बंदर पर निबंध

Essay on Monkey in Hindi: बंदर बहुत ही चुलबुला और शरारती होता है। उसे शरारते करना बहुत ही पसंद होता है। हालांकि बंदर सभी को पसंद नहीं आते, लेकिन फिर भी बंदरों में इंसानों से भी ज्यादा सोचने और समझने की शक्ति होती है। आज के इस आर्टिकल में हम बंदर पर निबंध पर जानकारी आप तक पहुंचाने वाले हैं। इस निबंध में बंदर के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है। 

Essay on Monkey in Hindi

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बंदर पर निबंध | Essay on Monkey in Hindi

बंदर पर निबंध (250 शब्द)

यह पेड़, जंगल, पहाड़, हरे मैदान, घर की छत कई जगहों पर बंदर बैठे दिखाई दे जाते हैं। इन्हीं एक लंबी सी पूछ होती है। बंदरों को खेल के लिए कई करतब दिखाते हुए भी देखा गया है। मनुष्य के अलावा एक बंदर ही ऐसा जानवर है जो केले के छिलके उतारकर के लिए खाता है। सबसे ज्यादा डर बंदरों को सिर्फ कुत्तों से ही लगता है। अन्यथा वह किसी से नहीं डरते हैं। बंदर कभी भी किसी पर हमला नहीं करते हैं, जब तक हम उन्हें नहीं छेड़े मैं किसी को परेशान नहीं करते हैं। पूरे देश में बंदरों की 234 प्रजातियां पाई जाती है। बंदर कई रंग में पाए जाते हैं। बंदरों का जो डीएनए होता है, वह मनुष्य से मिलता है। ऐसा माना जाता था कि बंदर मनुष्य के पूर्वज थे।

बंदर बहुत ही चालाक जानवर होता है। बंदरों की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है, कि वह किसी को भी जल्दी से नकल कर लेते हैं। हम इसी कारण कहा जाता है, कि बंदर मनुष्य के पूर्वज हैं। बंदर प्रशिक्षित ना होते हुए भी बहुत ही प्रशिक्षित होते हैं।

सबसे ज्यादा बंदर उष्णकटिबंधीय देशों में पाए जाते हैं। जैसे कि भारत अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका यहां पर बंदरों की बहुत ही अधिक संख्या है। भारत में सबसे ज्यादा हरिद्वार, वाराणसी, बिंद्राबन इसके अलावा जहां पर मंदिर इत्यादि की संख्या ज्यादा होती है, वहां पर बहुत  बड़ी संख्या में बंदर देखे जा सकते हैं। बंदर का भी शिमला और मनाली में पहाड़ी की चोटी पर भी दिखाई देते हैं। सबसे ज्यादा बंदरों को मंदिर और जंगलों में रहना पसंद होता है। वह एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूदते रहते हैं और उस का आनंद लेते हैं।

बंदरों को खाने में सबसे ज्यादा फल और जड़ों पर फीड जो होता है। उसे खाना बहुत ही पसंद होता है। बंदर अधिकतर जंगल में पाए जाते हैं। बंदरों को केले और जामुन बहुत ही ज्यादा पसंद होते हैं। बंदरों के लक्षण लगभग लगभग एक इंसान की तरह ही होते हैं।

बंदर पर निबंध (1000 शब्द)

प्रस्तावना

बंदर मनुष्य का अपुरूपम माना जाता है। ऐसा माना जाता है, कि हमारी मनुष्य जाति का जन्मदाता जिसे मामा के नाम से जानते हैं। वह बंदर है, बंदर सबसे प्राचीन जानवर है, क्योंकि यह मनुष्य के पूर्वजों के रूप में माना जाता है। बंदर की लगभग 250 से भी अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। वैसे तो बंदर सबसे खतरनाक जानवर माना जाता है, परंतु यह बहुत ही शांत स्वभाव का होता है। मदारी से ले जाकर सभी का मनोरंजन करते हैं, परंतु अगर इसे छोड़ दिया जाता है, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। बंदर को जब गुस्सा आ जाता है, तो वह अपने मालिक को भी नहीं छोड़ता है, उस पर भी जानलेवा हमला कर देता है।

बंदर को हनुमान जी का रूप भी माना जाता है, क्योंकि ऐसा कहा जाता है, हनुमान जी भी एक बंदर थे। बंदर बहुत ही चालाक फुर्तीले  और शरारती स्वभाव के होते हैं। भगवान राम की जितनी भी सेना थी, उन सब में अधिकांश लोग वानर सेना के ही थे।

दिखने में कैसे होते हैं?

बंदर देखने में भालू के समान प्रतीत होते हैं। उनके 4 पंजे होते हैं, यह दो पंजों का प्रयोग चलने और बैठने के लिए करते हैं, और अन्य दो पंजों का प्रयोग वृक्ष पर चढ़ने वार करने भोजन करने इत्यादि कामों के लिए करते हैं। बंदर की एक बहुत ही लंबी पूछ होती है। इसके जरिए यह शत्रु को मारने पेड़ से निपटने और बैठने के लिए पूछ कर प्रयोग करते हैं।

बंदर का भोजन

बंदर को सबसे अधिक केला और चना बहुत ही पसंद होता है। बंदर फल फूल हरी पत्तियां इसके साथ ही कीड़े मकोड़े भी खाते हैं।

जीवन शैली

बंदरों की जीवन शैली बहुत ही सामान्य होती है। बंदर सबसे ज्यादा बुद्धिमानी माना जाता है। बंदर नकल करने में सबसे ज्यादा माहिर होता है, वह मनुष्य की नकल बहुत ही अधिक और अच्छी प्रकार से कर लेता है।

