असहिष्णुता पर निबंध

Essay on Intolerance in Hindi: हमारे देश में विभिन्न धर्मों के अलग-अलग समुदायों के लोग यहां पर रहते हैं। इन सभी की मान्यताओं तथा इनके धर्मों का उल्लंघन करना ही असहिष्णुता होता है। आज के इस आर्टिकल में हम असहिष्णुता पर निबंध पर जानकारी आप तक पहुंचाने वाले हैं। इस निबंध में असहिष्णुता के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

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असहिष्णुता पर निबंध | Essay on Intolerance in Hindi

असहिष्णुता पर निबंध ( 250 शब्द )

आज असहिष्णुता हमारे समाज, देश, विदेशों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है क्योंकि हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी आए दिन दंगे होते रहते हैं। अगर हमारे देश में सहिष्णुता हो तो,  हमारा देश सामाजिक, धार्मिक सभी क्षेत्रों में ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है और देश विकास के पथ पर आगे बढ़ सकता है। उसी प्रकार से जो असहिष्णुता है वो हमारे देश, समाज के सभी लोगों में बहुत गलत तरह की भावना को पैदा करती है। इस वजह से सभी जगह बहुत ही समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

आज हमारे देश के सभी लोगों को अनेकता में एकता का विधमान है। उस प्रकार से ही हमारे देश में अलग-अलग जाति,अलग धर्म को मानने वाले लोग सब एक साथ मिलकर रहते हैं। लेकिन असहिष्णुता के कारण इन सभी लोगों में अनेक प्रकार की समस्याएं जन्म ले रही है।

देश और समाज में राजनीतिक मतभेद तथा सामाजिक भेदभाव असहिष्णुता जन्म देती है। इसके अलावा दो व्यक्तियों के अलग-अलग समूह, जाति, धर्म, संस्कृति, परंपरा आदि में मतभेद असहिष्णुता  की तरफ ले जाता है। उदाहरण के लिए जिस प्रकार से तालिबान ने अफगानिस्तान पर पूरी तरीके से कब्जा कर असहिष्णुता का परिचय दिया। इस तरह से तालिबानियों ने अपने अंदर हिंसा को जन्म दिया।

असहिष्णुता विभिन्न समूहों के लोगों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करती है। असहिष्णुता को रोकने के लिए सहिष्णुता को बढ़ावा देने की जरूरत है और वह क्रिया स्वयं से शुरू होती है। लोगों को, व्यक्तियों के रूप में, अपने दैनिक जीवन में समझने की आदत पर ध्यान देना चाहिए और अभ्यास करना चाहिए।

असहिष्णुता पर निबंध ( 1200 शब्द)

प्रस्तावना

असहिष्णुता मुख्य रूप से  हमारे समाज के अलग-अलग धर्म और समुदाय के लोगों को अलग कर देती है। समाज के साथ-साथ पूरे राष्ट्र को भी असहिष्णुता अलग कर देती है। अलग-अलग समुदाय के लोगों के बीच में उनकी संस्कृति , जाति परंपरा उनके धर्म आदि के साथ-साथ उनके विश्वास को काफी अंतर पैदा हो जाता है। असहिष्णुता के वजह से तो हमारा समाज और देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी झगड़े की संभावना पैदा हो जाती है।

असहिष्णुता सामाजिक चिंता का विषय

हमारे देश ही नहीं बल्कि समाज में भी असहिष्णुता बहुत चिंता का विषय है। इसके द्वारा हमारे देश और समाज में हिंसा का जन्म होता है। इन हिंसक प्रवृत्ति की वजह से यहां सभी समुदायों को अहिंसा करने पर मजबूर करती है और उनको बहिष्कार की तरफ ले जाती है इसीलिए यह सामाजिक चिंता का विषय बन गया है।

असहिष्णुता के द्वारा व्यक्ति की मानसिक स्थिति बहुत बदल जाती है। व्यक्ति किसी भी कार्य को सुधार करने में कभी नहीं सोचता। वह समाज और राष्ट्र के विकास में भी वह कभी मदद नहीं कर सकता। मनुष्य के अंदर असहिष्णुता को जन्म लेने के बाद बहुत विनाशकारी शक्ति उत्पन्न हो जाती है। इसके द्वारा वह अपने देश को भी खत्म करने के लिए सोच सकता है।  हमारे देश, समाज,राज्य सभी में असहिष्णुता को रोकना बहुत जरूरी है।

असहिष्णुता का भारत में स्वरूप

भारत में असहिष्णुता विधमान है, ऐसा हम बिल्कुल भी नही मान सकते है क्योंकि भारत में ‘अनेकता में एकता’ विद्वान है । यहां पर बहुत धर्मों के लोग पूरी एकता और भाईचारे के साथ रहते है, जो सभी भारत वासियों में एक अनोख गुण है। विविधता में एकता की वजह से आज भारत एक  विकासशील देश है। हमारे देश में विभिन्न जाति धर्म पंथ रीति रिवाज संस्कृति परंपरा आदि के लोग बिना किसी सामाजिक मतभेद और भेदभाव के साथ रह रही हैं। सभी धर्मों के लोग आपस में एक दूसरे के त्योहारों को बिना किसी मतभेद के बड़े उत्साह और मनोरंजन के साथ मनाते हैं। सभी को अपने-अपने धर्म रीति रिवाज के प्रति बहुत विश्वास है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत के नागरिकों में जो सहनशीलता का गुण विद्यमान है, वह उन सभी लोगों को जीने की क्षमता प्रदान करता है।

