महिलाओं की समाज में भूमिका पर निबंध

Essay On Role Of Woman Society In Hindi: भारत के समाज में महिलाओं की भूमिका जन्म से लेकर मृत्यु तक बहुत ही अहम होती है। महिलाओं का किरदार समाज में मुख्य होता है। महिलाएं हर कार्य में पुरुष से आगे निपुणता दर्शाती है।

लेकिन फिर भी लोगों द्वारा महिलाओं और पुरुषों में भेदभाव किया जा रहा है और वर्तमान समय में भी महिलाएं पुरुषों के पीछे खड़ी है। क्योंकि भारत का समाज योगी पुरुष प्रधान समाज माना जाता है और इस समाज में महिला की योगिता को आदमी की तुलना में कम देखा जाता है।

Essay On Role Of Woman Society In Hindi
Essay On Role Of Woman Society In Hindi

हालांकि सरकार द्वारा महिला जागरूकता अभियान चलाए जा रहे है, जिसके माध्यम से महिलाओं की समाज में क्या भूमिका है और महिलाओं को कहां सम्मान मिलना चाहिए इसके बारे में संपूर्ण जानकारी महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है। महिलाओं की जिंदगी पुरुषों की जिंदगी की तुलना में काफी कठिन है।

महिलाओं को अपने परिवार का ध्यान रखना पड़ता है और उनकी पूरी जिंदगी रिश्ते निभाने में गुजर जाती है। इसके बावजूद भी कई महिलाएं नौकरी भी करती है। ताकि अपने घर खर्च में सहयोग दे सके। इस आर्टिकल में हम आपको Essay On Role Of Woman Society In Hindi के बारे में संपूर्ण माहिती प्रदान करेंगे ।

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महिलाओं की समाज में भूमिका पर निबंध | Essay On Role Of Woman Society In Hindi

महिलाओं की समाज में भूमिका पर निबंध (200 शब्द)

भारत में महिलाओं की अवस्था सामान्य है। महिलाओं का किरदार पुरुषों की तुलना में काफी ज्यादा महत्वपूर्ण और अहम है। महिलाएं यदि नौकरी करती है तो घर खर्च में भी योगदान देती है और पुरुष की तुलना में कई अन्य क्षेत्रों में भी महिलाएं वर्तमान समय में आगे निकलती हुई दिखाई दे रही है।

आज के आधुनिक युग में महिलाएं दिन प्रतिदिन नई ऊंचाइयां हासिल कर रही है। वर्तमान समय की लड़कियां जो नए-नए कीर्तिमान बना रही है । महिलाएं पुरुषों की तुलना में मजबूत और आगे निकलने में सक्षम होती है। महिलाएं परिवार और समाज का ध्यान रख सकती है और साथ साथ महिलाएं अपने देश के घर को ऊंचा करने में भी मुख्य योगदान दे रही है।

भारत में महिलाओं के योगदान को बढ़ाने के लिए महिला का शिक्षित होना बहुत ही जरूरी है। महिला यदि शिक्षित होगी तो देश में मुख्य रूप से महिलाओं का योगदान सामने आएगा। सरकार द्वारा कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। जिनके माध्यम से महिलाओं को सामाजिक बेड़ियाँ से छुटकारा दिलाया जा रहा है। सरकार द्वारा महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अभियान चलाकर प्रेरित किया जा रहा है।

सरकार द्वारा किए जाने वाले इस कार्य का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को कम करना है। महिलाओं को बाल विवाह,भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, बाल मजदूरी, घरेलू हिंसा इत्यादि प्रकार की हिंसा का सामना करना पड़ता है। इन सभी से छुटकारा दिलाने में सरकार अपना पूरा जोर लगा रही है। हमें भी महिलाओं के सम्मान को बढ़ाना चाहिए और महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय से छुटकारा दिलाना चाहिए। महिलाओं की सूची में वर्तमान में काफी सुधार आया है। महिलाएं अपनी जिंदगीरिश्तो से बांधकर निकाल लेती है और दूसरों की भलाई में अपनी पूरी जिंदगी व्यतीत कर लेती है।

हमने भी अपने जीवन में महिला को बहन, मां, पत्नी और बेटी के रूप में जरूर देखा होगा यह सभी हर वक्त अपने परिवार के मान सम्मान के लिए तत्पर रहती है और परिवार के मान सम्मान के लिए हर समय अपने सपनों को खत्म कर देती है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में वर्तमान में महिलाएं इन सभी सामाजिक बंधन से छुटकारा पाकर अपना जीवन स्वतंत्र जीवन जीना पसंद कर रही है।

महिलाओं की समाज में भूमिका पर निबंध (600 शब्द)

प्रस्तावना

भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका बहुत ही जरूरी है। भारत को आजाद हुए काफी साल हो गए लेकिन आज भी भारत पिछड़े देशों में से आ रहा है क्योंकि भारत में वर्तमान समय में यदि साक्षरता दर की बात की जाए तो पुरुषों की तुलना में काफी कम है।

