UPI क्या है और कैसे काम करता है?

UPI Kya Hai: UPI का इस्तेमाल आज के समय में संपूर्ण भारत के स्मार्टफोन उपयोगकर्ता करते ही हैं। आज के समय में हर रोज करोड़ों रुपए का ट्रांजैक्शन भारत में यूपीआई के माध्यम से किया जाता है। UPI लॉन्च होने के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने वाला देश बन गया है।

अब तक भारत के यूपीआई सिस्टम को कुछ देशों ने स्वीकार भी कर लिया है और पश्चिमी देश भी UPI सिस्टम को स्वीकार करने में लगे हुए हैं। आज के समय में यूपीआई की वजह से लोग अपनी जेब में पैसा लेकर नहीं घूमते हैं। सिर्फ अपने मोबाइल फोन से स्कैन करके 1-2 सेकंड में ही पैसों का भुगतान कर देते हैं। भारत के UPI सिस्टम में लोगों के जीवन को अधिक आसान बना दिया है। इससे देश को काफी फायदा हुआ है।

UPI Kya Hai
Image: UPI Kya Hai

UPI की वजह से सरकार के भी करोड़ों रुपए बच गए हैं और बड़ी मात्रा में पैसा चोरी होना, गुम होना इत्यादि परेशानियों से भी छुटकारा मिल चुका है। यूपीआई की वजह से अब लोग अपने पॉकेट में बिना पैसे रखे ही शॉपिंग कर सकते हैं और घर बैठे किसी को भी पैसा भेज सकते हैं तथा घर बैठे ही मोबाइल फोन से पैसा प्राप्त कर सकते हैं।

यूपीआई ने बैंकिंग सिस्टम और पैसों के लेन-देन के ट्रांजैक्शन को काफी आसान बना लिया है। लेकिन क्या आपको पता है कि यूपीआई क्या है? (UPI Kya Hai), यूपीआई का फुल फॉर्म, यूपीआई कैसे काम करता है?, यूपीआई आईडी क्या होती है? आज के लेख में हम इन सभी के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे।

यूपीआई क्या है? (UPI Kya Hai)

UPI का फुल फॉर्म Unified Payments Interface है। यह भारत का एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है, जो किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते के साथ लिंक मोबाइल नंबर से स्मार्टफोन की मदद से पैसों का लेनदेन कुछ ही सेकंड में पूर्ण कर लेता है।

यह सिस्टम एडवांस तकनीकी से बना हुआ है, जो पैसों के लेनदेन को अधिक आसान बना देता है। भारत का यूपीआई सिस्टम क्रांतिकारी साबित हुआ है क्योंकि यूपीआई लॉन्च होने के बाद भारत में करोड़ों की संख्या में नए बैंक खाते खोले गए हैं और करोड़ों स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की संख्या भी बढ़ गई है। आज के समय में लगभग प्रत्येक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता यूपीआई का इस्तेमाल करता है।

यूपीआई को बड़े पैमाने पर प्रमोट करने के लिए NPCI थर्ड पार्टी मोबाइल एप्स को भी एक्सेस दिया, जिसकी वजह से हम पेटीएम, फोन पे, गूगल पे इत्यादि एप्लीकेशन से भी यूपीआई ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। यूपीआई पेमेंट सिस्टम क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी के आधार पर पैसों का लेन-देन करता है।

इस सिस्टम के अंतर्गत आप किसी को भी क्यूआर कोड स्कैन करके या यूपीआई आईडी के जरिए पैसा भेज सकते हैं और इसी प्रकार से पैसा प्राप्त कर सकते हैं। आप अपने बैंक खाते को यूपीआई आईडी से लिंक कर सकते हैं, जिससे पैसे का भुगतान और पैसे प्राप्त आपके बैंक खाते में ही होंगे। वर्तमान समय में भारत में यूपीआई का इस्तेमाल करोड़ों लोगों द्वारा किया जाना एक आम बात हो चुकी है।

UPI का इस्तेमाल कैसे करें?