कारण क्या है असहिष्णुता के समाज में

हमारे समाज में बहुत से ऐसे कारण हो जाते हैं जिनके कारण असहिष्णुता की समस्या पैदा हो जाती है। जो कि हमारे समाज को अलग कर देती है। आपस में लोग एक दूसरे के विचारों के मतभेद के कारण बहुत हिंसक हरकतें करने पर उतर आते हैं, इस कारण से व्यक्तियों के बीच में असहिष्णुता  जन्म लेती है। अक्सर हमारे समाज में देखा जाता है कि लोग एक दूसरे पर अपनी अलग-अलग प्रकार की राय बना देते हैं, जिसकी वजह से उनके जीवन में नकारात्मक व सकारात्मक प्रभाव पड़ जाता है और इनसे वह आसानी से प्रभावित हो जाते हैं। इन सभी कारणों से बचने के लिए समाज में असहिष्णुता की बढ़ती गतिविधियों को रोकना बहुत जरूरी है इसके लिए सबसे पहले व्यक्ति को खुद को ही सुधारना जरूरी होगा।

किस प्रकार से बचा जाए असहिष्णुता से

हमारे समाज में सभी लोगों को असहिष्णुता की भावना को खत्म करके लोगों को अपने मन के सहिष्णुता को पैदा करनी चाहिए। बहुत से ऐसे तरीके हैं जिनका प्रयोग करके आपको असहिष्णुता को बढ़ावा दे सकते हैं। व्यक्ति के परस्पर आंतरिक संबंधों के द्वारा अपने अनुभवों को बढ़ाता है। उनके पुत्र के अनुभव आपस में टकराएंगे नहीं तो, इससे असहिष्णुता को कम किया जा सकता है।

व्यक्ति को अपने संबंधित सभी लोगों के साथ अच्छे रखने के लिए सबके साथ अच्छा व्यवहार रखना चाहिए और दो पक्षों में जब वार्ता हो तो उनकी बीच बातचीत प्रभावित कर देने वाली होनी चाहिए और इन सब के लिए सबसे बड़ा योगदान हमारे देश के लिए दिया का होता है । मीडिया के द्वारा सांस्कृतिक संवेदनशीलता के प्रति जनता को और उसकी समाज को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रोग्रामों को सोशल मीडिया के द्वारा लोगों को दिखाया जाना चाहिए ताकि लोगों के मन में सहिष्णुता बनी रहे। शिक्षा के द्वारा भी हम समाज में सहिष्णुता को बढ़ावा दे सकते है।

अंतरराष्ट्रीय असहिष्णुता दिवस

आप सभी लोगों ने देखा कि कुछ सालों में देश विदेश में हो रही आतंकवादी गतिविधियों से लोगों में हिंसा, रंगभेद आदि सभी खुलकर हमारे सामने आई है।इन सभी परिस्थितियों में मानव का अस्तित्व को बचाने के लिए, सभी लोगो मे शांति की भावना को बढ़ावा देने के लिए साल में 1 दिन ऐसा मनाया जाने लगा जिसमें लोगों की सहिष्णुता की भावना को जगाकर और आपसी मतभेद को खत्म किया जा सके इसीलिए यूनेस्को के द्वारा हर साल 16 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय असहिष्णुता दिवस के रूप में मनाते हैं। पहली बार विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय असहिष्णुता दिवस को नवम्बर सन 1995 में मनाया गया था। इस दिन सभी लोगों को असहिष्णुता से होने वाले नुकसान के प्रति ज्यादा से ज्यादा संख्या में जागरूक किया जाता है।

अभिनेता आमिर खान की पत्नी किरण राव का  असहिष्णुता पर विवादपूर्ण बयान

जिस तरह से भारत में असहिष्णुता का दौरा बढ़ रहा था। उस दौरान आमिर खान की पत्नी किरण राव ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान अपने विचार सभी के सामने रखते हुए कहा कि उनके लिए भारत में रहना सुरक्षित नहीं है, वह खुद को यहां पर बिल्कुल भी सेफ नहीं समझते इसीलिए क्या उनको भारत छोड़कर जाना चाहिए।

उनके इस विवाद पूर्ण बयान से पूरे देश को बहुत ठेस पहुंची और लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए कि क्या सच में ही भारत में रहना असुरक्षित हो गया है।इसके बाद अमीर खान ने उनके बचाव में कहा कि ये सब दुर्भाग्यपूर्ण घटना के रूप में है। ये बात गलती से उन्होंने बोल दी थी।

निष्कर्ष

जब हमारे देश में लोग किसी भी अन्य धर्म से अलग दूसरे लोगों के साथ उनके धर्म जाति उनकी संस्कृति रीति रिवाज सभी को नही अपनाते है इसलिए असहिष्णुता पैदा हो जाती है। असहिष्णुता हमारे समाज में रहने वाले लोगों को अलग कर देती है। सभी देशों के साथ विदेशों के लिए भी बहुत खतरनाक होती है, एक बार जिसके मन में असहिष्णुता आ गयी वह देश समाज आदि सभी में लोगों का बटवारा कर देती है।इससे हमारे देश का बहुत नुकसान हो जाता है।

अंतिम शब्द

आशा करती हूं कि आपको यह लेख असहिष्णुता पर निबंध ( Essay on Intolerance in Hindi)  बहुत पसंद आया होगा, अगर आपको इसके बारे में कोई भी जानकारी और चाहिए तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट कर सकते हैं।

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