प्रकृति पर निबंध

Essay on Nature in Hindi: हम यहां पर प्रकृति पर निबंध शेयर कर रहे है। इस निबंध में प्रकृति के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

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प्रकृति पर निबंध | Essay on Nature in Hindi

प्रकृति पर निबंध (250 शब्द)

प्रकृति हमारी माँ के समान है, जो हमारा पूरी तरह से लालन पालन करती है और बदले में हमसे कुछ भी नही मांगती है। बिना प्रकृति के धरती पर हमारा अस्तित्व नही है। प्रकृति में पृथ्वी के सभी सजीव और निर्जीव घटक शामिल होते है। प्रकृति कुदरत के अनगिनत रंगो से भरपूर है। कुदरत का मानव पर प्रेम प्रकृति द्वारा दिखता है।

जीवन की मुख्य सभी जरूरतें जैसे कि हवा, पानी, फल- फूल, दवा, सब्जियां हमें प्रकृति से मिलते है। जीवित रहने के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण तत्व गर्मी और प्रकाश भी प्रकृति से ही प्राप्त होते हैं। स्वास्थ्य और प्रकृति के बीच का संबंध अनोखा है। प्रकृति  मन के नकारात्मक विचार और तनाव को कम करती है और मन को शांति, आनंद और ठंडक पहुंचाती है। प्रकृति के साये में रहने से शरीर रोगमुक्त हो जाता है।

प्रकृति हमारी अनमोल संपत्ति है। प्रकृति का हर रूप जैसे पौधे, जानवर, नदियाँ, पहाड़, चाँद, सूरज और बहुत कुछ हमारे लिए समान महत्व रखता है। एक तत्व की अनुपस्थिति मानव जीवन  में तबाही मचाने के लिए काफी है। वर्तमान समय में मानव की स्वार्थी गतिविधियों के कारण उसको काफी गहरा नुकसान हो रहा है। प्रौद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए जंगलों की अंधाधुन कटाई हो रही है।जंगलों के कटने से प्राकृतिक संसाधनों की कमी हो रही है। 

प्रकृति हमें सहनशीलता, निरंतरता, निस्वार्थ भावना जैसे गुण सिखाती है। अगर हम चाहते है की  हमारी भावी पीढ़ी भी इस अनमोल सम्पत्ति का आनद और लाभ ले सके इसके लिए हमें अभी से प्रकृति का जतन करना होगा। प्रकृति की रक्षा करना हमारा धर्म और जिम्मेदारी है। 

प्रकृति पर निबंध (800 शब्द)

प्रस्तावना

अगर पृथ्वी ग्रह का कोई आकर्षण है तो वो है सिर्फ प्रकृति। प्रकृति को प्राकृतिक पृथ्वी और उस पर मौजूद चीजों, या किसी व्यक्ति या वस्तु  के रूप में परिभाषित किया गया है। पेड़, जंगल, पक्षी और जानवर सभी प्रकृति के उदाहरण हैं। प्रकृति हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और अभिन्न अंग हैं। इमर्सन का कहना है कि,’ प्रकृति सुंदर है क्योंकि यह जीवित है, चलती है, प्रजनन करती है’।

प्रकृति हमारी वास्तविक माता कहलाती है क्योंकि हमारी जीवन की सभी मुख्य जरूरतें जैसे की पीने के लिए पानी, सांस लेने के लिए हवा, फल, फल और सब्जियां हमें  प्रकृति माता प्रदान करती है। प्रकृति की गोद में खेलकर हम बड़े होते है। प्रकृति हमारे मन की शांति और परम सुख लिए भी उपयोगी है। इतना सब कुछ देने के बाद भी प्रकृति हमसे बदले में कुछ नहीं मांगती।

प्रकृति कुदरत के अनगिनत रंगों से भरी हुई है। प्रकृति में सजीव और निर्जीव सभी घटक का समावेश होता है। प्रकृति भौतिक दुनिया की घटनाओं और सामान्य रूप से जीवन को भी संदर्भित कर सकती है। 

प्रकृति का महत्व

हमारे अस्तित्व के लिए प्रकृति काफी अहमियत रखती है। प्रकृति के बिना दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकते। प्रकृति ही हमारी एकमात्र आपूर्तिकर्ता है। प्रकृति हमें पेड़ों के द्वारा जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन देती है। बिना ऑक्सीजन के हम एक पल भी जिंदा नहीं रह सकते। नदी, सागर, तालाब, झरने के रूप में हमें प्रकृति ने पानी प्रदान किया है। 

