी पेशे से एक पहलवान है। अतः हम कहे कि बजरंग पुनिया का पूरा परिवार पहलवानी के लिए ही जाना जाता है, तो यह गलत नहीं होगा।

बजरंग पुनिया का प्रारंभिक जीवन

बजरंग पुनिया का पारिवारिक संबंध इनके परिवार से काफी अच्छा था और उनके पिता पेशे से एक पहलवान थे जिसके कारण इनके पास पैसों की कोई कमी नहीं थी, जिसके कारण बजरंग पुनिया को अपनी ट्रेनिंग प्राप्त करने में किसी प्रकार की कोई विशेष परेशानी का सामना तो नहीं करना पड़ा।

परंतु इन्हें अपनी ट्रेनिंग को और भी ज्यादा मजबूत करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी, जिसके कारण आज पूरे विश्व में बजरंग पुनिया ने स्वयं को एक चर्चित व्यक्ति बना लिया है। बजरंग पुनिया ने इसके साथ साथ इंडियन रेलवे में टिकट चेकर काम भी काम किया।

बजरंग पुनिया को प्राप्त शिक्षा

बजरंग पुनिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ही जन्मस्थली झज्जर के खुदान गांव के एक विद्यालय से प्राप्त किया। अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद बजरंग पूनिया ने अपना ग्रेजुएशन महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से पूरा किया। बजरंग पुनिया को मात्र 7 वर्ष की उम्र से ही कुश्ती खेलने का शौक हो गया था और उन्होंने कुश्ती खेलना शुरू भी कर दिया, इन्होंने अपने पिताजी का सहयोग प्राप्त करके इन बुलंदियों को प्राप्त किया और बाद में कुश्ती के एक कोचिंग को भी ज्वाइन कर लिया।

बजरंग पुनिया के प्रारंभिक कोच का नाम योगेश्वर दत्त है और इन्होंने इसके बाद अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिभा सीखने के लिए एक कोचिंग क्लास ज्वाइन किया। इन्होंने जिस कोचिंग को जॉइन किया था, उस कोचिंग के कोच एमजारिया बेंटीनिटी थे। बजरंग पुनिया ने इन्हीं के अंतर्गत रेसलिंग का यह खेल शिखा और पूरे विश्व में अपनी एक पहचान बना ली।

Reed Also

बजरंग पुनिया का व्यक्तिगत जीवन

बजरंग पुनिया का विवाह हो चुका है, बजरंग पुनिया की पत्नी का नाम संगीता फोगोट है। बजरंग पुनिया और संगीता फ़ॉगोट ने एक दूसरे से 25 नवंबर 2020 को विवाह किया। लॉक डाउन की स्थिति बनी रहने के कारण इन्होंने अपना विवाह मात्र 21 बारातियों के साथ जा कर किया था।

बजरंग पुनिया का विवाह सभी रीति-रिवाजों के साथ हुआ है, परंतु इन के विवाह में बाराती बहुत ही कम गए थे, क्योंकि भारत सरकार ने कोरोना को देखते हुए लॉकडाउन लगाया था और शादी विवाह में बाराती के रूप में मात्र 20 लोगों की अनुमति भी दी थी।

बजरंग पुनिया का करियर

जैसा कि हमने ऊपर आपको बताया की बजरंग पुनिया को बचपन से ही कुश्ती खेलने का शौक था, जिसके कारण इन्होंने अपना करियर कुश्ती के क्षेत्र में ही चुना। बजरंग पुनिया ने वर्ष 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में पार्टिसिपेट किया था।

यह चैंपियनशिप अपने ही देश की राजधानी दिल्ली में हो रहा था। बजरंग पुनिया ने इस चैंपियनशिप में धमाकेदार प्रदर्शन के साथ सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में बजरंग पुनिया को सेमीफाइनल के मैच में हार का सामना करना पड़ा और इनकी निराशाजनक वापसी हुई।

