चांद पर निबंध

Essay On Moon in Hindi: चांद जो इस वायुमंडल का एक उपग्रह है। जो सूर्य और पृथ्वी दोनों के चक्कर लगाता है। चांद को धार्मिक रूप में देवता की तरह धरती पर रहने वाले लोगों द्वारा पूजा जाता है। हम यहां पर चांद पर निबंध शेयर कर रहे है। इस निबंध में चांद के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है। 

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चांद पर निबंध | Essay On Moon in Hindi

चांद पर निबंध (250 शब्द)

चंद्रमा पृथ्वी का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है। हम इसे आमतौर पर रात के आसमान में देखते हैं। कुछ अन्य ग्रहों में भी चंद्रमा या प्राकृतिक उपग्रह हैं।

हमारा चंद्रमा पृथ्वी के आकार का लगभग एक चौथाई है क्योंकि यह बहुत दूर है । यह लगभग आधा डिग्री चौड़ा छोटा दिखता है। चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का छठा हिस्सा है। इसका मतलब है कि कोई चीज चंद्रमा पर पृथ्वी की तुलना में छठा भारी होगा। इससे पहले कि लोग चंद्रमा पर खड़े हों, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूएसएसआर ने चंद्रमा पर रोबोट भेजे। ये रोबोट चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे या उसकी सतह पर उतरेंगे। रोबोट चंद्रमा को छूने वाले पहले मानव निर्मित वस्तु थे।

मनुष्य आखिरकार 21 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर उतरा। अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन ने अपने चंद्र जहाज को चंद्रमा की सतह पर उतारा।

पृथ्वी में, आकाश नीला है क्योकि सूर्य की नीली किरणें वायुमंडल में गैसों को उछाल देती हैं, जिससे ऐसा लगता है कि आकाश से नीली रोशनी आ रही है। लेकिन चन्द्रमा पर वायुमण्डल न होने के कारण दिन में भी आकाश काला दिखाई देता है। विशाल प्रभाव परिकल्पना यह है कि चंद्रमा को युवा पृथ्वी और मंगल के आकार के प्रोटोप्लैनेट के बीच टकराव से मलबे से बनाया गया था। 

2009 में नासा ने कहा था कि उन्हें चांद पर काफी पानी मिला है। पानी तरल नहीं है बल्कि हाइड्रेट्स और हाइड्रॉक्साइड्स के रूप में है। चंद्रमा पर तरल पानी मौजूद नहीं हो सकता क्योंकि फोटोडिसोसिएशन जल्दी से अणुओं को तोड़ देता है। हालांकि नासा को मिली छवि से पानी के अस्तित्व का इतिहास है। 

चांद पर निबंध (800 शब्द)

प्रस्तावना

चाँद का मानव इतिहास से बड़ा गहरा संबंध है। चाँद को हमारे यहां देवता की तरह पूजा जाता हैं। बच्चों को चाँद की कहानियां सुनाई जाती हैं और बच्चे चाँद को चंदा मामा कहते हैं और हमारे यहां भारतीय रिवाज के अनुसार बहुत से त्योहारों पर स्त्रियां चाँद को देखकर व्रत खोलती हैं। अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं।

चांद पर जाने वाले व्यक्ति

चाँद पर कदम रखने वाला पहले वैज्ञानिक नील आर्मस्ट्रांग थे। वे 1969 मैं चाँद पर पहुंचे थे। अब तक 12 वैज्ञानिक चांद पर जा चुके हैं। वैज्ञानिकों ने चाँद के बारे में जो तथ्य बताया हैं वह इस प्रकार है। चाँद पर मानव जीवन अभी संभव नहीं हैं। चाँद पर कोई भी प्रकार का वातावरण नहीं है। वहां पर कोई भी आवाज सुनाई नहीं देती हैं। वहां से आकाश सदैव काला ही दिखाई देता हैं।
चाँद पर कोई वातावरण नहीं होने के कारण सूरज की पराबैंगनी किरणें सीधे भीतर पहुंच जाती हैं। जिससे चाँद पर दिन में तापमान 107 डिग्री सेल्सियस हो जाता हैं। जोकि अत्यंत गर्म होता है। रात में यहां पर तापमान 153 डिग्री सेल्सियस हो जाता है। यह अत्यधिक ठंडा होता हैं इसलिए यहां पर फिलहाल जीवन संभव नहीं हैं।

पृथ्वी से चांद का दर्शन

हमारी पृथ्वी से चाँद का केवल 30 से 40 प्रतिशत भाग्य दिखाई देता हैं। हमारी पृथ्वी से चांद हर वर्ष 3.8 सेंटी मी.दूर हो जाते हैं। चाँद पर छोटे-छोटे भूकंप आते रहते हैं। चांद की धरातल पर विभिन्न प्रकार के पहाड़िया, गड्ढे है। वैज्ञानिकों का मानना है की चाँद पर उलका पिंडो के टकराने से गड्ढे बने। हमारे सौरमंडल में बहुत सारे चाँद हैं।

