पिकनिक पर निबंध

Essay on Picnic in Hindi: जगह-जगह घूमना अपने आम काफी अनूठा हैं। अगर हम कहीं घुमने जाते हैं तो उसे हम पिकनिक का नाम देते हैं। पिकनिक हम स्कूल और कॉलेज के समय में भी जाते थे। पिकनिक मेरी सबसे पसंदीदा एक्टिविटी हैं, जो मुझे काफी पसंद हैं।

Essay on Picnic in Hindi
Image : Essay on Picnic in Hindi

हम यहां पर अलग-अलग शब्द सीमा में पिकनिक पर निबंध (Essay on picnic in Hindi) शेयर कर रहे हैं। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होंगे।

पिकनिक पर निबंध | Essay on picnic in Hindi

पिकनिक पर निबंध (250 शब्द) 

पिकनिक का नाम सुनते ही हमें उन स्थानों की याद आ जाती हैं, जहां हम पहले कभी गये हुए हो या आगे भविष्य में जाने की तैयारी कर रहे हो। पिकनिक जाने के लिए हम 3 से 4 दिन पहले से ही अपनी तैयारी में लग जाते हैं। हम कहाँ जायेंगे, कैसे जायेंगे, कब जायेंगे इत्यादि के बारे में भी देखने और सोच विचार करने लगते हैं। किसी भी जगह घूमने जाने से पहले हम उसके बारे में पूरी जानकारी लेने की कोशिश करते हैं।

पिकनिक के हमारे उस दिन का सबसे अहम पल होता हैं, जब हम पिकनिक जाने के लिए में तो उन स्थानों को सबसे पहले पसंद करता हूँ जहां प्रकृति ने दिल खोल के प्यार बरसाया हैं। खूबसूरत वादिया और पानी के बहते झरने इत्यादि। उन जगहों पर जाना मेरी पहली प्राथमिकता रहती हैं। इन स्थानों पर में पहले घूमना पसंस करता हूँ क्योंकि मुझे प्रकृति से बहुत प्यार हैं।

प्रकृति की गोद में वादियों में बहते झरनों के पास पिकनिक मनाने का मजा ही कुछ और हैं। मेरा पसंदीदा पिकनिक स्थान गोरम घाट हैं जो राजसमन्द जिले में आया हुआ हैं। इस स्थान पर प्रकृति ने दिल खोल के प्यार बरसाया हैं। प्रकृति की वादियों में बहती नदी के नज़ारे मनमोहक होते हैं।

इन नजारों को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। यह स्थान काफी सुन्दर हैं और इस स्थान पर आना हर कोई पसंद करता हैं। प्रकृति की गोद में बसे इस स्थान पर आप भी एक बार जरुर आये। यह नज़ारे आपके लिए मनमोहक हो सकते हैं।

पिकनिक पर निबंध (800 शब्द) 

प्रस्तावना

पिकनिक मेरा सबसे पसंदीदा काम हैं जो में स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के समय करता हैं। पिकनिक पर जाने से हमारे टेंशन तो कम होते ही हैं साथ ही हमारे जीवन हमें कुछ नया देखने और सीखने को मिलता हैं। पहली बार पिकनिक पर हम स्कूल के समय गये थे तब में कक्षा 10 में था।

उस समय में हमारे गाँव से दूर अरावली की वादियों में स्तिथ कुम्भलगढ़ दुर्ग देखने गये थे। वहां पर हम पिकनिक मनाने के साथ वहां की खूबसूरत वादियों को हरियाली देखने के लिए भी काफी उत्साहित थे। पिकनिक मनाने के साथ आपको इस दौरे पर जीवन जीने के नए तरीकों के बारे में भी सीखने को मिलता हैं। पिकनिक के बारे में सोचना ही अपने आप ने में एक काफी बड़ी कला हैं।

पिकनिक के लिए मेरी पसंदीदा जगह 

पिकनिक पर जाना और वह एन्जॉय करना हमारे लिए सबसे अच्छी बात होती हैं। घर की मस्ती और पिकनिक की मस्ती दोनों एक ही काफी अलग होती हैं। पिकनिक के लिए मेरी सबसे पसंदीदा जगह देखे तो इसमें कई ऐसी जगह शामिल हैं, जहां हम जाना पसंद करते हैं। उन जगहों में सबसे पहले आती हैं वो जगह जहां प्रकृति ने काफी प्यार बरसाया हैं। मेरी पहली पसंद राजस्थान के राजसमन्द जिले में स्तिथ गोरम घाट सबसे पहले आती हैं।

