अमावस्या कब है?

Amavasya Kab Hai: अमावस्या के दिन चन्द्रमा दिखाई नहीं देता है अर्थात इसका ना ही क्षय होता है और ना ही उदय होता है। अमावस्या को चंद्र और सूर्य के मिलन का काल कहलाती है। अमावस्या के दिन दोनों एक ही राशि में मौजूद होते हैं। हर महीने में अमावस्या के बार ही आती है और वर्ष में 12 बार अमावस्या कृष्ण पक्ष में आती है। इस दिन का हिन्दू धर्म में बहुत अधिक महत्व है।

Amavas Kab Hai
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यहाँ पर हम 2022 में आने वाली सभी अमावस्या की सूची (amavasya 2022) शेयर कर रहे हैं। साथ में अमावस्या का महत्व, अमावस्या को पड़ने वाले त्यौहार आदि के बारे में भी जानकारी शेयर की है।

अमावस्या कब है? (महत्व, व्रत एवं त्यौहार) | Amavas Kab Hai

अमावस्या कब है 2022 (Amavas Kab Hai)

क्र.सं.दिनांकवारमहिना
012 जनवरी 2022रविवारपौष
021 फरवरी 2022मंगलवारमाघ
032 मार्च 2022बुधवारफाल्गुन
041 अप्रैल 2022शुक्रवारचैत्र
0530 अप्रैल 2022शनिवारवैशाख
0630 मई 2022सोमवारज्येष्ठ
0729 जून 2022बुधवारआषाढ़
0828 जुलाई 2022गुरुवारश्रावण
0927 अगस्त 2022शनिवारभाद्रपद
1025 सितंबर 2022रविवारअश्विन
1125 अक्टूबर 2022मंगलवारकार्तिक
1223 नवंबर 2022बुधवारमार्गशीर्ष
1323 दिसंबर 2022शुक्रवारपौष

प्रमुख अमावस्याएं

  • सोमवती अमावस्या: जो अमावस्या सोमवार को आती है, उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। सोमवती अमावस्या के दिन व्रत करने से चन्द्र दोष दूर होता है और सभी की मनोकामना पूर्ण होती है। महिलाएं अपने पति की दीर्घ आयु के लिए यह व्रत करती है।
  • भौमवती अमावस्या: जो अमावस्या मंगलवार को पड़ती है, उसे भौम अमावस्या कहा जाता है। भौम का मतलब मंगल होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से कर्ज संकट दूर होता है।
  • मौनी अमावस्या: इस अमावस्या का आध्यात्मिक रूप से अधिक महत्व है। यह माघ महीने में आती है।
  • शनि अमावस्या: जो अमावस्या शनिवार को आती है, उसे शनि अमावस्या कहा जाता है। शनि अमावस्या को व्रत रखने से शनि के दोष दूर होते हैं।
  • महालय अमावस्या: इस अमावस्या को पितृक्ष की सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन अन्न दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं।
  • हरियाली अमावस्या: यह अमावस्या श्रावण महीने में आती है। इस दिन पितरों की शांति के लिए अनुष्ठान किये जाते हैं। इस दिन पौधा रोपण का महत्व है। इस अमावस्या को तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में चुक्कला, महाराष्ट्र में गटारी अमावस्या और उड़ीसा में चितलागी अमावस्या कहा जाता है।
  • दिवाली अमावस्या: कार्तिक महीने में आने वाली अमावस्या को दिवाली अमावस्या कहा जाता है। इस अमावस्या को दीपवाली का त्यौहार मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक महीने अमावस्या को को सबसे घनी रात होती है। इस अमावस्या का सम्बन्ध माता कालीका से है और इस दिन इनकी पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन लक्ष्मी पूजा भी की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन इन दोनों देवियों का जन्म हुआ था।
  • कुशग्रहणी अमावस्या: कुछ पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस अमावस्या को कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन को पिथौरा अमावस्या भी कहा जाता है और इस दिन देवी दुर्गा की पूजा की जाती है।

2022 में अमावस्या तिथि को पड़ने वाले मुख्य व्रत एवं त्यौहार

  • वैशाख अमावस्या: धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अमावस्या के दिन ही त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ था।
  • ज्येष्ठ अमावस्या: धर्मशास्त्रों के अनुसार इस अमावस्या को न्याय के देवता कहे जाने वाले शनि देव का जन्म हुआ था। इस अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है।
  • आषाढ़ अमावस्या: इस अमावस्या को वर्षा ऋतू का आगमन होता है।
  • श्रावण अमावस्या: इस दिन को हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है और इस दिन के ठीक 3 बाद हरियाली तीज त्यौहार आता है।
  • अश्विन अमावस्या: इस दिन श्राद्ध पूर्ण होते हैं।
  • कार्तिक अमावस्या: इस अमावस्या को सबसे महत्वपूर्ण दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है।

FAQ

सोमवती अमावस्या कब है 2022?

30 मई 2022 सोमवार को है।

मौनी अमावस्या कब है 2022?

1 फरवरी 2022 मंगलवार को है।

हरियाली अमावस्या 2022 कब है?

28 जुलाई 2022 गुरुवार को है।

पितृ अमावस्या कब है?

25 सितंबर 2022 रविवार को है।

दिसंबर में अमावस्या कब है?

23 दिसंबर 2022 शुक्रवार को है।

यह पर हमने अमावस्या 2022 (Amavasya Kab Hai 2022) के बारे में विस्तार से जानकारी शेयर की है। साथ में अमावस्या को पड़ने वाले त्यौहार, व्रत, वार आदि के बारे में भी जानकारी शेयर की है।

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