चांद की आकृति और पृथ्वी की परिक्रमा

हमारा चाँद सबसे बड़ा हैं। चंद्रमा की हमारी पृथ्वी से दूरी 384403 कि.मी. हैं। समुंदर में आने वाला ज्वार भाटा चांद के गुरुत्वआकर्षण के कारण आता हैं। पृथ्वी का भार चांद से 88 गुना ज्यादा हैं। यह 27 दिन 7 घंटे 11. 6 सेकंड मैं पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करता हैं। चांद भी सूरज की तरह ही पूर्व में उदय होता हैं और पश्चिम में छिपता हैं।

धरती के सूर्य और चंद्रमा के बीच आज आने पर चंद्रग्रहण होता हैं। चंद्रमा लगभग 4.30 अब पुराना हैं। चंद्रमा पर पानी नहीं हैं और अभी यहां चंद्रमा पर पानी की खोज की जा रही हैं। चंद्रमा भी पृथ्वी का हिस्सा था। उल्का पिंडों के टकराने से पृथ्वी का एक हिस्सा टूट गया और चांद का निर्माण हुआ चांद हमारी पृथ्वी का एकलौता प्राकृतिक उपग्रह हैं।

चांद का हिंदू धर्म मे पौराणिक महत्व

हमारे हिंदू धर्म में चांद का बहुत ही ज्यादा महत्व हैं। हिंदू धर्म में चांद को भगवान की तरह पूजा जाता हैं। भारतीय महिलाएं बहुत से व्रत जैसे तीज , करवा- चौथ, ऊब- छठ आदि को चांद की पूजा करके संपन्न करती हैं और चांद की पूजा करके वह अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। हमारे भारत में बच्चे चांद को चंदा मामा कह कर पुकारते हैं। हमारे यहां बच्चे चांद से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। वह दूर से चांद को देखकर बहुत ज्यादा खुश होते हैं।

चांद पर कविताएं

बच्चों का मन बहलाने के लिए माताएं बहुत सारी चांद पर कहानियां -कविताएं सुनाती है। जिसे सुनकर बच्चे बहुत ज्यादा खुश होते हैं। छोटे बच्चों की कक्षाओं में उनकी किताबों में कई प्रकार की चाँद से संबंधित कविताएं पाठ के रूप पढाई जाती हैं।
1.चंदा मामा दूर के पुए पकाए पूर के
चंदा मामा दूर के पुए पकाए पूर के
आप खाएं थाली में मुन्ने को दे प्याली मे
प्याली गई टूट मुन्ना गया रूट
लाएंगे हम प्यालिया बजा बजा के तालियां

2.चंदा मामा मुझको प्यारे
बैठे दूर गगन में
हंसते रहते मुस्कुराते रहते
बैठे नील गगन में
शाम होते दिख जाते
देख कर उन्हें हम मुस्कुरा जाते है
रूठे बच्चे भी उन्हें देखकर खिलखिलाते
अनेक तारों के बीच में देखो कैसे खिलते जाते
चंदा मामा हमारे हम सबको बहुत ही प्यारे हैं।

चंद्र दर्शन

ज्योतिष के आधार पर बताया जाता है, कि हर महीने शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन चंद्र दर्शन करना शुभ होता है। इस दिन चंद्र दर्शन करने से आप का महीना शुभ निकलता है। चंद्र दर्शन के रूप में हर महीने शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन लोग चंद्र देवता को गुड चढ़ाकर उनके दर्शन करते हैं और अगला महीना सुख शांति से निकले इसके बारे में कामना करते हैं। चांद को लोग भगवान के समान मानते हैं।

निष्कर्ष

चांद का महत्व पृथ्वी पर रहने वाले लोगों के लिए बहुत अधिक है। चांद को लोग धार्मिक रूप से भगवान के रूप में मानते हैं। महिलाओं के लिए भी चांद का महत्व कोई हद तक ज्यादा है। महिलाएं कई प्रकार के उपवास जैसे करवा चौथ, तीज इत्यादि का उपवास करने पर चांद का इंतजार करती है और चांद उगने के पश्चात भोजन ग्रहण करते हैं। पृथ्वी से कई इंसान चांद पर जा चुके हैं। चांद पर जीवन संभव होने के बारे में खोज चल रही है।

अंतिम शब्द

चांद जहां पर जाने वाले लोगों ने कई परीक्षण किए हैं। भारत में भी कई वैज्ञानिक चांद पर जा चुके हैं। आज का हमारा आर्टिकल चांद पर निबंध के बारे में था। इस आर्टिकल में हमने चांद पर निबंध (Essay on Moon In Hindi)के बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाई है। हमें पूरी उम्मीद है,कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। यदि किसी व्यक्ति को इस आर्टिकल से जुड़ा कोई डाउट है। तो वह हमें कमेंट में बता सकता है।

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