बंदर एक झुंड में रहते हैं, इनका एक समूह होता है, उस समूह में एक मुखिया भी होता है। बंदर ज्यादातर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पाए जाते हैं। इन्हें वहां पर सम्मान भी मिलता है और भोजन भी मिल जाता है।

हिंदू में सबसे पूजनीय बंदर माना जाता है, क्योंकि यह हनुमान जी के स्वरूप होते हैं। इनकी प्रजाति बंदरों में हनुमान जी की तरह ही निवास करती है। इसीलिए सब इनका सम्मान भी करते हैं और इनकी पूजा भी करते हैं। इनके साथ अच्छा व्यवहार करते हैं यह इनकी सबसे बड़ी विशेषता है।

इनका दिमाग बहुत ही ज्यादा तेज होता है, इसीलिए बन्दर हर काम बड़ी सावधानी पूर्वक करता है। मदारी लोगों का बंदर आय का जरिया बन जाता है। मदारी के द्वारा बंदरों को सीख दी जाती है, जिसके चलते बंदर मनोरंजन करके पैसा वसूलते हैं। बंदर समय-समय पर मजाक भी करते हैं और उन्हें जो सिखाया जाता है, वह उसी तरह के सर्कस भी करते हैं।

बंदर की संरचना

बंदर को छेड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि वह बहुत ही खतरनाक साबित हो सकते हैं। वह जानलेवा हमला भी कर सकते हैं। बंदरों को भी वजह छेड़ना उन्हें पसंद नहीं आता है, बंदर के मनुष्य की तरह ही 32 दांत होते हैं।

इन के दांत नुकीले एवं बहुत ही ज्यादा मजबूत होते हैं। यह मनुष्य की तरह ही जबड़े से सभी काम करते हैं। बंदरों पर विश्वास करने जैसा कुछ भी नहीं होता है, क्योंकि अगर हम बंदरों पर विश्वास करते हैं, तो मानो अपनी मौत को दावत दे रहे हैं। कुछ बंदर तो स्वभाव के बहुत ही अच्छे होते हैं, लेकिन कुछ इतने ज्यादा गुस्सैल होते हैं, कि वह इंसान पर कभी भी बाहर कर सकते हैं।

बंदर में मनुष्य का डीएनए 98% पाया जाता है। बंदर की आयु लगभग 20 वर्ष से लेकर 35 वर्ष तक की होती है। बंदर कई रंगों में पाए जाते हैं और उनके कई प्रकार के आकार भी होते हैं।

मनुष्य और बंदर की शारीरिक बनावट लगभग एक जैसी ही होती है। बंदर की भी दो पैर होते हैं, तो हाथ होते हैं, और एक लंबी पूछ होती है, बंदर की दो कान दो आंख और 32 दांत होते हैं, बंदर के शरीर पर घने बाल होते हैं, जो कि इन्हें ठंड धूप वर्षा इत्यादि से बचाते हैं, देखा जाए तो यह बाल इनके वस्त्र की तरह होते हैं।

कई देशों में बंदरों को इतना अधिक महत्वपूर्ण माना गया है, कि 14 दिसंबर को मंकी डे के रूप में मनाया भी जाता है। इस दिन बंदर के लिए स्पेशल कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और उन्हें मान सम्मान दिया जाता है बंदरों के द्वारा डांस भी करवाया जाता।

प्रजाति

बंदरों की बहुत सी प्रजाति पूरे विश्व भर में पाई जाती है। एक प्रजाति एशिया( नवीनतम बंदर) में पाई जाती है। दूसरी प्रजाति दक्षिण अफ्रीका( पुराने समय में पाए जाने वाले) में पाई जाती है, जो नवीनतम बंदर होते हैं, उनके 36 साथ होते हैं वर्तमान समय में यह प्रजाति लगातार बढ़ती ही जा रही है, अब बंदरों की प्रजाति कम से कम 264 हो चुकी हैं।

बंदर बोल नहीं सकते हैं, इसीलिए वह मुख्य भाषा में बात करते हैं। वह अपने इशारों में इस तरह से बात करते हैं, कि सामने वाला बंदर बड़ी आसानी से समझ जाता है। बंदरों की आंखें बहुत ही कमजोर होती हैं, बंदरों को पानी से बहुत ही ज्यादा डर लगता है।

पूरी दुनिया में सबसे बड़ा बंदर मंड्रिल स्फिकस प्रजाति के पाए जाते हैं, जो कि 36 किलोग्राम से भी अधिक भारी होते हैं। सबसे छोटा बंदर होता है, पिग्गी मार्मोसेट इनका वजन सिर्फ 100 ग्राम तक होता है और यह 5 से 6 इंच लंबे होते हैं सामान्यता बंदर 4 फीट लंबा और 30 किलो का होता है।

14 जून 1949 को अल्बर्ट नामक बंदर अपनी बंदर प्रजाति में प्रथम बार अंतरिक्ष में गया था और यह चंद्रमा पर जाने वाला पहला बंदर था।

निष्कर्ष

बंदर बहुत ही बुद्धिमान और चालाक होते हैं। यह अपनी समझ के साथ सभी कार्यों को करने में सक्षम होते हैं। बिल्कुल मनुष्य की तरह दिखने वाले और मनुष्य की तरह ही सोच समझ रखने वाले होते हैं, बंदर बहुत ही वफादार होते हैं।

अंतिम शब्द

दोस्तों आज हमने इस लेख में आपको बंदर पर निबंध ( Essay on Monkey in Hindi) के बारे में अनोखी जानकारी दी है। आशा करते हैं आपको यह लेख पसंद आया होगा। अगर आपको इससे संबंधित कोई भी प्रश्न जानना है तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

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