पर्यावरण संरक्षण पर निबंध

Essay on Save Environment in Hindi :आजकल पर्यावरण पर इतनी ज्यादा हानि पहुंच रही है कि हमें उसका समाधान करना बहुत ही जरूरी है। अन्यथा आने वाले समय में कुछ भी हो सकता है, जिसकी हम अपेक्षा भी नहीं कर सकते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम पर्यावरण संरक्षण पर निबंध पर जानकारी आप तक पहुंचाने वाले हैं। इस निबंध में पर्यावरण संरक्षण के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

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पर्यावरण संरक्षण पर निबंध | Essay on Save Environment in Hindi

पर्यावरण संरक्षण पर निबंध (250 शब्द)

यह सभी की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि देश में बढ़ती हुई जनसंख्या पर्यावरण के प्रदूषण के लिए बहुत ज्यादा जिम्मेदार होती जा रही है। पहले के जमाने में हमारी धरती पर अच्छा प्रदूषण मुक्त माहौल हुआ करता था, लेकिन जैसे-जैसे आधुनिक तकनीकीओ का विकास हुआ, जनसंख्या बढ़ी, वैसे ही वनों का विनाश होने लगा। जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, वाहन प्रदूषण, वायु मंडल में भी ग्रीन हाउस गैसों का प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग, इन सभी की वजह से हमारा वातावरण बहुत प्रदूषित हो गया है।

हमारे पर्यावरण को बहुत नुकसान झेलना पड़ा है। इस वजह से आज सभी का जीवन संकट में पड़ता जा रहा है, क्योंकि हमें ना खाने को अच्छा मिल पा रहा है, और ना हम अच्छी शुद्ध हवा ले सकते हैं। चारों तरफ प्रदूषण की मात्रा इतनी ज्यादा बढ़ गई है,कि हर इंसान का सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। पर्यावरण के संरक्षण के लिए हम सभी को कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। बहुत अधिक संख्या में प्रयास करने होंगे। हालांकि हमारी सरकार के द्वारा भी पर्यावरण को बचाने के बहुत प्रयास किए जा रहे हैं। लोग अधिक से अधिक संख्या में लोग पेड़ लगा रहे हैं।

पर्यावरण के संरक्षण के लिए हमको सभी को एकजुट होकर इसका सोशल मीडिया के द्वारा प्रचार करना होगा लोगों में हमारे पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने होगी ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा जागरूक होकर पेड़ लगाएं तथा पर्यावरण को संरक्षित कर सकें।

हमारे देश में जितने तीव्र गति से जनसंख्या में वृद्धि हो रही है आधुनिक साधनों का लोग प्रयोग किए जा रहे हैं उनकी वजह से हमारा वातावरण बहुत नुकसान हो रहा है। इन सभी से चीजों के हानिकारक प्रयोग से बचने के लिए एकजुट होकर सबको हमें अपने पर्यावरण को बचाना होगा।

पर्यावरण संरक्षण पर निबंध (1200 शब्द)

प्रस्तावना

पर्यावरण का संरक्षण करना बहुत अत्यधिक जरूरी हो गया है, क्योंकि संपूर्ण मानव जीवन पर्यावरण पर निर्भर है। जब हमारा पर्यावरण सही नहीं रहेगा, तो हमारा जीना बहुत मुश्किल हो जाएगा,  इसलिए पर्यावरण का संरक्षण करना बहुत जरूरी है। ऐसी चीजों का प्रयोग नहीं करना होगा, जिन से हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचे, तभी हम अपने पर्यावरण को संरक्षित कर पाएंगे। इसके लिए लोगों को भी अधिक से अधिक संख्या में जागरूक करना होगा। नए नए तरीके अपनाकर लोगों को जागरूक कर हम अपने पर्यावरण को बचा पाएंगे उसको संरक्षित कर पाएंगे।