वर्ष 2013 में ही बजरंग पुनिया ने वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप बुद्धपेस्ट (जोकि हंगरी में हो रहा था) में 60 किलोग्राम की कैटेगरी में कांस्य पदक को अपने नाम कर लिया। इन सभी के बाद वर्ष 2014 में राष्ट्रीय मंडल खेल (जोकि स्कॉटलैंड में आयोजित किया गया था) में बजरंग पुनिया ने 61 किलोग्राम की कैटेगरी में इन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया और ऐसा करके इन्होंने भारत के लिए एक इतिहास रच दिया।

इन सभी के बाद बजरंग पुनिया ने 2017 में दक्षिण कोरिया में आयोजित किए गए एशियाई खेल में इन्होंने फिर से गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसी के साथ इन्होंने वर्ष 2017 में ही दिल्ली में आयोजित किया गया एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में एक बार फिर से गोल्ड मेडल हासिल करके पूरे विश्व में अपनी एक पहचान बना ली। बजरंग पुनिया ने अपने इस गोल्ड मेडल को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई को समर्पित कर दिया।

इन सभी के बाद वर्ष 2018 में बजरंग पुनिया ने फिर से हिस्सा लिया और उन्होंने इस मैच में फिर से गोल्ड मेडल जीता। इन सभी के बाद बजरंग पुनिया ने लगभग 3 ब्रांच मेडल, 4 सिल्वर मेडल और 5 गोल्ड मेडल को अपने नाम कर लिया है।

बजरंग पुनिया का टोक्यो ओलंपिक करियर

बजरंग पुनिया ने वर्ष 2021 में आयोजित किए गए टोक्यो ओलंपिक में 65 किलोग्राम की कैटेगरी में शुरू से शानदार प्रदर्शन देते आ रहे थे। बजरंग पुनिया ने टोक्यो ओलंपिक के इस मैच में खुद को क्वालीफाई कर लिया और सेमीफाइनल राउंड तक पहुंचे।

परंतु इन्हें सेमीफाइनल राउंड में निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा, परंतु इन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक प्राप्त किया, जिसमें इन्होंने 8-0 से हार जीत हासिल की थी। बजरंग पुनिया ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारत का सर गर्व से ऊंचा कर दिया।

बजरंग पुनिया को प्राप्त पुरस्कार

वर्षपुरस्कार
2013सिल्वर मेडल
2015अर्जुन अवॉर्ड
2015सिल्वर मेडल
2019राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड
2019पद्मश्री अवार्ड

बजरंग पुनिया के विषय में रोचक तथ्य

  • बजरंग पुनिया को किसी भी प्रकार की कोई बुरी लत नहीं है।
  • बजरंग पुनिया ने एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में प्राप्त गोल्ड मेडल को भारतीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को समर्पित कर दिया।
  • बजरंग पुनिया को कुश्ती के साथ-साथ बास्केटबॉल, फुटबॉल और रिवर राफ्टिंग करना काफी पसंद है।
  • बजरंग पुनिया को चूरमा खाना काफी ज्यादा पसंद है।
  • बजरंग पुनिया के पसंदीदा पहलवान कप्तान चंद्रुप्त और योगेश्वर दत्त है।
बजरंग पुनिया कौन है?

भारतीय रेसलर

बजरंग पुनिया की जाति क्या है?

जाट

बजरंग पुनिया टोक्यो ओलंपिक में प्राप्त पुरस्कार कौन सा है?

कांस्य पदक

बजरंग पुनिया की उम्र कितनी है?

27 वर्ष

बजरंग पुनिया के कोच कौन है?

एमजारिया बेंटीनिटी

निष्कर्ष

हम उम्मीद करते हैं, कि आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण लेख “बजरंग पूनिया का जीवन परिचय (Bajrang Puniya Biography in Hindi)” अवश्य पसंद आया होगा, यदि हां! तो कृपया हमारे द्वारा लिखे गए इस को अवश्य शेयर करें और यदि आपके मन में इस लेख को लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल है, तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य बताएं।

Reed also

इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here