प्रकृति ने जंगल, जानवर, पेड़, पौधों के रूप में हमें हमारे शरीर के लिए खाने की सामग्री दी है। प्राकृतिक चक्र जैसे कि जलवायु चक्र और पोषक तत्व चक्र भी प्रकृति की ही देन है। प्रकृति हमें सूरज, चाँद, तारें, मौसम और वातावरण दिया है, जिसकी वजह से हमें प्रकाश और गर्मी मिलती है। कवियों, लेखकों, कलाकारों और चित्रकारों के लिए प्रकृति उनका सबसे पसंदीदा विषय रहा है। प्रकृति में एक शक्तिशाली परिवर्तनकारी शक्ति है। 

प्रकृति के लाभ

प्रकृति की तरफ से हमें अनगिनत लाभ मिलते है। प्रकृति खुद एक उपचारात्मक स्पर्श है। प्रकृति हमारे मन के मानसिक तनाव को कम करती है और मन को शांति और आनंद का अनुभव देती है। प्रकृति की हरियाली में वह शक्ति है, जो हमारे शरीर को रोगों से दूर रखती है।

मनुष्य की सभी भौतिक आवश्यकताओं हमें प्रकृति देती है। प्रकृति एक रहस्यमय वो अभिव्यक्ति है जो प्राकृतिक ऊर्जा और गतिशीलता के साथ मनुष्य का कायाकल्प करती है। नष्ट हो चूका मन और शरीर प्रकृति की गोद में खेलकर फिर से जीवित और स्वस्थ हो जाता है। प्रकृति वो घर है, जिस घर में रहकर मनुष्य को बहुत संतोष और सांत्वना मिलती है। डायबिटिज,  हृदय रोग, लीवर और पाचन संबंधी समस्या,  दिमागी समस्याओं आदि बीमारियों की दवा हमें प्रकृति से ही मिलती है।

प्रकृति का संरक्षण

प्रकृति हमारे लिए एक सुरक्षा कवच के समान है। प्रकृति की संपत्ति को बचाना हर एक मनुष्य का कर्तव्य और जिम्मेदारी है। मनुष्य को कभी भी प्रकृति के साथ अपने स्वार्थ के लिए छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। लगातार जंगलों की कटाई से पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग की समस्या में बढ़ोतरी हो रही है। प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। उनका सीधा प्रभाव जलवायु चक्र और पोषक चक्र पर हो रहा है।

प्रकृति का संरक्षण न केवल मानव जीवन के लिए बल्कि सभी जीवों के लिए आवश्यक है। मानव व्यवहार और स्वार्थी जरूरतों के कारण कई प्राकृतिक संसाधन धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। यदि हम प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए कार्य नहीं करते हैं, तो हमें अपने अस्तित्व के मामले में भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। पानी की कमी, सांस लेने के लिए ताजी हवा की अनुपलब्धता और वनस्पति की कमी के कारण उचित और ताजा भोजन की अनुपलब्धता के कारण आने वाली पीढ़ियों को बहुत नुकसान होने वाला है।

प्राकृतिक संपदा के संरक्षण और संतुलन की आवश्यकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।प्रकृति को बचाने के लिए हमें तत्काल कठोर कदम उठाने चाहिए ताकि आगे किसी भी तरह की क्षति को रोका जा सके। सभी स्तरों पर वनों की कटाई को रोकना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई के गंभीर परिणाम होते हैं। 

निष्कर्ष

ईश्वर ने हमें प्रकृति का उपहार देकर हमें अपना सच्चा प्यार दिया है। प्रकृति से हमें ईश्वरीय शक्ति का एहसास होता है। प्रकृति हमारा सबसे बड़ा मित्र है। प्रकृति से हमें जीवन में सहनशीलता, निरंतरता, निस्वार्थ, बलिदान, ईमानदारी और दृढ़ता जैसे गुण सीखने को मिलते है। हमें  प्रकृति के सभी घटकों का आनंद उठाना चाहिए।

अगर प्रकृति में हमारी रक्षा करने की क्षमता है, तो यह पूरी मानव जाति को नष्ट करने के लिए भी पर्याप्त शक्तिशाली है।घरती पर हमारी भावी पीढ़ी के अस्तित्व के लिए हमें  पर्यावरण का संतुलन बनाये रखना होगा। इसलिए पर्यावरण को स्वच्छ रखना हमारी अहम जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी पृथ्वीवासियों को एकजुट होना होगा।

अंतिम शब्द

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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