बस पर निबंध

Essay on Bus in Hindi: आप सब ने अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी तो बस की यात्रा की होगी। बस एक सामान्य पब्लिक परिवहन का साधन है। हमारे देश में ज्यादातर लोग बस से ही अपनी यात्रा करते है।

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हम यहां पर अलग-अलग शब्द सीमा में बस पर निबंध ( Essay on Bus in Hindi) शेयर कर रहे हैं। यह निबन्ध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होंगे।

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बस पर निबंध | Essay on Bus in Hindi

बस पर निबंध (250 शब्द)

बसों का उपयोग आमतौर पर सार्वजनिक परिवहन के साधन के रूप में किया जाता है। बस सड़क पर चलती है और सड़कों के माध्यम से परिवहन के साधन के रूप में उपयोग की जाती है। आमतौर पर एक बस में दस से पचास यात्री सवार हो सकते हैं। बस के चार पहिये होते है। बस के कई सीटें होती है और सारी सीटें एक कतार में होती है। बस के सीटों की संख्या बस के आकार पर निर्भर करती है।

बसों का उपयोग स्कूल परिवहन, निजी भाड़े या पर्यटन के लिए किया जा सकता है। इसके साथ साथ बसों का उपयोग राजनीतिक अभियानों के लिए किया जा सकता है और अन्य को निजी तौर पर व्यापक उद्देश्यों के लिए संचालित किया जाता है।

फ्रांस में पहली बार बस साल 1823 में शुरू हुईं थी। उस समय उन्हें घोड़ों द्वारा चलाया जाता था। वाहन को एक सर्वग्राही कहा जाता था, जिसका अर्थ है ‘सभी के लिए’। बाद में इसे छोटे नाम से जाना जाने लगा – बस। साल 1833 में लंदन में स्टीम प्रोपल्शन पर चलने वाली पहली बसे शुरू की गईं। साल 1895 में जर्मनी की सड़कों पर पहला ईंधन चालित बस दौड़ने लगी। अपने वर्तमान स्वरूप में बस 1950 के दशक से चलीं।

बस को चलने वाले को बस ड्राइवर कहा जाता है। बस ड्राइवर की सीट सबसे आगे होती है। बस में एक कंडक्टर भी होता है, जो बस में सवार यात्री को टिकट देने का काम करता है। बस पेट्रोल और डीजल से चलती है। बस जब एक जगह से दूसरी जगह पर जाती है तो वो बीच में अलग अलग स्टेशन पर रुकती है।

बस पर निबंध (850 शब्द)

प्रस्तावना

मानव को समझ आने के बाद वह अपनी आवश्यकताओं को समझने लगा और आवश्यकता के अनुसार मानव ने नई नई चीजों का आविष्कार किया, उन्हीं में से एक पहिया भी था। जिसके आविष्कार ने मानव जाति के विकास में गतिशीलता लाई। पहीये की खोज होने के बाद मानव ने बेल गाड़ी, घोड़े गाड़ी जैसे वाहन को बनाकर स्थानांतरण करना शुरू कर दिया। फिर धीरे-धीरे मानव ने विभिन्न प्रकार के वाहनों की खोज की, जिसमें से एक बस है।

बस का आविष्कार

बात करें बस की आविष्कार की तो बस का आविष्कार सबसे पहले 1831 में ब्रिटेन के Blaise Pascal नाम के व्यक्ति ने की थी। शुरुआत में भाप से चलने वाली बस का आविष्कार हुआ था लेकिन अब इंजन से चलाई जाती है। आजकल के बस में काफी अच्छी प्रकार की सुविधाएं मौजूद हो गई है। बस एक छत वाली भी होती है और दो छत वाली भी होती है।

बस की डिज़ाइन

बस में कपड़े और अन्य सामग्रियों के साथ कवर प्लास्टिक की सीटों से सजी रहती है। सीटों की संख्या भी वाहन के अनुसार निर्भर करता है। शुरुआत में जहां भाप से चलने वाली सामान्य बस होती थी वहीं आज कई प्रकार के बस आ गए हैं, जिसमें टेक्नोलॉजी के विकास के अनुसार कितने प्रकार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती है।

