ताजमहल पर निबंध

Essay on Taj Mahal in Hindi: नमस्कार दोस्तों! आज हम आप सभी लोगों को अपने इस महत्वपूर्ण निबंध के माध्यम से बताने वाले हैं, एक ऐसे महल के बारे में शाहजहां ने मुमताज की याद में बनवाया था। अब आप समझ गए होंगे, कि हम किस महल की बात कर रहे हैं, जी आपने बिल्कुल सही समझा हम बात कर रहे हैं, ताजमहल की।

ताजमहल भारत का एक ऐतिहासिक स्मारक है, जो कि बहुत ही ज्यादा सुंदर है। अतः आपको इसके विषय में जानकारी होना अति आवश्यक है, तो चलिए जानते हैं।

Image: Essay on Taj Mahal in Hindi

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ताजमहल पर निबंध | Essay on Taj Mahal in Hindi

ताजमहल पर निबंध (250 शब्द)

ताजमहल भारत का सबसे प्राचीन स्मारक है, यह प्राचीन स्मारक होने के साथ-साथ बहुत ही लोकप्रिय और ऐतिहासिक स्मारक भी है। ताजमहल का नाम सुनते ही हम सभी लोगों को शाहजहां और मुमताज की याद आ जाती हैं। शाहजहां ने इस स्मारक को मुमताज की याद में बनवाया था। ताजमहल को प्रेम की निशानी भी कहा जाता है।

भारत में ताजमहल बहुत ही ज्यादा सुंदर और बहुत ही ज्यादा आकर्षक स्थान माना जाता है। इतना ही नहीं ताजमहल को भारत का संस्कृति की स्मारक कहने के साथ साथ भारतीय और विदेशियों के आकर्षक का केंद्र भी कहा जाता है।

ताजमहल को न केवल भारत में बल्कि संपूर्ण विश्व में प्रेम की निशानी के रूप में जाना जाता है। ताजमहल को शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज के लिए इस महल का निर्माण करवाया था। इस महल का निर्माण इन्होंने मुमताज की याद में वर्षों से 1631 ईसवी में बनवाया था। शाहजहां ने ताजमहल को भारत के उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा में यमुना नदी के किनारे पर बनाया है। यमुना नदी आगरा के किले से लगभग 2.5 किलोमीटर की दूरी पर है, इतना ही नहीं ताजमहल को सिर्फ और सिर्फ सफेद संगमरमर का प्रयोग करके बनाया गया है।

ताजमहल को बनाने में केवल सफेद रंग के संगमरमर से बनाया ही नहीं गया है, बल्कि इसके ढांचे को इतने अच्छे से बनाया गया है, कि यह दुनिया के सभी व्यक्तियों को अपनी तरफ आकर्षित कर देता है और सबके मन में ताजमहल को एक ना एक बार देखने की इच्छा जरूर होती है।

ताजमहल विश्व के सबसे महान और आकर्षक स्मारकों में से एक महान आ जाता है, इतना ही नहीं ताजमहल को दुनिया के सात अजूबों में से एक माना गया था है। ताजमहल को एक बहुत ही बड़े क्षेत्र में बनाया गया है, ताज महल के सामने हरियाली और पीछे की ओर नदी का किनारा और एक झील है।

ताजमहल पर निबंध (800 शब्द)

प्रस्तावना

ताजमहल भारत के सबसे सुंदर इमारतों में से एक है। ताजमहल को दुनिया के सबसे महान और आकर्षक स्मारकों में से एक होने का दर्जा दिया गया है, इतना ही नहीं ताजमहल को विश्व के सात अजूबों में शामिल भी किया जा चुका है। ताजमहल का निर्माण 17 वीं शताब्दी में मुगल बादशाह शाहजहां के द्वारा करवाया गया था। शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण अपनी पत्नी मुमताज के याद में करवाया था।

मुमताज शाहजहां की तीसरी पत्नी थी और शाहजहां मुमताज से बहुत ही ज्यादा प्यार करते थे। मुमताज की मृत्यु हो जाने के बाद शाहजहां बहुत ही ज्यादा दुख में रहने लगे, अतः बाद में इन्होंने अपने दुख को बांटने के लिए इन्होंने मुमताज की याद में ताजमहल का निर्माण करवा दिया। वर्तमान समय में ऐसा भी कहा जाता है, कि जिस स्थान पर ताजमहल बना है, उस स्थान पर शाहजहां को मुमताज की कमी महसूस होती थी, अतः इसीलिए उन्होंने यहां पर ताज महल बनवा दिया।