पर्यावरण शब्द का अर्थ

यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है। पर+ आवरण,  मतलब चारों तरफ से गिरा हुआ, या ढका हुआ उसको पर्यावरण कहते हैं। जिस तरह से पहले पृथ्वी हमारे चारों तरफ हरियाली से ढकी हुई रहती थी बढ़ती जनसंख्या के कारण आज वनों से पेड़ पौधों से विहीन हो गई है।

पर्यावरण कैसे बनता है

जिस वातावरण में हम रहते हैं वहां पर पेड़-पौधे जीव जंतु पशु पक्षी मनुष्य आदि प्रकृति के द्वारा प्रदान सभी चीजों से मिलकर हमारा पर्यावरण बनता है इसीलिए हमारा बहुत गहरा रिश्ता होता है पर्यावरण के साथ में।

प्रकृति और पर्यावरण का घनिष्ठ संबंध देख कर मन में बहुत उत्साह और प्रसन्नता का अनुभव याद दिलाता है।

पर्यावरण के संरक्षण की जरूरत

जिस प्रकार से मनुष्य प्रकृति के द्वारा प्रदान की गई चीजों को नुकसान पहुंचाने लग रहा है, उससे मनुष्य जीवन बिल्कुल खतरे में पड़ चुका है। मनुष्य भूल चुका है कि जिस प्रकृति ने उसको आश्चर्य दिया जीवन दिया वह उस प्रकृति को ही नुकसान पहुंचा रहा है जिस तेज गति से संसाधन बढ़ते जा रहे हैं लोगों की आवश्यकता है बढ़ती जा रही हैं उसे हमारे पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंच रहा है आज मनुष्य को सबसे ज्यादा पर्यावरण के संरक्षण की आवश्यकता पड़ गई है क्योंकि उसका खुद का जीवन संकट में आ गया है।दिन प्रतिदिन मनुष्य अपने स्वार्थ और अपने फायदे के लिए हमारे पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाता जा रहा है

पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए हम सभी का दायित्व

यह संपूर्ण विश्व के लोगों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए हम को बहुत छोटी छोटी बात पर ध्यान देना होगा, और हमारे पर्यावरण को उन हानिकारक चीजों से बचाना होगा, जिससे पर्यावरण हमारा प्रदूषित हो रहा है। यह हम सब को एकजुट जागरूक होकर करना होगा। जैसे लोग प्लास्टिक के थैलों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, पेट्रोल डीजल युक्त साधनों का प्रयोग कर रहे हैं,वनों की अंधाधुंध कटाई कर रहे हैं, इन सभी चीजों को बंद करना होगा। तभी हम पर्यावरण को सुरक्षित संरक्षित रख पाएंगे। यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं होता। इसके लिए सभी को जागरूक होकर एक साथ काम करना होगा। लोगों को पर्यावरण के संरक्षण के महत्व को समझाना होगा। यह हम सबका दायित्व है कि हम अपने पर्यावरण को संरक्षित और सुरक्षित रखें।

पर्यावरण संरक्षण में लोगों की भूमिका

संरक्षण के लिए सबसे अधिक लोगों की भूमिका होती है, क्योंकि हम खुद अपने पर्यावरण को संरक्षित रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं।  सबसे पहले हमें इको फ्रेंडली चीजों का निर्माण कर उनको उपयोग में लाना होगा, क्योंकि इको फ्रेंडली चीजें हमारे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती है, इसीलिए लोगों को भी अधिक से अधिक संख्या में इन चीजों का प्रयोग करने के लिए बताना होगा। इनके महत्व को समझाना होगा तभी हम अपने पर्यावरण को संरक्षित कर पाएंगे।

 इको फ्रेंडली का मतलब यह होता है कि मनुष्य उन वस्तुओं का निर्माण करता है जो हमारे पर्यावरण के अनुरूप हो हमारे पर्यावरण को किसी प्रकार का कोई नुकसान ना पहुंचाएं।

