पर्यावरण पर निबंध

Essay on Environment in Hindi: पर्यावरण का हमारे जीवन में काफी महत्व है। हम यहां पर पर्यावरण पर निबंध शेयर कर रहे है। इस निबंध में पर्यावरण के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

Essay on Environment in Hindi

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पर्यावरण पर निबंध | Essay on Environment in Hindi

पर्यावरण पर निबंध (250 शब्द)

पर्यावरण हमें कुदरत द्वारा मिला एक अमूल्य उपहार है। पर्यावरण हमारे जीवन के लिए अनिवार्य है। संस्कृत भाषा के ‘परि’ और ‘आवरण’ दोनों को मिलाकर हिंदी शब्द पर्यावरण बनता है, जिसका मतलब है चारों तरफ से घिरे हुए। पर्यावरण के बिना धरती पर जीवन का अस्तित्व ही नहीं है।

मानव जीवन और पर्यावरण एक दूसरे के पूरक है।पर्यावरण में हमारे आसपास के सभी जैविक संघटकों और अजैविक संघटकों का समावेश होता है। पर्यावरण के प्रति लोगों को उसका महत्व समझाने और जागरूकता लाने के लिए हर साल 5 जून का दिन ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (World Environment Day) के रूप में मनाया जाता है।

पर्यावरण के अनगिनत फायदे है। हमारे शरीर के लिए जरूरी ऑक्सीजन वायु पर्यावरण ही  प्रदान करता है। पर्यावरण से ही हमें शुद्ध पानी और भोजन मिलता है। जीवन के लिए जरूरी प्रकाश और गर्मी पर्यावरण ही प्रदान करता है। पृथ्वी के सभी छोटे बड़े जीवों का निवासस्थान पर्यावरण की देन है।

पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु से बने पर्यावरण के सभी घटक एक दूसरे से जुड़ हुए है। उनमें से किसी एक घटक का नष्ट होना हमारे लिए खतरे की निशानी है। पर्यावरण हरियाली हमारे मन तो शांति औरआनंद प्रदान करती है।

आज विज्ञान ने काफी तरक्की की है। जिसकी बदौलत पर्यावरण में प्रदूषण की मात्रा बढ़ गई है, जो हमारे अस्तित्व के लिए खतरे की निशानी है। जनसंख्या बढ़ने के कारण आज जंगलों की अंधाधुन कटाई हो रही है, जिसका सीधा प्रभाव पर्यावरण पर पड़ रहा है।

पर्यावरण को बचाने के लिए हमें एकजुट होना ही होगा। प्रदुषण से जुड़े हर कार्य पर नियंत्रण  लगाना ही होगा। पर्यावरण के दुश्मन प्लास्टिक का उपरोग रोकना होगा। पर्यावरण हमारी माता समान है, जो हमारा पालनपोषण करती है। उनकी रक्षा करना हमारा पहला कर्तव्य है।

पर्यावरण पर निबंध (800 शब्द)

प्रस्तावना

पर्यावरण एक प्राकृतिक संसाधन है, जो हमारी चारों तरफ नजर आता है जैसी की हवा, पर्वत, पेड़, जंगल, बगीचा, पानी, मौसम, सूर्य के प्रकाश, प्राणियों और पक्षियों इत्यादि। पृथ्वी पर जीवन अस्तित्व का एकमात्र कारण पर्यावरण ही है। पर्यावरण का सीधा प्रभाव हमारे दैनिक कार्यों पर पड़ता है। शुद्ध जल, शुद्ध वायु, और शुद्ध भोजन हमें सिर्फ पर्यावरण से ही प्राप्त होता है। ऐसा कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि हमारा पूरा जीवन पर्यावरण पर ही निर्भर है।

पर्यावरण का अर्थ

परी + आवरण ये दो शब्दों को मिलाकर हिंदी शब्द ‘पर्यावरण’ बनता है। इस में ‘परी’ का अर्थ होता है, चारों तरफ और ‘आवरण’ का अर्थ होता है, घेरा हुआ। पर्यावरण शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है  चारों तरफ से घेरना। पर्यावरण का अंग्रेजी शब्द Environment (एनवायरनमेंट) होता है, Environment का मूल शब्द एनवायरोनेर (Environer) है। Environer एक फ्रैंच शब्द है, जिसका मतलब होता है आस पास ।

पर्यावरण में सभी जैविक संघटकों और अजैविक संघटकों का समावेश होता है ।

पर्यावरण का महत्व

मानव जीवन का पर्यावरण से घनिष्ठ संबंध है। दोनों एक दूसरे के पूरक है। धरती के किसी भी जीव को जीवित रहने के लिए अनुकूल पर्यावरण मिलना बेहद जरुरी है। सारे ग्रहमंडल में से अकेली पृथ्वी पर ही जीवन का अस्तित्व है, जिसका श्रेय पर्यावरण को जाता है। पर्यावरण के सभी घटक एक दूसरे से एक माला की तरह जुड़े हुए है, अगर एक भी घटक नष्ट होता है तो पर्यारण का पूरा संतुलन बिगड़ सकता है। शुद्ध पर्यावरण हमारे मन को शांत रखता है और आनंद प्रदान करता है।