यूपीआई का इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने मोबाइल फोन में यूपीआई बेस्ट एप्लीकेशन को डाउनलोड करना होगा। आप यूपीआई की ऑफिशियल एप्लीकेशन भीम यूपीआई कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं या अपने पसंदीदा थर्ड पार्टी एप्लीकेशन जैसे पेटीएम, फोनपे, गूगल पे इत्यादि को भी डाउनलोड कर सकते हैं। वर्तमान समय में अनगिनत थर्ड पार्टी फाइनेंस और यूपी एप्लीकेशन उपलब्ध है। अच्छी और पॉपुलर एप्लीकेशन को आप डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपीआई एप्लीकेशन डाउनलोड करने के बाद सबसे पहले आपको उसमें अपने बैंक खाते को लिंक करना होगा। उसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आपके मोबाइल में वही सिम कार्ड हो, जो आपके बैंक खाते के साथ लिंक है, उसी सिम कार्ड से आपको यूपीआई ऐप में रजिस्टर करना होता है।

यूपीआई एप में अपने बैंक का नाम सर्च करें और वेरीफाई के ऑप्शन पर क्लिक करें। अब एप्लीकेशन द्वारा आपके सिम के माध्यम से बैंक को एक मैसेज भेजा जाएगा और आपके बैंक खाते का वेरिफिकेशन किया जाएगा। अब आप अपने मोबाइल नंबर से या अपनी ईमेल आईडी से एक यूपीआई आईडी बना सकते हैं।

यूपीआई ऐप में रजिस्टर करने के बाद आपको एक क्यूआर कोड मिल जाता है। इसके अलावा आप अपनी एक यूपीआई आईडी बना सकते हैं। इसकी मदद से आप किसी से भी पैसा प्राप्त कर सकते हैं। जो भी व्यक्ति आपकी यूपीआई आईडी दर्ज करके उस पर पैसे भेजेगा, तो वह पैसे आपकी यूपीआईडी के माध्यम से आपके बैंक खाते में जमा हो जाएंगे।

इसी तरह से अगर कोई व्यक्ति आपके पास है तो वह आपके यूपीआई कर कोड को स्कैन करके भी आपको पैसा भेज सकता है। आमतौर पर दूर बैठे लोग यूपीआई आईडी से पैसे भेजते हैं तथा शॉपिंग के समय लोग दुकानों पर क्यूआर कोड को स्कैन करके भुगतान करते हैं।

UPI कैसे काम करता है?

यूपीआई पेमेंट सिस्टम भारत का सबसे अत्याधुनिक ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम है। इससे पहले एनईएफटी, आरटीजीएस और आइएमपीएस इत्यादि सिस्टम आ चुके हैं, जो समय समय पर हितकारी रह चुके हैं। लेकिन उन सभी में कुछ कमीशन देना होता था या अत्यधिक समय लगता था तथा प्रत्येक व्यक्ति उसका इस्तेमाल भी नहीं कर सकता।

इसी को मद्देनजर रखते हुए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जो कि भारत सरकार की एक फाइनेंशियल संस्था है) ने यूपीआई पेमेंट सिस्टम की नींव रखी। UPI पेमेंट सिस्टम IMPS सिस्टम पर आधारित एक ऑनलाइन पेमेंट प्रणाली है। IMPS की फुल फॉर्म Immediate Payment Service system है। यूपीआई पेमेंट सिस्टम पर NPCI निगरानी रखता है, जो कि बैंक से बैंक और बैंक से एटीएम पर होने वाले प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर भी नजर रखता है।

यूपीआई पेमेंट सिस्टम इमीडिएट पेमेंट सर्विस सिस्टम पर आधारित है, जो एक से 3 सेकंड के भीतर ट्रांजैक्शन को कंप्लीट करने का काम करता है। इतने कम समय में भुगतान करते समय यह सिस्टम वेरीफाई करता है कि जो व्यक्ति पैसे का भुगतान कर रहा है, उसके अकाउंट में पर्याप्त धनराशि है या नहीं और सामने वाले व्यक्ति की भी सही जानकारी है या नहीं।

यूपीआई के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के अकाउंट पर पैसे का ट्रांसफर करना मतलब वास्तव में बैंक एक बैंक से दूसरे बैंक को पैसों का भुगतान नहीं करती है। बल्कि एक बैंक से नंबर कम होकर दूसरे बैंक के ग्राहक के खाते में नंबर बढ़ जाते हैं और इन सभी पैसे का लेनदेन आरबीआई यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास होता है।

अब तक ऑनलाइन किए जाने वाले सभी ट्रांजैक्शन में यूपीआई पेमेंट सिस्टम फास्ट टाइमिंग की वजह से सफल हो पाया है। लेकिन यह पूरी तरह से फ्री है। इसीलिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया तथा इसका इस्तेमाल करने वाले थर्ड पार्टी एप्लीकेशन की भी कोई कमाई नहीं हो रही है।

UPI की ट्रांजैक्शन लिमिट क्या है?

