यदि मैं भारत का प्रधानमंत्री होता तो पर निबंध

Essay on If I were the Prime Minister of India in Hindi: हम यहां पर अगर मैं भारत का प्रधानमंत्री होता तो पर निबंध शेयर कर रहे है। इस निबंध में अगर मैं भारत का प्रधानमंत्री होता के संदर्भित सभी माहिति को आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

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यदि मैं भारत का प्रधानमंत्री होता तो पर निबंध | Essay on If I were the Prime Minister of India in Hindi

यदि मैं भारत का प्रधानमंत्री होता तो पर निबंध (250 शब्द)

हमारे देश में प्रधानमंत्री का पद बहुत ही महत्वपूर्ण पद होता है इसीलिए प्रधानमंत्री बनना देश के हर नागरिक के लिए बहुत गौरव की बात है। प्रधानमंत्री का पद बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है इसीलिए प्रधानमंत्री बनना बहुत जिम्मेदारी का और महत्वपूर्ण काम है।

देश का हर नागरिक प्रधानमंत्री बनने का सपना देखता है कि अगर मैं भी अपने जीवन में कामयाबी की बुलंदियों पर रहा तो मेरे लिए यह बहुत ही गौरव की बात होगी। अगर मैं भारत का प्रधानमंत्री बना तो मैं देश की उन्नति के लिए अपनी समस्त क्षमताओं का उपयोग करके उसका गौरव बढ़ाने का भरपूर प्रयास करता।

इसके अलावा मैं अपने देश में जो भी योजनाएं और जो भी प्रतिक्रिया हैं, उन सभी में परिवर्तन लाने की पूरी कोशिश करता। यह सब बातें सिर्फ कहने के लिए ही नहीं है मैं देश के हित के लिए सभी कार्यों को करता। देश में फैल रहे अत्याचार, महिलाओं पर बढ़ते हुए अत्याचार, बलात्कार, गरीबों का शोषण ,भ्रष्टाचार, गरीबी आदि सब पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है।

अगर मैं प्रधानमंत्री होता तो देश में सभी योजनाओं और कार्यक्रमों की सही ढंग से जांच करवाता । इससे जो भी जनता से जुड़े हुए काम है वह जल्दी हो सके और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई बेईमानी या भ्रष्टाचार ना हो। देश के हित के लिए लोगों की भलाई के लिए ऐसी योजनाओं का चयन करता जो की हमारे देश की जनता के लिए बहुत लाभदायक हैं। देश में सही प्रकार की न्याय व्यवस्था, सुरक्षा और शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर तरीके से करवाता। इसके साथ देश में गरीबी भ्रष्टाचार मिटाने का काम ही करता ताकि निम्न वर्ग के लोग और देश की आम जनता का शोषण ना हो।

यदि मैं भारत का प्रधानमंत्री होता तो पर निबंध ( 850 शब्द )

प्रस्तावना

देश का प्रधानमंत्री बनना बहुत ही गौरव और हर्ष की बात है। देश के मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री का पद सबसे प्रमुख होता है क्योंकि  जो दूर तक देखने की नजर रखता हो और उसके कार्य की कुशलता के आधार पर ही देश का भविष्य टिका होता है। इसलिए अगर मैं भी देश का प्रधानमंत्री होता तो अपने आप को बहुत ही किस्मत वाला समझता क्योंकि देश की सेवा करने का मौका हर किसी के नसीब में नहीं होता है। माना कि यह पद बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है लेकिन हर किसी की किस्मत में भी नहीं होता।

आम जनता की मूलभूत आवश्यकताओं का ध्यान

मनुष्य की जरूरी मूलभूत आवश्यकता रोटी कपड़ा मकान है। इनके बिना इंसान कुछ नहीं है। आज हमारे देश की दुर्दशा बहुत बुरी है क्योंकि यहां पर लाखों करोड़ों लोगों को पेट भरने के लिए भोजन, पहनने के लिए कपड़ा और रहने के लिए घर नहीं है। यह तीनों चीजें इंसान की सबसे जरूरी आवश्यकताओं में एक है। आज मैं प्रधानमंत्री के पद पर होता तो सबसे पहले इन लोगों की इन जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने की पूरी कोशिश करता । मजदूर वर्ग के लोग, कारीगर आदि सभी के कल्याण के लिए विशेष प्रकार के रोजगारओं का आयोजन करता।  देश के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास करता, जो देश के लिए और देश की गरीब जनता के लिए बहुत जरूरी है।