पर्यावरण और जीवन 

सभी जीवों को जीवन जीने के लिए पर्यावरण का योगदान महत्व पूर्ण है। पर्यावरण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हमसे जुड़ा हुआ है। पर्यावरण और जीवन का एक दुसरे पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पर्यावरण हमारे जीवन के फेफड़े हैं,जो हवा को शुद्ध करता है, हमें नई ताकत देता है और हमारे जीवन को रोग मुक्त बनाता है।

हमारा शरीर पर्यावरण के पांच मुख्य तत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु से बना है। किसी भी एक तत्व में कमी या वृद्धि दूसरे तत्व को प्रभावित करती है। मनुष्य की सभी भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति केवल पर्यावरण की ही देन है।

पर्यावरण से लाभ

पर्यावरण से हमें कई अनगिनत लाभ मिलते है। वो हमें शुद्ध हवा प्रदान करता है, जिसके कारण हम सांस ले पाते है। हवा के साथ साथ हमारे जीवन के सभी अमूल्य तत्व जैसे की पानी, फल, फूल, सब्जियां, लकड़ियां, औषधियां इत्यादि प्रदान करता है। वो हमें जरुरी गर्मी और प्रकाश भी देता है। पृथ्वी का पूरा जलचक और मौसम चक्र पर्यावरण की ही देन है।

पर्यावरण और प्रदुषण

टेक्नोलॉजी बढ़ने के कारण आज दुनिया विकास की ओर चल पड़ी है। विकास के साथ साथ प्रदूषण को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रदूषण हमारे पर्यावरण के लिए खतरे की घंटी बना हुआ है। औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई हो रही है।

बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां और वाहनों से निकलने वाले धुएं वातावरण प्रदूषित कर रहे है और प्रदूषित पर्यावरण विभिन्न प्रकार के बीमारीयों को जन्म देता है। वायुमण्डल प्रदूषित होने के कारण मनुष्य को सांस लेना भी दुर्लभ हो गया है।

पर्यावरण संरक्षण के उपाय

एक शांतिपूर्ण और स्वास्थ्य जीवन जीने के लिए स्वच्छ पर्यावरण का होना बेहद जरुरी है। इसलिए हमें अपना पहला कर्तव्य समझकर पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए। भारत में 19 नवंबर 1986 को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम लागू हुआ था।

  • स्वच्छ हवा के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए क्योंकि पेड़ ही हमारे प्राणवायु ऑक्सीजन का एक मात्र स्रोत है। इसके अलावा पक्षी और कई जीवों का निवास स्थान है।
  • वाहनों का उपयोग जरूर पड़ने पर ही करना चाहिए।
  • प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगा देनी चाहिए।
  • कृत्रिम संसाधन के बदले कुदरती संसाधन का इस्तेमाल करें जैसे कि खाना सोलरकुकर में बनाये।
  • रोजिंदे कार्यों से कम से कम कचरा उत्पन्न करना चाहिए और कचरे के निकाल के लिए रीसाइकिल रीयूज पद्धति अपनानी चाहिए।
  • जल संरक्षण तथा ऊर्जा संरक्षण अपनाकर प्राकृतिक संसाधनों का भी सीमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए

विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना

आज बेफाम बढ़ रहे औद्योगीकरण और शहरीकरण की वजह से पर्यावरण खतरे पड़ गया है। पर्यावरण के महत्व को देखते हुए और उसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए पूरी दुनिया में हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पहली बार इस दिन को साल 1973 में एक खास कॉन्सेप्ट के साथ मनाया गया था उसके बाद पुरे विश्व में हर साल अलग अलग थीम पर यह दिन बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

निष्कर्ष

अगर पृथ्वी पर हमें हमारा अस्तित्व बनाये रखना है, तो पर्यावरण में बसे छोटे से छोटे घटक की रक्षा करनी होगी। एक स्वच्छ पर्यावरण में ही रहकर स्वच्छ मनुष्य का निर्माण हो सकता है। पर्यावरण  हमारी माँ एक और हर बेटे का पहला कर्तव्य है की वो अपने माता की रक्षा करें। पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए हमें एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि जीवन का यही आधार है पर्यावरण भी हमारा परिवार है।

अंतिम शब्द

हमने यहां पर “पर्यावरण पर निबंध (Essay on Environment in Hindi)” शेयर किया है। उम्मीद करते हैं कि आपको यह निबंध पसंद आया होगा, इसे आगे शेयर जरूर करें। आपको यह निबन्ध कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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