भारत का सबसे लोकप्रिय ट्रांजैक्शन माध्यम यूपीआई का प्रयोग आज के समय में हर कोई व्यक्ति यूपीआई का प्रयोग करते समय हमें कई बार ऐसा मैसेज दिखाई देता है कि आज आपने यूपीआई का ट्रांजैक्शन पूरा कर लिया है।

अब आपको कल यानी कि 24 घंटे बाद वापस से ट्राई करना होगा। इससे हमारे मन में कई बार सवाल पैदा होता है कि यूपीआई ट्रांजैक्शन की लिमिट कितनी है? हम आपको यूपीआई ट्रांजैक्शन क्या है? इसके बारे में नीचे जानकारी दे रहे हैं:

  • यूपीआई के माध्यम से एक व्यक्ति एक दिन में एक लाख का ट्रांजैक्शन कर सकता है।
  • लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप प्रतिदिन एक लाख के हिसाब से 30 दिन में 30 लाख का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसके लिए भी अलग से सीमा का निर्धारण किया गया है।
  • यूपीआई के माध्यम से एक हफ्ते में तीन लाख और 1 महीने में सात लाख का ट्रांजैक्शन किया जा सकता है।
  • यूपीआई के माध्यम से नंबर ऑफ ट्रांजैक्शन की भी लिमिट दी गई है, जिसके तहत एक व्यक्ति एक दिन में यूपीआई के मात्र 10 ट्रांजैक्शन कर सकता है।

यूपीआई कस्टमर केयर नंबर क्या है?

यूपीआई पेमेंट सिस्टम का प्रयोग तो हम सभी करते हैं। लेकिन कई बार तकनीकी समस्या की वजह से हमारा पेमेंट प्रोसेसिंग में चला जाता है और उसे लाभार्थी के खाते तक पहुंचने के लिए 7 से 8 दिन का समय लगता है या फिर वह पेमेंट 8 दिन में पुनः हमारे खाते में रिटर्न आता है।

इस समस्या के बारे में कई प्रकार के सवाल लोगों के मन में पैदा होते हैं। इसके लिए सरकार के द्वारा यूपीआई कस्टमर केयर नंबर जारी किया गया है, जिसके माध्यम से आप होने वाली समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यूपीआई कस्टमर केयर नंबर की जानकारी नीचे दी गई है:

  • Toll Free Number: 18001201740
  • UPI Customer Care: 022-45414740

यूपीआई के माध्यम से पेमेंट करने के फायदे

यूपीआई के माध्यम से पेमेंट करना हमारे लिए कैसे फायदेमंद है, इसके बारे में यूपीआई पेमेंट के कुछ महत्वपूर्ण फायदे हम आपको नीचे दे रहे हैं:

  • यूपीआई के माध्यम से पेमेंट करना काफी आसान है, यह सबसे मुख्य फायदा माना जाता है।
  • यूपीआई पेमेंट सिस्टम के द्वारा मोबाइल नंबर और क्यूआर कोड के माध्यम से भी पेमेंट किया जा सकता है।
  • यूपीआई पेमेंट सिस्टम के जरिए भारत को कैशलेस बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
  • UPI के जरिए व्यक्ति अपने मोबाइल रिचार्ज, बिल पेमेंट, ट्रेन और बस के टिकट इत्यादि छोटे बड़े काम खुद ऑनलाइन अपने मोबाइल के माध्यम से कर सकता है।
  • UPI पेमेंट सिस्टम के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करने पर कई बार आपको कैशबैक भी मिलता है।
  • यूपीआई के जरिए पेमेंट भेजना पूरी तरह से सुरक्षित है। यहां आपके खाते की जानकारी को सिक्योर रखा जाता है।

निष्कर्ष

भारत का UPI सिस्टम देश की तकदीर बदल कर रख चुका है। भारत के UPI सिस्टम की दुनिया भर में तारीफ की जा रही है। पश्चिमी देशों में भी यूपीआई को स्वीकार किया जा रहा है। अमेरिका ने भी यूपीआई सिस्टम को देखते हुए ही अपना ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम लॉन्च किया है। भारत के यूपीआई सिस्टम को नेपाल और रूस जैसे देश स्वीकार कर चुके हैं और आने वाले समय में कई देश स्वीकार कर सकते हैं।

इस पेमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया तथा आरबीआई एवं सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही हर दिन यूपी का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है।

आज के इस आर्टिकल में पूरी जानकारी के साथ विस्तार से बताया हैं कि यूपीआई क्या है? (UPI Kya Hai) और यह कैसे काम करता है? आपको यह जानकारी कैसी लगी, हमें कमेंट बॉक्स में जरुर बताएं।

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