विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध

Vishwa Paryavaran Diwas Par Nibandh: विश्व पर्यावरण दिवस को 5 जून को मनाया जाता है। यहां पर हम विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध शेयर कर रहे हैं। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार होगा।

Vishwa Paryavaran Diwas Par Nibandh
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विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध | Vishwa Paryavaran Diwas Par Nibandh

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध (200 शब्द)

पर्यावरण के बिना जीवन संभव नहीं है। पर्यावरण में पेड़ पौधों से लेकर जीव जंतु और जमीन वायु और जल सब कुछ शामिल है। सभी से मिलकर ही पर्यावरण बनता है। पर्यावरण में रहने वाले सभी सचिव एक परिवार की तरह रहते हैं। पर्यावरण का निर्माण प्राकृतिक है और कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के माध्यम से पर्यावरण असंतुलन भी होता है। वर्तमान समय में पर्यावरण काफी तेजी से प्रदूषित हो रहा है।

पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए सरकार वर्कर्स प्रयास भी कर रही है। लेकिन जनसंख्या अधिक है। साथ ही साथ देश और विश्व भर में वाहनों की संख्या भी अधिक है और जिसकी वजह से वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण इत्यादि देखने को मिल रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस का सबसे पहला सम्मेलन 5 जून 1972 से 16 जून 1972 के बीच रखा गया था। यह आयोजन अमेरिका में किया गया था और विश्व का सबसे पहला पर्यावरण दिवस 5 जून 1972 को मनाया गया था और उसी के पश्चात प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रुप में मनाया जाता है।

पर्यावरण में रहने वाली सभी प्रजातियों में सबसे चतुर और समझदार मानव है और मानव को पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने कदम बढ़ाने चाहिए। पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित सरकार द्वारा की जाने वाले आयोजन में मनुष्य को अपना संपूर्ण योगदान देना जरुरी है। अन्यथा आने वाली पीढ़ी के लिए कॉफी घातक सिद्ध होगा।

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध (600 शब्द)

प्रस्तावना

पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। परि और आवरण परि का अर्थ होता है। हमारे आसपास या हमारे चारों ओर आवरण का अर्थ होता है। हम चारों और से जिससे घिरे हैं। अर्थात पर्यावरण का अर्थ हमारे आस-पास वातावरण से हैं। पर्यावरण पेड़-पौधों, वायु हमारे आस-पास की सभी चीजों से मिलकर बनता है।

पर्यावरण हमारे दैनिक जीवन से सीधा संबंध रखता हैं। मानव और पर्यावरण एक दूसरे से संबंधित तथा एक दूसरे पर निर्भर होते हैं। पर्यावरण प्रदूषण जैसे पेड़ों का कम होना वायु प्रदूषण आदि मनुष्य के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव डालता हैं। मानव की अच्छी बुरी आदतों का प्रभाव सीधा पर्यावरण पर पड़ता हैं।

जैसे मानव द्वारा वृक्षारोपण करना जल, वायु प्रदूषण को रोकना, स्वच्छता रखना आदि पर्यावरण को सीधा प्रभावित करता हैं। मानव द्वारा वृक्षों की अत्यधिक कटाई पानी को दूषित करना, अत्यधिक धुँआ निकलने वाले वाहनों का प्रयोग करना, वायु प्रदूषण करना आदि सब बुरी आदतों के कारण पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता हैं, जिसका भुगतान मनुष्य को विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के फल स्वरुप करना पड़ता हैं।

सबसे पहला विश्व पर्यावरण सम्मेलन

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित यह पर्यावरण दिवस आम लोगों में पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर सजगता इसके रख रखाव को जागरूक करने के लिए बनाया गया हैं। इसकी शुरुआत 1972 में 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन से हुई।

विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है?

5 जून 1973 को प्रथम बार विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। पर्यावरण के जैविक संगठनों में जीव-जंतु, कीड़े-मकोड़े, पेड़-पौधे इनसे जुड़ी सभी क्रियाएं एवं प्रक्रियाएं आदि से मिलकर बनी इकाई ही पर्यावरण हैं। हमारे चारों और घटने वाली प्रत्येक घटना इसके अंतर्गत ही घटती हैं। मनुष्य के द्वारा किए गए प्रत्येक कार्य का प्रभाव प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण पर पड़ता हैं।

पर्यावरण प्रदूषण कैसे होता है?