इसके अलावा पुरुषों की तुलना में लिंगानुपात की भी कमी भारत में मुख्य रूप से देखने को मिल रही है। लिंगानुपात की कमी होने का मुख्य कारण भ्रूण हत्या है। महिलाओं के बिना देश को विकसित कर पाना असंभव है और उनके बिना एक समृद्ध समाज की कल्पना करना भी नामुमकिन है।

महिलाओ का शिक्षित होना जरुरी

महिलाओं की भूमिका हर जगह हर मोड़ पर जरूरी है। वर्तमान में महिलाएं पुरुषों से आगे बढ़ रही है। लेकिन कई ऐसे ग्रामीण इलाके है, जहां पर सिर्फ आदमी को ही महत्व दिया जाता है। महिलाओं को शिक्षित करने के संबंधित कई प्रकार के सवाल उठाए जाते हैं और महिलाओं को शिक्षा नहीं दिलाने की बात भी की जाती है। महिलाओं को शिक्षा दिलाना बहुत ही जरूरी है।

क्योंकि महिला यदि शिक्षित होगी तो देश के विकास में महिला की भूमिका जरूर सामने आएगी। साथ ही साथ महिलाओं द्वारा समाज को भी रोशन किया जाएगा।यदि समाज को बदलना है, तो महिला शिक्षा को बढ़ावा देना बहुत ही जरूरी है। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के पश्चात पूरे समाज को बदलने की ताकत अपने आप आ जाएगी।

नारी का समाज में सम्मान

नारी को भगवान समान माना जाता है। एक कहावत है “जहां नारी की पूजा होती है, वहां भगवान निवास करते हैं” इस कहावत को इसलिए रखा गया है क्योंकि महिलाओं के बिना मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। महिला एक ऐसी प्रतिभा है, जिसे नजरअंदाज करना या उसके साथ हिंसा करना बहुत ही गलत है।

देश में महिलाओं के साथ कई प्रकार के अन्याय किया जाता है और इसके अलावा शिक्षा को लेकर भी हर जगह अन्याय देखने को मिलता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को उच्च शिक्षा नहीं मिल पाती है और यह कार्य पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है।

महिलाएं परिवार बनाती है। महिलाएं घर बनाती है। महिलाओं के बिना समाज का निर्माण होना भी नामुमकिन है और अब जाहिर सी बात है,कि यदि समाज का निर्माण अधूरा रहेगा, तो देश का निर्माण कैसे हो पाएगा? सीधा सा मतलब यह है, कि महिला का योगदान हर जगह हर मोड़ पर बहुत ही जरूरी है। महिला की क्षमता को नजरअंदाज करना वर्तमान समय में लोगों की भूल है। महिला शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के बिना परिवार के साथ-साथ समाज और देश का विकास भी नहीं हो सकता।

निष्कर्ष

वर्तमान समय में महिलाओं के प्रति देश की जनता काफी जागरूक हुई है और महिला शिक्षा को लेकर रुचि दिखाई जा रही है। वर्तमान के लोग अपनी बच्चियों को बेहतरीन शिक्षा देना पसंद करते हैं। लेकिन पहले के जमाने में महिलाओं की हालत बहुत बुरी थी यदि किसी घर में लड़की का जन्म हो जाता था तो उसे मार दिया जाता था या बड़े होने पर घर के सदस्यों द्वारा उसे पीटा जाता था।

इसके अलावा जन्म देने वाली मां को भी रोजाना ताने सुनाए जाते थे। मतलब ऐसा कहा जा सकता है कि लड़की को जन्म देना भी गुनाह के समान माना जाता था। महिलाओं पर दबाव बनाया जाता था कि वह लड़के को जन्म दे। लेकिन यह ऐसा होना असंभव है। सरकार द्वारा लगातार कई प्रकार के प्रयास किए गए है, जिसकी मदद से भ्रूण हत्या में काफी कमी देखने को मिली है।

अंतिम शब्द

महिला शिक्षा और महिला सशक्तिकरण समाज के लिए बहुत ही जरूरी है। क्योंकि महिला का योगदान हर जगह पर सामने आता है। महिला के बिना परिवार बनाना संभव नहीं है। महिला के बिना घर बनाना संभव नहीं है। महिला के बिना समाज का बनना संभव नहीं है तो महिला से बिना विकसित देश कैसे संभव हो सकता है।

महिला शिक्षा को बढ़ावा देना बहुत ही जरूरी है। सरकार भी महिलाओं के भविष्य को लेकर काफी प्रयत्नशील है। हमें भी मिलकर महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में अपना योगदान देना चाहिए।

भारतीय समाज में महिलाओं की भूमिका अहम रही है और आगे भी महिलाओं की भूमिका अहम ही रहेगी। आज के आर्टिकल में हमने “महिलाओं की समाज में भूमिका पर निबंध (Essay On Role Of Woman Society In Hindi)” के बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचा दी है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह निबंध पसंद आया होगा, इसे आगे शेयर जरूर करें। आपको यह निबन्ध कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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