ताजमहल बनवाने के पीछे का इतिहास

शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण मुमताज की याद में करवाया था। ताजमहल का निर्माण इन्होंने 17वीं शताब्दी में करवाया था। शाहजहां एक मुगल सम्राट थे और मुमताज इनकी तीसरी पत्नी। मुगल सम्राट शाहजहां अपनी तीसरी पत्नी मुमताज से काफी ज्यादा प्यार करते थे, अतः बाद में उनकी मृत्यु हो जाने के बाद मुगल सम्राट शाहजहां बहुत ही ज्यादा दुखी रहने लगे हैं, अतः इन्होंने इनकी याद में ताज महल बनवा दिया।

इन्होंने ताजमहल बनवाने में अपने जीवन का बहुत सा कीमती समय खर्च किया, इतना ही नहीं ताजमहल बनवाने में इन्होंने अपने राजकोष का काफी सारा धन खर्च कर दिया। लोगों के द्वारा ऐसा भी कहा जाता है, कि शाहजहां ने ताजमहल बनाने वाले मजदूरों के हाथ काट दिए थे, क्योंकि वह नहीं चाहते थे, कि दुनिया में ताजमहल के ही जैसी कोई अन्य इमारत बने।

मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में बनवाए गए ताजमहल को प्रतिदिन आगरा के किले से देखा करते हैं और यह उस महल में अपनी पत्नी को महसूस करते हैं। शाहजहां एक मुगलकालीन के योद्धा थे अतः यह ताजमहल मुगलकालीन स्थापित्व की एक इमारत है। शाहजहां ने इस इमारत को भारतीय इस्लामिक पारसी इत्यादि कलाओं के मिश्रण के द्वारा बनवाया है।

यह माना जाता है, कि शाहजहां स्वयं के लिए ताजमहल के ही आकार की एक काले रंग की कब्र का निर्माण करवाना चाहते थे, हालांकि शाहजहां की का यह विचार पूरा नहीं हो सका उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के समय इन्होंने ऐसा कहा था, कि मेरी कब्र को मुमताज के बगल में ही दफन करना, अतः मृत्यु के बाद उनकी कब्र को वहीं पर दफन कर दिया गया।

क्यों शामिल किया है, ताजमहल को सात अजूबों में

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं, भारत में बहुत से इतिहासिक स्मारक मौजूद है, परंतु ताजमहल उन सभी स्मारक में से अद्वितीय माना जाता है। ताजमहल बहुत ही आश्चर्यजनक कलाओं से भरपूर है। ताजमहल को भारत का सबसे आकर्षक इमारत भी कहा जाता है।

इतना ही नहीं ताजमहल और आगरा किले को यूनेस्को द्वारा विश्व की विरासत के रूप में चिन्हित कर दिया गया है। अतः इन सभी के बाद वर्ष 2007 में ताजमहल को दुनिया के सात अजूबों में शामिल कर दिया गया। 

ताजमहल की संरचना

ताजमहल के निर्माण की कला का आधार अनेकों प्रकार के भवनों की कला से लिया गया है, जैसे परसिया राजवंश की कला, हुमायूं का मकबरा, मुगल भवन गुर ए अमीर, इतमादुत दौलाह का मकबरा और जामा मस्जिद इत्यादि है। मुगल शासन काल के दौरान बनाए जाने वाले सभी इमारतों को लाल रंग के पत्थरों से बनाया जाता था, परंतु शाहजहां ने इसे सबसे अलग बनाने के लिए सफेद पत्थरों का उपयोग किया जो कि अपने आप में ही अद्वितीय है।

ताजमहल को सफेद संगमरमर से बनाया तो गया ही है, साथ ही इसमें अनेकों प्रकार के नक्काशी और हीरे जड़कर इसे ताजमहल की दीवारों पर सजाया गया है, परंतु बाद में इसे चुरा भी लिया गया। ताजमहल का निर्माण करवाने में लगभग 28 प्रकार की पत्थरों का उपयोग किया गया था। ताजमहल के निर्माण के लिए दुनिया भर से कारीगरों को चुन चुन कर भारत लाया गया था और निर्माण के बाद उन कारीगरों के हाथ काट दिए गए, ऐसा लोगों का कहना है।

निष्कर्ष

ताजमहल को सभी लोगों के द्वारा देश की धरोहर कहा जाता है। इतना ही नहीं ताजमहल को प्रेम की एक अद्वितीय निशानी भी कही जाती है। ताजमहल को बनवाने का विचार तब आया जब शाहजहां की पत्नी मुमताज की मृत्यु हो गई अतः ताजमहल का निर्माण शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में करवाया।

अंतिम शब्द

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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