पर्यावरण और मनुष्य एक दूसरे पर आश्रित हैं। मानव हस्तक्षेप के आधार पर पर्यावरण को दो भागों में बांटा जा सकता हैं। पहला प्राकृतिक दूसरा नैसर्गिक पर्यावरण जिसका निर्माण मानव ने किया हैं। विभिन्न प्रकार के प्रदूषण जैसे जल वायु तथा जलवायु परिवर्तन आदि को देखकर इंसान को अपनी प्रमुख प्रवृत्तियां और गलतियों को समझना चाहिए तथा मानव को समझना चाहिए की पर्यावरण संरक्षण।

पर्यावरण प्रबंधन की वर्तमान में बहुत आवश्यकता हैं। प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण आज हमारा पर्यावरण खतरे में हैं। पर्यावरण के सभी पर्यावरण के सभी घटक जीवमंडल, जलमंडल, वायुमंडल सभी प्रदूषण में फंस गए हैं। प्रदूषण का बढ़ता प्रभाव सामान्य प्राकृतिक पर्यावरण को बहुत अधिक प्रभावित कर रहा हैं। ज्वालामुखी का फटना जंगल में अपने आप आग लगना आदि प्राकृतिक प्रदूषण की घटनाएं हैं।

जल का मेला होना, वाहनों से निकलने वाला धुआं, कल कारखानों से निकलने वाला धुऐ से उत्पन्न होने वाला प्रदूषण, वनों की कटाई आदि मानव द्वारा निर्मित प्रदूषण हैं। मानव द्वारा निर्मित प्रदूषण से प्रकृति व पर्यावरण का विनाश तेजी से हो रहा हैं। प्रदूषण के मुख्य रूप जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और मृदा प्रदूषण हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य उद्देश्य मानव जाति को पर्यावरण के प्रति सचेत करना हैं। उसका उद्देश्य पूरी प्रकृति व पर्यावरण की सुरक्षा करना हैं। विश्व पर्यावरण सुरक्षा दिवस के दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना हैं।

पर्यावरण सरक्षण के लिए जरुरी कदम

इस दिन सभी स्कूलों, कॉलेजो व विश्व विद्यालयों में पौधारोपण किया जाता हैं। हमारे द्वारा किए गए प्रत्येक कार्य का सीधा प्रभाव पर्यावरण पर पड़ता हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के द्वारा ही विश्व पर्यावरण दिवस का संचालन किया जाता हैं। विश्व पर्यावरण दिवस 100 से भी अधिक देशों में मनाया जाता हैं। विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना का मुख्य उद्देश्य इस ग्रह को सभी प्रकार के प्रदूषण से मुक्त कराना तथा इसे वास्तविक रूप में सुंदर बनाना हैं।

पर्यावरण को दूषित करने वाले सभी कारकों को पूर्णता खत्म करना हैं। विश्व पर्यावरण से संबंधित समस्याओं की तरफ सबका ध्यान आकर्षित करने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस जैसे समारोह का मनाया जाना बहुत आवश्यकता था। समारोह में स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाने का प्रयत्न किया जाता हैं।

निष्कर्ष

जिस प्रकाश से भगवान में पर्यावरण उसी होता जा रहा है, उसे बचाना हमारे लिए और आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत जरुरी है। पर्यावरण संरक्षण आज के समय में अनिवार्य हो चुका है और कैसे भी करके को बचाना होगा। लोगों को ना सिर्फ विश्व पर्यावरण दिवस के दिन पर्यावरण संरक्षण को लेकर ध्यान देना चाहिए। बाकी दिनों में भी व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कदम उठाने चाहिए।

अंतिम शब्द

पर्यावरण ही जीवन है इसका बचाव जरूरी है। हमने यहां पर “विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध (Vishwa Paryavaran Diwas Par Nibandh)” शेयर किया है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह निबन्ध पसंद आया होगा, इसे आगे शेयर जरूर करें। आपको यह निबन्ध कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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