महर्षि वाल्मीकि के अनमोल विचार – Valmiki Quotes in Hindi

Valmiki Quotes: भारत के ऐसी भूमि है जहां पर समय-समय पर कई संत महात्माओं ने जन्म लेकर अपने अच्छे कर्मों से दुनिया के लोगों को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित किया है। इसलिए भारत भूमि को देवभूमि कहा जाता है। इन्हीं संत महात्माओं में महर्षि वाल्मीकि भी एक थे। Maharishi Valmiki संस्कृत के महान कवि थे और संस्कृत के लौकिक छंदों के आदिकवि के रूप में भी जाने जाते हैं।

valmiki-qutoes
livehindustan.com

Maharishi Valmiki ने अपने ज्ञान और तप की सहायता से विश्व के महान ग्रन्थ रामायण की रचना की। वाल्मीकि की रचनाएँ बहुत ही लोकप्रिय है। ऐसा माना जाता है कि इनका पहले का नाम रत्नाकर था। हजारों सालों तक बाल्मीकि जी ने एक ही जगह पर बैठ कर राम के नाम का जप किया था। इनका शरीर दीमकों से भर गया था, इनका शरीर दीमकों के पहाड़ रूप सा प्रतीत होने लगा था।

Read Also: आज का सुविचार – Suvichar in Hindi

आज हम यहां पर महर्षि वाल्मीकि के विचार शेयर करने जा रहे हैं।

महर्षि वाल्मीकि के अनमोल विचार – Valmiki Quotes in Hindi

जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान है।

*****

मनुष्य का आचरण ही बतलाता है कि वह कुलीन है या अकुलीन, वीर है या कायर अथवा पवित्र है या अपवित्र।

*****

दृढसंकल्प लेकर आप कोई भी काम आसान कर सकते हो।

*****

जीवन में सदैव सुख ही मिले यह बहुत दुर्लभ है।

*****

सत्य ही सबका मूल है और सत्य से बढकर कुछ भी नही है।

*****

सीते, पिता की सेवा करना जैसा कल्याणकारी है, वैसा उत्तम साधन न सत्य है, न दान-सम्मान है और न प्रचुर दक्षिणा वाले ही है।

*****

Valmiki Quotes

होनी के प्रति दुःख मनाना कायरता और अज्ञान है।

*****

आपकी जन्मभूमि और जननी स्वर्ग से भी बढ़कर है।

*****

दुख और विपदा जीवन के दो ऐसे मेहमान हैं, जो बिना निमंत्रण के ही आते हैं।

*****

अतिसंघर्ष से चंदन में भी आग प्रकट हो जाती है, उसी प्रकार बहुत अवज्ञा किए जाने पर ज्ञानी के भी हृदय में भी क्रोध उपज जाता है।

*****

माता पिता की सेवा और उनकी आज्ञा पालन जैसा धर्म कोई नही है।

*****

पिताजी, आप अधिक सोच-विचार न कीजिए। धन धान्य, राष्ट्र और प्रजा सहित यह धरती आप भरत को दे दीजिए, मुझे राज नहीं चाहिए।

*****

दुखी व्यक्ति प्रत्येक पाप कर सकता है।

*****

किसी वादे को तोड़ने से आपके सारे अच्छे कर्म नष्ट हो जाते हैं।

*****

Valmiki Quotes

संसार में ऐसे लोग थोड़े ही होते हैं, जो कठोर किंतु हित की बात कहने वाले होते हैं।

*****

संत दूसरों को दु:ख से बचाने के लिए कष्ट सहते रहते हैं, दुष्ट लोग दूसरों को दु:ख में डालने के लिए।

*****

जन्म देने वाली मां और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढकर होता है।

*****

विवाह योग्य स्त्रियां प्रत्येक देश में मिल सकती हैं। मित्र-परिजन भी प्रत्येक देश में प्राप्त हो सकते हैं। किन्तु मुझे कोई ऐसा देश दिखाई नहीं पड़ता, जहां सहोदर भाई मिल सकते हों।

*****

पराये धन का अपहरण, पर स्त्री के साथ संसर्ग, सुहृदों पर अतिशंका – ये तीनों दोष विनाशकारी है।

*****

किसी भी व्यक्ति से मोह रखना आपको दुःख दे सकता है।

*****

किसी भी मनुष्य की इच्छाशक्ति अगर उसके साथ हो तो वह कोई भी काम बड़े आसानी से कर सकता है। इच्छाशक्ति और दृढ़संकल्प मनुष्य को रंक से राजा बना देती है।

*****

नीच की नम्रता अत्यंत दुखदायी है, अंकुश, धनुष, सांप और बिल्ली झुककर वार करते हैं।

*****

सहयोग करने वाले और सबसे मिलकर रहने वाले की सदैव जीत होती है।

*****

क्रोध ही व्यक्ति के समस्त सद्गुणों का नाश करता है। इसलिए क्रोध का त्याग करो।

*****

पुरुषार्थ किये बिना भाग्य का निर्माण नहीं हो सकता।

*****

संघर्ष से आप महान बन सकते है। आगे बढ़ना है तो संघर्ष जरूरी है।

*****

Valmiki Quotes

माया के दो भेद हैं – अविद्या और विद्या।

*****

जो लोग गलत रास्ते पर चलते है, उन्हें कभी भी सच्चा ज्ञान नही प्राप्त होता है।

*****

प्रण को तोड़ने से पुण्य नष्ट हो जाते हैं।

*****

अगर आपके अंदर उत्साह होगा तो आप असम्भव काम को भी संभव बना सकते हैं।

*****

किसी के साथ अत्यंत प्रेम न करो और प्रेम का सवर्था अभाव भी न होने दो, क्योंकि ये दोनों ही महान दोष है, अत: मध्यम स्थिति पर ही दृष्टि रखो।

