छुट्टी के दिन पर निबंध

Essay On Holiday In Hindi: आज का हमारा आर्टिकल कि हम छुट्टी के दिन पर निबंध के बारे में बात करने वाले हैं। इस आर्टिकल में आपको छुट्टी का दिन पर निबंध के बारे में संपूर्ण जानकारी मिलने वाली है।

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छुट्टी के दिन पर निबंध | Essay On Holiday In Hindi

छुट्टी के दिन पर निबंध (200 शब्द)

छुट्टी का महत्व हर व्यक्ति के लिए बहुत ही ज्यादा होता है। छुट्टी के दिन को मंजिल से लगाकर बुजुर्ग लोग भी बड़े चाव से मनाते हैं। मतलब ऐसा कह सकते हैं कि बच्चों से लेकर काम करने वाले व्यस्त लोगों को छुट्टी के दिन का इंतजार रहता है। छुट्टी के दिन विद्यार्थी और बड़े लोग अपने परिवार के साथ बैठकर समय व्यतीत कर सकते हैं।

लेकिन सबसे ज्यादा उम्र के बच्चों में छुट्टी को लेकर होती है। बच्चे छुट्टी के दिन पढ़ाई से छुटकारा पाना चाहते हैं और छुट्टी के दिन अपने दोस्तों के साथ खेलना अधिक पसंद करते हैं। छुट्टी के दिन के महत्व की बात की जाए तो हम तो रोजाना दोस्तों के साथ कुछ न कुछ नया खेल खेलते रहते हैं।

हमारी हर छुट्टी का दिन एक रोचक त्यौहार की तरह आता है और जिसे हम बड़े ही धूम से मनाते हैं। छुट्टी के दिन हम आस पड़ोस के सभी मित्र मिलकर नए-नए गेम का आयोजन करते हैं। जब खेल खेलने के बाद थक जाते हैं तो एक जगह बैठकर अंतर आक्षी खेलना शुरू कर देते हैं। मित्रों के साथ बिताई गई हर छुट्टियां हमें अच्छे से याद है और यह सुनहरा अवसर हम कभी नहीं भूल सकते हैं।

छुट्टी के दिन पर निबंध (600 शब्द)

प्रस्तावना

बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो छुट्टी का नाम सुनते ही बहुत ही ज्यादा खुश हो जाते हैं। क्योंकि आज का समय बहुत ही ज्यादा तनाव पूर्ण हो चुका है। ऐसे में यदि आपको 1 दिन की छुट्टी मिल जाती है तो वह औषधि का कार्य करती है। बड़ों को नौकरी का तनाव बच्चों को पढ़ाई का तनाव, महिलाओं को कार्य करने का तनाव और प्रत्येक लोग किसी न किसी तनाव से घिरा हुआ है। यदि ऐसे में आपको ब्रेक मिल जाता है तो वह सोने पर सुहागा हो जाता है। इससे हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक हो जाता।

आजकल सभी का जीवन तनावपूर्ण हो गया है, सबसे अधिक तनाव शहर में काम करने वाले लोगों को होता है। उनके पास हर समय काम ही काम होता है। सबसे पहले घर का काम, दफ्तर का काम ऐसे में तनाव कम कैसे हो सकता है। ऐसे में छुट्टी मिलने पर थोड़ा तनाव कम हो जाता है।

छुट्टी के दिन का माहौल

विद्यार्थी अपने छूटे हुए कार्य को पूरा करते हैं तथा किताबें इत्यादि को सही जगह पर व्यवस्थित करते हैं। क्योंकि स्टूडेंट्स को डेली कॉलेज जाना तथा कोर्स को कंप्लीट करना इन सभी कारणों से अपनी बुक्स आदि को वह सही जगह पर व्यवस्थित नहीं कर पाते है। इसलिए वह छुट्टी के दिन इन सभी कार्य को पूर्ण करते हैं।

ऑफिस वाले लोग अपनी बड़ी फाइलों को व्यवस्थित कर लेते हैं तथा महिलाएं जो जॉब करती हैं वह भी घर की साफ-सफाई छुट्टी के दिन ही करना उचित समझती हैं। अधिकतर लोग छुट्टी के दिन अपने गृह कार्य अपने रिश्तेदार के यहां घूमना पसंद करते हैं, जिससे उनका मस्तिष्क में एक नई ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है।

छुट्टी के दिन विशेष तौर पर साफ सफाई की दृष्टि से बहुत ही अच्छा माना जाता है। क्योंकि दैनिक कार्यक्रम में व्यस्त रहने के कारण घर की अच्छी तरह से सफाई नहीं हो पाती है। अक्सर सुबह-सुबह घर में झाड़ू यह साफ सफाई हो जाती है। लेकिन दीवारों पर मकड़ी स्थित याद के जाने लगे रह जाते हैं।

नालियों की भी सही प्रकार से सफाई नहीं हो पाती, महिलाएं घर के कपड़े आदि को साफ कर लेती है। जिन लोगों के बाल सफेद हो जाते है वो अपने बालों में colour आदि को करते है। इसके अलावा नाखून आदि को काटने का काम छुट्टी के दिन ही किया जाता है।

छुट्टी के दिन मनोरंजन

छुट्टी का दिन हो और मनोरंजन ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। इस दिन सभी लोग टेलीविजन से चिपक कर बैठ जाते हैं चाहे उनका मनपसंद कार्यक्रम हो या कोई क्रिकेट मैच या कोई फुटबॉल मैच आज सारा दिन टेलीविजन से लोग चिपक कर बैठे रहते हैं।

ऐसा नहीं कि छुट्टी होगी और सारा काम अच्छे से ही होगा। यदि आपको लगातार छुट्टी मिल जाती है तो बच्चे तो सारा दिन टेलीविजन से ही चिपक के बैठे रहते हैं, उनका पढ़ाई से बिल्कुल ही ध्यान हट जाता है। उन लोगों के लिए वरदान में जो दिन रात कठिन परिश्रम करते हैं, उन लोगों के लिए अभिशाप है जो आराम की जिंदगी जीना चाहते हैं।

ऐसे बहुत सारे सामाजिक कार्यक्रम है जो छुट्टी के दिन ही रखे जाते हैं, जिसमें अधिक से अधिक लोग शामिल हो सके। छुट्टी के दिन आप बाग बगीचे में घूम सकते देता नए-नए पेड़ पौधे भी लगा सकते हैं। छुट्टी के दिन को हम लोगों को व्यर्थ में नहीं गंवाना चाहिए। क्योंकि बैठे-बैठे थकने से अच्छा है कि काम करते-करते थके।

निष्कर्ष

हफ्ते में 6 दिनों में काम करने के उपरांत रविवार को छुट्टी का दिन होता है। ऐसे में लोग अपने शरीर को आराम प्रदान करते हैं। इसके लिए वह घूमना फिरना या अन्य कुछ जरूरी काम को निपटा लेते हैं।

अंतिम शब्द

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इनका नाम राहुल सिंह तंवर है, इन्होंने स्नातक (रसायन, भौतिक, गणित) की पढ़ाई की है और आगे की भी जारी है। इनकी रूचि नई चीजों के बारे में लिखना और उन्हें आप तक पहुँचाने में अधिक है। इनको 3 वर्ष से भी अधिक SEO का अनुभव होने के साथ ही 3.5 वर्ष का कंटेंट राइटिंग का अनुभव है। इनके द्वारा लिखा गया कंटेंट आपको कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आप इनसे नीचे दिए सोशल मीडिया हैंडल पर जुड़ सकते हैं।

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