ज्यादा सोने के नुकसान क्या है?, इसकी आदत कैसे छोड़े?

नींद हमें भगवान के द्वारा दी गई एक बेहद कीमती गिफ्ट है। सोने से हमारे शरीर में कई प्रकार की बीमारियां ठीक होती है। सोने से हमारा दिमाग तरोताजा होता है। हमारे अंदर एनर्जी स्टोर होती है। जिन व्यक्तियों को नींद कम आती है, उनके लिए यह शरीर बीमारियों का घर होता है और जो व्यक्ति ज्यादा नींद लेते हैं उनके लिए भी यह शरीर बीमारी का घर होता है।

नींद कम आने वाले को इनसोमनिया की बीमारी होती है और नींद ज्यादा लेने वाले व्यक्ति को हाइपरसोमनिया की बीमारी होती है। ज्यादा सोने का मतलब यह नहीं होता कि आप अपनी इच्छा से कुछ देर और सो रहे हैं।

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ज्यादा सोने का मतलब होता है कि जिस व्यक्ति को हर वक्त नींद आती रहती हो, चाहे वह किसी भी कार्य करें या कुछ देर के लिए बैठे ही तो उन्हें नींद आ जाती है, वैसे व्यक्ति को ज्यादा नींद आने की समस्या होती है और उनके लिए यह समस्या बीमारी का घर बन जाती है।

हमारे लिए सोने का जो समय होता है, वह 6 से 8 घंटे का होता है। इससे ज्यादा अगर व्यक्ति सोते हैं, तो उन्हें काफी सारे बीमारियों को झेलना पड़ता है। तो आज के इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की ज्यादा सोने से क्या होता है? और इसकी आदत को कैसे छुड़ाया जा सकता है?, तो हमारा आपसे निवेदन है कि आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

ज्यादा सोने के नुकसान क्या है?, इसकी आदत कैसे छोड़े?

ज्यादा सोने से क्या-क्या होता है?

  • ज्यादा सोने से सबसे पहले आप मोटापे का शिकार होते हैं क्योंकि अगर आप ज्यादा सोएंगे, तो आपका फिजिकल वर्क वह नहीं होगा और अब ज्यादा देर सोएंगे, तो आपके अंदर जो वसा है, वह सब स्टोर होंगे और वही स्टोर होकर आपको मोटा करेंगे। इसीलिए ज्यादा सोने से जो सबसे पहले बीमारी हमारे शरीर में आती है वह है मोटापा।
  • ज्यादा सोने से हमें पेट संबंधी बीमारी उत्पन्न होने लगती है क्योंकि अगर आप ज्यादा सोएंगे तो आपका पेट का जो सिस्टम है वह कार्य नहीं करेगा और पेट के सिस्टम को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए व्यक्ति का सोना और जागना दोनों जरूरी होता है। अगर आप ज्यादा सोएंगे, तो आपका पेट का जो पाचन क्रिया है वह नहीं होगा, जिससे कि आपको कब्ज की बीमारी हो सकती है, गैस एसिडिटी जैसी बीमारी हो सकती है क्योंकि अगर बॉडी का गतिविधि ही नहीं होगा, तो शरीर में खाना पचेगा नहीं और वह कब्ज का रूप ले लेता है। जिससे कि व्यक्ति को कब्ज एसिडिटी क्या जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
  • ज्यादा सोने वाले व्यक्ति को आंखों की रोशनी की भी समस्या हो सकती है क्योंकि व्यक्ति अगर ज्यादा सोएगा, तो उसके आंखों की जो जरूरत की चीज है जैसे कि सूर्य की रोशनी, हरे पौधों को देखना, यह सारी चीजें हमारे आंखों के लिए जरूरी है और अगर इन सारी चीजों को हम नहीं देखेंगे। तो हमारे आंखों की समस्या बढ़ जाती है और कभी-कभी व्यक्तियों को रोशनी कम होने की समस्या हो जाती है।
  • लंबे समय तक सोने वाले व्यक्ति को देखा गया है कि सिर दर्द की समस्या हो जाती है। सिर दर्द मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण होता है। जिसके दौरान नींद लेने की जो समय होती है वह बढ़ जाती है और इसी कारण हमें सिर दर्द होता है।
  • लंबे समय तक सोने से हमारे शरीर में दर्द उत्पन्न हो जाता है। हमारे कमर में दर्द होने लगता है। अगर हम 8 घंटे से अधिक बिस्तर पर पड़े रहे तो, जो हमारा खून का बहाव होता है, जो खून का जाने कि जो नली होती है उन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसीलिए कहा जाता है कि हमें 6 से 8 घंटे सोना चाहिए और उठकर फिजिकल वर्क भी करना चाहिए।
  • ज्यादा सोने वाले व्यक्ति के दिमाग पर भी उसका असर होने लगता है। वह चिड़चिड़ा और गुस्से वाला बन जाता है क्योंकि ज्यादा देर तक सोने से दिमाग में डोपामाइन और सेरोटोनिन हार्मोन का लेवल कम हो जाता है। जिससे कि लोगों को खुश होने की जो अनुभूति होती है, वह कम होने लगती है और व्यक्ति ज्यादा चिड़चिड़ा और उसका मूड अप एंड डाउन होने लगता है।
  • ज्यादा सोने वाले व्यक्ति को दिल का खतरा यानि की दिल की बीमारी का खतरा बना रहता है क्योंकि ज्यादा सोने से उसका शरीर गतिविधि नहीं करता है। जिससे कि उसके फेफड़े का सुचारू रूप से कार्य नहीं होता है और सुचारू रूप से फेफड़े, अगर कार्य नहीं करेगा तो दिल संबंधी बीमारी का उत्पन्न होना बना रहता है।
  • ज्यादा सोने वाले व्यक्ति को याददाश्त कम होने की बीमारी उत्पन्न होने लगती है क्योंकि ज्यादा नींद लेने से जो हमारे मस्तिष्क है, वहां पर सुचारू रूप से खून नहीं पहुंच पाता है और हमारा याददाश्त कमजोर होने लगता है।
  • ज्यादा देर तक सोने वाले व्यक्ति को डायबिटीज का भी खतरा बढ़ जाता है क्योंकि शरीर ज्यादा वर्कआउट नहीं कर पाता है और जिससे कि हमारा शुगर लेवल बढ़ जाता है और हमारा मोटापा भी बढ़ जाता है। इसीलिए ज्यादा सोने वाले व्यक्ति को शुगर का खतरा बढ़ जाता है।
  • ज्यादा सोने वाले व्यक्ति को हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक होने का खतरा भी अधिक हो जाता है क्योंकि ज्यादा सोने से हमारे शरीर में खून का सही से परवाह नहीं होता है और हमारे हार्मोन भी डिस्टर्ब होने लगते हैं। जिस वजह से हमारे हार्ट प्रॉब्लम, जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियां का होना संभव हो सकता है।
  • ज्यादा सोने से व्यक्ति को ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रोग भी उत्पन्न होने लगता है। उसका लाइफ स्टाइल चेंज हो जाता है, सोने का समय चेंज हो जाता है और व्यक्ति डिप्रेशन में चले जाते हैं, जिससे कि वह अल्कोहल जैसे बुरी आदतों को अपना लेते हैं। फिजिकल एक्टिविटी में कमी आ जाती है, उसके डाइट में कमी आ जाती है, जिससे कि उसे मोटापा संबंधित कई सारी बीमारियां उत्पन्न होने लगती है और साथ ही साथ उसकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो जाती है।