*****

संतोष नन्दनवन है तथा शांति कामधेनु है। इस पर विचार करो और शांति के लिए श्रम करो।

*****

मन इच्छित वस्तु को प्राप्त करने के बाद भी ठीक वैसे ही कभी संतुष्ट नहीं होता, जैसे छिद्रयुक्त पात्र को कितना भी जल डाल कर भरा नहीं जा सकता।

*****

मित्र बनाना सरल है, मैत्री पालन दुष्कर है। चितों की अस्थिरता के कारण अल्प मतभेद होने पर भी मित्रता टूट जाती है।

*****

बिना अच्छे चरित्र के आप महान नहीं बन सकते।

*****

असत्य के समान पातक पुंज नहीं है। समस्त सत्य कर्मों का आधार सत्य ही है।

*****

दुःख और संकट की घड़ी हमेशा बिना बताये और बिना बुलाये ही आते हैं।

*****

महत्वाकांक्षा से युक्त मन सदैव रिक्त रहता है। इसीलिए वह ठीक उसी प्रकार कहीं भी शांति प्राप्त नहीं करता, जैसे अपने समूह से बिछुड़ कर हिरण अशांत होता है।

*****

उत्साह, सामर्थ्य और मन में हिम्मत न हारना – ये कार्य की सिद्धि कराने वाले गुण कहे गये है।

*****

किसी के लिए घृणा का भाव अपने मन में रखने से आप खुद मैले हो जाते हो।

*****

प्रियजनों से भी मोहवश अत्यधिक प्रेम करने से यश चला जाता है।

*****

माता पिता की सेवा करना सदैव कल्याणकारी होता है।

*****

Valmiki Quotes

आप साहसी या कायर, गुणवान है या दोष से भरे हुए.. यह आपका चरित्र से दिख जाता है।

*****

सारे पुण्यों और सद्गुणों की जड़ सत्य है।

*****

जिस प्रकार चुहिया प्रत्येक दिन थोडा-थोडा खोद कर धरती में अपना बिल बनाती है, उसी प्रकार काल प्राणियों के जीवन को क्षण-प्रतिक्षण समाप्त करता जाता है।

*****

सेवा से शत्रु भी मित्र हो जाता है।

*****

अगर आप किसी के सेवा के लिए अपना बल लगाते है तो वह बल अमर है।

*****

दुखी लोग कौन सा पाप नही करते है?

*****

जो व्यक्ति वीर और बलवान होते है, वे जलहीन बादलों के समान खाली गर्जना नही करते है।

*****

किसी व्यक्ति से ज्यादा मोह रखना भी दुःख का कारण बन सकता है।

*****

सेवा के लिए उपयोग किया बल हमेशा टिकेगा और अमर होगा।

*****

परमात्मा ने जो कुछ तुमको दिया है, तुमको चाहिए कि उसके लिए परमात्मा के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करो। इस विषय में तुम्हे कृतघ्न नहीं होना चाहिए।

*****

तुम्हें गर्व, अहंकार और कुटिलता का परित्याग करना चाहिए। तुम्हें दूसरों की आलोचना की कभी चिंता नहीं करनी चाहिए।

*****

नारी के लिए वास्तव में उसका पति ही सम्पूर्ण आभूषण है। उससे पृथक रहकर वह कितनी भी सुंदर क्यों न हो सुशोभित नहीं होती।

*****

जो व्यक्ति अपने पक्ष को छोड़कर दुसरो के पक्ष में मिल जाता है फिर उस पक्ष के नष्ट होने पर वह खुद ही नष्ट हो जाता है।

*****

संघर्ष से ही आप महान बन सकते है। यदि जीवन में आगे बढना है तो तो संघर्ष करना भी जरूरी है।

*****

प्रियजनों सेमोहवश अत्यधिक प्रेम से यश भी चला जा सकता है।

*****

संत पुरूष हमेशा लोगों को दुःख से बचाने के लिए कष्ट सहते हैं। जबकि दुष्ट प्रवित्ति के लोग दूसरों को हमेशा दुःख में डालने के लिए ही जीते हैं।

*****

सदा सुख ही सुख दुर्लभ है।

*****

स्त्री या पुरुष के लिए क्षमा ही अलंकार है।

*****

सहयोग और समन्वय की सदैव जीत होती है।

*****

राजा को आदर्श व सच्चरित होना चाहिए। क्योंकि वह प्रजापालक कहलाता है।

*****

अच्छे स्वाभाव वाले लोग अपने घर के सोने गहनों और मित्र में कोई फर्क नही समझते हैं।

*****

जैसा राजा का आचरण होता है ठीक वैसा ही प्रजा भी आचरण करती है।

*****

Read Also: प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक अर्थ सहित – Sanskrit Shlokas

अंतिम शब्द: हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह पसंद आये होंगे। इन्हें आगे शेयर करना ना भूलें। यदि इस पोस्ट में कुछ त्रुटी या सुझाव की आवश्यकता हो तो हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं। हमारा Facebook Page लाइक जरूर कर दें।

Related Searches:

वाल्मीकि विचार,वाल्मीकि सुविचार, वाल्मीकि जयंती पर वाल्मीकि जी अनमोल विचार, Valmiki Jayanti Par Valmiki Ji Ke Vichar, maharishi valmiki quotes, Valmiki Quotes, वाल्मीकि जयंती (Valmiki Jayanti), महर्षि वाल्मीकि जी के अनमोल विचार, Anmol Vichar, Maharshi Valmiki Anmol Vichar, Maharshi Balmiki Quotes in Hindi, valmiki jayanti day quotes, valmiki quotes hindi

Read Also

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here