यह जगह प्रकृति की वादियों में बसा हुआ हैं। इस जगह पर हम अक्सर बरसात के मौसम में आते हैं और यहां की प्रकृति का आनंद लेते हैं। इस जगह के बाद हमारी जगह की सूची में दूसरे नंबर पर आती हैं। परशुराम महादेव का मंदिर जो बाली में आया हुआ हैं। इस मंदिर का परिसर दो जिलों में आया हुआ हैं, जिसमें पहला पाली हैं और दूसरा राजसमन्द हैं।

स्कूल में पहला पिकनिक 

मैं अपने जीवन में सबसे पहली बार पिकनिक पर स्कूल के समय में गया था। उस समय जब में कक्षा 10 में पढता था, यह बात हैं 2010 की। हमारे स्कूल के शिक्षकों ने मिलकर स्कूल के बच्चों का एक पिकनिक प्लान किया था। इस समय हमारे शिक्षक अरावली की वादियों के बीच में बसे कुम्भलगढ़ ले गये थे।

यह सुन्दर place घूमने और पिकनिक के लिए काफी अच्छा माना जाता हैं। इस स्थान पर आना अपने आप में काफी अनोखा हैं। यह राजस्थान के राजसमन्द जिले में स्तिथ एक सुन्दर स्थान हैं, जहां हर कोई जाना पसंद करता हैं। अगर कोई प्रकृति प्रेमी हैं और प्रकृति की खूबसूरत वादियों में आना चाहता हैं तो उसे राजस्थान के इस place पर एक घूमने एक बार जरुर आना चाहिए। यह जगह घूमने के लिए काफी उन्दा हैं। यह स्थान जितना खूबसूरत हैं उतनी ही यहां चहल-पहल रहती हैं।

मेरा व्यक्तिगत पहला पिकनिक

मेरे पहले पिकनिक मेरे स्कूल के दोस्तों के साथ गया था। मैंने अपना पहला पिकनिक 2014 में अपने स्कूल के दोस्तों साथ किया था तब हम राजस्थान के सिरोही में स्तिथआबू रोड में माउंट आबू थे। यह मेरे जीवन का पहला अनुभव था तब में अपने दोस्तों के साथ घूमने गया था। हमने वहां पर 2 दिन का तौर किया था और अपने दोस्तों के साथ आबू रोड में काफी साड़ी जगहों पर घूमने के आनंद लिया था। माउन्ट आबू पर स्तिथ नक्की झील और माउन्ट आबू पर स्तिथ संतो के शिखर गुरु शिखर पहाड़ी की भी चढ़ाई की थी।

इस टूर के दोहरान हमने कई साड़ी जगहों के फोटो भी खींचे थे, जो वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं पर वो यादें आज भी हमारे दिलों में बसती हैं। माउन्ट आबू एक पहाड़ी पर बसा हुआ शहर हैं और इसी पहाड़ी पर भी नक्की झील बनी हुई हैं। इस झील के सफ़र करना भी हमारे लिए एक अच्छा अनुभव था। इस झील में हमने water safari की थी और इस दोहरान हमारे साथ वहां के टूरिस्ट गाइड वाले साथ थे।

यह राजस्थान का ऐसा स्थान हैं, जहां पर सबसे ज्यादा बारिश होती हैं, हालाँकि राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश झालावाड़ जिले में होती हैं पर केवल एक स्थान की बात करें तो सिरोही के माउंट आबू में सबसे ज्यादा बारिश होती हैं।

निष्कर्ष

पिकनिक पर जाना अपने आप में एक अच्छी चीज़ हैं। पिकनिक पर जाने से हमारे दिल को सुकून और दिमाग को शान्ति मिलती हैं। मेरी माने तो आप ऐसी जगह जाए जहा पर प्रकृति ने अपना प्यार लुटाया हो।

अंतिम शब्द 

हमने यहां पर “पिकनिक पर निबंध (Essay on picnic in Hindi)” शेयर किया है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह निबंध पसंद आया होगा, इसे आगे शेयर जरूर करें। आपको यह निबन्ध कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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