बस एक सार्वजनिक वाहन की तरह उपयोग किया जाता है, जिसमें एक साथ दो सौ से अधिक यात्रियों की सवारी की जा सकती है। हालांकि इसमें औसतन सीटों की संख्या 30 होती है और बस की लंबाई के अनुसार एक या दो सीटें बढ़ सकती है। आज दुनिया भर में हर दिन सड़कों पर कई मिलियन बसें चलती है और उन सभी बसों का मात्र एक ही उद्देश्य होता है लोगों को किफायती शुल्क में एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाना।

इसके अतिरिक्त बस आकार में छोटे और बड़े भी होते हैं। बस आमतौर पर चार पहिया वाला वाहन है लेकिन अधिकतम इसमें 10 पहिए भी होते हैं। बस में मौजूद सिटे बैठने के लिए होती है लेकिन कुछ कुछ बसों में बैठने के अलावा सोने की भी सिटे मौजूद होती है और इस प्रकार की बसों का आम तौर पर उपयोग लंबी दूरी की यात्रा तय करने के लिए किया जाता है।

बस में सफर करने के फायदे

बस के निर्माण से जीवन काफी आसान हो गया क्योंकि एकमात्र बस एक ऐसा वाहन है, जो कम निशुल्क में लोगों को यात्रा की सुविधा देता है जिसके कारण आज किसी भी वर्ग के व्यक्ति के लिए लंबी दूरी की यात्रा तय करना आसान बन चुका है।

बसों का रंग भी अलग अलग होता है हालांकि सभी स्कूल बस के रंग पीले ही होते है। बस अलग-अलग शहरों और गलियों से गुजरती हुई अलग-अलग यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचाती हैं। ज्यादातर बसें दिन के समय चलती है तो कुछ बस रात के समय भी चलती है। जो बसे लंबी यात्रा तय करती है वह दिन और रात दोनों समय चलती है। कम शुल्क में लंबी दूरी की यात्रा के लिए बस एक सरल और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है।

बस का कार्य

बस सड़कों पर लगातार चलते रहती है लेकिन एक जगह पर बस रूकती है, जिसे बस अड्डा, अंग्रेजी में बस स्टेशन कहते हैं जहां पर बस में मौजूद यात्री उतरते हैं और फिर नहीं यात्री वहीं से बस में चढ़ते हैं और बस उन्हें उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए आगे बढ़ जाती हैं। बस प्राइवेट भी होती है तो वहीं कुछ बसे सरकारी भी होती है हालांकि बसों को चलाने के लिए ड्राइवर को लाइसेंस की जरूरत पड़ती है।

बस में मौजूद सिटे एक कतार में दोनों ओर लगी होती है लेकिन कुछ बसें ऐसी भी होती है, जिनकी सीटें एक लाइन में लगातार बिल्कुल मेट्रो ट्रेन की तरह होती है। ऐसी बसों में काफी खुला जगह होता है, जो काफी कम दूरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कुछ बसे खुली छत वाली होती है जिसमें यात्रियों की बैठने की सीटें ऊपर लगी होती है और वह चारों तरफ खुला होता है।

इस तरह के बस का इस्तेमाल किसी भी जगह की शेर के लिए किया जाता है। इस प्रकार के बसों में बैठकर किसी भी शहर का शेयर किया जा सकता है। आज बस एक ऐसा वाहन बन चुका है जो सभी देशों में सार्वजनिक वाहन की तरह इस्तेमाल होता है और विभिन्न यात्रियों को उसके गंतव्य स्थान तक पहुंचाता है।

निष्कर्ष

दुनिया के सबसे बड़े और बेहतरीन वाहनों में से एक बस है। बस से यात्रा करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। बस के द्वारा हम आरामदायक और आनंददायक यात्रा कर सकते है।

अंतिम शब्द

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