ज्यादा देर तक सोने की आदत को कैसे छुड़ाया जा सकता है?

सोना हर किसी की पहली पसंद होती है। लोगों को जैसे ही फुर्सत मिलता है, वह सबसे पहले सोने के लिए चले जाते हैं। लेकिन सोने का जो सही समय होता है वह 6 से 8 घंटे का होता है। यदि इससे कम या इससे ज्यादा सोया जाए, तो यह हमारे शरीर को हानि पहुंचाती है।

इसीलिए हमें बताया गया है कि अच्छी सेहत के लिए और स्वस्थ रहने के लिए हमें भरपूर नींद लेनी चाहिए और नींद 6 से 8 घंटे की होनी चाहिए और जो व्यक्ति ज्यादा नींद लेते हैं। वह अपने दिनचर्या में कुछ बदलाव लाकर इस बुरी आदत को छुड़ा सकते हैं।

  • सबसे पहले व्यक्ति को अपने सोने का सही समय नियत करना चाहिए और रोज उसी समय में सोना चाहिए। जैसे कि व्यक्ति अगर रोज 10:00 बजे रात में सोने के लिए जाता है, तो उसे रोज रात में 10:00 बजे ही सोने के लिए चले जाना चाहिए।
  • व्यक्ति सोने के पहले अपने कंप्यूटर को अपने मोबाइल को खुद से दूर कर देना चाहिए। कम से कम सोने के घंटे पहले ही अपने आप से मोबाइल और लैपटॉप सभी को दूर कर देना चाहिए या बेडरूम से दूसरे रूम में इन सारी चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए और बेडरूम में सिर्फ सोने के लिए आना चाहिए।
  • सोने के लिए जो बिस्तर होता है वह ज्यादा ना आरामदायक होना चाहिए ना ज्यादा कठोर होना चाहिए। वह एक समतलसा और आराम वाला बिस्तर होना चाहिए। जिस पर कि हमें नींद आ जाए और हम 6 से 8 घंटे का भरपूर नींद लेकर सुबह जाग सके।
  • नींद आने के लिए सबसे अच्छा उपाय यह होता है कि आप सुबह उठकर एक घंटा व्यायाम करें। व्यायाम करने से हमारा शरीर और हमारा दिमाग दोनों ही सुचारू रूप से कार्य करने लगता है। इसीलिए रोज हमें एक घंटा व्यायाम करना चाहिए। जिससे कि हमारे नींद लेने की समस्या में निजात आ सके।
  • हमें अपने दिमाग को ज्यादा थकाना चाहिए, मतलब कि दिमाग संबंधी कार्य को ज्यादा करना चाहिए। जिससे कि हमारा दिमाग थक जाए और हमें तुरंत नींद आ जाए और फिर हम सही समय पर सुबह उठ सके।

ध्यान दें: यह जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए बताई गई है। इसमें बताई गई किसी भी सलाह को अपनाने या फिर उस पर अमल करने का निर्णय स्वयं का व्यक्तिगत निर्णय होगा। इसके निष्कर्ष तक पहुँचने से पहले एक बार विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

निष्कर्ष

अगर आपको ज्यादा सोने की बीमारी है, तो अपने डॉक्टर्स से एक बार चेकउप जरूर करवाना चाहिए। ज्यादा सोना किसी भी व्यक्ति के लिए खतरे की घंटी बन सकता है क्योंकि यह मोटापा, डायबिटीज़, दिल की बीमारी जैसे रोगों को आमंत्रित करता है।

आज के इस आर्टिकल में हमने ज्यादा सोने के नुकसान क्या है?, इसकी आदत कैसे छोड़ें? के बारे में विस्तारपूर्वक बताया है।अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो उसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें ताकि लोगों को ज्यादा सोने के नुकसान के बारे में पता चल सके। आर्टिकल के सम्बंधित कोई जानकारी हो तो हमसे कमेंट के जरिये जरूर जुड़े।

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