भारत की विदेश नीति में सुधार

प्रधानमंत्री के पद पर होने के बाद में सभी देशों के साथ आपसी सहयोग और मित्रता का व्यवहार रखता। गुट- बंदी वाले देशों के साथ भी मित्रता का व्यवहार रखता। परमाणु शस्त्रों पर प्रतिबंध लगाने का पूरा समर्थन करता। मैं भारत के सभी विद्यालयों में सैनिकों की शिक्षा को अनिवार्य करता तथा देश के लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाता। इसके अलावा जहां तक संभव हो सके देश को युद्ध से दूर रखता और अन्याय पूर्ण जो भी आक्रमण होते हैं उनका मुंह तोड़ जवाब देता। आतंकवादी गतिविधियों पर भी विशेष टीमों का निर्माण कर उन पर प्रतिबंध लगाने की पूरी कोशिश करता। हमारा भारत एक शांति प्रिय देश है । मैं भारत की विदेश नीति को सही करने के लिए दुनिया भर में शांति को बढ़ाता और परस्पर आपसी सहयोग की सभी के अंदर भावना को जागृत करता।

शिक्षा पद्धति में सुधार

मैं अक्सर देखता हूं कि हमारे देश की शिक्षा पद्धति बिल्कुल सही नहीं है। मैं प्रधानमंत्री के पद पर होने के बाद इस पर विशेष ध्यान देता। हमारे देश के हर नागरिक को शिक्षित करने के पूरे प्रयास करता । इसके अलावा मैं शिक्षा के महत्व को बढ़ाने के लिए सभी विद्यालय महाविद्यालय में अच्छे से अच्छे प्रकार की शिक्षा तथा अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति कर करता।

देश में बढ़ रही बुराइयों का अंत

सबसे पहले मैं देश के हर नागरिक का नैतिक स्तर को सुधारने की पूरी कोशिश करूंगा। इसके अलावा आतंकवाद, नशीली दवाओं का सेवन, भ्रष्टाचार ,बलात्कार, अशिक्षा, दहेज प्रथा, शराब का अधिक मात्रा में प्रयोग इन सभी बुराइयों को मिटाने की पूरी कोशिश करूंगा । इसके अलावा लोगों में देशभक्ति की भावना को जागृत करूंगा ताकि लोग देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

देश के बुजुर्गों का राष्ट्र के प्रति उद्देश्य

बुजुर्गों से ही हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अगर इन्हें बुजुर्ग व्यक्तियों के द्वारा हमें अपने जीवन को सुधारने के कुछ तरीके मिल जाए या फिर देश हित के लिए कुछ सही जानकारियां मिल जाए तो यह हम सभी के लिए बहुत बड़ी बात होगी। आज हमारे देश में बुजुर्गों को अपने जीवन मे बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जिसकी वजह से हमारे देश के हजारों बुजुर्ग व्यक्ति ओल्ड ऐज होम और वृद्ध आश्रमों में अपना जीवन गुजार रहे हैं। इसके लिए उनकी स्वास्थ्य सेवा और पेंशन आदि की व्यवस्था करके, उनके जीवन को खुशहाल बनाने का पूरा प्रयास मैं प्रधानमंत्री बनने के बाद करूंगा।

लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर

हमारे देश में बढ़ रही बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुए देश के लोगों के लिए लघु उद्योग और ग्रामीण उद्योगों को सबसे ज्यादा बढ़ावा देने की जरूरत है। इसके लिए एक ऐसे बजट को स्थापित करना होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के सभी लोगों के लिए रोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके।

अच्छे मंत्रियों के द्वारा मंत्रिमंडल का गठन

मेरे प्रधानमंत्री के पद पर बैठने के बाद में मेरे कैबिनेट में अच्छे मंत्रियों का गठन में करूंगा। इसके लिए मैं देश के सुयोग्य और अनुभवी व्यक्तियों को इसमें शामिल करूंगा ताकि देश की भलाई के लिए उनकी काबिलियत ओर समझ काम आ सके।

निष्कर्ष

देश की प्रगति के लिए हार वह कार्य करूंगा, जो प्रधानमंत्री के पद पर रहकर किए जाते हैं। वैसे तो प्रधानमंत्री बनने के लिए अभी मेरे अंदर इतनी काबिलियत और तजुर्बा नहीं है, फिर भी मैं प्रधानमंत्री अगर बना तो पूरी इमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों को बहुत अच्छे से निभाऊंगा और देश की उन्नति और विकास के लिए जो भी सही कदम या फैसले लेने पड़े वह हर कार्य करूंगा । देश की उन्नति के लिए एक इमानदार समझदार और सही फैसले लेने वाले प्रधानमंत्री की इस देश को जरूरत है।

अंतिम शब्द

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