मनुष्य जीवन में पर्यावरण के संरक्षण का महत्व

आज से ही नहीं बल्कि प्राचीन समय से हमारे देश में पर्यावरण का बहुत महत्व रहा है, क्योंकि प्रकृति का संरक्षण करना मतलब उसका पूजन करने के समान होता है। हमारे देश में पर्वत, नदी, वायु, आग, ग्रह नक्षत्र,पेड़ पौधे यह सभी कहीं ना कहीं मानव के साथ जुड़े हुए हैं। मनुष्य के साथ एक गहरा रिश्ता है, क्योंकि यह सभी हमें प्रकृति के द्वारा प्रधान हुए हैं। हम खुद भी प्रकृति की ही देन है।

हमारे देश में वृक्षों को संतान के स्वरूप नदियों को मां के समान माना गया है हमारे देश में ऋषि-मुनियों को पहले से ही पता था कि मनुष्य का स्वभाव किस प्रकार से होता है। मनुष्य अपने स्वार्थ और लालच के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसीलिए मनुष्य ने प्रकृति के साथ भी अपने संबंधों को कभी विकसित नहीं किया। हमारे पुराने ग्रंथों में भी कहा गया है, कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण कितना जरूरी है हमारे वेदों में भी कहा गया है

पूर्णभदः पूर्णमीदम पूर्णातपुर्णमुदच्यते

पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।।

अर्थात हमारी प्रकृति से उतना ही ग्रहण करो जितना आवश्यक है लेकिन अपनी जरूरतों के लिए अपनी प्रकृति को नुकसान बिल्कुल मत पहुंचाओ।

पर्यावरण के संरक्षण का उपाय

सबसे पहले हमें पर्यावरण के संरक्षण के लिए जनसंख्या की दृष्टि से वृद्धि हो रही है उस पर रोक लगानी होगी सरकार को इसके लिए सख्त कदम उठाने होंगे तभी यह काम आसान हो पाएगा और हमें अपने पर्यावरण को संरक्षित कर पाएंगे।

फैक्ट्रियों बड़े-बड़े कारखाने के द्वारा निकला हुआ प्रदूषित जल सागरों नदियों में छोड़ा जा रहा है जिससे जल प्रदूषित होता जा रहा है उस जल का उपयोग खेती में पीने में भी किया जाता है इस वजह से लोग बहुत बीमार हो जाते हैं वह जल पीने योग्य नहीं होता उपजाऊ जमीन भी बंजर हो जाती है इन सब पर रोक लगानी होगी इस पानी को नदी और सागरों में छोड़ने के प्रयास नहीं करने होंगे

पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार ने कई विषयों की भी शुरुआत की है जिसमें स्वच्छ भारत अभियान नदियों की सफाई का कार्यक्रम प्रमुख रहे हैं आज सरकार के द्वारा ही बहुत अच्छे अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं जिनसे हमारा पर्यावरण को नुकसान होने से बचाया जा सके।

निष्कर्ष

हमारी प्रकृति का संरक्षण करना उतना ही जरूरी होता है जिस प्रकार हम अपने जीवन को सुरक्षित रखते हैं हमारी बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है कि हम अपने तरह ही अपने प्रकृति के जीवन को भी बचा है क्योंकि जिस प्रकार से आज हमारी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है इसलिए हम लोगों को जागरूक होकर उसके संरक्षण की जरूरत है।

पर्यावरण का संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है और इसको सभी लोगों को एक साथ एकजुट होकर पूरा करना होगा जितना अधिक हो सके पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना होगा इसके रोकने के पूरे प्रयास सभी को मिलकर करने होंगे तभी हम  पर्यावरण को सुरक्षित रख पाएंगे और खुद भी सुरक्षित रह सकेंगे।

अंतिम शब्द

आशा करते हैं, आपको हमारा यह लेख पर्यावरण संरक्षण पर निबंध ( Essay on Save Environment in Hindi) बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको पसंद आया तो इसको लाइक करिए इससे जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए हमारे कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट भी कर सकते हैं।

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